दिल्ली के ज्योति नगर में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पटाखे बरामद, दुकानदार गिरफ्तार
Delhi News 16Oct2025/sbkinews.in
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वेस्ट ज्योति नगर में एक किराने की दुकान पर छापा मारकर 122 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान दुकानदार विवेक को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में विवेक ने बताया कि त्योहारों के सीजन में मुनाफा कमाने के लिए उसने दूसरे राज्यों से पटाखे illegally मंगाकर अपनी दुकान में जमा कर रखे थे। पुलिस ने अवैध भंडारण और बिक्री की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस बड़े खुलासे को अंजाम दिया।
अस्पष्ट कानूनों और कमजोर निगरानी का फायदा उठाकर पटाखा कारोबारी अवैध तरीके से प्रदेश में पटाखे बेचते हैं, जो कि पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
पुलिस ने दुकानदार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बम निरोधक दस्ते द्वारा बरामद पटाखों की जांच जारी है। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि अवैध पटाखे बेचने वालों के खिलाफ और सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है।
नाहन जेल में आजीवन कैदी राजेंद्र सिंह की हार्ट अटैक से मौत, अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में दम तोड़ा
Delhi News 16Oct2025/sbkinews.in
नाहन जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दिल्ली के कैदी राजेंद्र सिंह (50) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह 2004 में शिमला में हुई हत्या के मामले में सजा भुगत रहे थे। मंगलवार को राजेंद्र सिंह की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उसे अस्पताल ले जा रही थी। रास्ते में गुन्नूघाट के निकट अचानक उनकी हालत नज़दीकी गंभीर हो गई और वे अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ बैठे।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके परिजनों को सौंप दिया है। डीएसपी हेडक्वार्टर रमाकांत ठाकुर ने बताया कि शरीर पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं पाए गए हैं और प्रारंभिक जांच में मौत के कारण को हार्ट अटैक और प्राकृतिक बीमारी बताया गया है।
जेल प्रशासन और पुलिस ने घटना की सूचना माननीय न्यायालय, सीजेएम नाहन और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी है। मृतक राजेंद्र सिंह का स्वास्थ्य पहले भी खराब चल रहा था, लेकिन उसकी अचानक मृत्यु ने जेल प्रशासन और परिजनों को स्तब्ध कर दिया है।
यह घटना जेल प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बनी है, जहां कैदियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई जा रही है।
दीपावली और छठ को लेकर दिल्ली-एनसीआर के स्टेशनों से 349 विशेष ट्रेनें चलेंगी
Delhi News 16Oct2025/sbkinews.in
दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर दिल्ली-एनसीआर के रेलवे स्टेशनों से यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 349 विशेष ट्रेन फेरे लगाए जाएंगे। यह व्यवस्था 15 से 27 अक्टूबर 2025 के बीच लागू रहेगी। इसके अतिरिक्त अधिक जरूरत पड़ने पर अनारक्षित विशेष ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक त्योहार विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। कुल 4718 ट्रिप्स 30 नवंबर तक चलाई जाएंगी, जिनमें से Delhi-NCR से 349 फेरे होंगे। इन ट्रेनों के जरिए यात्रियों को कुल 2,70,532 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराई गई हैं, जिसमें सामान्य श्रेणी के लिए 1,76,400 सीटें शामिल हैं।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए दिल्ली सहित अन्य बड़े स्टेशन पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं और आतंकवाद निरोधक बलों की सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है।
यह विशेष ट्रेनें बिहार, झारखंड और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों के प्रमुख शहरों के लिए चलेंगी ताकि त्योहारों के समय यात्रियों को घर पहुंचने में आसानी हो। गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, कानपुर जैसे प्रमुख शहरों से भी यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए इस योजना को लागू किया गया है।
इस योजना से त्योहारों में यात्रा करने वाले लाखों लोगों को सुविधा और सुरक्षा मिलेगी, और भीड़भाड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बिगड़ी, पांच क्षेत्रों की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में
Delhi News 16Oct2025/sbkinews.in
दिल्ली में बुधवार को प्रदूषण का स्तर बढ़कर पांच इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 233 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
इस बढ़ते प्रदूषण में परिवहन से निकलने वाले धुआं और उत्सर्जन का बड़ा योगदान है। शहरी इलाकों में वाहनों की भीड़, निर्माण कार्य, और ठोस कचरे के जलने से वायु प्रदूषण और अधिक बढ़ रहा है।
विशेष रूप से वजीरपुर (AQI 342), आनंद विहार (AQI 339), द्वारका सेक्टर 8 (AQI 338), और मथुरा रोड (AQI 311) जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंच गई है। इन स्थानों पर सांस लेने में परेशानी, आंखों और गले में जलन जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता को सलाह दी है कि प्रदूषित हवा में बाहर रहना कम करें, मास्क पहनें, और बच्चों, बुजुर्गों व प्रतिक्रियाशील समूहों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
राहत के लिए दिल्ली प्रशासन ने एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बढ़ाई है और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को कड़ा किया है, लेकिन प्रदूषण में तत्काल सुधार के लिए वाहन उपयोग घटाना और पर्यावरण संरक्षण प्राथमिकता का विषय है।
केंद्र सरकार नकली दवाओं पर सख्त कानून ला रही, सीडीएससीओ को मिलेंगी विशेष शक्तियां
Delhi News 16Oct2025/sbkinews.in
केंद्र सरकार नकली और घटिया दवाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘दवा, चिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 2025’ का मसौदा तैयार किया है, जो पुराने 1940 के अधिनियम की जगह लेगा। इस कानून के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को नकली दवा निर्माताओं के खिलाफ तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करने के विशेष अधिकार मिलेंगे, जिनमें गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने की शक्ति शामिल है।
मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों के बाद इस कदम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। नए कानून के चलते दवा कंपनियों को अपनी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध करानी होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत दवाओं को रोकना आसान होगा।
केंद्र सरकार का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि नकली और मिलावटी दवाओं से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा और संसद के आगामी सत्र में इसे पास कराने का प्रयास होगा।
निजी अंतरराज्यीय बसें नियमों की धज्जियां उड़ातीं सड़कों पर फर्राटा, 20 यात्रियों की मौत
Delhi News 16Oct2025/sbkinews.in
दिल्ली और आसपास के राज्यों में निजी अंतरराज्यीय बसें यात्रियों की जान जोखिम में डालती हुई तेज गति से चल रही हैं। यात्री क्षमता से अधिक यात्री लेकर, नियमों का उल्लंघन करते हुए ये बसें सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
हाल ही में राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एक नया प्राइवेट बस में आग लग जाने और 20 लोगों की मौत होने की घटना सामने आई है। बस में आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया जो तुरन्त फैल गया। यात्री बचाव के प्रयास में विफल रहे और 19 की मौत बस में ही हुई, जबकि एक यात्री रास्ते में दम तोड़ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, बस ड्राइवरों की लापरवाही, तेज़ गति, और पूरे वाहन में सीट बेल्ट न होना दुर्घटना को भयानक बनाता है। इस बस ड्राइवर के खिलाफ कई ट्रैफिक उल्लंघनों के मामले भी दर्ज हैं।
सरकार और परिवहन विभाग को चाहिए कि वे ऐसे गैरजिम्मेदार बस ऑपरेटर्स और ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, यात्री सुरक्षा के नियमों को कड़ाई से लागू करें और नियमित निरीक्षण बढ़ाएं। यात्रियों को भी सतर्क रहकर नियमों का पालन कराना आवश्यक है।


