दिल्ली में IGNOU के पास मेट्रो निर्माण स्थल पर धंसी सड़क, ईंटों से भरा ट्रक गड्ढे में गिरा
Delhi-NCR News 10Jan2026/sbkinews.in
नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: दक्षिण दिल्ली के नेब सराय में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) के पास मेट्रो निर्माण स्थल पर सड़क धंस गई। एक ईंटों से लदा ट्रक गड्ढे में धंस गया, लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। इस घटना से इलाके में यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया।
सुबह 10 बजे हुई भयावह घटना
आज सुबह 10 बजे के करीब नेब सराय-IGNOU रोड पर मेट्रो निर्माण के कारण सड़क अचानक धंस गई। ईंटों से भरा एक भारी ट्रक सड़क के धंसने से करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में जा गिरा। ट्रक चालक संजीव ने बताया, “अचानक सड़क हिलने लगी और ट्रक नीचे धंस गया। बाल-बाल बच गया।”
ईंटों का ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क पर ईंटें बिखर गईं, जिससे आने-जाने वाले वाहन जाम में फंस गए। मयूर विहार से साकेत जा रहे वाहनों का मार्ग अवरुद्ध हो गया।
लापरवाही पर स्थानीयों का गुस्सा
IGNOU कॉलोनी के निवासियों ने मेट्रो निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। “रोज सड़क पर गड्ढे बन रहे हैं, कोई ध्यान नहीं दे रहा। कब तक ये खतरा बना रहेगा?” एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताई। छात्रों ने बताया कि निर्माण कार्य के कारण उनका आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
DMRC का पक्ष
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सफाई देते हुए कहा कि सड़क धंसने का कारण दिल्ली जल बोर्ड की पुरानी पाइपलाइन का लीक होना है। DMRC अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो के लिए खुदाई के दौरान पानी की पाइपलाइन फटी, जिससे मिट्टी कमजोर हो गई और सड़क धंस गई।
DMRC ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जेसीबी मशीनों से ट्रक को निकाला गया और गड्ढे को मिट्टी से भरा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि 24 घंटे के अंदर सड़क सामान्य हो जाएगी।
यातायात जाम और डायवर्जन
दुर्घटना के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नेब सराय चौराहा से IGNOU रोड पर डायवर्जन लागू कर दिया। मयूर विहार, साकेत और पुष्प विहार जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। दोपहर तक हालात सामान्य हो गए।
दिल्ली के तुर्कमान गेट हिंसा के बाद जुमे की नमाज पर कड़ा पहरा, छह लेयर सुरक्षा के बीच हुई जुमे की नमाज
Delhi-NCR News 10Jan2026/sbkinews.in
नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जुमे की नमाज के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की। पुरानी दिल्ली के संवेदनशील इलाके को छह लेयर सुरक्षा घेराबंदी में लाया गया। हजारों पुलिसकर्मी, अर्द्धसैनिक बल, RAPID फोर्स और CRPF की टुकड़ियां तैनात रहीं।
छह लेयर सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम
पहले लेयर में इलाके के मुख्य चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। दूसरे और तीसरे लेयर में पैरा मिलिट्री फोर्स ने नमाजियों की गहन जांच की। चौथे लेयर पर ड्रोन से हवाई निगरानी और पांचवें लेयर में बॉडी वर्न कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की गई। सबसे अंदरूनी छठे लेयर में दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती रही।
कम संख्या में नमाज अदा करने वाले
हिंसा के डर से दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए सामान्य से काफी कम लोग पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर कई मुस्लिम परिवार घरों में ही नमाज अदा करने को मजबूर हुए। मस्जिद के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात देखकर श्रद्धालुओं में भय का माहौल रहा।
अफवाहें रोकने के लिए खुफिया तंत्र सतर्क
दिल्ली पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर रहीं। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर नजर रखी गई। व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनल्स पर भ्रामक संदेशों की निगरानी के लिए विशेष साइबर सेल टीम तैनात रही।
तीसरे दिन भी बंद रहीं दुकानें
तुर्कमान गेट और आसपास के चांदनी महल, लाहौरी गेट क्षेत्र की दुकानें लगातार तीसरे दिन बंद रहीं। व्यापारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रतिष्ठान बंद रखे। इससे इलाके में सन्नाटा पसर गया। खाने-पीने की दुकानों पर भी पुलिस निगरानी रही।
पुलिस का बयान
DCP सेंट्रल ने बताया, “सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। नमाज शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।” पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड, कोहरे और पॉल्यूशन का ट्रिपल अटैक; कई इलाकों में AQI 'बहुत खराब'
Delhi-NCR News 10Jan2026/sbkinews.in
नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और जहरीली हवा का घातक ट्रिपल हमला जारी रहा। शुक्रवार रात हुई हल्की बारिश के बाद न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। घने कोहरे ने विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित कर दी, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
AQI 300 के पार, ‘बहुत खराब’ स्तर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का औसत AQI 305 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वजीरपुर (378), आनंद विहार (365), रोहिणी (362) और नरेला (355) जैसे इलाकों में AQI गंभीर स्तर को छू गया। शनिवार सुबह 10 बजे तक भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। PM2.5 का स्तर 200 µg/m³ से अधिक दर्ज किया गया।
कोहरे ने मचाया हाहाकार
घने कोहरे के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 47 उड़ानों की रद्दीकरण और 23 में देरी हुई। दिल्ली-एनसीआर के सभी प्रमुख हाईवे पर धीमी गति से चल रहा ट्रैफिक। कई ट्रेनें 2-3 घंटे लेट रहीं। विजिबिलिटी इतनी कम थी कि वाहन चालकों को वाईपर और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ रहा था।
शीतलहर का यलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है। न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री और अधिकतम 15-16 डिग्री रहने का अनुमान है। पालम (3.8°C), रidges (4.2°C) और आयनगर (4.5°C) में सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और श्वास रोगियों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी। N95 मास्क पहनने और धूप में रहने की हिदायत दी गई। अस्पतालों में सांस संबंधी बीमारियों के केसों में 25% वृद्धि दर्ज की गई।
सरकारी उपाय अपर्याप्त
GRAP-3 के तहत निर्माण कार्य बंद हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मौलिक कारणों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। दिल्ली सरकार ने 200 अतिरिक्त एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं, लेकिन हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार ही हुआ है।
नागरिकों ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की सुस्ती पर निशाना साधा। मौसम विभाग ने रविवार को भी कोहरे और ठंड की चेतावनी जारी की है।
वजीरपुर फ्लाईओवर पर हादसों का सिलसिला जारी, PWD को रेलिंग बढ़ाने का निर्देश
Delhi-NCR News 10Jan2026/sbkinews.in
नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: दिल्ली के वजीरपुर फ्लाईओवर पर लगातार हो रहे हादसों ने ट्रैफिक पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक हफ्ते में दो गंभीर दुर्घटनाओं के बाद पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र लिखकर फ्लाईओवर की रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, फ्लाईओवर का तेज मोड़ और कम ऊंचाई वाली रेलिंग हादसों का मुख्य कारण बनी हुई है। तेज रफ्तार वाहन रेलिंग तोड़कर नीचे गिर रहे हैं, जिससे जानमाल को गहरा खतरा पैदा हो गया है। बस डिपो के सैकड़ों कर्मचारी भी इस खतरे का शिकार होने के डर से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पिछले हफ्ते की दो भयावह घटनाएं
पहली घटना में एक तेज रफ्तार ट्रक फ्लाईओवर से नीचे बस डिपो में जा गिरा, जिसमें चालक बाल-बाल बचा। दूसरी घटना में एक कार रेलिंग तोड़कर 30 फुट नीचे गिरी। सौभाग्य से दोनों ही हादसों में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन वाहनों को भारी क्षति पहुंची।
ट्रैफिक पुलिस ने PWD को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फ्लाईओवर की रेलिंग की ऊंचाई कम से कम 1.5 मीटर बढ़ाई जाए। साथ ही तेज मोड़ पर स्पीड ब्रेकर लगाने और चेतावनी संकेतक स्थापित करने की भी मांग की गई है।
बायोमेट्रिक हाजिरी पर DU के शिक्षकों में आक्रोश, वेतन रोकने की चेतावनी से बढ़ा विवाद
Delhi-NCR News 10Jan2026/sbkinews.in
नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) और जनवरी 2026 से वेतन रोकने की चेतावनी के खिलाफ शिक्षकों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (दूटा) ने इसे शिक्षकों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
शिक्षकों की एकजुट विरोध की लहर
दूटा कार्यकारी की बैठक में 95% शिक्षकों ने बायोमेट्रिक हाजिरी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उपस्थिति को वेतन के साथ जोड़ना अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। “शिक्षण एक पेशेवर कार्य है, न कि कारखाने का रूटीन जॉब। बायोमेट्रिक मशीन के आगे झुकना हमारी स्वायत्तता का अपमान है,” दूटा अध्यक्ष ने कहा।
तीन प्रमुख मांगें
दूटा ने तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं:
AEBAS अधिसूचना तत्काल वापस ली जाए
शिक्षकों का वेतन किसी भी हाल में प्रभावित न हो
सभी सेवा संबंधी निर्णय वैधानिक निकायों (एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल) में चर्चा के बाद ही लिए जाएं
प्रशासन पर भारी दबाव
DU प्रशासन ने 6 जनवरी को जारी अधिसूचना में कहा था कि AEBAS अनुपालन न करने वाले शिक्षकों का जनवरी 2026 से वेतन रोक दिया जाएगा। इसके खिलाफ शिक्षकों ने काले बिल्ले लगाने और सामूहिक अवज्ञा का ऐलान किया है। कई कॉलेजों में शिक्षकों ने बायोमेट्रिक मशीनों पर काले कपड़े डाल दिए।
शिक्षकों के तर्क
शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय शिक्षा समयबद्ध उपस्थिति का स्थान नहीं है। “हम छात्रों के लिए उपलब्ध रहते हैं – कक्षाएं लेते हैं, शोध मार्गदर्शन करते हैं, प्रश्नपत्र जांचते हैं। ये कार्य 9-5 की नौकरी के दायरे में नहीं आते,” एक प्रोफेसर ने बताया।
DU प्रशासन की चुप्पी
DU रजिस्ट्रार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में वेतन विवाद से प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। UGC गाइडलाइंस के अनुसार बायोमेट्रिक हाजिरी वैकल्पिक है, बाध्यकारी नहीं।
आगामी आंदोलन की तैयारी
दूटा ने 15 जनवरी को काला दिवस मनाने और VC आवास का घेराव करने का ऐलान किया। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि वेतन रोकने की कोशिश की गई तो सामूहिक इस्तीफे तक का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।


