हरिद्वार में साइबर ठगी: अंजान नंबर से कॉल, लगातार आए OTP, खाते से आठ लाख रुपये साफ
Uttarakhand News 09Jan2026/sbkinews.in
हरिद्वार जिले के पथरी क्षेत्र में रहने वाले एक युवक के बैंक खाते से साइबर ठगों ने करीब आठ लाख रुपये उड़ा लिए। युवक के मोबाइल पर पहले अंजान नंबर से कॉल आई, उसके कुछ देर बाद लगातार कई OTP (वन टाइम पासवर्ड) आने लगे। थोड़ी ही देर में उसके बैंक खाते से इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित के अनुसार, कॉल करने वाले ने खुद को बैंक या सेवा प्रदाता से जुड़ा बताते हुए खाते के सुरक्षित रखने का झांसा दिया। इसी दौरान मोबाइल पर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के OTP आते रहे। शक होने पर जब युवक ने अपना बैंक खाता चेक किया तो करीब आठ लाख रुपये की निकासी देखकर उसके होश उड़ गए। लेनदेन इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल मोड से किए गए, जिससे रकम तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गई।
पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज करवाने की कोशिश की। शिकायत पर साइबर सेल ने प्राथमिक जांच की और ट्रांजेक्शन डिटेल्स, लाभार्थी खातों और मोबाइल नंबरों की रिपोर्ट तैयार की। इसी रिपोर्ट के आधार पर पथरी थाने में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और बैंक से संबंधित तकनीकी जानकारी मांगी गई है।
पुलिस और साइबर सेल लोगों को आगाह कर रहे हैं कि किसी भी अंजान नंबर से आए कॉल पर OTP, डेबिट कार्ड डिटेल, नेट बैंकिंग पासवर्ड या UPI PIN साझा न करें। OTP आने का मतलब होता है कि आपके नाम से कोई ऑनलाइन लेनदेन या लॉगिन प्रयास हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक बार ठगों के हाथ OTP और अकाउंट डिटेल लग जाएं तो वे मिनटों में पूरा बैलेंस साफ कर सकते हैं।
देहरादून: बंद घरों को निशाना बनाने वाले जेकेएम के दो चोर गिरफ्तार, 18 लाख के गहने बरामद
Uttarakhand News 09Jan2026/sbkinews.in
देहरादून पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के दो कुख्यात चोरों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। इनके कब्जे से 18 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपितों में एक पौड़ी गढ़वाल का हिस्ट्रीशीटर है, जबकि दोनों बढ़ई का काम करके घरों में घुसपैठ करते थे।
ये गिरोह विभिन्न राज्यों में लंबे समय से सक्रिय था। अपराधियों ने देहरादून, हरिद्वार और आसपास के इलाकों में बंद घरों की रेकी की। मकान मालिकों के बाहर जाने पर ताले तोड़कर लाखों की चोरी की। बढ़ई बनकर वे घरों के अंदर घुस जाते, ताकि शक न हो। कई महीनों से 20 से अधिक चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।
देहरादून एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित हुई। हालिया चोरी के सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हुई। एक फुटेज में हिस्ट्रीशीटर को गहने लूटते कैद किया गया। मुखबिर की सूचना पर दोनों को राजपुर रोड के पास दबोच लिया गया। पूछताछ में चोरी के माल की जानकारी मिली।
पकड़े गए गहनों में सोने की चेन, अंगूठियां, कंगन और चांदी के आभूषण शामिल हैं। गैंग दिल्ली, हरियाणा, यूपी के शहरों में भी सक्रिय था। हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ 15 से अधिक पुराने मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य चोरी से जुड़े सबूत जुटा रही।
देहरादून घंटाघर: आधी रात बुलडोजर से ढहाई अवैध मजार, सरकारी जमीन मुक्त
Uttarakhand News 09Jan2026/sbkinews.in
देहरादून के व्यस्त घंटाघर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार को जिला प्रशासन और एमडीडीए ने देर रात ध्वस्त कर दिया। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर कार्रवाई की गई। घंटाघर के पास संकरी सड़कों पर अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम और सुरक्षा खतरा बढ़ रहा था।
कार्रवाई मध्य रात्रि में इसलिए शुरू हुई ताकि दिन में भीड़भाड़ न हो। एमडीडीए के अधिकारियों ने बताया कि मजार पर कई बार नोटिस चिपकाए गए, लेकिन कब्जेदारों ने अनदेखी की। सरकारी भूमि रिकॉर्ड में यह साफ था कि जगह एमडीडीए के नियंत्रण में है। बुलडोजर से मजार, दीवारें और आसपास का कब्जा हटाया गया। मलबा हटाने का काम सुबह शुरू हो गया।
स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना था कि अवैध निर्माण से पार्किंग प्रभावित हो रही थी। कुछ समूहों ने धार्मिक भावनाओं का हवाला देकर विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने साफ कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड में बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ सख्त संदेश देती है।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि राज्य भर में इसी तरह सरकारी जमीन पर कब्जे हटाए जाएंगे। घंटाघर क्षेत्र अब ट्रैफिक सुगमता के लिए विकसित होगा। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान शांति बनाए रखी। यह कदम उत्तराखंड में बुलडोजर नीति को मजबूत करता है।
गौला नदी में ई-रवन्ना खराबी से 5000+ डंपर फंसे, ड्राइवरों ने सर्द रात बिताई
Uttarakhand News 09Jan2026/sbkinews.in
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गौला नदी के खनन क्षेत्र में ई-रवन्ना प्रणाली की लगातार खराबी से भारी हाहाकार मच गया। गुरुवार को तकनीकी खराबी के कारण 5000 से अधिक डंपर और ट्रक नदी में ही अटक गए। ड्राइवरों को कड़ाके की सर्दी में खुली नदी किनारे रात गुजारनी पड़ी, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ीं।
ई-रवन्ना ऐप पर सर्वर डाउन और नेटवर्क समस्या से चालान जेनरेट नहीं हो पाए। खनन के लिए अनिवार्य इस सिस्टम के ठप होने से बालू-गिट्टी लोड ट्रक नदी से बाहर नहीं निकल सके। डंपर चालक रातभर ठंड में सड़कों पर लाइनों में खड़े रहे। कई जगह आग जलाकर सर्दी से बचने की कोशिश की। सुबह तक स्थिति सुधरी, लेकिन नुकसान अनुमानित 2-3 करोड़।
खनन कारोबारियों और डंपर एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि बार-बार खराबी से रोजाना राजस्व हानि हो रही। वन निगम ने जिला खान अधिकारी को शिकायत भेजी और तत्काल समाधान की मांग की। अधिकारियों ने सर्वर अपग्रेड और बैकअप सिस्टम का वादा किया, लेकिन चालकों को तत्काल राहत नहीं मिली।
यह घटना उत्तराखंड के खनन क्षेत्रों में डिजिटल सिस्टम की कमजोरी उजागर करती है। गौला नदी में सालाना करोड़ों का खनन होता है, लेकिन ई-रवन्ना जैसी समस्याएं कारोबार ठप कर देती हैं। विशेषज्ञों ने ऑफलाइन बैकअप या वैकल्पिक ऐप की सलाह दी। ड्राइवरों ने चेतावनी दी कि समस्या न सुलझी तो आंदोलन होगा।


