UP Accident News
बरेली। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर शीरा टैंकर 16 घंटे खड़ा रहा, बोलेरो व बाइक घुसने से 5 लोगों की मौके पर मौत। पुलिस व एनएचएआई की अनदेखी पर सवाल।
टैंकर से टकराई बोलेरो के परखच्चे, राहत कार्य करते लोग। कैप्शन: परधौली के पास भयानक हादसा, गाड़ी काटकर शव निकाले गए।
बरेली: दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। बरेली के परधौली इलाके के पास तेज रफ्तार बोलेरो एक खड़े टैंकर में जा घुसी। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रही एक बाइक भी उसी टैंकर से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में बोलेरो में सवार तीन लोगों और बाइक पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक और दो बच्चे घायल हो गए।
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बोलेरो में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
16 घंटे से हाईवे किनारे खड़ा था टैंकर
जानकारी के अनुसार शनिवार रात परधौली के पास एक शीरा (गुड़ का घोल) से भरे टैंकर की यूपी रोडवेज बस से टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद टैंकर खराब हो गया और सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया।
टैंकर से काफी मात्रा में शीरा सड़क पर फैल गया था, जिससे सड़क काफी फिसलन भरी हो गई। बताया जा रहा है कि उसी दौरान कई बाइक सवार फिसलकर गिर भी गए थे।
पुलिस ने किसी तरह सड़क से शीरा साफ तो कराया, लेकिन टैंकर को वहां से हटवाने की व्यवस्था नहीं की गई। यही लापरवाही बाद में बड़े हादसे की वजह बन गई।
बोलेरो की टक्कर से उड़े परखच्चे
रविवार शाम करीब चार बजे फरीदपुर से दिल्ली की ओर जा रही एक बोलेरो तेज रफ्तार में हाईवे पर चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बोलेरो ओवरटेक करने की कोशिश में सीधे सड़क किनारे खड़े टैंकर से जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद गाड़ी का स्पीडोमीटर लगभग 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर अटका हुआ मिला।
बोलेरो में सवार मनमोहन सिंह, सिकंदर और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
पीछे से आई बाइक भी टकराई
बोलेरो की टक्कर के कुछ ही क्षण बाद पीछे से आ रही एक बाइक भी उसी टैंकर से टकरा गई। बाइक पर सवार शमशाद और मुमताज की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे को अपनी आंखों से देखने वाले लोगों का कहना है कि पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई। बोलेरो की टक्कर के बाद बाइक सवारों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और वे सीधे टैंकर में जा भिड़े।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और राहतकर्मियों ने बोलेरो को काटकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला।
घायल चालक और दो बच्चों को इलाज के लिए पास के नवोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लापरवाही पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद हाईवे सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि टैंकर शनिवार रात से ही हाईवे किनारे खड़ा था, लेकिन उसे हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
इतना ही नहीं, सड़क पर खड़े टैंकर के पास कोई चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाया गया था, जिससे आने-जाने वाले वाहनों को पहले से जानकारी मिल सके।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते टैंकर को हटवा दिया जाता तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
पुलिस का बयान
बरेली के एसपी मनुष पारेख ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की मुख्य वजह सामने आ रही है। हालांकि हाईवे पर खड़े टैंकर को समय पर न हटाने के मामले की भी जांच की जाएगी।
सीबीगंज थाना प्रभारी प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है और तीन लोग घायल हैं। घायलों का इलाज जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
परिवारों में मचा कोहराम
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि सिकंदर दिल्ली काम करने के लिए जा रहा था, जबकि शमशाद मजदूरी करता था और मुमताज की एक छोटी दुकान थी।
परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई लोग मौके पर पहुंचकर प्रशासन और हाईवे प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं।
हाईवे पर तीन घंटे तक लगा जाम
दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सामान्य कराया।
करीब तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पूरे मामले में लापरवाही और तेज रफ्तार को लेकर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टैंकर चालक और बस चालक से भी पूछताछ की जा सकती है।
प्रशासन ने कहा है कि हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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