जैसे पति ने छोड़ा साथ, वैसे ही अब बेटा भी... 15 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत से मां पर टूटा दुखों का पहाड़
Delhi News 17Oct2025/sbkinews.in
दिल्ली के एक 15 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत से उसकी मां के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया है। यह पीड़ादायक घटना उस महिला के लिए और भी क्रूर है क्योंकि चार साल पहले उसके पति ने भी उसे छोड़ दिया था। किशोर की मौत एक दुर्घटना में हुई, जिसने पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।
यह घटना न केवल व्यक्तिगत आघात का विषय है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी कई सवाल उठाती है। ऐसी दुर्घटनाओं से परिवारों का मानसिक संतुलन बिगड़ता है और उनके जीवन में स्थायी प्रभाव पड़ता है। गरीब और नाजुक परिवारों पर ऐसे हादसे खास तौर से भारी पड़ते हैं, क्योंकि वे पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे होते हैं।
जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने मृतक किशोर के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सामाजिक समर्थन और सरकारी सहायता के माध्यम से मध्यस्थता का प्रयास किया जा रहा है ताकि परिवार को बेहतर जीवन यापन का अवसर मिल सके।
स्थानीय समाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले को लेकर जागरूकता बढ़ाने की अपील की है ताकि युवाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग होने और परिवारों को सहायता प्रदान करने की जरूरत पर बल दिया गया है।
यह दुखद घटना इस बात की याद दिलाती है कि परिवार और सामाजिक समर्थन कितने महत्वपूर्ण हैं, और हर बच्चे को सुरक्षित बचपन दिया जाना चाहिए।
पटना हाई कोर्ट ने टोल वसूली पर NHAI को हलफनामा देने का आदेश, लागत से अधिक वसूली को लेकर हुई याचिका की सुनवाई
Delhi News 17Oct2025/sbkinews.in
पटना हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को एक याचिका पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है, जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि कई टोल प्लाजा लागत से अधिक टोल वसूल रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दावा किया है कि कई स्थानों पर टोल प्लाजा कानूनी लागत वसूलने के बाद भी अतिरिक्त पैसे राजस्व के नाम पर वसूल रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
कोर्ट ने NHAI से स्पष्ट जवाब मांगा है कि वे किन नियमों के तहत टोल वसूली की जा रही है और क्या यह स्थानीय कानून एवं नियमों के अनुरूप है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 27 अक्टूबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ टोल प्लाजा 60 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी का उल्लंघन कर स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रा में बाधाएं आ रही हैं। साथ ही, खराब सड़क़ हालात के बावजूद टोल वसूलना यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन है।
पिछले कुछ महीनों में कई हाई कोर्टों और सुप्रीम कोर्ट में भी टोल वसूली को लेकर याचिकाएं दायर हुई हैं, जिनमें सड़क की खराब स्थिति के कारण टोल वसूली न करने या कम वसूलने की मांग की गई।
पटना हाई कोर्ट का यह आदेश यात्रियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि इससे टोल वसूली के नियमों की पुनः समीक्षा होगी और अनावश्यक अतिरिक्त वसूली पर लगाम लगेगी।
पांच दिसंबर तक WAQF संपत्तियों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, वक्फ का दर्जा समाप्त हो सकता है
Delhi News 17Oct2025/sbkinews.in
मुस्लिम संगठन वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर सक्रिय हो गए हैं, क्योंकि नए कानून के तहत 5 दिसंबर 2025 तक वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया, तो उस संपत्ति का वक्फ का दर्जा समाप्त हो जाएगा।
राष्ट्रीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि वक्फ संपत्तियों के दस्तावेजों को WAMSI पोर्टल पर अपलोड करना और पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देशभर में 1,000 से अधिक हेल्प डेस्क गठित करने की योजना बनाई है, जो पंजीकरण प्रक्रिया में सहायता प्रदान करेंगे।
केंद्र के समन्वयक इनाम-उर-रहमान खान ने बताया कि वक्फ संपत्तियों का दस्तावेजीकरण जटिल प्रक्रिया है और पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने में कई तकनीकी दिक्कतें आती हैं। इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अब सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल पंजीकरण किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। राष्ट्रीय स्तर पर चुनी गई वक्फ परिषदें और राज्य वक्फ बोर्ड इस प्रक्रिया की निगरानी एवं सहायता करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इस अधिनियम के प्रावधानों को बरकरार रखा है, और सुनिश्चित किया है कि इस पंजीकरण के बिना किसी को वक्फ संपत्ति से बेदखल नहीं किया जाएगा।
यह पहल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाने और धार्मिक-धरोहरों की रक्षा के लिए आवश्यक माना जाता है।
खुद को IAS बताकर 150 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, स्टिंग में बड़ा खुलासा
Delhi News 17Oct2025/sbkinews.in
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है जिसने खुद को आईएएस बताकर 150 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। यह धोखाधड़ी एक स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से उजागर हुई, जिसमें आरोपी का असली चेहरा सामने आया।
आरोपी डॉक्टर का नाम जसवंत सिंह बताया जा रहा है, जो अपने आप को सरकारी अधिकारी का दर्जा देकर लोगों से विश्वास जीतता था और उन्हें सरकार में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। उसने अनेक दस्तावेज भी फर्जी बनाए थे, जिनमें कई फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट्स और पहचान पत्र शामिल हैं।
पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और रकम भी बरामद की है। आरोपी ने अपने मोहभंग में बताया कि वह गरीब तबके के लोगों को झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपये ऐंठता था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद, एंटी-करप्शन विभाग भी उसकी जांच कर रहा है।
यह पूरा मामला काफी गंभीर है क्योंकि इसमें फर्जी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई, जो देश की कानून व्यवस्था को चैलेंज करता है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ आरोपों की संपूर्ण जांच की जा रही है और जल्द ही पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
यह घटना शिक्षित समाज में विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को भी रेखांकित करती है।
दीपावली पर दिल्ली से लखनऊ-प्रयागराज तक यात्रा में सीट की कमी, बसों और विशेष ट्रेनों के विकल्प पर जोर
Delhi News 17Oct2025/sbkinews.in
दीपावली के त्योहार में दिल्ली से कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनों में सीटें मिलने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। यात्रियों की बढ़ती भीड़ के कारण स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग पूरी तरह भरी हुई है और सामान्य ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही 18 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2025 तक ‘पर्व प्रोत्साहन अवधि’ घोषित कर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं चलाने का निर्णय लिया है। कानपुर रीजन को 60 में से 45 एसी जनरथ बसें आवंटित की गई हैं ताकि यात्रियों को बसों की कमी न हो। परिवहन विभाग ने दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा समेत कई अन्य जिलों के लिए अतिरिक्त बसें चलाई हैं।
परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि त्योहारों के दौरान बसों की पूरी फिटनेस और ऑनरोड चालना सुनिश्चित की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टेशनों पर सहायता केंद्र, डिजिटल समय सारिणी, सफाई और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है।
रेलवे ने भी प्रयागराज और दिल्ली के बीच बाय-वीकली फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जो सप्ताह में दो दिन चलेगी। इसके अलावा उत्तर रेलवे मंडल प्रशासन ने 52 स्पेशल ट्रेनों के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजे हैं, जिनकी मंजूरी का इंतजार है।
इसके बावजूद भी यात्रियों के लिए बस और ट्रेन की कमी बनी हुई है, ऐसे में निजी टैक्सी और कार पूलिंग जैसे विकल्पों को अपनाना व्यावहारिक रहेगा। हवाई किराए त्योहारों के कारण बहुत अधिक हो गए हैं, इसलिए सड़क एवं बस यात्रा प्रमुख विकल्प होंगे।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने यात्रा प्लान को पूर्व व्यवस्थित करें और आवश्यक सावधानी बरतें।
दिल्ली के वसंत कुंज में तेज रफ्तार THAR ने 13 साल के बच्चे को मारी टक्कर, मौत, आरोपी ड्राइवर की खोज जारी
Delhi News 17Oct2025/sbkinews.in
दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी ने 13 वर्षीय बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को जगह पर पीसीआर कॉल के माध्यम से हादसे की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को बेहोशी की हालत में पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्चे का नाम नहीं बताया गया है, लेकिन वह आर. के. पुरम का निवासी था।
घटना स्थल से पुलिस को खून के निशान और टूटी हुई साइकिल बरामद हुई है, जिससे दुर्घटना की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है, जो अब तक फरार है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह दुर्घटना बच्चों की सड़क सुरक्षा के प्रति चिंता को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों ने भी दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। इस क्षेत्र में तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिनमें नाबालिग पीड़ित होते हैं।
पुलिस जनता से अपील कर रही है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और बच्चों को सड़कों पर सावधानी बरतने की शिक्षा दें। साथ ही, ड्राइवरों को भी ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए ताकि इस तरह के दुखद हादसों को रोका जा सके।


