दिल्ली के तीन नामी स्कूलों को 'क्लासरूम में बम रखा है, कभी भी फट सकता है' की धमकी, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने की तलाशी
Delhi News 21Nov2025/sbkinews.in
नई दिल्ली के तीन प्रतिष्ठित स्कूलों—संस्कृति पब्लिक स्कूल, ब्रिटिश पब्लिक स्कूल और मार्डन पब्लिक स्कूल—को गुरुवार सुबह जीमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली।
धमकी में लिखा था कि ‘क्लासरूम में बम रखा है, कभी भी फट सकता है’। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी। स्कूलों को तुरंत खाली कराया गया और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला।
दिल्ली पुलिस ने धमकी भरे ईमेल को फर्जी बताया और जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी दिल्ली के कई स्कूलों और अदालतों को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, जिनमें से अधिकतर फर्जी निकली हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं और धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल की जांच जारी है।
कोहरे में रेल यात्रा होगी पूरी तरह सुरक्षित, दिल्ली मंडल में 1134 फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाए गए
Delhi News 21Nov2025/sbkinews.in
दिल्ली मंडल में रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने बड़ी पहल की है। सर्दियों के मौसम में आमतौर पर कोहरे के कारण ट्रेन परिचालन में बाधा आती है, लेकिन अब इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने 1134 फॉग सेफ्टी डिवाइस (FSD) लगाए हैं। ये डिवाइस रेल इंजनों में लगाए गए हैं और लोको पायलट को सिग्नल की जानकारी आगे से ही देते हैं।
FSD में एक छोटा सा डिस्प्ले लगा होता है, जिस पर जीपीएस के जरिए आगे आने वाले सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग गेट आदि की दूरी दिखाई देती है। इससे लोको पायलट को कोहरे में भी ट्रेन की रफ्तार को सुरक्षित तरीके से कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
इससे ट्रेनों की अधिकतम गति कोहरे के दौरान 60 किमी/घंटा से बढ़ाकर 75 किमी/घंटा की जा सकती है, जिससे यात्रियों को अधिक समय तक रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस आधुनिक तकनीक से न केवल ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि फॉग सिग्नल मैन की आवश्यकता भी समाप्त हो गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को सुरक्षित और अपेक्षाकृत तेज ट्रेन सेवा मिलेगी। यह खबर SBKI News की ओर से प्रस्तुत की गई है।
क्या प्रदूषण डेटा में है गड़बड़ी? IITM पुणे के DSS सिस्टम पर उठे सवाल, सटीकता पर संदेह
Delhi News 21Nov2025/sbkinews.in
दिल्ली के प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए आईआईटीएम पुणे द्वारा विकसित डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) पर सवाल उठ रहे हैं। इस सिस्टम के जरिए प्रदूषण के स्रोतों का विश्लेषण और पूर्वानुमान दिया जाता है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी सटीकता पर गंभीर संदेह जताए जा रहे हैं। खासकर पराली जलाने और वाहनों के धुएं की भूमिका को लेकर DSS के आंकड़े वास्तविकता से मेल नहीं खाते।
विशेषज्ञों का कहना है कि DSS सिस्टम अक्सर पराली जलाने के प्रदूषण को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है, जबकि वास्तविकता में इसका योगदान काफी कम होता है। वाहनों और निर्माण गतिविधियों का योगदान अक्सर कम दिखाया जाता है। सीएक्यूएम (CAQM) ने पहले भी इस सिस्टम की अपर्याप्त डेटा और अपडेट न होने की वजह से सटीकता पर सवाल उठाए थे।
DSS सिस्टम के आंकड़े अभी भी 2021 के पुराने डेटा पर आधारित हैं, जिससे वर्तमान स्थिति का सही अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण के लिए नीतिगत निर्णय भी प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञों और स्वतंत्र रिसर्च संस्थानों की रिपोर्ट्स में सिफारिश की गई है कि DSS सिस्टम को वर्षभर सक्रिय रखा जाए और डेटा अपडेट किया जाए।
इस बात को लेकर विवाद जारी है कि क्या वास्तविक प्रदूषण के आंकड़ों में गड़बड़ी है या फिर DSS सिस्टम की गणना में कमी है। यह खबर SBKI News की ओर से प्रस्तुत की गई है।
तिहाड़ जेल में कैदियों के साथ काम कर रहे एनजीओ के छिपे एजेंडे को लेकर उपराज्यपाल और गृह मंत्री ने उठाए सवाल
Delhi News 21Nov2025/sbkinews.in
दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैदियों के साथ काम करने वाले एनजीओ की विचारधारा, फंडिंग और पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और गृह मंत्री आशीष सूद ने जेल में एनजीओ को काम करने की अनुमति देने से पहले उनकी पूरी जांच करने पर जोर दिया है।
उनका कहना है कि जेल में काम करने वाले एनजीओ की विचारधारा, फंडिंग स्रोत और पिछले रिकॉर्ड को ध्यानपूर्वक जांचा जाना चाहिए, ताकि जेल में किसी भी तरह का छिपा एजेंडा न चल सके।
वर्तमान में दिल्ली की जेलों में 21 एनजीओ काम कर रही हैं। इनमें से कई एनजीओ शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और पुनर्वास जैसी गतिविधियों में लगी हैं। लेकिन जेल में कई गंभीर अपराधों के आरोपी कैदी भी हैं, इसलिए एनजीओ की गतिविधियों पर सख्त निगरानी जरूरी है।
उपराज्यपाल और गृह मंत्री के अनुसार, एनजीओ की जांच में उनकी विचारधारा, फंडिंग स्रोत और पिछले कार्यों की विस्तृत जानकारी शामिल की जानी चाहिए। इसके बाद ही उन्हें जेल में काम करने की अनुमति दी जाए।
सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर और ASI को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, दोनों को निलंबित किया
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दिल्ली पुलिस के दो अधिकारियों, सब-इंस्पेक्टर नितिन मीणा और एएसआई बुधपाल को सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। सीबीआई की टीम ने नितिन मीणा को 30 हजार रुपये और बुधपाल को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
नितिन मीणा पर जमानत में मदद के लिए और बुधपाल पर एफआईआर से नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है।
दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस विभाग ने दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया है। सीबीआई की जांच अभी जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना दिल्ली पुलिस विभाग की छवि पर एक बार फिर सवाल उठा रही है। आम लोगों को न्याय मिलने के बजाय रिश्वत की आदत ने विभाग को बदनाम कर दिया है। लोगों की मांग है कि ऐसे अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और विभाग की निगरानी बढ़ाई जाए। यह खबर SBKI News की ओर से प्रस्तुत की गई है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पहले बड़े सांस्कृतिक आयोजन के लिए तैयार लाल किला, हाई अलर्ट पर पुलिस
Delhi News 21Nov2025/sbkinews.in
दिल्ली के लाल किला परिसर में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह आयोजन 23 से 25 नवंबर तक तीन दिन तक चलेगा, जिसमें कीर्तन, कथा, लंगर और लाइट एंड साउंड शो जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। लाल किला इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के लिए तैयार है, जिसमें 50,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल होने की उम्मीद है।
हाल ही में हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। लाल किले परिसर में विशेष बम निरोधक दस्ते, वीआईपी सुरक्षा दल और स्नाइपर तैनात किए गए हैं। साथ ही, यातायात व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री और दिल्ली प्रशासन ने इस कार्यक्रम को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। लाल किला परिसर में एक विशाल म्यूजियम भी बनाया गया है, जहां गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान की झांकियां देखने को मिलेंगी। इस आयोजन को लेकर दिल्ली पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति दोनों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।


