बिजनौर: गंगा बैराज में लापता सिपाही नितिन वत्स का शव मिला, मानसिक तनाव में आत्महत्या की आशंका
Bijnor Missing Constable Nitin/Bijnor News
बागपत के 32 वर्षीय सिपाही नितिन वत्स 12 मार्च को ड्यूटी पर निकले थे, लेकिन शुक्रवार को बाइक बैराज पर मिली। शनिवार को गोताखोरों ने गेट नंबर 4 के पास गंगा से शव बरामद किया। पोस्टमार्टम में डूबने का कारण सामने आया।
गंगा बैराज के गेट नंबर 4 के पास मिला सिपाही नितिन वत्स का शव।
घटना का विवरण
बिजनौर के अभियोजन कार्यालय में तैनात सिपाही नितिन वत्स का शव शनिवार सुबह 11 बजे मेरठ-पौड़ी हाईवे पर गंगा बैराज पुल के गेट नंबर चार के पास मिला। 32 वर्षीय नितिन बागपत जिले के थाना दोघट क्षेत्र के गांव टिकरी के निवासी थे। वे 12 मार्च गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे बाइक लेकर ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन कार्यालय नहीं पहुंचे। उनकी पत्नी रेनू ने शुक्रवार शाम को शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की तो बैराज पर उनकी बाइक गेट नंबर तीन पर खड़ी मिली। आशंका जताई गई कि उन्होंने गंगा में छलांग लगा ली। शनिवार को पीएसी गोताखोरों ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना पाया गया।
विस्तृत जानकारी: क्यों और कैसे हुई घटना
नितिन वत्स 2016 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे और 2022 से बिजनौर के अभियोजन कार्यालय में तैनात थे। वे पत्नी रेनू, 5 वर्षीय बेटी मानवी और बेटे रुद्र के साथ शहर के मंडावर रोड स्थित आर्यनगर कालोनी में रहते थे। परिवार में मां और एक छोटा भाई भी है। काफी समय से वे मानसिक तनाव में थे। घटना से दो दिन पहले पत्नी से हल्का विवाद भी हुआ था। रात साढ़े 11 बजे उन्होंने अपना मोबाइल फोन सिम कंपनी को डायवर्ट कर दिया था, जिससे कॉल्स सीधे कंपनी पर जा रही थीं। गुरुवार सुबह 6:05 बजे बैराज चौकी के सीसीटीवी में वे बाइक पर जाते दिखे। पुलिस ने उनकी जेब से मोबाइल बरामद किया। बैराज चौकी इंचार्ज तेजवीर सिंह ने शव को पोस्टमार्टम भेजा। शहर कोतवाल रामप्रताप ने पुष्टि की कि नितिन की तैनाती 2022 से बिजनौर में ही थी। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका है, क्योंकि मानसिक दबाव और पारिवारिक कलह सामने आया।
पुलिस और परिवार के बयान
शहर कोतवाल रामप्रताप ने बताया, “नितिन 2016 भर्ती थे और 2022 से अभियोजन कार्यालय में ड्यूटी कर रहे थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। जांच जारी है।” बैराज चौकी इंचार्ज तेजवीर सिंह ने कहा, “शुक्रवार शाम से गोताखोर तैनात थे। शनिवार सुबह शव गेट नंबर चार के पास फंसा मिला।” परिवारजन ने शव लेने के बाद चुप्पी साध ली, लेकिन रेनू ने गुमशुदगी रिपोर्ट में बताया कि पति तनाव में थे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उत्तर प्रदेश पुलिस में मानसिक तनाव के मामले बढ़ रहे हैं। बिजनौर जैसे जिलों में सिपाहियों पर ड्यूटी का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और प्रमोशन की चिंता आम है। नितिन जैसी घटनाएं पुलिस विभाग में सनसनी फैला देती हैं। बागपत से बिजनौर आने के बाद वे स्थानीय जीवन में ढल चुके थे, लेकिन आंतरिक कलह ने tragidy को जन्म दिया। गंगा बैराज पर पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां लापता लोगों के शव मिले। यह घटना क्षेत्रीय समुदाय को झकझोर गई।
निष्कर्ष और आगे क्या
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई, जो विभागीय सम्मान का प्रतीक है। अब जांच में फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और परिवार के बयानों पर फोकस होगा। मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिस विभाग को काउंसलिंग सेंटर मजबूत करने की जरूरत है। बिजनौर प्रशासन ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। यह दुखद घटना पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहस छेड़ देगी।


