मुरादाबाद में दर्दनाक हादसा: बेकाबू रोडवेज बस ने ई-आटो को रौंदा, मां-बेटी समेत छह की मौत, शादी समारोह जा रहे परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
UP News Today 01Dec2025/sbkinews.in
मुरादाबाद में रविवार दोपहर दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। मेरठ डिपो की एक बेकाबू रोडवेज बस ने रामगंगा पुल के पास रफातपुर अंडरपास के समीप एक ई-आटो को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ई-आटो में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में मां-बेटी सहित एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं, जो विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
इस दर्दनाक घटना में मृतकों की पहचान सीमा, आरती, अभय, सुमन और ऑटो चालक संजू के रूप में हुई है। वहीं, अनन्या को चिकित्सकों ने जिला अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया। घायल करन सिंह, अंशु, झलक, अनुष्का और रानी की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी लोग करन सिंह के परिवार से जुड़े थे और अपने रिश्तेदार धर्मपाल की बेटी संध्या की शादी में शामिल होने निकले थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस इतनी तेज रफ्तार में थी कि टक्कर के बाद ई-आटो के परखच्चे उड़ गए और सवार लोग सड़क पर दूर-दूर जा गिरे। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। घटना के कारण हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि हादसे के बाद रोडवेज चालक बस छोड़कर फरार हो गया है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। प्रशासन ने घायलों के इलाज और मृतकों की पहचान प्रक्रिया तेज कर दी है।
यूपीपीएससी का बड़ा निर्णय: पीसीएस-2025 में साढ़े चार गुना बढ़ेंगे पद, अब 920 पदों पर भर्ती, प्रतियोगियों के लिए सुनहरा अवसर
UP News Today 01Dec2025
प्रयागराज से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2025 परीक्षा में पदों की संख्या में भारी इजाफा करने का निर्णय लिया है। आयोग की प्रारंभिक अधिसूचना में जहां मात्र 200 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव था, अब उसे बढ़ाकर 920 कर दिया गया है। यह वृद्धि लगभग साढ़े चार गुना अधिक है और प्रतियोगी छात्रों के लिए निश्चित रूप से एक बड़ा राहत भरा और उत्साहजनक कदम माना जा रहा है।
आयोग सूत्रों के अनुसार, इस बार पदों की संख्या में बढ़ोतरी का निर्णय विभिन्न विभागों की नई रिक्तियों और पिछले वर्षों से लंबित पदों को समायोजित करते हुए लिया गया है। इससे राज्य सेवा में युवाओं को अधिक अवसर प्राप्त होंगे। खास बात यह है कि पिछले वर्ष यानी पीसीएस-2024 में भी 220 पदों से शुरुआत हुई थी, जो बाद में बढ़ाकर 947 कर दिए गए थे। दो लगातार वर्षों में यह पद वृद्धि आयोग की पारदर्शी और अवसर-विस्तारक नीति को दर्शाती है।
यूपीपीएससी ने बताया कि पीसीएस-2025 की प्रारंभिक परीक्षा आगामी महीनों में आयोजित की जाएगी। पिछली परीक्षा में लगभग 6.26 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन केवल 2.66 लाख प्रतिभागी ही परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। अब परिणाम जारी करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है और उम्मीद है कि इस सप्ताह प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। आयोग का मानना है कि लगातार बढ़ती रिक्तियाँ और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता राज्य में उच्च प्रशासनिक सेवाओं के प्रति युवाओं का मनोबल बढ़ाएंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि 920 पदों पर भर्ती से प्रतियोगी छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा थोड़ी सहज होगी और चयन की संभावना भी पहले की तुलना में बेहतर होगी। इस निर्णय को युवाओं में रोजगार की संभावनाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
लखनऊ में कोडीन सिरप माफिया पर करारा प्रहार: जौनपुर, सोनभद्र, भदोही, लखीमपुर खीरी, प्रयागराज और बहराइच की 11 दवा फर्मों पर एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर, फेसेडिल कफ सीरप तस्करी के तार असम तक जुड़े
UP News Today 01Dec2025
खबर का विवरण
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कोडीन युक्त सीरप की अवैध बिक्री और भंडारण के मामले में छह जिलों की 11 दवा फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में पाया गया कि ये फर्में एबॉट हेल्थकेयर, लैबोरेट फार्मास्युटिक और थ्री बी हेल्थकेयर की सप्लाई चेन से जुड़ी थीं और दवाओं का सुरक्षित भंडारण न करके केवल बिलिंग के लिए फर्मों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
एफएसडीए आयुक्त रोशन जैकब के निर्देश पर जौनपुर, सोनभद्र, भदोही, लखीमपुर खीरी, प्रयागराज और बहराइच में छापेमारी कर संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बहराइच में बिना नाम की एक अवैध फर्म कोडीन युक्त सीरप की खुलेआम बिक्री करती पकड़ी गई, जबकि कई जगह लाइसेंसधारी दुकानों पर भी रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
गिरोह और तस्करी नेटवर्क
इसी प्रकरण से जुड़े फेसेडिल कफ सीरप के बड़े नेटवर्क की जांच एसटीएफ कर रही है, जिसमें शुभम जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा के साथ तीन अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, तस्करी के तार असम तक जुड़े हैं और एक फर्म वहीं के पते पर पंजीकृत पाई गई है, जिसके जरिए पूर्वांचल की फर्मों तक भारी मात्रा में माल भेजा गया।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने वाराणसी और आसपास के लगभग 10 जिलों को नेटवर्क का केंद्र बनाया और पूर्वांचल की 173 फर्मों तक कफ सीरप की सप्लाई की, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक का काला कारोबार खड़ा किया गया। अलग-अलग नामों और बंद पड़ी फर्मों के लाइसेंस का इस्तेमाल कर लंबे समय तक संदेह से बचने की कोशिश की गई, लेकिन अब कई फर्मों का रिकॉर्ड गायब मिला है और उन पर मामले दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में आज से शुरू बिजली बिल राहत योजना 2025: 100% ब्याज-सर्चार्ज माफी के साथ मूलधन पर 25% छूट, घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक अवसर
UP News Today 01Dec2025
लखनऊ से बड़ी खबर! उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली बिल बकायेदारों के लिए ऐतिहासिक राहत योजना आज 1 दिसंबर 2025 से लागू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू (LMV-1 श्रेणी के 2 किलोवाट तक) और छोटे व्यावसायिक (LMV-2 श्रेणी के 1 किलोवाट तक) उपभोक्ताओं को बकाया बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाना है। पहली बार शत-प्रतिशत ब्याज एवं सर्चार्ज माफी के साथ मूलधन पर भी 25% छूट का प्रावधान किया गया है, जो कभी बिल न चुकाने वाले, लंबे समय से बकायेदारों और बिजली चोरी प्रकरणों में फंसे उपभोक्ताओं को विशेष लाभ देगा।
योजना तीन चरणों में चलेगी। पहले चरण (1-31 दिसंबर 2025) में मूलधन पर 25% छूट, दूसरे चरण (1-31 जनवरी 2026) में 20% तथा तीसरे चरण (1-28 फरवरी 2026) में 15% छूट मिलेगी। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि आम जनता के हित में यह कदम उठाया गया है। पंजीकरण के लिए वेबसाइट, 1912 हेल्पलाइन या निकटतम खंड/उपखंड कार्यालय में जाकर 2000 रुपये जमा कराएं। पंजीकरण पर बकाया बिल स्वचालित रूप से समायोजित हो जाएगा और एकमुश्त या आसान किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। इससे न केवल लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि विभाग की राजस्व वसूली में भी तेजी आएगी। विशेष रूप से अनाधिकृत उपयोग या चोरी के मुकदमों में फंसे उपभोक्ताओं के लिए यह कानूनी निस्तारण का सुनहरा मौका है। योजना पश्चिमांचल सहित सभी 14 जनपदों के 17 लाख से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी।
प्रचार के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। जल्दी पंजीकरण कराएं, अधिक लाभ पाएं!
रेलवे का ऐतिहासिक सुरक्षा कदम: अब हर रेल हादसे के 90 दिन में एक्शन टेकन रिपोर्ट जरूरी, जोनल महाप्रबंधकों पर सख्ती, बालासोर जैसी त्रासदियों से सबक लेते हुए सुधारों की लिखित जवाबदेही तय
UP News Today 01Dec2025
प्रयागराज से महत्वपूर्ण खबर! भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। अब किसी भी रेल दुर्घटना की जांच पूरी होने के 10 दिनों के अंदर जोनल रेलवे को एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) रेलवे बोर्ड को सौंपनी होगी। 17 नवंबर 2025 को कार्यकारी निदेशक (सुरक्षा-सिग्नल एवं दूरसंचार) बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी ने सभी 17 जोनल महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर इसे तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। कोलकाता मेट्रो, डीएफसीसीआईएल और कोंकण रेलवे को भी शामिल किया गया है।
पहले कोई समय सीमा न होने से जांच रिपोर्ट आने के महीनों या वर्षों बाद भी सुधार नहीं होते थे। नतीजा, सिग्नल फेल, ट्रैक रखरखाव लापरवाही और स्टाफ ट्रेनिंग की कमी जैसी समस्याएं बार-बार दुहराई जाती रहीं। बालासोर (ओडिशा) त्रासदी समेत कई हादसों में पुरानी सिफारिशें लागू न होने की बात सामने आई। अब 90 दिनों के अंदर जोन को बताना होगा कि सिग्नल सिस्टम में क्या सुधार, ट्रैक-पेट्रोलिंग शेड्यूल कैसे बदला, कितने कर्मचारियों को रिट्रेनिंग दी गई और कवच जैसे सुरक्षा उपकरण कहां लगाए गए। मुख्य सुरक्षा अधिकारी (पीसीएसओ) हस्ताक्षर करेंगे और महाप्रबंधक मंजूरी देंगे। देरी पर ऊपर तक जवाबदेही तय होगी।
यह कदम रेल दुर्घटनाओं को शून्य स्तर पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 2025 में मिर्जापुर, बिलासपुर, मुजफ्फरपुर समेत 8 बड़े हादसों ने सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। कवच 4.0 प्रणाली 654 किमी ट्रैक पर चालू हो चुकी है, लेकिन मानवीय लापरवाही रोकनी जरूरी। इससे करोड़ों यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और जानमाल की रक्षा मजबूत होगी। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है।
मेरठ सुभारती मेडिकल कालेज में दर्दनाक घटना: एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 21 वर्षीय छात्र गोपेश कृष्णा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा ‘इस शरीर में अच्छा महसूस नहीं’, डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रहा, परिवार जांच कर रहा मोबाइल-लैपटॉप
UP News Today 01Dec2025
मेरठ से छात्र हत्या की दर्दनाक खबर सामने आई है। सुभारती मेडिकल कालेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र 21 वर्षीय गोपेश कृष्णा ने शनिवार को संगम सिटी रोड डिफेंस कंपाउंड स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाला गोपेश मात्र आठ दिन ही पढ़ाई कर पाया था। सुसाइड नोट के दो पन्नों में उसने लिखा कि ‘इस शरीर में अच्छा महसूस नहीं कर रहा, इसलिए शरीर से मुक्ति चाहता हूं।’ परिवार को यह वजह समझ नहीं आ रही।
मूल रूप से मथुरा के कस्बा राया निवासी गोपेश चार भाई-बहनों में तीसरा था। उसके पिता ऊदल सिंह मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में प्रतिसार निरीक्षक हैं। परिवार ने बताया कि गोपेश को एम्स में त्वचा रोग का इलाज कराया गया था और हालत सुधर चुकी थी। कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। फिर भी अचानक आत्महत्या का कदम क्यों उठाया, इसकी पड़ताल के लिए जीजा अरुण चौधरी (मसूरी थाने के सर्विलांस सेल में कार्यरत) गोपेश के मोबाइल, लैपटॉप और व्हाट्सएप चैट्स की जांच कर रहे हैं। दोस्तों से भी बातचीत हो रही है।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह परिवार ने अलीगढ़ ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला मान लिया है, लेकिन परिवार संदेह के चलते खुद जांच जारी रखे हुए है। सुभारती मेडिकल कालेज प्रशासन ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है।Dainik Jagran
यह घटना मेडिकल छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पढ़ाई के दबाव और स्वास्थ्य चिंताओं से युवा प्रभावित हो रहे हैं। परिवार न्याय की उम्मीद में सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रहा है।


