इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क की छूट खत्म, 14 अक्टूबर से मिलेगी अतिरिक्त दरों से भरपाई
Uttar Pradesh News 13Oct2025/sbkinews.in
लखनऊ: प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खरीद पर मिल रही शत-प्रतिशत रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क की छूट 13 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। 14 अक्टूबर 2025 से इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीददारों को 10 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों पर 9 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले वाहनों पर 11 प्रतिशत रोड टैक्स देना अनिवार्य होगा।
दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन चालक अब पंजीकरण के लिए 300 रुपये और चारपहिया वाहन चालक 600 रुपये पंजीकरण शुल्क जमा करेंगे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 के तहत तीन वर्षों तक पंजीकरण एवं रोड टैक्स में छूट दी थी, जो अब समाप्त हो रही है।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और उपयोगकर्ताओं को बढ़ावा देने के लिए यह नीति बनाई गई थी, लेकिन अब छूट की अवधि समाप्त होने से सामान्य टैक्स और शुल्क लागू होंगे। इसके साथ ही सरकार ने ईवी सब्सिडी को 2027 तक बढ़ाया है, जिसमें दोपहिया ईवी के लिए 5,000 रुपये, चारपहिया के लिए 1 लाख रुपये और इलेक्ट्रिक बसों के लिए 20 लाख रुपये की सशर्त सब्सिडी शामिल है।
सशर्त सब्सिडी का मतलब है कि नीति में निर्धारित संख्या तक ही सब्सिडी दी जाएगी, और वर्तमान में कुल 17 हजार चारपहिया ईवी पर सब्सिडी दी जा चुकी है, जो 25 हजार की सीमा तक पहुंचते ही खत्म हो जाएगी।
प्रदेश के उप परिवहन आयुक्त ने जनता से अनुरोध किया है कि वे नई टैक्स और पंजीकरण शुल्क की जानकारी लेकर समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
यह बदलाव इलेक्ट्रिक वाहनों के स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए 14 अक्टूबर के बाद वाहन खरीदते समय नवीन नियमों को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।
बिजनौर में खालिद-तालिब की चार आरा मशीनों के लाइसेंस निलंबित, अवैध कब्जा मुक्त कराने की हुई कार्रवाई
Uttar Pradesh News 13Oct2025/sbkinews.in
बिजनौर: वन विभाग और तहसील प्रशासन ने कारोबारी खालिद एवं तालिब के खिलाफ पर्यावरण नियमों का उल्लंघन और अवैध कब्जे को लेकर सख्त कार्रवाई की है। जांच में प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की अवैध कटान, वन अधिनियम का उल्लंघन तथा राजस्व भूमि पर अवैध कब्जा पाए जाने पर खालिद-तालिब की चार आरा मशीनों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
तहसील सदर प्रशासन ने ग्राम छिल्लौर बंगर में 109 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की अवैध कब्जा मुक्त कराई है। साथ ही, सरकारी जमीन पर बना एक फैक्ट्री का गेट गिराने की कार्रवाई भी की गई। जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए जेसीबी का भी इस्तेमाल किया गया। राजस्व विभाग की जांच में तालिब बंधुओं द्वारा तीन क्रेशर भी सरकारी जमीन पर बिना अनुमति संचालित पाए गए हैं, जिनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं।
वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान प्रतिबंधित लकड़ी जैसे सागौन, शीशम की अवैध कटान और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की पुष्टि की है। इस पूरे मामले में व्यवसायी खालिद एवं तालिब पर 6.47 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, वहीं जीएसटी संबंधित सम्मन भी जारी किए गए हैं।
बिजनौर की स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है, ताकि वन संसाधनों की रक्षा की जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्रवाई से क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद जताई जा रही है।
यूपीपीएस परीक्षा में एक तिहाई अभ्यर्थी भी नहीं पहुंचे, 22 केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न
Uttar Pradesh News 13Oct2025/sbkinews.in
बिजनौर: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीपीएस) परीक्षा जिले में कुल 22 केंद्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई। इस बार पंजीकृत 536 अभ्यर्थियों में से केवल 237 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जो करीब एक तिहाई से भी कम है। परीक्षा का माहौल शांतिपूर्ण रहा और कहीं नकल का कोई मामला सामने नहीं आया।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को सामान्य और आसान बताया। कई छात्रों ने कहा कि प्रश्नपत्र में उलझाने वाले प्रश्न भी थे, लेकिन कुल मिलाकर परीक्षा अपेक्षाकृत आसान थी। अभ्यर्थी हरीश कुमार, नेहा और दिशा मेसी ने अपनी बातों में कहा कि उन्होंने उन्हीं प्रश्नों के उत्तर लिखे जिनकी उन्हें जानकारी थी और निगेटिव मार्किंग के कारण तुक्के में उत्तर नहीं दिए।
पुलिस प्रशासन ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए कोई अनियमितता नहीं पाई। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि परीक्षाओं के दौरान कोई परेशानी नहीं आई और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठीक रही।
यह परीक्षा कई छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है और सभी का मानना है कि सही तैयारी से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
मध्य प्रदेश-राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद यूपी के थोक दवा बाजार में करोड़ों का कफ सीरप फंसा, बिक्री ठप
Uttar Pradesh News 13Oct2025/sbkinews.in
आगरा: मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सीरप से बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में भी दवा बाजार में कफ सीरप की बिक्री पर कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। सरकार ने दो वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कफ सीरप के इस्तेमाल पर रोक लगाई है और 500 से अधिक कफ सीरप के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इस कारण से दवाओं की बिक्री में तेज गिरावट आई है, खासकर थोक बाजार में करोड़ों रुपये की कफ सीरप की खेप फंसी हुई है।
आगरा के थोक और खुदरा दवा कारोबारियों ने डाक्टर के पर्चे के बिना कफ सीरप की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी है। मौसम के बदलाव पर सर्दी, जुकाम और खांसी के मरीज तो बढ़ गए हैं, लेकिन दवा बाजार में कफ सीरप की मांग घट गई है। अधिकतर मेडिकल स्टोर्स पर केवल डाक्टर के सुझाव से ही कफ सीरप दी जा रही है, जिससे कम बिक्री हो रही है।
ओर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट, उत्तर प्रदेश (OCUDUP) के महामंत्री सुधीर अग्रवाल ने बताया कि हालात बदलने के कारण कफ सीरप की बिक्री काफी प्रभावित हुई है। दवा कंपनियां भी इस स्थिति से चिंतित हैं क्योंकि बाजार में स्टॉक बढ़ा हुआ है।
सरकार द्वारा सतर्कता और कड़े नियमों के चलते बाजार में थोड़ा सर्तक माहौल बना है, जिससे उपभोक्ताओं और मेडिकल स्टोर्स दोनों में सावधानी बढ़ी है। फिलहाल कफ सीरप खरीदने वालों की संख्या कम होने से थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर यह समस्या बनी हुई है।
अकबराबाद में वारंट तामील कराने गई पुलिस पर हिस्ट्रीशीटर ने हमला, दारोगा की हत्या का प्रयास
Uttar Pradesh News 13Oct2025/sbkinews.in
बिजनौर के कोतवाली देहात क्षेत्र के अकबराबाद गांव में पुलिस ने वारंट तामील कराने आई टीम पर शनिवार रात हिस्ट्रीशीटर और उसके स्वजनों ने हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी गई और चौकी इंचार्ज जुगेंद्र तेवतिया के गले को दबाकर हत्या करने की कोशिश भी की गई। घटना के बाद मौके पर कोतवाली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर आसिफ को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य हमलावर फरार हो गए।
पुलिस टीम में चौकी इंचार्ज जुगेंद्र तेवतिया, आरक्षक भूपेंद्र और महिला सिपाही करिश्मा शामिल थे। वे वारंट तामील कराने और निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीटर आसिफ के घर गए थे। आसिफ पर गोहत्या समेत छह मुकदमे दर्ज हैं और कोर्ट से उसका वारंट जारी था। पुलिस ने उसे जांच के लिए चौकी ले जाने का प्रयास किया, जिससे विवाद गीत शुरू हुआ।
पुलिस के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों ने अभद्रता करते हुए पुलिस पर हमला किया। फरार हुए आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, और धमकी देने के मुकदमे दर्ज किए हैं। एसपी अभिषेक झा ने कहा कि शेष आरोपितों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और गोहत्या जैसे गंभीर अपराधों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय प्रशासन में हलचल मचा दी है। पुलिस बल की सुरक्षा और कार्यवाही को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो चुका है। मामले की जांच जारी है और कोर्ट में आरोपी की पेशी सोमवार को होगी।
शादी में बाधा बनने पर देवर ने भाभी को थिनर डालकर फूंका, दोनों की जलकर मौत
Uttar Pradesh News 13Oct2025/sbkinews.in
मुरादाबाद: शादी में बाधा बन रही भाभी को देवर ने थिनर डालकर जिंदा जला दिया। शनिवार की देर शाम रसूलपुर सुनवाती के गांव में हुई इस दर्दनाक वारदात में भाभी जान बचाने के लिए बाहर भागी, लेकिन उसे पकड़ने के चक्कर में देवर भी आग की चपेट में आ गया। दोनों लपटों में घिरकर सड़क पर चीखते हुए इधर-उधर भागे। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाई और दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रवीण, जो सुरेंद्र के साथ खेती करता था, दो माह पहले शादी का रिश्ता तय होने के बाद लड़की वालों के इन्कार से आहत था। उसका यह पांचवां टूटे हुए रिश्तों में से एक था। वह इसकी वजह अपनी भाभी को मान रहा था, जो शादी में बाधा डाल रही थी। प्रवीण का आरोप था कि भाभी जमीन के बंटवारे को लेकर उसकी शादी नहीं चाहती थी। इसके कारण दोनों भाइयों में मनमुटाव बढ़ गया।
घटना के दिन सुनीता (भाभी) कूड़ा डालने के बाद प्रवीण के पास हैंडपंप पर हाथ धो रही थी। उसी समय प्रवीण ने भाभी को खींचकर भाई सुरेंद्र के खाली मकान में बंद कर दिया और उस पर थिनर डालकर आग लगा दी। नरेंद्र, जो भाभी का पति है, ने प्रवीण के खिलाफ हत्या के प्रयास की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि युवक का रिश्ता टूटने का कारण भाभी को मानना और उससे रंजिश रखना था। मामला गंभीर है और जांच जारी है।


