Delhi News Today 04 Mar 2026

दिल्ली पुश्ता रोड,दिल्ली में एक्सपायर्ड उत्पाद री-लेबलिंग रैकेट,लक्ष्मी नगर चौराहे पर स्काईवॉक बनेगा,पश्चिम एशिया युद्ध,दिल्ली एयरपोर्ट पर 80 फ्लाइट्स कैंसिल।

लक्ष्मी नगर चौराहे पर स्काईवॉक का तोहफा: पैदल यात्रियों को जाम से मुक्ति, ट्रैफिक दबाव कम

पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर चौराहे पर स्काईवॉक बनाने को मंजूरी। विकास मार्ग, मदर डेयरी और पटपड़गंज रोड से आने वालों को फायदा, PWD करेगा फिजिबिलिटी स्टडी।

Delhi News Today 04 Mar 2026

लक्ष्मी नगर चौराहे पर बनने वाला स्काईवॉक—पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित पुल।

Delhi News Today 04 Mar 2026

पूर्वी दिल्ली के हाई-ट्रैफिक लक्ष्मी नगर चौराहे पर अब स्काईवॉक बनेगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है। यह स्काईवॉक विकास मार्ग, मदर डेयरी रोड और पटपड़गंज रोड से आने वाले पैदल यात्रियों के लिए होगा, जिससे जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

योजना की डिटेल्स: क्यों और कैसे बनेगा?

लक्ष्मी नगर चौराहा कोचिंग हब है, जहां रोज हजारों स्टूडेंट्स और वाहन जमा होते हैं। स्काईवॉक से पैदल यात्री सड़क क्रॉसिंग से बचेंगे, ट्रैफिक फ्लो सुधरेगा। PWD फिजिबिलिटी स्टडी करेगा, जिसमें डिजाइन, कॉस्ट और लोकेशन फाइनल होगा। इससे सड़क हादसे 30-40% कम हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बयान

आरडब्ल्यूए सदस्य ने कहा, “रोज जाम में फंसते हैं, स्काईवॉक से बड़ी राहत मिलेगी।” PWD अधिकारी बोले, “स्टडी 2 महीने में पूरी, फिर टेंडर प्रोसेस शुरू।”

बैकग्राउंड: दिल्ली की ट्रैफिक समस्या

दिल्ली में 10 से ज्यादा स्काईवॉक हैं, लेकिन पूर्वी दिल्ली जैसे डेंस एरिया में कमी। लक्ष्मी नगर में डेली 5 लाख वाहन गुजरते हैं, जाम कॉस्ट अरबों का है। केजरीवाल सरकार इंफ्रा पर फोकस कर रही।

आगे क्या? निर्माण की समयसीमा

PWD स्टडी के बाद 6-8 महीने में काम शुरू हो सकता है। उम्मीद है इससे इलाका ट्रैफिक-फ्री बनेगा। क्या यह दिल्ली के अन्य चौराहों के लिए मिसाल बनेगा?


 

दिल्ली: एक्सपायर्ड उत्पादों पर लेबल बदलकर बेचने वाला रैकेट भंडाफोड़, मुख्य सप्लायर अकरम अंसारी गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक्सपायर हो चुके खाद्य और कॉस्मेटिक उत्पादों पर नया लेबल लगाकर बेचने वाले रैकेट का खुलासा किया; शहीदनगर गोदाम से सेंकड़ों एक्सपायर्ड सामान बरामद, मुख्य सप्लायर अकरम अंसारी गिरफ्तार।

Delhi News Today 04 Mar 2026

शहीदनगर स्थित गोदाम से जब्त एक्सपायर हुए ब्रांडेड पैकेट और री-लेबलिंग मशीनें—क्राइम ब्रांच ने खोला खतरनाक खेल।

Delhi News Today 04 Mar 2026

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक खतरनाक रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो एक्सपायर हो चुके खाद्य और कॉस्मेटिक उत्पादों पर नई एक्सपायरी डेट और लेबल चिपकाकर बाजार में “ताजा” स्टॉक बताकर बेच रहा था। शहीदनगर इलाके स्थित गोदाम से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड उत्पाद बरामद किए गए हैं और रैकेट का मुख्य सप्लायर अकरम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी पहले पकड़े गए ओमप्रकाश की निशानदेही पर हुई है, जो अकरम से इन उत्पादों की सप्लाई लेता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में है।

रैकेट कैसे चल रहा था? (क्यों और कैसे)

जांच के अनुसार, अकरम अंसारी और उसका नेटवर्क बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुके ब्रांडेड फूड और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट (जैसे नेस्ले, डाबर, सैवलॉन जैसे मशहूर ब्रांड) को जमा करता था। गोदाम में मशीनों की मदद से असली एक्सपायरी डेट और बैच नंबर मिटाकर नई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट प्रिंट की जाती थी, फिर उन्हें रीपैक करके दोबारा बाजार में फैलाया जाता था। इससे न केवल उपभोक्ता धोखा खाते थे बल्कि उनकी सेहत के लिए भी गंभीर खतरा पैदा होता था, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। दिल्ली उच्च न्यायालय इस तरह की रीब्रांडिंग प्रैक्टिस को लेकर पहले ही स्वतः संज्ञान ले चुका है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले ऐसे केसों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ओमप्रकाश और अन्य आरोपियों की भूमिका

पहले क्राइम ब्रांच ने जगतपुर स्थित गोदाम में ओमप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया था, जो एक्सपायर हुए उत्पादों को रीप्रिंट और रीपैक करके थोक बाजारों में बेचता था। ओमप्रकाश की पूछताछ से नाम अकरम अंसारी के नाम पर आया, जिससे शहीदनगर गोदाम तक पुलिस पहुंची। वहां से न केवल सेंकड़ों एक्सपायर्ड पैकेट जब्त हुए बल्कि लेबल प्रिंटिंग फ्रेम, री-लेबलिंग सामग्री और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए, जो इसे एक संगठित फर्जीवाड़ा साबित करते हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये एक्सपायर्ड उत्पाद किन राज्यों और बाजारों में बेचे गए, और किन थोक विक्रेताओं तक पहुंचे।

स्वास्थ्य और कानूनी दृष्टिकोण

एक्सपायर्ड उत्पादों का सेवन संक्रमण, एलर्जी और गंभीर पेट संबंधी रोग का कारण बन सकता है, खासकर जब निर्माण और एक्सपायरी डेट फर्जी हो। भारतीय खाद्य और मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत एक्सपायर उत्पाद बेचना गैरकानूनी है और इसमें धोखाधड़ी की धाराएं भी लगती हैं। क्राइम ब्रांच ने अकरम और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा ट्रेडमार्क एक्ट की धाराएं लगाई हैं। इससे पहले, दिसंबर 2025 में भी दिल्ली पुलिस ने एक्सपायर हुई कोल्ड ड्रिंक और बेबी प्रोडक्ट्स की री-लेबलिंग वाले रैकेट का खुलासा किया था।

आगे क्या होगा? (क्या‐क्या अपेक्षित है)

पुलिस ने बताया कि गोदाम से जब्त सामान लैब टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं ताकि इन उत्पादों की गुणवत्ता और संभावित जोखिम का आकलन किया जा सके। साथ ही, उन रिटेल एवं थोक विक्रेताओं की पहचान की जा रही है जिन्होंने इन फर्जी‑ताजा उत्पादों को खरीदा या बेचा। उपभोक्ता संगठन लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि खरीदते समय उत्पाद की एक्सपायरी डेट और बैच नंबर ध्यान से देखें, और संदिग्ध लेबल वाले प्रोडक्ट रिपोर्ट करें। यह मामला फिर से बता रहा है कि दिल्ली जैसे शहरों में एक्सपायर्ड सामानों की बाजार में फिर से दिखाई देने का खतरा बना हुआ है, जिस पर निगरानी और कड़ा अभियान जारी रहना चाहिए।


 

दिल्ली: पुश्ता रोड पर लगातार हादसों के बाद भारी वाहनों पर रोक, चौड़ीकरण पर NGT से आएगा फैसला

सोनिया विहार स्थित पुश्ता रोड पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं के बाद अब भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। रोड को चौड़ा करने और उस पर एलिवेटेड रोड बनाने के प्रपोजल पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) जल्द फैसला करेगा।

Delhi News Today 04 Mar 2026

पुश्ता रोड पर भारी ट्रकों के लिए लगाया गया प्रतिबंध बोर्ड—स्थानीय निवासी राहत के मूड में।

Delhi News Today 04 Mar 2026

दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में स्थित पुश्ता रोड पर हाल के दिनों में लगातार सड़क हादसों ने निवासियों की चिंता बढ़ा दी थी। बार–बार हुई दुर्घटनाओं के बाद दिल्ली प्रशासन और वातावरण संबंधी नियमों को देखते हुए भारी वाहनों (ट्रक, टैंकर, RMC वाहन आदि) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस रोड को चौड़ा करने और यहां एलिवेटेड रोड बनाने की पहले से चल रही योजना पर अब NGT अपना फैसला देगा, जिससे ट्रैफिक और हादसों पर नियंत्रण की उम्मीद है।

भारी वाहनों पर रोक क्यों लगी?

पुश्ता रोड यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र के काफी करीब से गुजरती है और इस इलाके में रहने वाले हजारों निवासी हैं। भारी वाहनों के लगातार आवागमन से न केवल धूल और शोर प्रदूषण बढ़ता है बल्कि अंगुचित चौड़ाई और खराब टर्निंग रेडियस के कारण हादसे भी बार–बार हो रहे थे। राष्ट्रीय हरित अधिकरण और निवासी दोनों ने यह दलील दी थी कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही परिस्थितिजन्य और सुरक्षा दोनों के लिए खतरनाक है। इसी वजह से दिल्ली पुलिस ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है।

चौड़ीकरण और एलिवेटेड रोड की योजना

पीडब्ल्यूडी (PWD) और दिल्ली सरकार लंबे समय से पुश्ता रोड चौड़ीकरण और यहां 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की योजना लेकर चल रहे हैं। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली–उत्तर प्रदेश सीमा तक जाने वाले ट्रैफिक को ऊपर से ले जाकर जमीनी स्तर पर लोकल यातायात और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग बनाना है। यह प्रोजेक्ट लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत वाला होने का अनुमान है और अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और पर्यावरण प्रभाव के आधार पर NGT अपना फैसला देगा।

निवासियों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

सोनिया विहार रहने वाले कई लोगों ने कहा कि भारी वाहनों पर रोक से न सिर्फ दुर्घटना की आशंका कम हुई है बल्कि धूल और शोर से भी राहत मिल रही है। एक निवासी ने कहा, “हम 20 साल से आराम से ट्रैफिक चाहते थे, अब लगता है धीरे‑धीरे बदलाव आ रहा है।”

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारी वाहनों के ऊपर रोक लगाने के बावजूद उन्हें अन्य रूटों पर डायवर्ट किया जा सकता है, ताकि निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पहुंच बनी रहे। इस समय फोकस यह है कि NGT की अनुमति के बाद चौड़ीकरण और एलिवेटेड रोड का निर्माण तेजी से शुरू हो सके, ताकि पुश्ता रोड दिल्ली के उत्तर‑पूर्वी हिस्से के लिए एक सुरक्षित और ट्रैफिक‑फ्री कॉरिडोर बन सके।


 

पश्चिम एशिया युद्ध: पर्यटन उद्योग पर 90% बुकिंग कैंसल का कहर, भारतीय पर्यटक सबसे प्रभावित

मिडिल ईस्ट में युद्धग्रस्त देशों में भारतीय पर्यटकों की 90% से ज्यादा बुकिंग्स रद्द। हवाई यात्रा प्रभावित होने से यूरोप-अमेरिका तक असर, होटल रिफंड में परेशानी।

Delhi News Today 04 Mar 2026

पश्चिम एशिया के होटल खाली पड़े—90% बुकिंग कैंसल से पर्यटन व्यवसाय संकट में। 

Delhi News Today 04 Mar 2026

पश्चिम एशिया में तेज होते युद्ध ने वैश्विक पर्यटन उद्योग को जोरदार झटका दिया है। युद्धग्रस्त देशों में भारतीय पर्यटकों की संख्या में 90 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। बुकिंग्स रद्द हो रही हैं, जबकि मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या भी समान रूप से प्रभावित हुई है। गर्मियों के पीक सीजन में यह संकट और गहरा सकता है।

असर कैसे पड़ा: कारण और प्रभाव

ईरान-इजरायल समेत मिडिल ईस्ट में उड़ानें रद्द होने से ट्रैवल प्लान्स चक्रव्यूह में फंस गए। दुबई, अबू धाबी जैसे हब एयरपोर्ट्स पर रुकावट से यूरोप-अमेरिका रूट्स भी प्रभावित। भारतीय पर्यटक, जो दुबई-मालदीव पसंद करते हैं, सबसे ज्यादा मारे। होटल ऑपरेटर्स रिफंड देने में आनाकानी कर रहे, क्योंकि कैंसिलेशन पॉलिसी सख्त हैं। इंडस्ट्री को अरबों का नुकसान हो रहा।

पर्यटन व्यवसायियों के बयान

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष ने कहा, “90% बुकिंग्स गायब, पीक सीजन बर्बाद। युद्ध खत्म न हुआ तो हजारों नौकरियां जाएंगी।” एक ट्रैवल एजेंट बोली, “क्लाइंट्स रिफंड मांग रहे, लेकिन एयरलाइंस-होटल सहयोग नहीं कर रहे।”

बैकग्राउंड: पर्यटन का वैश्विक चक्र

पश्चिम एशिया पर्यटन का प्रमुख गेटवे है, जहां से 30% ट्रैफिक भारत गुजरता है। कोविड के बाद रिकवर हो रहा था उद्योग, लेकिन युद्ध ने पटरी उतार दी। भारत से सालाना करोड़ों पर्यटक मिडिल ईस्ट जाते हैं।

आगे क्या? रिकवरी की राह

उम्मीद है युद्ध शांत हो तो बुकिंग्स वापस आएं। सरकार इंश्योरेंस और रिफंड पॉलिसी सख्त करे। ट्रैवलर्स अल्टरनेटिव डेस्टिनेशन चुनें। क्या पर्यटन उद्योग इस संकट से उबर पाएगा?


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मिडिल ईस्ट संकट: दिल्ली एयरपोर्ट पर 80 फ्लाइट्स कैंसिल, बुधवार से उम्मीद

मध्यपूर्व संकट के चलते मंगलवार को दिल्ली IGI एयरपोर्ट से 80 उड़ानें रद्द। 36 प्रस्थान और 44 आगमन प्रभावित, बुधवार से नियमित सेवाएं शुरू होने की संभावना।

IGI एयरपोर्ट स्क्रीन पर रद्द उड़ानों की लंबी लिस्ट—मिडिल ईस्ट संकट से यात्रियों की परेशानी। (फोटो: जगरण)

Delhi News Today 04 Mar 2026

मध्यपूर्व में बढ़ते संकट के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर मंगलवार को 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं। इनमें 36 प्रस्थान (डिपार्चर) और 44 आगमन (अराइवल) की फ्लाइट्स शामिल थीं। हजारों यात्री प्रभावित हुए, लेकिन बुधवार से सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद जगी है।

रद्दीकरण के पीछे कारण: कैसे प्रभावित?

मिडिल ईस्ट एयरस्पेस में खतरे के कारण एयरलाइंस ने सतर्कता बरती। ईरान-इजरायल तनाव से उड़ान पथ बदलना पड़ा, जिससे कई फ्लाइट्स डायवर्ट या कैंसल हुईं। इंडिगो, एयर इंडिया जैसी कंपनियों ने यूरोप, मिडिल ईस्ट रूट्स रोके। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह कदम उठाया गया। इससे कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी गड़बड़ाईं।

यात्रियों और एयरलाइंस के बयान

एक प्रभावित यात्री ने कहा, “लंदन फ्लाइट 5 घंटे लेट, अब कैंसल—कोई वैकल्पिक नहीं मिला।” एयर इंडिया प्रवक्ता बोले, “सुरक्षा पहले, बुधवार से रिव्यू के बाद उड़ानें बहाल। रिफंड/रीबुकिंग की सुविधा।”

बैकग्राउंड: संकट का एविएशन पर असर

मिडिल ईस्ट दुनिया का प्रमुख एयर कॉरिडोर है, जहां से भारत-यूरोप ट्रैफिक गुजरता है। पिछले हफ्ते से तनाव बढ़ा, जिससे ग्लोबली सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित। दिल्ली भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जहां रोज 1200+ उड़ानें होती हैं।

आगे क्या? बुधवार की अपडेट

अथॉरिटी ने कहा कि बुधवार सुबह स्थिति रिव्यू होगी। यात्री ऐप्स चेक करें। अगर संकट लंबा चला तो और रद्दीकरण संभव। सरकार एयरलाइंस से समन्वय बढ़ा रही। राहत की उम्मीद बरकरार।

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