Delhi News Today 03 Mar 2026

Delhi News Today 03 Mar 2026

IGI एयरपोर्ट पर 87 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द: ईरान-इजरायल युद्ध से कच्चा तेल 20% महंगा, ईरान इंटरनेट बंद-भारतीय छात्र फंसे!30 साल से लटकती बिजली तारें हजारों जिंदगियों पर संकट।

दिल्ली बुराड़ी: 30 साल से लटकती बिजली तारें, हजारों जिंदगियों पर मंडराया खतरा

बाहरी दिल्ली के बुराड़ी में लटकती बिजली की तारें 30 सालों से निवासियों के लिए घातक खतरा बनी हैं। कई हादसों में लोग अपंग हुए, कुछ ने जान गंवाई—अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं।

Delhi News Today 03 Mar 2026

 बुराड़ी इलाके में सड़कों पर लटकती जर्जर बिजली तारें—हर पल दुर्घटना का खतरा। (फोटो: जगरण)

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दिल्ली के बुराड़ी इलाके में बिजली की जर्जर तारें 30 साल से लटक रही हैं, जो हजारों निवासियों की जान पर भारी पड़ रही हैं। इन तारों ने कई लोगों को अपंग बना दिया और कुछ की जान ले ली। स्थानीय लोग रोज इस खतरे से जूझ रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठा।

खतरे की पूरी डिटेल्स: क्यों और कैसे?

बुराड़ी के व्यस्त इलाकों में बिजली की तारें सड़कों और गलियों पर लटकती नजर आती हैं। बारिश या तेज हवा में ये टूटकर गिर जाती हैं, जिससे करंट लगने का जोखिम बढ़ जाता है। पिछले 30 वर्षों में दर्जनों हादसे हुए हैं—कई बच्चे और बुजुर्ग शिकार बने। तारें पुरानी हो चुकी हैं, पोल जर्जर हैं, और मेंटेनेंस की कमी से समस्या और गंभीर हो गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। बिजली विभाग का दावा है कि फंड की कमी है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह लापरवाही का नतीजा है।

निवासियों के बयान

बुराड़ी रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा, “30 साल से ये तारें हमारी जान लेने को बेताब हैं। दो साल पहले मेरे पड़ोसी को करंट लगने से अपंग हो गया। प्रशासन जागे, वरना बड़ा हादसा हो जाएगा।” एक अन्य निवासी ने बताया, “बच्चे खेलते हुए तारों के नीचे से गुजरते हैं, हरदम डर लगता है।”

बैकग्राउंड और संदर्भ

बुराड़ी, बाहरी दिल्ली का घनी आबादी वाला इलाका है, जहां 50 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। 1990 के दशक से ये तारें लटक रही हैं, जब इलाके का विकास तेजी से हुआ। दिल्ली में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की कई समस्याएं हैं, लेकिन बुराड़ी जैसा केस दुर्लभ है। एनजीटी और कोर्ट ने पहले भी ऐसे मामलों में निर्देश दिए हैं, पर अमल नहीं होता।

आगे क्या? समाधान की उम्मीद

निवासी अब डीडीए और बिजली विभाग से तत्काल तारें हटाने की मांग कर रहे हैं। उम्मीद है कि ये खबर प्रशासन को झकझोरेगी। स्थायी समाधान के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग जरूरी है। क्या दिल्ली सरकार इस 30 साल पुराने खतरे को अब खत्म करेगी?


 

ईरान इंटरनेट बंद: भारतीय छात्र फंसे संकट में, पैसे-खाने की भुखमरी, परिजनों की चीख

ईरान में इंटरनेट सेवाओं के पूर्ण बंद होने से सैकड़ों भारतीय छात्र परेशान। ऑनलाइन पेमेंट और एटीएम ठप, खाने-पीने का गंभीर संकट—परिजन सरकार से गुहार लगा रहे।

Delhi News Today 03 Mar 2026

ईरान की सड़कों पर फंसे भारतीय छात्र—इंटरनेट बंद से पैसे निकालना मुश्किल, चेहरों पर भय। 

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ईरान में इंटरनेट सेवाओं के अचानक बंद होने से वहां पढ़ाई कर रहे सैकड़ों भारतीय छात्र गंभीर संकट में फंस गए हैं। ऑनलाइन लेनदेन और एटीएम सेवाएं ठप होने के कारण वे पैसे नहीं निकाल पा रहे, जिससे खाने-पीने की भारी समस्या हो गई है। परिजनों की चिंता चरम पर है, वे भारतीय सरकार से तत्काल मदद की मांग कर रहे हैं।

संकट की वजहें: कैसे बढ़ी परेशानी?

ईरान सरकार ने सुरक्षा कारणों से इंटरनेट पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे बैंकिंग ऐप्स, UPI और एटीएम काम करना बंद हो गया। छात्र होस्टल रेंट, खाना और दैनिक जरूरतों के लिए पैसे जुटा नहीं पा रहे। कई छात्र भूखे सोने को मजबूर हैं। ईरान में करीब 2,000 भारतीय छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से ज्यादातर तेहरान और अन्य शहरों में हैं। संपर्क टूटने से परिवारों को भी कोई खबर नहीं मिल रही।

परिजनों और छात्रों के बयान

दिल्ली की रहने वाली ममता शर्मा, जिनका बेटा तेहरान में पढ़ता है, ने कहा, “3 दिन से बेटे का फोन नहीं लग रहा। पैसे खत्म हो गए, खाना नहीं मिल रहा—कृपया सरकार विमान भेजे!” एक छात्र ने व्हाट्सएप के जरिए बताया, “यहां ATM लाइनें लगी हैं, लेकिन काम नहीं कर रहे। मदद चाहिए!”

बैकग्राउंड: क्यों बंद हुआ इंटरनेट?

ईरान में अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने इंटरनेट शटडाउन किया, जो पहले भी कई बार हो चुका है। भारत-ईरान के बीच मजबूत रिश्ते हैं, हजारों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्सेस के लिए जाते हैं। MEA ने पहले भी ऐसे मामलों में एडवाइजरी जारी की है।

आगे क्या? सरकार की भूमिका

विदेश मंत्रालय ने छात्रों से संपर्क साधने की कोशिश शुरू कर दी है। उम्मीद है कि स्पेशल फ्लाइट्स या लोकल एम्बेसी के जरिए राशन और पैसे की व्यवस्था होगी। परिजन प्रदर्शन कर रहे—तत्काल एक्शन जरूरी। क्या भारत सरकार जल्द छात्रों को सुरक्षित लाएगी?


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ईरान-इजरायल युद्ध: कच्चे तेल के दाम 20% चढ़े, ट्रांसपोर्टर हिल गए—भारत पर महंगाई का डर

पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल युद्ध से कच्चे तेल की कीमतें 20% उछल गईं। ट्रांसपोर्टर चिंतित, भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे होने से महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा।

ग्राफ में दिखा कच्चे तेल का 20% उछाल—ईरान-इजरायल टेंशन से ग्लोबल मार्केट हिल गया।

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पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच तेज होते युद्ध ने कच्चे तेल के दामों में 20% की भारी तेजी ला दी है। इससे भारतीय ट्रांसपोर्टरों में चिंता की लहर दौड़ गई है। आशंका है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, जिससे पूरे देश में महंगाई का दौर शुरू हो जाएगा।

तेजी की वजहें: क्यों और कैसे बढ़े दाम?

ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई से होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बढ़ गया, जो दुनिया के 20% तेल का रास्ता है। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत, जो 85% तेल आयात करता है, सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने से लॉजिस्टिक्स महंगी हो जाएगी, जो FMCG से लेकर किसानों तक सबको झटका देगी।

ट्रांसपोर्टरों के बयान

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के चेयरमैन मलकीत सिंह ने कहा, “20% तेजी से डीजल 10 रुपये महंगा हो सकता है। हमारी कमाई पहले ही घट चुकी, अब दिवालिया होने का डर!” एक ट्रक ड्राइवर ने बताया, “ईंधन बिल दोगुना हो जाएगा, माल ढोना मुश्किल।”

बैकग्राउंड: युद्ध का वैश्विक संदर्भ

ईरान-इजरायल टेंशन लंबे समय से चल रहा है, लेकिन हाल के हमलों ने स्थिति बिगाड़ दी। भारत के लिए तेल आयात ईरान, सऊदी से होता है। 2022 के यूक्रेन युद्ध में भी ऐसा ही हुआ था, जब तेल 120 डॉलर पहुंचा था। RBI ने महंगाई पर नजर रखी है।

आगे क्या? भारत की रणनीति

सरकार स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व का इस्तेमाल कर सकती है। ट्रांसपोर्टर सब्सिडी की मांग कर रहे। उम्मीद है कि युद्ध शांत हो, वरना पेट्रोल 110 और डीजल 100 रुपये के पार। क्या मोदी सरकार महंगाई कंट्रोल कर पाएगी?


 

सफदरजंग एनक्लेव: पीने के पानी में घुसा सीवरेज, कोलीफॉर्म 2400—DJB रिपोर्ट में खुलासा, निवासी भयभीत

दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव में पेयजल में सीवर का मिश्रण पकड़ा गया। DJB सैंपल में कोलीफॉर्म काउंट 2400 तक पहुंचा, निवासी मिनरल वाटर पर 10-12 हजार रुपये मासिक खर्च कर रहे।

सफदरजंग एनक्लेव के घरों में बहता बदबूदार दूषित पानी—सीवरेज मिक्सचर से स्वास्थ्य खतरा।

Delhi News Today 03 Mar 2026

दिल्ली के पॉश इलाके सफदरजंग एनक्लेव में पीने के पानी की सप्लाई में सीवरेज मिक्स हो गया है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की लैब रिपोर्ट में एक घर के सैंपल में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया काउंट 2400 तक पाया गया, जो बेहद खतरनाक स्तर है। इससे निवासी बीमार पड़ रहे हैं और मिनरल वाटर पर हजारों रुपये खर्च करने को मजबूर हैं।

प्रदूषण कैसे फैला: कारण और तरीका

DJB की जांच में पाया गया कि सप्लाई लाइनों में कई जगह सीवर पाइप फट गए थे, जिससे गंदा पानी मिक्स हो गया। कोलीफॉर्म काउंट 2400 का मतलब है पानी में घातक बैक्टीरिया मौजूद हैं, जो डायरिया, पेट दर्द जैसी बीमारियां फैला सकते हैं। बोर्ड ने अब तक 7 लीकेज पॉइंट्स ठीक किए हैं, लेकिन समस्या बरकरार है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन और मेंटेनेंस की कमी मुख्य वजह।

निवासियों की शिकायतें

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा, “हर महीने 10-12 हजार मिनरल वाटर पर उड़ रहे हैं। बच्चे-बुजुर्ग बीमार पड़ रहे, DJB कब सुधरेगा?” एक महिला निवासी ने बताया, “पानी पीने लायक नहीं, बदबू मारता है—स्वास्थ्य पर खेला जा रहा।”

बैकग्राउंड: दिल्ली की पुरानी समस्या

सफदरजंग एनक्लेव साउथ दिल्ली का हाई-प्रोफाइल एरिया है, लेकिन जल आपूर्ति में लीकेज आम है। DJB रिपोर्ट्स बताती हैं कि शहर में 40% पानी लीक होता है। WHO स्टैंडर्ड के मुताबिक कोलीफॉर्म जीरो होना चाहिए, लेकिन यहां 2400—गंभीर उल्लंघन।

आगे क्या? स्थायी हल की जरूरत

DJB ने सभी लीकेज ठीक करने का वादा किया है और नई टेस्टिंग शुरू की। निवासी कोर्ट जाने की तैयारी में। उम्मीद है जल्द साफ पानी मिलेगा, वरना स्वास्थ्य संकट बढ़ेगा। क्या AAP सरकार अब कार्रवाई लेगी?


 

IGI एयरपोर्ट पर 87 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, सैकड़ों यात्री फंसे; मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर

मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के कारण दिल्ली IGI एयरपोर्ट से जाने वाली 87 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सोमवार को रद्द, सैकड़ों यात्री घंटेभर फंसे रहे, स्पेन का एक दल सबसे ज्यादा परेशान दिखा।

Delhi News Today 03 Mar 2026

IGI एयरपोर्ट के डिपार्चर हॉल में फ्लाइट रद्द होने के बाद जानकारी बोर्ड को टकटकी लगाकर देखते यात्री।

Delhi News Today 03 Mar 2026

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार का दिन यात्रियों के लिए बेहद मुश्किल रहा। मध्यपूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते एयरलाइंस ने अपनी कई रूटों में बदलाव और उड़ानें रद्द कर दीं। इसके चलते IGI से उड़ान भरने वाली 87 अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द हो गईं और सैकड़ों यात्री घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। इनमें स्पेन से आया एक दल भी शामिल था, जो खासा परेशान नजर आया।

क्यों रद्द हुईं इतनी उड़ानें?

मिडिल ईस्ट के ऊपर से होकर जाने वाले कई लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय रूट फिलहाल जोखिम वाले माने जा रहे हैं। एयरस्पेस में संभावित खतरे और डायवर्जन की जरूरत के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द या री-शेड्यूल कर दीं। एयरलाइन ऑपरेटर्स के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से डायरेक्ट रूट पर उड़ान भरना फिलहाल संभव नहीं, जबकि वैकल्पिक रास्तों से जाने पर समय और लागत दोनों बढ़ते हैं। इससे शेड्यूल बुरी तरह प्रभावित हुआ और यात्रियों को अचानक कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा।

यात्रियों और दल की परेशानी

एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों ने बताया कि कई लोगों को बिना पूर्व सूचना के गेट पर जाकर फ्लाइट रद्द होने का पता चला। स्पेन के एक दल के सदस्य ने कहा, “हमारे होटल, मीटिंग और आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स सब गड़बड़ा गई हैं, कोई क्लियर जानकारी नहीं मिल रही।” कई यात्रियों को लंबी कतारों में रीबुकिंग और रिफंड के लिए इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ फर्श पर ही बैठे नजर आए।

बैकग्राउंड: मिडिल ईस्ट तनाव और एविएशन

मध्यपूर्व पहले भी कई बार जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण एयरस्पेस रिस्क जोन रहा है। अंतरराष्ट्रीय एविएशन नियम कहते हैं कि जोखिम बढ़ने पर एयरलाइंस को रूट बदलना या उड़ानें रोकना पड़ता है। भारत से यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका जाने वाली कई फ्लाइट्स मिडिल ईस्ट कॉरिडोर का इस्तेमाल करती हैं, इसलिए यहां का तनाव सीधे दिल्ली जैसे हब एयरपोर्ट को प्रभावित करता है।

आगे क्या? यात्रियों को क्या करना चाहिए

एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन चेक करें। अधिकांश कंपनियां बिना अतिरिक्त शुल्क के रीबुकिंग और डेट चेंज की सुविधा दे रही हैं। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर और कटौती संभव है। फिलहाल सभी की निगाहें हालात सामान्य होने और फ्लाइट ऑपरेशन बहाल होने पर टिकी हैं।

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