Ayodhya crime News
रामनगरी के गरेरू गांव में पारिवारिक कलह ने ली 3 जिंदगियां: संजू ने शिवा को ठोका, 22 दिन के बेटे को शव के पास बंद किया, खुद ट्रेन से कटकर मरी।
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से गुरुवार देर शाम एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रौनाही थाना क्षेत्र के गरेरू गांव में दांपत्य विवाद के चलते एक महिला ने पहले अपने पति की कथित रूप से हत्या कर दी और फिर खुद ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। कमरे में बंद छोड़े गए 22 दिन के नवजात बच्चे की भी भूख-प्यास से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
मामूली विवाद ने ले ली तीन जिंदगियां
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी 26 वर्षीय संजू और उसके पति 27 वर्षीय शिवा की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। गुरुवार शाम करीब छह बजे घर में दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। उस समय परिवार के अन्य सदस्य खेतों में गेहूं की कटाई के काम में लगे हुए थे।
बताया जा रहा है कि बहस के दौरान गुस्से में आकर संजू ने घर में रखा हथौड़ा उठाया और शिवा के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से शिवा की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद संजू ने कमरे में पड़े पति के शव और अपने 22 दिन के नवजात बेटे को अंदर ही बंद कर दिया। घर में ताला लगाने के बाद वह पैदल ही पास के देवराकोट रेलवे ट्रैक की ओर चली गई और वहां ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
अगले दिन खुला खौफनाक राज
शुक्रवार सुबह पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक महिला के ट्रेन से कटने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को वहां एक मोबाइल फोन मिला, जिसकी मदद से महिला की पहचान संजू के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस जब उसके घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर पुलिस और ग्रामीणों के सामने बेहद दर्दनाक दृश्य था। कमरे में शिवा का खून से लथपथ शव पड़ा था और पास ही एक हथौड़ा पड़ा मिला।
उसी कमरे में बंद नवजात बच्चा भूख और प्यास से तड़प रहा था। पुलिस ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई।
मिला सुसाइड नोट
पुलिस को घटनास्थल से एक कथित आत्महत्या नोट भी मिला है। इसमें संजू ने अपने ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न और ताने देने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी।
इस पूरे मामले पर बलवंत चौधरी, एसपी ग्रामीण, ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि महिला ने पहले अपने पति की हत्या की और फिर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। नवजात बच्चे को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उसकी भी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और अविश्वास का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच कभी-कभार कहासुनी जरूर होती थी, लेकिन किसी ने भी इतनी भयावह घटना की कल्पना नहीं की थी।
ग्रामीण रोशनलाल ने बताया कि यह जोड़ा अभी नया-नया ही बसा था और किसी को अंदाजा नहीं था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।
पड़ोसियों का कहना है कि खेतों में काम चल रहा था, इसलिए घर से आई किसी भी आवाज या झगड़े की जानकारी उन्हें नहीं मिल पाई।
बढ़ते पारिवारिक विवादों पर चिंता
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते पारिवारिक तनाव की ओर भी इशारा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार घरेलू विवाद समय रहते सुलझाए नहीं जाते और वे गंभीर रूप ले लेते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवारों के भीतर संवाद की कमी और मानसिक तनाव कई बार ऐसे दुखद परिणाम सामने ला देते हैं।
समय रहते मदद जरूरी
अयोध्या पुलिस ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पारिवारिक काउंसलिंग और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। जरूरत इस बात की है कि घरेलू विवादों को समय रहते बातचीत और समझदारी से सुलझाया जाए।
संजू, शिवा और उनके मासूम बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक छोटी सी घरेलू कलह ने देखते ही देखते एक परिवार की तीन जिंदगियां छीन लीं। अब पूरे गांव में बस यही सवाल गूंज रहा है कि अगर समय रहते किसी ने हस्तक्षेप किया होता, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।


