दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर कैब-बाइक टैक्सी सेवा शुरू, लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत
Delhi News 15Jan2026/sbkinews.in
दिल्ली मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने सहकार टैक्सी कोआपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ करार किया है। इससे मेट्रो स्टेशनों से घर या ऑफिस तक अंतिम मील कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।
प्रथम चरण में NCR के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर बुकिंग सुविधा शुरू होगी। बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और AC कैब सेवाएं उपलब्ध होंगी। STCL का ‘भारत टैक्सी’ ऐप DMRC के ‘सारथी’ ऐप से इंटीग्रेट होगा। एक ही ऐप पर मेट्रो टिकट के साथ कैब बुकिंग संभव होगी।
DMRC MD डॉ. वी.के. कंसल ने बताया कि इससे मेट्रो उपयोग बढ़ेगा। राजीव चौक, कश्मीरी गेट, राजेंद्र प्लेस जैसे व्यस्त स्टेशनों पर प्राथमिकता। पारदर्शी किराया, GPS ट्रैकिंग और सुरक्षित चालक सुनिश्चित। ई-रिक्शा और साइकिल रिक्शा भी शामिल।
यह कदम दिल्ली सरकार की लास्ट माइल कनेक्टिविटी नीति का हिस्सा है। पहले 3330 ई-बसों की घोषणा हुई थी। STCL कोआपरेटिव मॉडल से चालकों को लाभ, कमीशन कम। यात्री रेटिंग सिस्टम से गुणवत्ता बनी रहेगी।
डीयू दयाल सिंह कॉलेज नाम विवाद: फैकल्टी ने किया कड़ा विरोध
Delhi News 15Jan2026/sbkinews.in
दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह (ईवनिंग) कॉलेज का नाम ‘बंदा सिंह बहादुर कॉलेज’ रखने के प्रस्ताव पर विवाद तेज हो गया। कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने परामर्श की कमी और 1978 की ट्रांसफर डीड के उल्लंघन का हवाला देकर कड़ा विरोध दर्ज किया।
प्रस्ताव 26 दिसंबर को कुलपति योगेश सिंह के वीर बाल दिवस भाषण से उपजा। उन्होंने कहा कि दो कॉलेजों के एक ही नाम से भ्रम होता है। 2017 में भी ‘वंदे मातरम कॉलेज’ नाम का प्रस्ताव विपक्ष के कारण वापस लिया गया था। स्टाफ का तर्क है कि सरदार दयाल सिंह मजीठिया की विरासत को मिटाना अनुचित है।
एसोसिएशन अध्यक्ष मिथिलेश सिंह ने चेतावनी दी कि नाम बदलने से भूमि अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं। ट्रांसफर डीड मूल नाम बनाए रखने का प्रावधान करती है। शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भावनात्मक रूप से दयाल सिंह से जुड़े हैं। डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने कहा कि मामला कार्यकारी परिषद में जाएगा।
पूर्व जम्मू-कश्मीर गवर्नर एन.एन. वोहरा ने भी हस्तक्षेप किया। द ट्रिब्यून ट्रस्ट के चेयरमैन ने दयाल सिंह की दूरदृष्टि का हवाला दिया। ABVP समर्थन में उतरा, लेकिन फैकल्टी एकजुट। यह विवाद डीयू के नाम परिवर्तन नीति पर सवाल खड़ा करता है।
गुरुग्राम में घने कोहरे का कहर, 50 मीटर दृश्यता; हाईवे पर रेंगते वाहन
Delhi News 15Jan2026/sbkinews.in
गुरुग्राम में बृहस्पतिवार सुबह घना कोहरा छा गया, जिससे दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे, सोहना रोड और आंतरिक सड़कों पर वाहन रेंगते रहे।
दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को भारी परेशानी हुई। द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी जाम की स्थिति बनी। कोहरे ने जनजीवन को ठप कर दिया। साइबर सिटी के ग्रामीण इलाकों में सफेद चादर बिछ गई। मकर संक्रांति के बाद भी शीतलहर का असर बना हुआ।
मौसम विभाग ने 19 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना जताई, जिससे ठंड बढ़ सकती है। वाहन चालकों को फॉग लाइट जलाने, स्पीड 40 किमी/घंटा सीमित रखने की सलाह दी। प्रदूषण स्तर मध्यम रहा।
स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतने को कहा। कोहरे से सांस की बीमारियां बढ़ने का खतरा। दिल्ली-एनसीआर में भी यही स्थिति रही। राहत 18 जनवरी के बाद मिलने की उम्मीद।
IGI एयरपोर्ट पर घने कोहरे से हाहाकार, 88% उड़ानें लेट; CAT-3 प्रोटोकॉल चालू
Delhi News 15Jan2026/sbkinews.in
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह घने कोहरे ने हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर दृश्यता 200-900 मीटर तक सीमित रहने से 88% उड़ानें विलंबित हो गईं। CAT-3 लैंडिंग प्रोटोकॉल लागू करना पड़ा।
एयरपोर्ट पर न्यूनतम दृश्यता 200 मीटर और अधिकतम 900 मीटर दर्ज की गई। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रहा। रनवे पर लैंडिंग मुश्किल होने से कई उड़ानें डायवर्ट हुईं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दिल्ली-जयपुर, मुंबई, बेंगलुरु रूट सबसे प्रभावित।
ट्रेनें भी 2-6 घंटे लेट। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम। मौसम विभाग ने शनिवार तक कोहरे का अलर्ट जारी किया। पालम में 3.8 डिग्री तापमान। NCR के गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा में भी यही स्थिति।
यात्रियों को एयरलाइंस ऐप चेक करने, लाइव फ्लाइट स्टेटस देखने की सलाह। CAT-3 बी प्रणाली से कम दृश्यता में लैंडिंग संभव, लेकिन पायलट प्रशिक्षण जरूरी। दिल्ली सरकार ने हीटिंग सुविधा सुनिश्चित की।
दिल्ली ई-रिक्शा चालकों को मिलेगा 1 महीने का रजिस्ट्रेशन समय, HC नोटिस के बाद राहत
Delhi News 15Jan2026/sbkinews.in
दिल्ली परिवहन विभाग ने गैर-पंजीकृत ई-रिक्शा चालकों को रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए एक महीने का विशेष समय देने का फैसला किया है। यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने और यातायात जाम कम करने के उद्देश्य से उठाया गया। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ई-रिक्शा दुर्घटना में बच्ची की मौत के मामले में सरकार को नोटिस जारी किया था।
विभाग का लक्ष्य सुरक्षा के साथ हजारों चालकों की आजीविका सुरक्षित रखना है। दिल्ली में 1 लाख से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं, जिनमें से 40% अपंजीकृत। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा के ये वाहन खतरा बन रहे। HC ने सख्ती बरतते हुए सभी ई-रिक्शा पंजीकरण अनिवार्य करने को कहा।
अब चालकों को 15 फरवरी तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, GPS डिवाइस लगाना और ट्रेनिंग पूरी करने का मौका मिलेगा। सरल प्रक्रिया: आधार कार्ड, पता प्रमाण, वाहन चालान जमा। सफल रजिस्ट्रेशन पर डिजिटल RC और बीमा मिलेगा। उल्लंघन पर जब्ती और जुर्माना।
ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा जोन निर्धारित किए। निजामुद्दीन जैसे जाम वाले क्षेत्रों में अनियमित पार्किंग पर रोक। चालक संघ ने स्वागत किया, लेकिन त्वरित पोर्टल सुधार की मांग की। यह कदम दिल्ली की लास्ट माइल कनेक्टिविटी को व्यवस्थित करेगा।


