Uttar Pradesh News today 18Oct2025

राहुल गांधी का फतेहपुर दौरा: दलित अत्याचार पर गुस्सा, हरिओम हत्याकांड के परिवार से मिलकर कहा – लड़ूंगा उनकी लड़ाई, न्याय दिलाऊंगा

Uttar Pradesh News today 18Oct2025

Uttar Pradesh News today 18Oct2025/sbkinews.in

फतेहपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को फतेहपुर के तुराबअली का पुरवा गांव में चोर समझकर पीट-पीटकर मारे गए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने देश में बढ़ते दलित अत्याचार पर गहरी चिंता जताई और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

दलितों की लड़ाई लड़ने का संकल्प

राहुल गांधी ने हरिओम के परिवारजनों से मिलने के बाद कहा कि देश में दलितों पर अत्याचार तेजी से बढ़ा है। हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह दलितों की लड़ाई लड़ेंगे और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परिवार को धमकी दी गई थी कि वे उनसे न मिलें।

परिवार की दुर्दशा पर चिंता

कांग्रेस नेता ने बताया कि हरिओम की बहन को ऑपरेशन कराना है, लेकिन वह इसे करा नहीं पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने परिवार को घर में बंधक बना रखा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह स्थिति दलित समुदाय के साथ हो रहे भेदभाव को दर्शाती है।

हत्याकांड में 15 गिरफ्तारियां

हरिओम की हत्या के मामले में अब तक पुलिस 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। घटना 7 अक्टूबर को हुई थी जब हरिओम को चोर समझकर ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला था। इस मामले में भाजपा विधायक मनोज पांडेय ने हरिओम की पत्नी संगीता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया था।

सरकारी मदद के दावे

एमएसएमई मंत्री राकेश सचान और समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण भी हरिओम के घर आर्थिक मदद देने गए थे। प्रशासन ने शुक्रवार सुबह हरिओम की बहन कुसुम को आउटसोर्सिंग के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज में नर्स का पद भी दिया है। हालांकि, राहुल गांधी ने इसे अपर्याप्त बताया और व्यापक न्याय की मांग की है।

मेरठ सड़क हादसा: बागपत रोड पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से पिकअप पलटी, पिता और दो बच्चों पर चढ़ी, नौ वर्षीय बच्ची दिव्यांशी की मौत

UP News today 04Dec2025

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मेरठ। शुक्रवार दोपहर बागपत रोड पर खाटूश्याम मंदिर गली के पास दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रही पिकअप को टक्कर मारी, जिससे वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पैदल चल रहे पिता और दो बच्चों पर चढ़ गई। हादसे में नौ वर्षीय बच्ची दिव्यांशी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता अनुज कुमार और दस वर्षीय आरव गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्कूल से लौटते समय हुआ हादसा

टीपीनगर थाना क्षेत्र के मुल्ताननगर निवासी अनुज कुमार बच्चों को सहारन पब्लिक स्कूल से लेकर घर लौट रहे थे। तभी अचानक पीछे से आ रहे ट्रक ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप का संतुलन बिगड़ गया और वह अनुज, आरव, व दिव्यांशी से जा टकराई। पिकअप के नीचे दबने से दिव्यांशी की दर्दनाक मौत हो गई।

लोगों ने किया बचाव, चालक को पकड़ा

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पिता-पुत्र को नाले से बाहर निकाला और पिकअप को उठाकर दिव्यांशी को बाहर निकाला। टीपीनगर इंस्पेक्टर अरुण मिश्रा बच्ची को तुरंत सुभारती अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ट्रक चालक हादसे के बाद भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भीड़ ने पीछा कर उसे सीमेंट गोदाम के पास पकड़ लिया। लोगों ने चालक धीरज निवासी धनबाद, आगरा, और क्लीनर अरुण की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस जांच और कार्रवाई

पुलिस ने ट्रक और पिकअप दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर चालकों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि ट्रक चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि हादसे में लापरवाही और तेज गति मुख्य कारण रही है। अनुज कुमार ने हादसे की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है।

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

अनुज की पत्नी पूजा की मृत्यु एक वर्ष पहले ही हो चुकी थी। अब इस हादसे में बेटी दिव्यांशी की मौत से परिवार टूट गया है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंचे हैं। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की दवा की ओवरडोज से मौत, सहारनपुर में हुआ सुपुर्द-ए-खाक

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पंचकूला। पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की दवा की ओवरडोज के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मूल रूप से सहारनपुर के गांव हरडाखेड़ी निवासी 35 वर्षीय अकील पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-4 में अपने परिवार के साथ रहते थे। शुक्रवार सुबह उनका शव घर में ही बेसुध हालत में मिला। उन्हें तुरंत नागरिक अस्पताल सेक्टर 6 ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

ओवरडोज से हुई मौत की आशंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अकील ने गुरुवार रात कुछ दवाइयों का सेवन किया था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने संभवतः दवा की अधिक मात्रा ले ली थी। पुलिस ने फिलहाल इसे दवा की ओवरडोज की वजह से हुई मौत माना है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। शुक्रवार को पंचकूला में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों ने सहारनपुर ले जाकर पैतृक गांव हरडाखेड़ी में सुपुर्द-ए-खाक किया।

हाईकोर्ट में करते थे प्रैक्टिस

अकील अख्तर हाईकोर्ट में वकील के रूप में प्रैक्टिस करते थे और क्षेत्र में एक सुलझे हुए वकील के तौर पर जाने जाते थे। उनके निधन से परिवार और कानूनी जगत में शोक की लहर है। कई वरिष्ठ वकील और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुःख जताया है।

राजनीतिक परिवार से ताल्लुक

अकील की मां रजिया सुल्ताना पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं, जबकि पिता मोहम्मद मुस्तफा पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी रहे हैं। परिवार का लंबे समय से राजनीति से गहरा नाता रहा है। वर्ष 1995 में रजिया सुल्ताना सरसावा ब्लॉक प्रमुख चुनी गई थीं। परिवार के अन्य सदस्य भी जिला स्तर पर सक्रिय राजनीति में हैं।

पुलिस जांच जारी

पंचकूला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कोई आपराधिक एंगल सामने नहीं आया है, लेकिन हर संभावित बिंदु पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी।

फर्रुखाबाद कायमगंज में अवैध हिरासत मामला: एसपी ने कोतवाल अनुराग मिश्रा को निलंबित किया, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगाई सख्त फटकार

UP News today 31Oct2025

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फर्रुखाबाद। अवैध हिरासत में दो लोगों को रखने के गंभीर मामले में कायमगंज कोतवाल अनुराग मिश्रा को गुरुवार देर रात पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराई गई है। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और एसपी को तलब करने के बाद की गई है।

अवैध हिरासत और हिरासत में प्रताड़ना

मामला दो अगस्त का है जब कायमगंज के गांव दत्तू नगला निवासी मनोज यादव और उनके साथी ऋषभ यादव को कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीटा गया था। इलाज के दौरान मनोज यादव की मौत हो गई। इस घटना के बाद मनोज के पिता विजय सिंह ने शमसाबाद के मुहल्ला चौहट्टा निवासी कई आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपितों के स्वजन को हिरासत में लिया था, जो बाद में अवैध हिरासत में रखने का मामला बना।

हाई कोर्ट में याचिका और सख्ती

इस केस में प्रीति यादव द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी। हाई कोर्ट ने 14 अक्टूबर को एसपी आरती सिंह, कायमगंज सीओ राजेश द्विवेदी और कोतवाल अनुराग मिश्रा को तलब किया था और सख्त फटकार लगाई थी। कोर्ट की फटकार के बाद एसपी ने हलफनामा दाखिल कर कोतवाल और सीओ पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था और क्षमा याचना की थी।

कार्रवाई और विभागीय जांच

एसपी आरती सिंह ने देर रात कोतवाल अनुराग मिश्रा को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मामले की न्यायिक जांच शुरू कराई गई है, जिससे दोषियों के खिलाफ उचित कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस प्रबंधन के स्तर पर सुधार की मांग उठाई जा रही है।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने साइबर जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ किया, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के लिए क्षेत्र स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

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साइबर जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा के महत्व को लेकर क्षेत्र स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि साइबर क्राइम उनकी प्राथमिकताओं में प्रमुख है और डिजिटल सतर्कता आज समाज की अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। उन्होंने लखनऊ में हुई दो साइबर घटनाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि सोशल मीडिया और इंटरनेट जितने उपयोगी हैं, उतने ही असावधान उपयोग से विनाशकारी भी हो सकते हैं।

कार्यशाला में साइबर एक्सपर्ट डा. रक्षित टंडन ने डिजिटल धोखाधड़ी, फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, और इंटरनेट मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने लोगों को विदेश से आने वाली फोन कॉल्स की पहचान करने, झांसे में न आने, सरकारी एजेंसियों या बैंकों के फर्जी मैसेजों को तुरंत डिलीट करने और मोबाइल पर आए लिंक को न खोलने के बचाव के मूल टिप्स दिए। जालसाज नकली वेबसाइट बनाकर भी लोगों को ठगते हैं, इसलिए हर वेबसाइट के नाम की सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है।

यह कार्यशाला जनमंच सभागार में आयोजित हुई, जहां एक्सपर्ट्स ने डिजिटल सतर्कता के आवश्यक कदमों पर विस्तृत जानकारी दी। डीजीपी ने बताया कि बच्चों और युवाओं में ऑनलाइन गेमिंग के प्रति एडिक्शन भी बढ़ता दिख रहा है, जिसका प्रभाव समाज पर पड़ता है। इसलिए साइबर जागरूकता बढ़ाना और सतर्क रहना जरूरी है।

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