दिल्ली के अजमल खां पार्क में 2.6 करोड़ से बनेगा ऑक्टोपस थीम पार्क, झूलों संग फरवरी 2026 तक शुरू
Delhi News 30Dec2025/sbkinews.in
करोल बाग के अजमल खां पार्क में बच्चों के लिए अनोखा ऑक्टोपस थीम आधारित पार्क बनने जा रहा है। 2.6 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस पार्क का शिलान्यास सांसद बांसुरी स्वराज ने किया। यह पार्क फरवरी 2026 तक तैयार हो जाएगा और कचरे से बनी 30 फीट ऊंची ऑक्टोपस आकृति बच्चों को रोमांचित करेगी।
पार्क की मुख्य आकर्षण 30 फीट ऊंची ऑक्टोपस संरचना होगी, जिसके टेंटेकल्स में झूले, स्लाइड और क्लाइंबिंग जोन बनेंगे। यह पूरी परियोजना ‘वेस्ट टू आर्ट’ थीम पर आधारित है, जिसमें स्क्रैप मेटल और रिसाइकिल्ड सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जाएगा और पार्क आकर्षक बनेगा।
सांसद बांसुरी स्वराज ने शिलान्यास के दौरान कहा कि यह पहल दिल्ली के बच्चों को खेलकूद की नई सुविधा देगी। पार्क में लाइटिंग, सेफ्टी फीचर्स और थीम्ड सिटिंग एरिया भी बनाया जाएगा। स्थानीय निवासियों ने इसकी सराहना की, क्योंकि करोल बाग जैसे घनी आबादी वाले इलाके में बच्चों के लिए ऐसी सुविधा की कमी थी।
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और समय सीमा का पालन किया जाएगा। यह पार्क न केवल मनोरंजन देगा, बल्कि रिसाइक्लिंग की जागरूकता भी फैलाएगा। आसपास के स्कूलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
IIT दिल्ली प्लेसमेंट में 33% उछाल, 1275 छात्रों को मिले जॉब ऑफर
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आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने प्लेसमेंट सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है। दिसंबर 2025 तक कुल 1,275 जॉब ऑफर मिल चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) शामिल हैं। यह संख्या पिछले वर्ष से 33 प्रतिशत अधिक है, जो संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
1,140 से अधिक छात्रों का चयन हो चुका है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन जैसी शीर्ष टेक कंपनियों ने आकर्षक पैकेज के साथ ऑफर दिए हैं। इसके अलावा जापान, यूएई और अन्य देशों से 35 से अधिक अंतरराष्ट्रीय ऑफर प्राप्त हुए हैं, जो छात्रों की वैश्विक मांग को दिखाते हैं।
प्लेसमेंट प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर, फाइनेंस, कंसल्टिंग और कोर इंजीनियरिंग क्षेत्रों से ऑफर आए हैं। औसत पैकेज में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि उच्चतम पैकेज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा है। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि कोविड के बाद रिकवरी के साथ कंपनियां आईआईटी प्लेसमेंट पर जोर दे रही हैं।
यह सफलता छात्रों की मेहनत, फैकल्टी की मार्गदर्शन और इंडस्ट्री कनेक्शन का परिणाम है। आईआईटी दिल्ली ने इंटर्नशिप से PPO कन्वर्जन रेट को बढ़ाने पर फोकस किया, जिसका असर दिखा। आने वाले महीनों में और ऑफर आने की उम्मीद है।
जन दबाव का प्रभाव, सेंगर और अरावली पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में दिखा असर
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सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। साथ ही अरावली पहाड़ियों की परिभाषा से जुड़े अपने ही विवादास्पद निर्णय को भी स्थगित कर दिया। यह कदम जनता के दबाव और सामाजिक सक्रियता का स्पष्ट परिणाम है, जिसने न्यायिक प्रक्रिया पर असर डाला।
उन्नाव मामले में पीड़िता के आरोपों के बावजूद सेंगर को राहत मिलना महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर गया था। कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे दे दिया, जो जनाक्रोश की जीत मानी जा रही है। इसी तरह अरावली पर फैसला पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन जनता की आपत्तियों ने इसे पुनर्विचार के लिए रोका।
ये घटनाएं दर्शाती हैं कि लोकतंत्र में जन दबाव न्याय व्यवस्था को संतुलित रख सकता है। सोशल मीडिया और नागरिक संगठनों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी, जिससे शीर्ष अदालत सक्रिय हुई। हालांकि सवाल उठता है कि ऐसे विवादास्पद फैसले पहले कैसे पारित हो गए, जहां पीड़ितों और पर्यावरण की अनदेखी हुई।
यह स्थिति न्यायपालिका को और सतर्क बनाएगी। जनता को सतत जागरूक रहना चाहिए ताकि कानून सबके हित में काम करे। सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई न केवल इन मामलों का टर्निंग पॉइंट है, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही का उदाहरण भी।
दिल्ली के सभी ISBT पर लगेंगी एंटी-स्मॉग गन, धूल प्रदूषण से मिलेगी राहत
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दिल्ली सरकार ने धूल प्रदूषण से निपटने के लिए शहर के सभी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) पर ऑटो स्विंग एंटी-स्मॉग गन लगाने की योजना बनाई है। कश्मीरी गेट ISBT की छत पर आठ ऐसी गनें लगाई जाएंगी, जो स्वचालित रूप से धुंध और धूल को नियंत्रित करेंगी। दिल्ली परिवहन अवसंरचना विकास निगम (DTIDC) ने इसके लिए निविदा जारी कर दी है।
ये एंटी-स्मॉग गनें पानी के feee फॉग का छिड़काव करेंगी, जिससे बस अड्डों पर उड़ने वाली धूल पर काबू पाया जा सकेगा। व्यस्त ISBT जैसे कश्मीरी गेट, सराय काले खां और आनंद विहार पर ट्रकों और बसों से उत्पन्न धूल प्रमुख समस्या है। इस पहल से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार की उम्मीद है, खासकर GRAP चरणों के दौरान।
अधिकारी ने बताया कि गनें 360 डिग्री घूम सकेंगी और सेंसर से नियंत्रित होंगी। इससे निर्माण स्थलों और सड़कों पर धूल कम होगी। दिल्ली में पहले से 76 एंटी-स्मॉग गनें चल रही हैं, लेकिन ISBT पर यह पहली बार होगा। योजना से सालाना लाखों लीटर पानी की बचत भी होगी।
स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ISBT इलाकों में धूल से सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2026 तक सभी प्रमुख स्थलों पर ऐसी व्यवस्था करना है।
द्वारका में अवैध कूड़ा फेंकने पर NGT का सख्त रुख, MCD को तत्काल कार्रवाई का निर्देश
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने दिल्ली के द्वारका सेक्टर-3 में अवैध कूड़ा फेंकने की समस्या पर सख्ती बरती है। NGT ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को छह सप्ताह के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को इसकी निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है।
याचिकाकर्ता राजकुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि इलाके में खुले में कूड़ा फेंकने से बदबू, गंदगी और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासियों को सांस संबंधी बीमारियां और जलजनित रोगों का खतरा हो गया है। NGT ने MCD की लापरवाही पर नाराजगी जताई और दो माह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
NGT ने कहा कि अवैध डंपिंग से भूजल प्रदूषण और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। MCD को कूड़ा निस्तारण के लिए वैज्ञानिक लैंडफिल, नियमित सफाई और जागरूकता अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। DPCC को हर दो सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों ने NGT के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि MCD की उदासीनता से इलाका कूड़ों का ढेर बन गया था। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्देशों का पालन किया जाएगा और दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी। यह फैसला दिल्ली के अन्य इलाकों के लिए भी मिसाल बनेगा।
जमुई ट्रेन हादसे के 56 घंटे बाद भी हावड़ा-दिल्ली रूट ठप, रेलवे ने दिया अपडेट
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बिहार के जमुई में सिमुलतला मालगाड़ी हादसे के 56 घंटे बाद भी हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप है। यात्री कड़ाके की ठंड में स्टेशनों पर फंसे हैं और पानी, भोजन व बैठने की बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। रेलवे ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त डिब्बों का खतरा पूरी तरह समाप्त किए बिना ट्रेनें नहीं चलाई जाएंगी।
हादसे में पटरी से उतरी मालगाड़ी के डिब्बों को हटाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि क्रेन और विशेष टीमों को लगाया गया है, लेकिन ठंड और तकनीकी जटिलताओं से काम प्रभावित हो रहा है। हावड़ा-दिल्ली रूट पर 20 से अधिक ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गई हैं, जिससे हजारों यात्रियों का सफर लंबा खिंच गया।
फंसे यात्रियों ने रेलवे की लापरवाही पर गुस्सा जताया। कई परिवारों सहित लोग प्लेटफॉर्म पर रातें गुजार रहे हैं। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और वैकल्पिक बसें चलाने की कोशिश की है, लेकिन दूरी अधिक होने से राहत सीमित है। अधिकारियों का अनुमान है कि 48-72 घंटे में मार्ग बहाल हो सकता है।
यह हादसा रेल सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि नियमित जांच और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम जरूरी हैं। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य रखने और अपडेट लेने की अपील की है।


