निर्धन रोगियों के दिलों में लगेगा निश्शुल्क पेसमेकर: मेरठ के जसवंत राय अस्पताल में 9-10 फरवरी को 28वां कैंप, 24 साल में 735 हृदयों को मिला नया जीवन
UP News 05Jan2026/sbkinews.in
मेरठ। निर्धन हृदय रोगियों के लिए खुशहाल खबर! साकेत स्थित जसवंत राय स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 9 और 10 फरवरी को 28वां निश्शुल्क पेसमेकर कैंप लगेगा। इस शिविर में 15-20 गरीब मरीजों के दिल में मुफ्त पेसमेकर लगाया जाएगा। रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि पेसमेकर, हॉस्पिटल चार्ज, जांच, डॉक्टर फीस और सभी दवाइयां मुफ्त मिलेंगी। मेडिकल फॉलोअप भी निशुल्क रहेगा।
कैंप की खासियतें और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
कैंप कार्डियो चैरिटी और बोस्टन कार्डियक फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हो रहा है। मरीजों को अपनी सभी मेडिकल रिपोर्ट्स लेकर आना होगा। डॉक्टर रिपोर्ट जांचकर तय करेंगे कि पेसमेकर जरूरी है या नहीं। कम नब्ज वाले मरीजों के लिए यह वरदान साबित होता है। हृदय रुकने पर पेसमेकर तुरंत काम शुरू कर देता है। प्रक्रिया में मात्र 30 मिनट लगते हैं। सिंगल चैंबर से डबल चैंबर पेसमेकर तक का खर्च सामान्यत: डेढ़ से चार लाख रुपये होता है, जो इस कैंप में शून्य रहेगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट www.bostoncardiacfoundation.org पर ऑनलाइन अप्लाई करें या निम्न नंबरों पर संपर्क करें: 0121-2651700, 2663888, 991775886, 9719362369, 8532973137।
24 साल की अनमोल सेवा का सफर
डॉ. राजीव अग्रवाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि 24 साल पहले डॉ. एस. कुमार ने इस नेक कार्य की नींव रखी। तब से बोस्टन कार्डियक फाउंडेशन के संरक्षक डॉ. सलिल मिड्ढा अपनी अमेरिकी टीम के साथ हर साल आते हैं। अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 735 निर्धन मरीजों को निश्शुल्क पेसमेकर लगाकर नया जीवन दिया गया। जसवंत राय चूड़ामणि ट्रस्ट के चेयरमैन अशोक गुप्ता, सुशीला जसवंत राय मेटरनिटी हॉस्पिटल चेयरमैन राजीव गुप्ता सहित कई दानवीरों का सहयोग सराहनीय है। प्रेसवार्ता में हॉस्पिटल निदेशक डॉ. एससी अग्रवाल, शैलेंद्र अग्रवाल, अशोक राजवंशी मौजूद रहे।
फायदे और अपील
पेसमेकर लगने के बाद मरीज सामान्य जीवन जी पाते हैं। हृदय रोग से जूझ रहे गरीबों से अपील है कि तुरंत रजिस्ट्रेशन कराएं। यह कैंप न केवल जीवन बचाएगा, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाएगा। जल्दी करें, सीमित सीटें!
संभल में मतदाता सूची विवाद: घर बैठे लोग SIR में अनुपस्थित, 20% गणना प्रपत्र न भरे जाने पर बीएलओ की क्रॉस चेकिंग शुरू, 40% तक नाम कटने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुलिस से सत्यापन कराया
UP News 05Jan2026
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में बड़े अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। घरों में मौजूद लोग SIR गणना प्रपत्र में अनुपस्थित दिखाए जा रहे हैं। गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के सोनू, कविता, अमर पाल, रुबी और प्रेमवती जैसे मतदाताओं को घर पर रहने के बावजूद अनुपस्थित दर्ज किया गया। जिले भर में 15.70 लाख मतदाताओं में से 3.19 लाख (20%) गणना प्रपत्र ही नहीं भरे गए।
बीएलओ लापरवाही और क्रॉस चेकिंग अभियान
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैसिया ने 20% से अधिक प्रपत्र न भरने वाले बूथों पर सख्ती बरती। संभल, असमोली और चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के 25 बूथों पर 40% तक नाम कटने की शिकायतें मिलीं। डॉ. पैसिया ने एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से सहयोग मांगा। इसके बाद बीट सिपाहियों को घर-घर सत्यापन का जिम्मा सौंपा गया। क्रॉस चेकिंग में बीएलओ की लापरवाही सामने आ रही है। कई बीएलओ ने मतदाताओं से संपर्क ही नहीं किया। चंदौसी के मदांरा बूथ पर पुलिसकर्मी बीएलओ के साथ सत्यापन करते नजर आए।
SIR प्रक्रिया और आंकड़े
20 दिसंबर तक 12.51.284 गणना प्रपत्र जमा हुए। छह जनवरी को अंतिम सूची प्रकाशित होगी। सात जनवरी से दावे-आपत्ति निस्तारण शुरू। जिले में 80,040 मतदाता अनुपस्थित, 1,23,110 विस्थापित, 58,107 मृतक, 33,437 डुप्लीकेट और 23,742 अन्य श्रेणी में दर्ज। कुल 3.19.022 नाम कटेंगे। कुछ मतदाताओं ने प्रपत्र न मिलने की शिकायत की।
प्रशासन की कार्रवाई
डॉ. पैसिया ने कहा, “SIR में मतदाता सूची शुद्धता सर्वोपरि है। पुलिस माध्यम से बीएलओ कार्य की क्रॉस चेकिंग हो रही। गलतियां सुधारकर संशोधित सूची जारी होगी।” रिपोर्ट एसपी के जरिए डीएम तक पहुंचेगी। राभल-असमोली के बूथों पर विशेष फोकस। पारदर्शिता सुनिश्चित करने को सतर्कता बरती जा रही।Dainik jagran
यह विवाद लोकसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। निर्वाचन आयोग ने शुद्धता पर जोर दिया है। प्रभावित मतदाता दावे दायर करें।
यूपी मेडिकल कॉलेजों में 1200 चिकित्सा शिक्षकों की भर्ती: सहायक आचार्य से आचार्य तक बड़े पदों पर वैकेंसी, UPPSC को भेजा अधियाचन, 1230 नर्सिंग अधिकारियों को भी मिलेगा नियुक्ति पत्र
UP News 05Jan2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक संवर्ग के 1,200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। सहायक आचार्य के 1,112, आचार्य के 44 और प्रवक्ता फार्मेसी के 11 पदों पर वैकेंसी निकलेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को अधियाचन भेज दिया है। विज्ञापन जल्द जारी होगा।
भर्ती का दायरा और प्रक्रिया
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक समस्या रही है। इस भर्ती से MBBS, MD/MS और फार्मेसी कोर्सेज की पढ़ाई सुधरेगी। सहायक आचार्य (Assistant Professor) के 1,112 पद सबसे अधिक हैं, जो युवा चिकित्सकों के लिए सुनहरा अवसर। आचार्य (Professor) के 44 पद वरिष्ठ विशेषज्ञों को आमंत्रित करेंगे। फार्मेसी प्रवक्ता के 11 पद दवा विज्ञान पढ़ाने वालों के लिए। UPPSC परीक्षा, इंटरव्यू और मेरिट के आधार पर चयन करेगा। योग्यता में PG डिग्री, अनुभव और MCI/NMC मानदंड अनिवार्य।
नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति
इसके साथ ही आयोग से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला/पुरुष) को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। नर्सिंग स्टाफ की कमी से अस्पताल सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। यह भर्ती ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करेगी। योग्य उम्मीदवारों को तुरंत जॉइनिंग मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव
यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वास्थ्य क्रांति का हिस्सा है। प्रदेश के 57 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी बढ़ने से मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। PMEGP और Ayushman भारत से जुड़कर स्वास्थ्य ढांचा सशक्त होगा। युवा डॉक्टरों ने स्वागत किया। बेरोजगार चिकित्सकों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। विभाग ने समयबद्ध भर्ती का भरोसा दिलाया।
उम्मीदवार UPPSC वेबसाइट पर नजर रखें। अधियाचन स्वीकृति के बाद आवेदन शुरू। यह भर्ती उत्तर प्रदेश को मेडिकल हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
बिजनौर में फर्जी स्वास्थ्य बीमा घोटाला: बीमारों की मौत के बाद 32 लाख ठगे, अमरोहा दंपती गिरफ्तार, गांव-गांव घूम गिरोह का खुलासा, पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी
UP News 05Jan2026
बिजनौर। गंभीर बीमारों का फर्जी स्वास्थ्य बीमा कराकर उनकी मौत के बाद करोड़ों ठगने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। अमरोहा के मंडी थाना क्षेत्र के गांव पेली निवासी नवाब अली व शरद त्यागी ने शादीपुर गांव के निक्की सावन, महिपाल, आशा तारावती, एक अज्ञात वकील सहित अमरोहा के दंपती के खिलाफ 32 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। रविवार को पुलिस ने अमरोहा दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने पुलिस लाइन प्रेसवार्ता में गिरोह का modus operandi खोला।
गिरोह का कारनामा
गिरोह सदस्य गांव-गांव घूमकर कैंसर, टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझते मरीज ढूंढते। बिना बताए उनके नाम पर ऑनलाइन स्वास्थ्य बीमा करा लेते। मौत के बाद नामिनी के दस्तावेज चुराकर या बनाकर क्लेम राशि उनके खाते में ट्रांसफर करा लेते। चांदपुर के बाडीवाला गांव के फूलवती व मोनू, शादीपुर के निक्की सावन व महिपाल गिरोह के मुख्य सूत्रधार। फर्जी दस्तावेज, बीमा पॉलिसी और बैंक खाते जब्त। पीड़ितों को धमकाकर चुप रहने पर मजबूर किया जाता।
पुलिस कार्रवाई और तलाश
शनिवार को शिकायत मिलते ही छापेमारी शुरू। अमरोहा दंपती को पकड़कर पूछताछ में कई राज खुल गए। अन्य आरोपियों की तलाश तेज। एएसपी ने चेतावनी दी कि बीमा घोटाले में लिप्त सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश।
मौसम अपडेट: सोमवार को कोहरा-बादल, दोपहर में धूप
नगीना मौसम वेधशाला के सतीश कुमार के अनुसार सोमवार को कोहरा और बादल छाए रहेंगे। बरसात नहीं। दोपहर में मौसम खुलेगा। 4 जनवरी का अपडेट: मेरठ न्यूनतम 4.4° अधिकतम 17.0° AQI 253; दिल्ली 7.4°-17.3° AQI 307; नैनीताल 4.1°-15.3° AQI 128।
यह घोटाला स्वास्थ्य बीमा जागरूकता की जरूरत बताता है। पीड़ित आगे आएं।
बिजनौर मेडिकल कॉलेज ओपीडी घोटाला: फर्जी डॉक्टर ने टीबी विशेषज्ञ की मोहर से दवाइयां लिखीं, सहायक प्रोफेसर डॉ. तुषार सिंह निलंबित, DM-CMO जांच में संविदा समाप्ति की तलवार
UP News 05Jan2026
बिजनौर। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी कक्ष में फर्जी चिकित्सक के पकड़े जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह कक्ष संख्या 25 में टीबी व छाती रोग विशेषज्ञ की मोहर से एक युवक गंभीर मरीजों को दवाइयां लिख रहा था। फार्मेसी स्टाफ ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घपले के बाद सहायक प्रोफेसर डॉ. तुषार सिंह को निलंबित कर दिया गया। जांच पूरी होने पर उनकी संविदा समाप्त हो सकती है।
घटना का खुलासा और हंगामा
शुक्रवार को ओपीडी में सहायक आचार्य डॉ. तुषार सिंह की मोहर लगाकर युवक मरीजों को प्रिस्क्रिप्शन दे रहा था। डॉ. तुषार उस समय मौके पर नहीं थे। फार्मेसी स्टाफ ने वरिष्ठ चिकित्सक को सूचना दी। डॉक्टर ने डॉ. तुषार को फोन किया, लेकिन उन्होंने युवक के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। हंगामे के बीच फर्जी डॉक्टर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वह डॉ. तुषार का कंपाउंडर था। वीडियो वायरल होने से मामला गरमाया।
तत्काल कार्रवाई और जांच
डीएम जसजीत कौर ने एडीएम प्रशासन व सीएमओ को जांच सौंपी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. उर्मिला कार्या ने तीन चिकित्सकों की टीम गठित की। प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की अनुशासनहीनता सामने आई। प्राचार्य ने कहा, “ओपीडी में फर्जी व्यक्ति का बैठना गंभीर अपराध है। मेडिकल कॉलेज की छवि धूमिल हुई। डॉ. तुषार सिंह को निलंबित किया गया। जांच रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई होगी।”
मरीजों पर खतरा और सवाल
यह घटना मरीजों की जान जोखिम में डालने वाली है। फर्जी प्रिस्क्रिप्शन से गलत दवाइयों का खतरा बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने कंपाउंडर की तलाश शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती का ऐलान किया। अन्य कॉलेजों में भी ऑडिट के निर्देश।
मरीजों से अपील है कि संदिग्ध प्रिस्क्रिप्शन पर सावधानी बरतें। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जांच में सख्ती जरूरी।
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