बागपत में एलएलबी छात्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, बदला लेने का मामला
UP News 5Sep2025/sbkinews.in
बगपत, उत्तर – प्रदेश। रामवेयर के संघर्ष में एक राष्ट्रीय खिलाड़ी के छोटे भाई और एलएलबी में एक छात्र के छोटे भाई को, दिल्ली यामोटोरी से बागपत तक सड़क के प्रसारण के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना दोपहर 1:20 बजे हुई। गुरुवार दोपहर को, दो हमलावरों ने झटका के बाद चार गेंदें जारी कीं क्योंकि वे अंक्रा बाइक को घर ले गए। गिरोह के मारे जाने के बाद, गिरोह को प्रभावित राज्य के एक जिला अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसकी मृत्यु हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, हत्यारोपित पहले से ही अंकुर को जान से मारने की धमकी दे रहे थे और लगातार उसका पीछा कर रहे थे। आरोपित कार छोड़कर बाइक से फरार हो गए। घटना के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिनमें आरोपित कार से उतर कर बाइक पर सवार होकर भागते दिख रहे हैं।
अंकुर के भाई मोनू नैन ने दूधिया विपिन के भाई आनंद, अनमोल और विनय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने हत्या के मामले में राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी रामवीर को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। बताया गया कि रामवीर की हत्या के बाद उसके भाई अंकुर ने बदला लेने की धमकी दी थी, जिसकी यह कार्यवाही मानी जा रही है।
हाईवे पर हुई इस दिनदहाड़े की हत्याकांड ने पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष है, क्योंकि इतने लोगों के सामूहिक इलाके में और सार्वजनिक जगहों पर वारदात को देखकर कोई भी intervening नहीं कर पाया।
सरकारी मेडिकल कालेजों में अगले सत्र से एससी को 21% से ज्यादा आरक्षण नहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगाया पाबंदी
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लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कालेजों में अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को दिए गए 70 प्रतिशत तक के आरक्षण को असंवैधानिक करार देते हुए अगले सत्र से 21 प्रतिशत से अधिक का आरक्षण न देने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर आरक्षण अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार अंडरटेकिंग दाखिल करने का आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण असंवैधानिक माना जाता है और इससे अधिक आरक्षण केवल संविधान के प्रावधानों और सही कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही दिया जा सकता है।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि जो अभ्यर्थी 70 प्रतिशत आरक्षण के तहत दाखिला प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें दूसरे मेडिकल कालेजों की खाली सीटों पर समायोजित किया जाएगा, जिससे किसी भी मेडिकल कॉलेज के अन्य छात्रों को नुकसान न हो। वहीं, राज्य सरकार द्वारा संचालित काउंसलिंग प्रक्रिया को फिलहाल जारी रखने की अनुमति दी गई है।
राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि भविष्य में सरकारी मेडिकल कालेजों में अनुसूचित जाति को 21 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दिया जाएगा।
यह फैसला उस एकल पीठ के आदेश के खिलाफ आया है, जिसमें चार कालेजों में 70 प्रतिशत आरक्षण को संविधान विरोधी कर काउंसलिंग फिर से कराने का आदेश दिया गया था। अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।
वाराणसी में काल सेंटर की आड़ में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 29 ठग गिरफ्तार
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वाराणसी। पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो अमेजन काल सेंटर का बहाना बनाकर अमेरिका और ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को ठगा रहे थे। गिरोह का संचालन चीन में बैठे सरगना द्वारा किया जाता था और ठगी के लिए सिंगापुर के सर्वर का इस्तेमाल होता था। अनुमानित रूप से 20,000 से अधिक लोग इस गिरोह के शिकार हो चुके हैं।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से बड़ी तादाद में लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) व एटीएस द्वारा भी आरोपियों से पूछताछ की गई है। काल सेंटर शाम सात बजे से रात तीन बजे तक संचालित होता था।
डीसीपी गोमती जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रोहनिया के अवलेशपुर स्थित जीन स्कूल परिसर में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। पुलिस ने छापा मारकर यहां के कॉल सेंटर संचालक पंजाब के मोहाली निवासी कौशलेंद्र तिवारी समेत 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों से संबंधित आईवीआर कॉल्स के जरिए झांसा देते थे। इसके बाद वे पुलिस या लीगल अधिकारी बनकर धमकाते और गिफ्ट कार्ड्स या बिटकॉइन के माध्यम से रकम वसूलते थे। आरोपियों ने अमेरिका के सोशल सिक्योरिटी नंबर और बैंक डेटा का भी दुरुपयोग किया।
यह गिरोह नॉर्थ ईस्ट के कई युवाओं को रोजगार देने के बहाने भी फंसा रहा था। पकड़े गए आरोपियों को अब एनडीपीआरएफ की मदद से कड़ी जांच और सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
बरेली जीआरपी थाने में पुलिसकर्मियों के बीच पिस्टल से गोली चली, इंस्पेक्टर समेत दो घायल
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बरेली। बरेली रेलवे जंक्शन के जीआरपी थाने में मंगलवार देर रात पुलिसकर्मियों के बीच अचानक सरकारी पिस्टल से दो गोलियां चल गईं। इस दौरान इंस्पेक्टर परवेज अली और सिपाही छोटू घायल हो गए। गोलीकांड की आवाज से स्टेशन पर अफरातफरी मच गई, और यात्री भयभीत हो उठे।
घटना 10:10 बजे हुई। मंगलवार रात 10:20 बजे तक। घटना के कुछ समय बाद, उच्च पुलिस परिसर में पहुंची और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस सेवा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा घटना के बारे में जानकारी दो दिनों के भीतर छिपी हुई थी।
कथित रूप से यह मामला एक पिस्टल के लोड-अनलोड करने की लापरवाही का है, जिसमें सिपाही छोटू की पिस्टल से गोली चली। गोली की आवाज सुनकर इंस्पेक्टर परवेज घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन दूसरे फायरिंग की वजह से वे भी घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने घटना की जानकारी छिपाने की कोशिश की, लेकिन बाद में अंदर बंद मुल्जिमों ने सच सामने लाया। घटना के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जिनमें इंस्पेक्टर परवेज, सिपाही छोटू, मनोज और मोनू शामिल हैं।
सीओ अनिल कुमार ने मामले को लापरवाही से हुई दुर्घटना बताया है और कहा कि जांच गाजियाबाद की टीम करेगी। अब तक कोई साजिश नहीं मिली है, किन्तु पुलिस विभाग की अनुशासनहीनता पर सवाल उठ रहे हैं।
यह गोलीकांड पुलिस विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन की पोल खोलती है, खासकर तब जब यह घटना दिन दहाड़े देश के एक प्रमुख रेलवे स्टेशन के पुलिस थाने में हुई।
बलिया में एससी-एसटी एक्ट की धमकी से तंग युवकों की आत्महत्या, झूठे आरोपों ने ली जान
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मृतक अंकुर सिंह का कहना था, “मैं राजपूत हूं। मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मेरे पिता की जमीन बेचने के लिए दबाव डाला जा रहा था। चरित्र पर दाग लगना मुश्किल है।” उसके अनुसार गांव के कुछ लोग उससे झूठे मुकदमे में सुलह करने के लिए भारी रकम की मांग कर रहे थे, जिसे वह पूरा नहीं कर सका।
पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना ने एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग की सच्चाई को उजागर किया है, जहां संरक्षण के बजाय इसे कई बार उगाही का माध्यम बना दिया गया है। सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इस तरह की मानसिक उत्पीड़न पर चिंता जताई है।
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। साथ ही, आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर जनता को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व समझाने की भी आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
बाढ़ के कारण बांकेबिहारी मंदिर का एक रूट बंद, वृंदावन के परिक्रमा मार्ग में घुटनों तक पानी
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वृंदावन। यमुना नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे वृंदावन के परिक्रमा मार्ग में भारी जलभराव हो गया है। शनिवार को जलस्तर बढ़ने के कारण ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर को जाने वाला वीआईपी रूट पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। मंदिर के आस-पास बनी पार्किंग भी पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को अब विद्यापीठ के रास्ते से ही मंदिर तक पहुंचना पड़ रहा है।
जलस्तर की बढ़ोतरी के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भी करीब 30 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग से गुजरने से लोगों को साफ मना किया है, बावजूद इसके कुछ श्रद्धालु घुटनों तक पानी से होकर मंदिर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
डीएम सीपी सिंह ने बताया कि यमुना का जलस्तर अगले 24-48 घंटों में और बढ़ने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिक्रमा मार्ग को बंद रखा गया है। लगातार हो रही बारिश और ताजेवाला बांध से छोड़े गए पानी के कारण यमुना का जलस्तर 166 मीटर के उपर बना हुआ है।
जलभराव के चलते वृंदावन में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और बाढ़ से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
भैंसा टोल प्लाजा पर 44 लाख रुपये की स्टांप शुल्क चोरी का पर्दाफाश, 11 करोड़ की टोल वसूली का अनुबंध संदिग्ध
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मेरठ। मेरठ-पौड़ी हाईवे स्थित भैंसा टोल प्लाजा पर हुए टोल वसूली अनुबंध में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और निजी एजेंसी के बीच 10.96 करोड़ रुपये के अनुबंध को मात्र 200 रुपये के दो स्टांप पेपर पर प्रिंट करके और नोटरी कराया गया, जबकि वास्तविक स्टांप शुल्क करीब 44 लाख रुपये चोरी पाया गया है।
समझा जाता है कि यह अनुबंध फोरलेन हाईवे के चौड़ीकरण के बाद टोल वसूली के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए किया गया था। भैंसा टोल प्लाजा मेरठ जिला के छोटा मवाना के निकट स्थित है। एनएचएआइ ने स्टांप शुल्क चोरी की पुष्टि कर आरोपी एजेंसी को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
मौजूदा हालात में टोल वसूली व्यवस्था की पारदर्शिता और अनुबंधों की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब इतनी बड़ी राशि के लिए महज चार सौ रुपये के स्टांप पेपर का इस्तेमाल करके कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई।
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक को भी अनुबंध की प्रति के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। इस मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई अपेक्षित है।
हाईवे के फोरलेन रूपांतरण से जुड़ी यह घटना टोल प्लाजा संचालन में अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करती है।


