"13 साल का अफगानी लड़का विमान के पहिए के नीचे छुपकर भारत आया, सभी हैरान"
Delhi News 25Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, नई दिल्ली। एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है जहां काबुल से एक 13 वर्षीय अफगानी किशोर विमान के व्हील वेल (व्हील के पहिये के नीचे का हिस्सा) में छिपकर दिल्ली पहुंच गया। इस खतरनाक यात्रा में किशोर जीवित बच निकला, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार, किशोर ईरान जाना चाहता था, लेकिन गलती से भारत आने वाली फ्लाइट में चढ़ गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह काबुल एयरपोर्ट पर यात्रियों की गाड़ी के पीछे-पीछे एयरपोर्ट में घुसा और फिर विमानों के पहिये के नीचे बने व्हील वेल में छिप गया।
हवाई जहाज करीब 94 मिनट की उड़ान के दौरान किशोर व्हील वेल में था, जहां ऑक्सीजन की कमी और ठंड काफी अधिक होती है। इसके बावजूद उसने जिंदा रहना संभव बनाया, जिस पर विशेषज्ञ भी हैरान हैं।
डीआरएफ ने किशोर को तुरंत हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी है। किशोर को जल्द ही अफगानिस्तान वापस भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि वह नाबालिग है, उसको कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है कि विमान तक बिना जांच कैसे पहुंच गया। इस मामले ने एयरपोर्ट सुरक्षा को लेकर कड़ी जांच और सुधार की मांग को बढ़ा दिया है।
मुरादाबाद में पीतल के बर्तन बनाने वाले ने बंदूक के कारतूस बनाने की फैक्ट्री चलाकर पुलिस की फंसाई, दिल्ली पुलिस ने किया
Delhi News 25Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, मुरादाबाद। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुरादाबाद के कटघर क्षेत्र में एक अवैध कारतूस बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक इलियास और उसके दो सप्लायरों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, बारूद, लेथ मशीन, ग्राइंडिंग मशीन, 607 खोखे, 354 गोलियों के लीड, पीतल की छड़ें, स्क्रैप और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जब्त सामान से लगभग एक हजार कारतूस बनाए जा सकते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी इलियास पेशे से पीतल के बर्तन बनाने वाला था, लेकिन उसने हथियार और कारतूस बनाने का धंधा भी शुरू कर दिया था। यह फैक्ट्री कई वर्षों से चल रही थी और दिल्ली-एनसीआर में हथियार सप्लाई की जाती थी।
डीसीपी अमित कौशिक के अनुसार, यह मामला हथियार माफिया के खिलाफ एक बड़ा कदम है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य सहयोगियों की तलाश में है। इलियास पहले भी आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका है और कटघर थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है।
यह भंडाफोड़ अवैध हथियारों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की लगातार मुहिम का हिस्सा है। पुलिस ने इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे क्षेत्र में अवैध हथियारों की पहुंच को कम करने का प्रयास किया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी अवैध हथियार निर्माण या सप्लाई की जानकारी प्राप्त करते हैं तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
SC और HC ने ठुकराई अग्रिम जमानत, दो जजों ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक, HC ने कहा- न्यायिक
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sbkinews.in संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी निखिल जैन की गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाले दो न्यायाधीशों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इसके बावजूद न्यायाधीशों ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अदालत ने इसे “न्यायिक अनुशासनहीनता” माना है।
न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों ने अदालत के आदेशों और स्थितियों की जानकारी होने के बावजूद अनुचित व्यवहार किया। यह मामला निचली अदालतों द्वारा न्यायिक अनुशासन का उल्लंघन माना गया है। अदालत ने कहा कि आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही खारिज कर दी गई थी, फिर भी गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई।
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी और अभियोजन पक्ष ने भी मजिस्ट्रेट को सही जानकारी नहीं दी, जिससे मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आदेश पारित कर बैठ गए। दोनों न्यायाधीशों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट के महापंजीयक और पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है।
यह फैसला धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर मामले में न्यायपालिका की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक अनुशासन का उल्लंघन मामलों की निष्पक्षता और न्याय प्रणाली की प्रतिष्ठा के लिए घातक हो सकता है।
पूर्वी दिल्ली में सड़क किनारे मलबा समस्या, निगम ने निस्तारण संयंत्र की क्षमता दोगुनी करने
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sbkinews.in संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में सड़क किनारे मलबे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए शास्त्री पार्क स्थित मलबा निस्तारण संयंत्र की क्षमता दोगुनी करने पर विचार किया जा रहा है। निगम की पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं समिति इस दिशा में काम कर रही है ताकि प्रतिदिन सड़कों पर जमा होने वाले अतिरिक्त मलबे का निस्तारण सुचारू रूप से किया जा सके।
वर्तमान में शास्त्री पार्क संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 1000 टन है, जबकि पूर्वी दिल्ली के शाहदरा उत्तरी और दक्षिणी जोन से रोजाना 2500 से 3000 टन मलबा निकलता है। मलबा सड़क किनारे फेंकने की वजह से आवागमन में बाधा आती है और धूल प्रदूषण भी होता है, जिससे आसपास के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं।
निगम ने बताया कि संयंत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है और पर्यावरण प्रबंधन समिति ने इस पर मंथन शुरू कर दिया है। मलबा निपटान की व्यवस्था में सुधार संभव होने पर सड़क किनारे मलबा डालने की समस्या कम होगी।
निगम अधिकारियों ने कहा कि मलबा निस्तारण में तेजी आने से न केवल सड़कों की सफाई होगी, बल्कि वायु प्रदूषण और दुर्घटना जोखिम भी कम होगा। निगम ने स्थानीय अधिकारियों और ठेकेदारों को कचरा तय जगह पर डालने का निर्देश दिया है।
मौजूदा कार्यों के साथ-साथ भविष्य में संयंत्र की क्षमता को 2000 टन प्रतिदिन तक बढ़ाने की योजना है, जिससे दिल्ली की मलबा प्रबंधन व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी।
यह कदम पूर्वी दिल्ली के पर्यावरण और सफाई व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
आईजीआई एयरपोर्ट पर कामगार की मौत, सबूत मिटाने की कोशिश पर सवाल
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नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर एक कामगार की लापरवाही के कारण मौत हो गई। घटना के बाद मौके से खून के धब्बे हटाए जाने की बात सामने आई है, जिससे सवाल खड़े हो गए कि क्या सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक कामगार 10 फीट की ऊंचाई से गिर गया था। एयरपोर्ट प्रबंधन एजेंसी डायल ने कहा है कि मृतक ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया था। वहीं, सुरक्षा से जुड़े कई मामलों की जांच भी जारी है।
आकस्मिक घटना में हुई मौत पर एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मौके पर जांच के साथ ही कैमरा फुटेज भी खंगाले हैं। हालांकि, खून के धब्बे हटाने को लेकर विवादित सवालों का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
परिवार ने प्रशासन से न्याय और उचित मुआवजे की मांग की है। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर अधिकारियों में सख्ती बरतने की बात कही जा रही है।
यह मामला एयरपोर्ट सुरक्षा और कर्मचारियों के संरक्षण की अहमियत को फिर से उजागर करता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामलीलाओं से दिल्ली की अर्थव्यवस्था को 10 हजार करोड़ का बड़ा झटका, लाखों को रोजगार मिल रहा
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sbkinews.in संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में रामलीलाओं का आयोजन न केवल धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह आर्थिक रूप से भी राजधानी को मजबूती प्रदान करता है। इस बार लगभग 800 रामलीला कार्यक्रमों के कारण दिल्ली की अर्थव्यवस्था को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का योगदान मिलने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में लगभग 1 लाख से अधिक लोगों को इस दौरान प्रत्यक्ष रोजगार और करीब 5 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। रामलीलाएं नए-नए आर्थिक अवसर पैदा कर रही हैं, जिनमें कलाकार, गायक, मेकअप आर्टिस्ट, टेंट और साउंड सिस्टम प्रोवाइडर, खानपान विक्रेता, झूला संचालक सहित कई छोटे-बड़े व्यवसायी शामिल हैं।
दिल्ली को रामलीला की राजधानी भी कहा जाता है क्योंकि यहां के बड़े-छोटे इलाकों में दशहरे के दौरान भव्य रामलीलाएं आयोजित होती हैं। इनमें से कुछ रामलीला समितियां करोड़ों रुपये का बजट खर्च करती हैं। ये आयोजन न केवल प्रभु राम के भावनात्मक संदेश को फैलाता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गतिशील बनाता है।
करीब 50 लाख श्रद्धालु रामलीला कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, जहां वे मनोरंजन और खरीदारी पर अच्छी रकम खर्च करते हैं, जिससे स्थानीय बाजार भी फूल-फूल रहा है।
अर्जुन कुमार, दिल्ली रामलीला महासंघ के अध्यक्ष, ने कहा कि यह परंपरा न सिर्फ संस्कृति को मजबूत करती है बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार का साधन भी बनती है।
सरकार से मांग है कि इसे दिल्ली का आधिकारिक पर्व घोषित किया जाए ताकि रामलीला को और उन्नत किया जा सके।


