डीएलएड-2025 में प्रवेश के लिए 24 नवंबर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, 15 दिसंबर तक चलेगा आवेदन
Uttar pradesh News 14Nov2025/sbkinews.in
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक भर्ती के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) सत्र 2025 में दाखिले की प्रक्रिया 24 नवंबर 2025 से शुरू होगी। प्रदेश में इस बार कुल 2,33,350 सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और 2,974 निजी कॉलेज शामिल हैं।
उम्मीदवार ग्रेजुएट होने चाहिए, क्योंकि इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार अब डीएलएड में प्रवेश के लिए स्नातक योग्यता अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2025 है। आवेदन शुल्क 16 दिसंबर तक जमा किया जा सकता है, जबकि आवेदन फॉर्म प्रिंट निकालने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर है।
चयन प्रक्रिया मेरिट आधारित होगी जिसमें अभ्यर्थी के 10वीं, 12वीं और स्नातक के अंकों को शामिल किया जाएगा। स्टेट रैंक की सूची 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी। काउंसलिंग दो चरणों में होगी, पहला चरण 26 दिसंबर 2025 से 16 जनवरी 2026 तक और दूसरा चरण 23 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलेगा।
इस बार दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को भी आवेदन का मौका दिया गया है, लेकिन सीट आवंटन में प्राथमिकता उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों को दी जाएगी। अभ्यर्थी को अपने गृह जनपद के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
पीएनपी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने प्रवेश प्रक्रिया के लिए शासन से अनुमति प्राप्त कर समयसारिणी भी जारी कर दी है। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर शुरुआत से अंत तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं।
बाघ ने किसान व बच्ची को मार डाला, मासूम को उठा ले गया भेड़िया
Uttar pradesh News 14Nov2025
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हाल के दिनों में वन्यजीवों का आतंक तेज हो गया है, जिसमें बाघ और भेड़ियाओं ने लगातार मानव अबोध हिंसा का शिकार किया है। पिछले सप्ताह से ही इन जानवरों का आतंक गांवों में पैर पसार रहा है।
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ककरहा रेंज के धर्मपुर बेझा गांव में गत गुरुवार, 12 नवंबर को, एक किसान भिखान आर्य पर बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सुबह की है। मृतक खेती-बाड़ी कर रहा था, तभी बाघ ने उस पर अचानक हमला कर उसे कुचल दिया। यह हमला ग्रामीणों ने देखा और शोर मचाते हुए शिकार को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बाघ भाग चुका था।
वहीं, गांव गजाधरपुर में, घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय बच्ची जाह्नवी को भेड़िया घर के बाहर से उठा ले गया। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीणों ने दौड़ लगाई, लेकिन भेड़िया गायब हो गया। रात तक पुलिस और वन विभाग की टीमें बच्ची की खोज में लगी हैं।
लखीमपुर खीरी में भी, एक बच्ची ट्विंकल को बाघ ने हमला कर दिया, जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरकारी तंत्र ने सक्रियता दिखाते हुए, ड्रोन और ट्रैप कैमरों की मदद से बाघ की तलाश शुरू कर दी है।
वन विभाग का कहना है कि पिछले एक महीने में, बाघ और भेड़ियों ने मिलाकर दर्जनों हमले किए हैं। पुलिस और वन विभाग लगातार इलाके में गश्त कर रही हैं, लेकिन अभी तक इन जानवरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
वन विभाग ने जनता से सतर्क रहने और पालतू जानवरों को घर के अंदर रखने की सलाह दी है। सरकार भी इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, इन जानवरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
30 नवंबर तक समग्र शिक्षा में को-आर्डिनेटर की पूरी होगी भर्ती, बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलों को दिये नियुक्ति में तेजी के निर्देश
Uttar pradesh News 14Nov2025
लखनऊ: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत आउटसोर्सिंग पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के लिए सभी जिलों में निर्देश जारी किये हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने ब्लॉक एमआइएस को-आर्डिनेटर, क्वालिटी को-आर्डिनेटर, सहायक लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर के रिक्त पदों पर नियुक्ति 30 नवंबर तक पूरी करने को कहा है।
प्रदेश के 880 विकास खंडों और नगर संसाधन केंद्रों में इन पदों का सृजन शासनादेशों के तहत पहले ही हो चुका है, लेकिन चार वर्षों बाद भी कई जिलों में चयन अधूरा है, जिससे समग्र शिक्षा अभियान की गतिविधियों पर असर पड़ा है। विभाग ने चयन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
यह नियुक्तियां निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और प्रशासनिक गतिविधियों के समन्वय हेतु की जा रही हैं। चयन प्रक्रिया GEM पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता के साथ संपन्न होगी। सफल उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करके उन्हें तत्काल कार्यभार सौंपा जाएगा।
पीएनपी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि 24 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे, जो 15 दिसंबर तक जारी रहेंगे। चयन और काउंसलिंग प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद कक्षा 17 फरवरी से शुरू होंगी। विभाग इस प्रक्रिया में हर संभव सहायता और सहयोग सुनिश्चित करेगा।
अनिवार्य है पुलिस अधिकारियों का दो महीने का नोटिस देना, बिना इस अवधि के त्यागपत्र स्वीकार नहीं होगा – इलाहाबाद हाईकोर्ट
Uttar pradesh News 14Nov2025
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है कि वे बिना दो महीने का अनिवार्य नोटिस दिए इस्तीफा नहीं दे सकते। यदि कोई पुलिस अधिकारी नोटिस अवधि का पालन किए बिना सेवा से त्यागपत्र देता है, तो उसे दोषपूर्ण माना जाएगा और विभाग द्वारा वह त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जस्टिस विकास बुधवार की एकलपीठ ने इस संबंध में निर्णय सुनाते हुए अलीगढ़ निवासी अजीत सिंह को उपनिरीक्षक पद पर पुनः बहाल किया है। याची ने दावा किया था कि वह मेडिकल आधार पर दिल्ली पुलिस से कार्यमुक्त होकर उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात हुआ था। 28 दिसंबर 2017 को उसने पुलिस महानिरीक्षक मेरठ को त्यागपत्र दे दिया। हालांकि, जांच अधिकारियों द्वारा नोटिस अवधि का पालन न करने के कारण त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया गया।
हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिनियम 1961 की धारा 9 और उत्तर प्रदेश पुलिस विनियमावली के विनियम 505 के अनुसार, त्यागपत्र से पहले दो महीने का नोटिस देना अनिवार्य है। इस समय का उद्देश्य नियोक्ता को वैकल्पिक व्यवस्था करने का अवसर और कर्मचारी को पुनर्विचार का समय देना है। इसके अलावा, संबंधित अधिकारी को अपना कोई भी बकाया भी पूर्णरूप से चुका देना होगा, तभी त्यागपत्र मान्य होगा।
कोर्ट ने जिले पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बिना किसी अधिकारी के पद से हटने को अवैध करार दिया। इसके चलते याची का त्यागपत्र अस्वीकार कर उसके खिलाफ प्रशिक्षण अवधि व्यय की वसूली का आदेश भी दिया गया था। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि नोटिस अवधि पूरी न होने पर त्यागपत्र प्रभावहीन होगा।
इस आदेश से पुलिस विभाग में त्यागपत्र प्रक्रिया में कड़ाई आएगी और अधिकारियों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
आतंकवाद का कोई धर्म नहीं, बयान देकर फंसे देवबंद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा, वायरल वीडियो में विवादित टिप्पणियां
Uttar pradesh News 14Nov2025
देवबंद (सहारनपुर): देवबंद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें एसएसपी आशीष तिवारी ने लाइन हाजिर कर दिया है। वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि “आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता” और हिंदू आतंकवाद का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि आतंकवादी किसी भी धर्म में हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान ही आतंकवादी नहीं होते, बल्कि हिंदू और सेना में भी आतंकवादी पाए गए हैं।
नरेंद्र शर्मा का यह वीडियो उनके कार्यालय में एक शांति सुरक्षा समिति के बैठक के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। वे आतंकवाद और नक्सलवाद पर अपनी सोच व्यक्त कर रहे थे और कहा कि वह कभी धर्म या जाति के आधार पर कार्य नहीं करते। वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया और सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आईं।
एसएसपी आशीष तिवारी ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए नरेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, निरीक्षक शर्मा का कहना है कि वीडियो को एडिट कर के गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने अपनी मंशा किसी का दिल दुखाने की नहीं बताई और कहा कि उनका यह बयान पूरे संदर्भ में समझना चाहिए।
वहीं, कई सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्वों ने नरेंद्र शर्मा के समर्थन में भी आवाज उठाई है, जिसमें बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी शामिल हैं। उन्होंने निरीक्षक के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने साहसपूर्वक सही बात कही है।
इस घटना से पुलिस विभाग में भी चर्चा गर्म है और मानवता तथा धर्म के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने वालों के बीच ये बहस जारी है। प्रशासन की ओर से भी इस मामले की गंभीरता से जांच कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।Danic jagran
पश्चिम उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच की मांग को लेकर उग्र हो रहा आंदोलन, मेरठ बार एसोसिएशन ने बंद का लगाया प्रस्ताव
Uttar pradesh News 14Nov2025
मेरठ: पश्चिम उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाई कोर्ट की एक बेंच स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की गुरुवार को हुई बैठक में तय किया गया कि यदि राज्य सरकार ने पश्चिम यूपी में हाई कोर्ट बेंच स्थापित नहीं की, तो पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश को बंद करने, दिल्ली तक पदयात्रा निकालकर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने तथा विधान सभा सांसद, विधायकों और मंत्रियों का घेराव करने का भी प्रस्ताव है।
यह निर्णय कैराना में आगामी 15 नवंबर को होने वाली केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में रखा जाएगा। समिति के चेयरमैन संजय शर्मा ने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों की जनता के साथ अन्याय हो रहा है और इसलिए अब एक संगठित और प्रभावी आंदोलन की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे और प्रमुख स्थानों पर सामूहिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मेरठ में कचहरी से लेकर बेगमपुल तक पैदल मार्च और मानव श्रृंखला बनाकर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई जाएगी। इस आंदोलन को राजनीतिक दलों, व्यापार संघों, किसान संगठनों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी प्राप्त है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का तर्क है कि इलाहाबाद की दूरी और वहां लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण उनके न्याय मिलने में देरी होती है, जबकि बेंच की स्थापना से न्याय की सुविधा नजदीक होगी और मुकदमों का निस्तारण तेजी से होगा। इस मांग को पिछले 50 वर्षों से लेकर अब तक कई सरकारों ने भी माना है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया।
12 फरवरी से सीआइएससीई बोर्ड परीक्षाएं शुरू होंगी, दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए परीक्षा कार्यक्रम जारी
Uttar pradesh News 14Nov2025
संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआइएससीई) ने इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) और इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईएससी) की बोर्ड परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। आईएससी की परीक्षाएं 12 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी, जबकि आईसीएसई दसवीं कक्षा की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च तक आयोजित होंगी।
सीआइएससीई के मुख्य कार्यकारी और सचिव डा. जोसेफ इमैनुअल ने बताया कि इस साल दसवीं कक्षा में करीब 2.6 लाख और बारहवीं में लगभग 1.5 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड के तहत 3200 से अधिक संबद्ध स्कूल हैं जो 35 लाख से ज्यादा छात्रों को शिक्षा प्रदान करते हैं। 1.5 लाख शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।
परीक्षा कार्यक्रम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया है, जहां छात्र समय सारिणी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में होंगी, जिसमें छात्रों को निर्धारित स्थानों पर जाकर परीक्षा देनी होगी।
इस परीक्षा कार्यक्रम से छात्रों को परीक्षा की तैयारी और योजना बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, परीक्षाओं में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बोर्ड की ओर से सुनिश्चित की जाएंगी।
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