मकर संक्रांति: ऋषिकेश गंगा घाटों पर भक्तों का सैलाब, आस्था की डुबकी
Uttarakhand News 15Jan2026/sbkinews.in
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा के तटों पर भक्तों का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी घाट, हर की पैड़ी और अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। भगवान सूर्य के उत्तरायण होने के शुभ अवसर पर दान-पुण्य का दौर चला।
गढ़वाल क्षेत्र से देव डोलियां सजकर गंगा स्नान को पहुंचीं। महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर पारंपरिक गीत गाए। त्रिवेणी संगम पर विशेष पूजा-अर्चना हुई। घाटों पर भगवा और पीले रंग का समंदर सा उमड़ पड़ा। सूर्य को अर्घ्य देकर नये वर्ष की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। ड्रोन सर्विलांस, CCTV और जल पुलिस तैनात रही। घाटों पर लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गईं। पार्किंग व्यवस्था और डायवर्जन से यातायात सुचारू रहा। घाटों पर साफ-सफाई के विशेष निर्देश दिए गए।
मकर संक्रांति ने शुभ कार्यों का शुभारंभ किया। विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत हुई। पर्यटकों ने भी आस्था में भाग लिया। यह पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है।
यूपी-उत्तराखंड फोरलेन NH-334A का अलाइनमेंट फाइनल, हरिद्वार को जाम से मिलेगी राहत
Uttarakhand News 15Jan2026/sbkinews.in
केंद्र सरकार ने हरिद्वार-पुरकाजी (NH-334A) मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित करने के प्रस्तावित अलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी दे दी। लगभग 60 किमी लंबे इस फोरलेन से हरिद्वार शहर में यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार होगा। कुंभ और अर्धकुंभ के दौरान लगने वाले भयंकर जाम से स्थायी निजात मिलेगी।
यह परियोजना यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी को उत्तराखंड के हरिद्वार से जोड़ेगी। संकरी सड़कें, दुर्घटना प्रवण मोड़ और पैदल तीर्थयात्रियों के कारण पहले हादसे आम थे। फोरलेन बनने से दिल्ली-हरिद्वार-NCR यात्रा सहज होगी। लक्सर शहर के अंदर से गुजरने वाला मार्ग जाम मुक्ति देगा।
NHAI ने अलाइनमेंट फाइनल होने के बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण की तैयारी तेज कर दी। हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को लाभ। आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समयबद्ध निर्माण का निर्देश दिया।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने स्वागत किया। चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्रेशर कम होगा। सुरक्षा दीवारें, अंडरपास और सर्विस लेन शामिल। यह उत्तर भारत के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में शुमार होगा।
ड्राइविंग लाइसेंस में क्रांति: कमर्शियल वाहनों के लिए अलग लाइसेंस, 4 साल अनुभव अनिवार्य
Uttarakhand News 15Jan2026/sbkinews.in
केंद्र सरकार व्यावसायिक वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। अब कमर्शियल वाहनों (ट्रक, बस, टैंकर) के लिए अलग श्रेणी के लाइसेंस जारी होंगे। भारी वाहन लाइसेंस पाने के लिए न्यूनतम 4 साल का अनुभव अनिवार्य होगा। यह कदम अनुभवहीन चालकों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में संशोधन प्रस्तावित है। पहले लाइट मोटर व्हीकल (LMV) लाइसेंस वाले चालक सीधे भारी वाहन चला सकते थे, जिससे हादसे बढ़े। अब सख्त ग्रेडेड सिस्टम लागू होगा।
प्रोसेस इस प्रकार होगा:
LMV लाइसेंस (कार, जीप) – सामान्य प्रक्रिया।
मध्यम वाहन (2 साल अनुभव के बाद)।
भारी वाहन (LMV + 4 साल कुल अनुभव)।
ट्रेनिंग, सिमुलेटर टेस्ट और रोड सेफ्टी कोर्स अनिवार्य। उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द, भारी जुर्माना। NHAI डेटा बताता है कि 60% ट्रक हादसे अनट्रेंड चालकों से होते हैं।
राज्य परिवहन विभागों को नोटिफिकेशन जारी होगा। ड्राइविंग स्कूलों का पुनर्गठन होगा। डिजिटल लाइसेंस में वाहन श्रेणी स्पष्ट होगी। यह बदलाव सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगा।
नया प्रोसेस
| चरण | वाहन प्रकार | अनुभव |
|---|---|---|
| 1 | LMV (कार) | न्यूनतम |
| 2 | मध्यम | 2 वर्ष |
| 3 | भारी (ट्रक/बस) | 4 वर्ष |
बेरीनाग में कार खाई में गिरी, देवरानी-जेठानी की दर्दनाक मौत
Uttarakhand News 15Jan2026/sbkinews.in
पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र में बुधवार शाम राम मंदिर-चाकबोरा मोटर मार्ग पर भयानक सड़क हादसा हुआ। एक ऑल्टो कार (UK 0A AA 5128) अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में खाई में समा गई। हादसे में दो महिलाओं हीरा देवी और उमा देवी (देवरानी-जेठानी) की मौके पर ही मौत हो गई।
कार चालक गोकुल कुमार आगरी (28, पुत्र मदन राम, बोराआगर निवासी) गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही बेरीनाग कोतवाल नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस और 112 हाईवे पेट्रोलिंग टीम पहुंची। घायल चालक को सड़क तक लाकर प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया।
दोनों मृतक महिलाएं विधवा बताई जा रही हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार या जानवर बचाने का प्रयास कारण बताया गया। खाई की गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई हुई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पिथौरागढ़ के पहाड़ी मार्गों पर सड़क हादसे आम हैं। परिवार में मातम पसर गया। स्थानीय लोगों ने खराब सड़क और रेलिंग की कमी पर निशाना साधा। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए।


