Uttar Pradesh News 17Oct2025

उत्तर प्रदेश में गोवंशी पशुओं का परिवहन अपराध नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा—गोहत्या अधिनियम का दुरुपयोग रोकें सरकार

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Uttar Pradesh News 17Oct2025/sbkinews.in

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के भीतर गोवंशी पशुओं का केवल परिवहन अपराध की श्रेणी में नहीं आता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मुकदमों की बाढ़ आ रही है जिनमें लोगों को गोहत्या अधिनियम के तहत फर्जी तौर पर फंसाया जा रहा है। इस दुरुपयोग को रोकने के लिए कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है, जिसमें वे बताएँ कि उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि सात नवंबर तक उनका शपथपत्र नहीं आता है, तो वे स्वयं कोर्ट में प्रस्तुत होकर जवाब देंगे। कोर्ट ने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि गोवंशी पशुओं के वध की तैयारी करना भी अपराध की श्रेणी में नहीं आता।

मामले की पृष्ठभूमि में याची की गाड़ी पर चढ़े नौ गोवंशी पशु अमेठी से प्रतापगढ़ ले जाए जा रहे थे, लेकिन उन पर गोहत्या का कोई आरोप गलत है क्योंकि किसी पशु का वध नहीं हुआ। न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया कि याची को गैरकानूनी प्रताड़ना से बचाया जाए और जांच में सहयोग किया जाए।

यह फैसला गोहत्या अधिनियम के गलत इस्तेमाल को रोकने एवं निर्दोषों को फर्जी मामलों से बचाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्कूल वैन की टक्कर से टेंट कारोबारी के बेटे समेत दो की मौत, वैन चालक गिरफ्तार

Punjab News 10Nov2025

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देवबंद (सहारनपुर): बास्तम-करंजाली मार्ग पर गुरुवार सुबह एक भयानक हादसा हुआ जिसमें स्कूल वैन की टक्कर से टेंट कारोबारी के बेटे कन्हैया (15) और उनकी दुकान पर काम करने वाला हीरा (23) की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने स्कूल वैन के चालक अमित को गिरफ्तार कर लिया है।

गांव असदपुर करंजाली निवासी शिवकुमार का गांव में ही टेंट का काम है। इस घटना के दिन सुबह लगभग 8 बजे उनका बेटा कन्हैया और सुल्तानपुर निवासी हीरा बाइक पर देवबंद आ रहे थे। बाइक हीरा चला रहा था। जब वे बास्तम-करंजाली मार्ग पर खेल मैदान के पास पहुंचे, तभी मेपल स्कूल की वैन ने बाइक में सामने से टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें देवबंद सीएचसी पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को मेरठ और सहारनपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में दोनों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया।

एसडीएम युवराज सिंह, सीओ अभितेष सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में व्यस्त हैं। एसडीएम ने परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है।
स्कूल वैन फौरन पुलिस के कब्जे में ले ली गई है और आरोपी चालक की तलाश जारी है।

प्राइमरी शिक्षक डॉ. चित्रा जोशी ने इस दुर्घटना को बेहद दुखद करार देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस हादसे ने सड़कों पर बढ़ती लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर चिंता जताई है। प्रशासन को चाहिए कि वह यातायात नियमों के कड़ाई से पालन और संवेदनशील ड्राइविंग को सुनिश्चित करे।

सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आवास विकास के 45 अधिकारियों और 22 व्यापारियों पर मुकदमा, सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव, आवास आयुक्त व एसएसपी से मांगा जवाब

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मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की रिपोर्ट के आधार पर 45 अधिकारियों और 22 व्यापारियों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। पहले मुकदमे में 21 नामजद और एक अज्ञात व्यापारी पर आरोप हैं कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद परिसर खाली नहीं किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। वहीं दूसरे मुकदमे में 1990 से वर्तमान तक तैनात 45 अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही और खानापूर्ति के आरोप लगाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को आदेश दिया था कि आवासीय भूखंड संख्या 661/6 पर बने व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स को तीन माह में खाली कराया जाए और उसके बाद दो सप्ताह के अंदर इसे ध्वस्त किया जाए। इस आदेश के अनुपालन में देरी के कारण सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने अवमानना याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

कोर्ट ने प्रदेश के गृह सचिव, आवास आयुक्त, एसएसपी मेरठ, नौचंदी थाना प्रभारी तथा नौ व्यापारियों को नोटिस जारी कर 27 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने इन अधिकारियों से शपथ पत्र में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि सूचनाकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दुरुपयोग रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

शास्त्रीनगर शहर में इस योजना के तहत 1482 भवनों को चिह्नित किया गया था, जिनमें से 860 पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हैं।

इस महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और व्यापारियों का सरकारी आदेश न मानना गंभीर विषय है, जिससे सरकारी कार्य बाधित हुआ है। कोर्ट ने प्रभावी कार्रवाई करने और आदेशों का कठोर अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही है।

आगरा में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या, दो दोषियों को फांसी की सजा

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आगरा के बाह थाना क्षेत्र में डेढ़ वर्ष पूर्व हुई एक दिल दहला देने वाली घटना में, पाँच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने दो आरोपितों अमित कुशवाह और निखिल को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साथ ही दोनों पर 4.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जो पीड़िता के परिवार को दिया जाएगा।

यह घटना 18 मार्च 2024 की है, जब बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोपितों ने बहाने से बच्ची को बाइक पर बिठाकर ले जाकर दुष्कर्म किया और उसके बाद गला घोटकर हत्या कर दी। शव को खेत में छिपा दिया गया था।

परिवार ने बच्ची के अपहरण के बाद आरोपी से छह लाख रुपये की फिरौती भी मांगी गई थी। पुलिस ने 20 मार्च 2024 को आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था। 18 महीने की विस्तार से सुनवाई और 18 गवाहों की गवाही के आधार पर यह फैसला सुनाया गया।

विशेष न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे निर्दयी अपराधी समाज में रहने योग्य नहीं हैं और उनका कठोरतम दंड आवश्यक है ताकि बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषी कोर्ट में रोने लगे और माफी मांगने लगे।

यह फैसला बच्चों के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का उदाहरण है और न्यायपालिका के जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है।

बरेली की एंटी करप्शन टीम पर रिश्वतखोरी का आरोप, दारोगा दीपचंद को फंसाने का षड्यंत्र

उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी भर्ती 2025

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बरेली में एंटी करप्शन टीम पर आरोप लगा है कि उन्होंने दारोगा दीपचंद को फर्जी रिश्वत के मामलों में फंसाया। छह जनवरी की रात भुड़िया पुलिस चौकी में यह प्रदर्शन हुआ कि दीपचंद की मेज की दराज से 50 हजार रुपये बरामद हुए। इसके बाद उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ। दीपचंद ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि यह सब भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई नहीं, बल्कि एक षड्यंत्र है।

इस मामले में आरोप है कि एंटी करप्शन टीम ने पुलिस चौकी के सिपाही को जबरन अपनी कार में बैठाकर उत्तराखंड तक ले जाकर दबाव बनाया। दीपचंद के हाथों पर केमिकल लगे 50 हजार रुपये पकड़े गए, जिससे उनका हाथ रंग बदल गया। दीपचंद की पत्नी गुंजन ने मार्च में एसएसपी अनुराग आर्य को शिकायती पत्र दिया था जिसमें आरोप था कि दीपचंद को जानबूझकर फंसाया गया।

एसएसपी ने जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित की है जिन्होंने अब तक चार लोगों के बयान दर्ज किए हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने भी एंटी करप्शन टीम के खिलाफ पत्र मुख्यालय भेजा है। दीपचंद ने इस प्रक्रिया में सात महीने जेल में गुजारे।

देर से ही सही, जांच की जा रही है और समीक्षा के आधार पर उचित कार्रवाई हो सकती है। दीपचंद और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में 69,206 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की भर्ती जल्द, समय-सारिणी बनाई जाएगी

Uttar Pradesh News 17Oct2025

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उत्तर प्रदेश के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में 69,206 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस भर्ती में 7,952 पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के और 61,254 पद आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने विभागीय अधिकारियों को सभी जिलों में भर्ती के लिए स्पष्ट समय-सारिणी निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। ताकि प्रदेशभर में भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो।

गुरुवार को विभाग की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण लीना जौहरी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 23,697 है, जिनमें से 860 ऐसे केंद्र हैं जहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। भर्ती प्रक्रिया में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी, और हर चरण के लिए समय-सीमा तय की जाएगी, ताकि भर्ती में एकरूपता बनी रहे।

इस भर्ती में 12वीं पास महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। उम्र सीमा कार्यकर्ताओं के लिए 18 से 35 वर्ष और सहायिकाओं के लिए भी लगभग समान है। खास बात यह है कि 50% पद सहायिकाओं के लिए महिलाएं भरी जाएंगी, जिनका पांच साल का ग्रामीण सेवा अनुभव हो।

बच्चों के पोषण और शिक्षा के लिए ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ केंद्रों को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है जिसके तहत पोषण वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, आरओ मशीन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस भर्ती से प्रदेश में आंगनबाड़ी सेवा की मजबूती आएगी एवं बच्चों को बेहतर शिक्षा व पोषण उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा।

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