Delhi News Today 1 Mar 2026
दिल्ली पब्लिक टॉयलेट बंद, यमुना बाढ़क्षेत्र NGT सीमांकन; रोहिणी स्कूल झुकी दीवार बल्लियों से रोकी!आबकारी घोटाला ED कोर्ट पहुंचा, द्वारका सड़क धंसने से हाहाकार; MCD हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान।
आबकारी घोटाला: ED की जल्दबाजी जांच व गिरफ्तारी पर कोर्ट सख्त, अधिकारों के हनन पर जताई चिंता
दिल्ली आबकारी नीति मामले में ED बिना न्यायिक जांच के PMLA गिरफ्तारी कर रही, कोर्ट ने लोगों के अधिकार प्रभावित होने पर नाराजगी जताई।
Delhi News Today 1 Mar 2026
आबकारी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जल्दबाजी वाली जांच और गिरफ्तारियों पर अदालत ने गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि ED PMLA के तहत बिना उचित न्यायिक जांच के गिरफ्तारी कर रही, जिससे लोगों के मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
विस्तृत जानकारी: क्यों जताई चिंता?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच में देरी या जल्दबाजी से व्यक्तिगत स्वतंत्रता खतरे में पड़ रही। PMLA धारा 19 के तहत गिरफ्तारी के लिए विशेष अदालत के संज्ञान लेने के बाद भी ED कार्रवाई कर रही। कोर्ट ने ED से केस फाइल पेश करने को कहा।
आधिकारिक बयान
कोर्ट ने टिप्पणी की, “ED बिना पर्याप्त आधार के गिरफ्तारी कर अधिकारों का हनन कर रही।” जस्टिस ने ED से पूछा, “गवाहों से सीधे सवाल क्यों नहीं पूछे गए?” ED ने सफाई दी कि जांच जटिल है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
दिल्ली आबकारी नीति घोटाला 2022 से चर्चा में है। ED ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत कई पर कार्रवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले PMLA गिरफ्तारी पर सीमाएं लगाईं। हाल ही में कई आरोपी बरी हुए, जांच पर सवाल बढ़े।
निष्कर्ष: आगे क्या?
कोर्ट ED को फटकार लगाकर जांच सुधारने का निर्देश दे सकता है। PMLA मामलों में न्यायिक निगरानी बढ़ेगी। राजनीतिक मामलों में ED की भूमिका पर बहस तेज।
दिल्ली रोहिणी: निगम स्कूल की 40 फीट झुकी दीवार को बल्लियों से रोका, बच्चों के लिए बना खतरा
रोहिणी सेक्टर-15 नगर निगम स्कूल की दीवार 1 महीने से झुकी हुई, लकड़ी के सहारे टिकी, बड़ा हादसा हो सकता है।
रोहिणी सेक्टर-15 में निगम स्कूल की खतरनाक झुकी दीवार, बल्लियों से रोकी गई।
Delhi News Today 1 Mar 2026
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-15 में नगर निगम स्कूल की 40 फीट लंबी दीवार एक महीने से अधिक समय से खतरनाक तरीके से झुकी हुई है। इसे अस्थायी रूप से लकड़ी की बल्लियों से रोका गया है। स्कूली बच्चों व राहगीरों के लिए जान का खतरा बना हुआ है।
विस्तृत जानकारी: क्यों झुकी दीवार?
रोहिणी सेक्टर-15 स्थित MCD प्राइमरी स्कूल की दीवार पुरानी हो चुकी है, जिससे वह धीरे-धीरे झुकने लगी। शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं हुई। लकड़ी की बल्लियां लगाकर टेम्परेरी सपोर्ट दिया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं। आसपास स्कूल चल रहा है, हादसा किसी भी समय हो सकता।
आधिकारिक बयान
स्थानीय निवासी ने कहा, “एक महीने से शिकायत कर रहे, निगम ने ध्यान नहीं दिया। बच्चे खतरे में हैं।” MCD अधिकारी: “जांच कर मरम्मत कराएंगे।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
दिल्ली MCD स्कूलों में पुरानी इमारतों की समस्या आम है। कमला नगर, दिलशाद गार्डन में पहले दीवारें गिरीं। बारिश व रखरखाव की कमी से खतरा बढ़ा। अभिभावक चिंतित।
निष्कर्ष: आगे क्या?
MCD ने मरम्मत का आश्वासन दिया। अभिभावक तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे। सभी स्कूलों की जांच जरूरी।
For in depth click here
यमुना बाढ़क्षेत्र सीमांकन: NGT ने दिल्ली सरकार को फटकार, 2 सप्ताह में रिपोर्ट मांगी
NGT ने अगस्त 2026 तक की समयसीमा को अव्यवहारिक बताया, अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली सरकार की देरी पर उठाए सवाल।
Delhi News Today 1 Mar 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र के सीमांकन में हो रही देरी पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने अगस्त 2026 तक तय समयसीमा को अव्यवहारिक करार दिया। दिल्ली सरकार को 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
विस्तृत जानकारी: क्यों उठाए सवाल?
NGT ने नोट किया कि सर्वे ऑफ इंडिया के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अन्य राज्यों में बाढ़क्षेत्र सीमांकन तेजी से पूरा हो चुका है। दिल्ली में यमुना बाढ़ क्षेत्र का सटीक सीमांकन न होने से बाढ़ प्रबंधन प्रभावित हो रहा। कोर्ट ने कहा कि देरी से पर्यावरण व जनजीवन को खतरा है।
आधिकारिक बयान
NGT बेंच ने टिप्पणी की, “अन्य राज्यों में सर्वे ऑफ इंडिया डेटा से कार्य पूरा, दिल्ली क्यों पिछड़ रही?” दिल्ली सरकार के वकील ने सफाई दी कि तकनीकी प्रक्रिया जटिल है। कोर्ट असंतुष्ट।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यमुना बाढ़क्षेत्र सीमांकन का मामला वर्षों से लंबित है। दिल्ली में बाढ़ से हर साल करोड़ों का नुकसान। NGT ने कई बार निर्देश दिए, लेकिन अमल नहीं हुआ। सर्वे ऑफ इंडिया के सैटेलाइट डेटा उपलब्ध होने के बावजूद प्रगति धीमी।
निष्कर्ष: आगे क्या?
दिल्ली सरकार को 2 सप्ताह में कार्ययोजना सौंपनी होगी। NGT सख्ती बरत सकता है। बाढ़काल से पहले सीमांकन पूरा करने का दबाव बढ़ा। जल प्रबंधन में सुधार जरूरी।
दिल्ली पब्लिक टॉयलेट संकट: 2015 में बने शौचालय बिजली-पानी के बिना बंद, जनता परेशान
पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर, जनकपुरी में स्वच्छ भारत के प्रतीक शौचालय जर्जर, बिजली-पानी की कमी से अनुपयोगी।
उत्तम नगर में बंद पड़े 2015 के पब्लिक टॉयलेट, बिजली-पानी गायब।
Delhi News Today 1 Mar 2026
दिल्ली के पश्चिमी इलाकों में 2015 में बने ज्यादातर सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं। उत्तम नगर, जनकपुरी जैसे क्षेत्रों में बिजली और पानी के अभाव से ये अनुपयोगी हो गए। स्वच्छता अभियान की हकीकत सामने आ रही है।
विस्तृत जानकारी: क्यों बंद हैं शौचालय?
2015 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए ये टॉयलेट तोड़फोड़, रखरखाव की कमी से जर्जर हो चुके। बिजली-पानी कनेक्शन कटे हुए। सफाई कर्मचारी अनुपस्थित। उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन व बाजार क्षेत्रों में ये ढांचे खंडहर बने खड़े हैं। राहगीर खुले में शौच करने को मजबूर।
आधिकारिक बयान
स्थानीय पार्षद ने कहा, “बिजली बिल बकाया, पानी सप्लाई बंद। MCD बजट की कमी।” निवासी: “बच्चों-महिलाओं के लिए संकट, तत्काल सुधार चाहिए।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
स्वच्छ भारत अभियान 2014 में शुरू हुआ, दिल्ली में सैकड़ों टॉयलेट बने। रखरखाव की कमी से 70% बंद। MCD-निगमों के बीच जिम्मेदारी का टालमटोल। पिछले साल भी यही शिकायतें।
निष्कर्ष: आगे क्या?
MCD ने सर्वे शुरू किया। बिजली-पानी बहाल कर सुचारू करने का वादा। जनता सतर्कता बरते।
दिल्ली द्वारका: सेक्टर 17 में सड़क धंसी, जल बोर्ड पाइपलाइन रिसाव से बड़ा गड्ढा, हादसे का खतरा
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका सेक्टर 17 में जल बोर्ड की मुख्य पाइपलाइन के नीचे सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया, लंबे समय से रिसाव की समस्या बनी हुई।
द्वारका सेक्टर 17 में धंसी सड़क, नीचे जल बोर्ड पाइपलाइन से रिसाव जारी।
Delhi News Today 1 Mar 2026
दिल्ली के द्वारका सेक्टर 17 में दिल्ली जल बोर्ड की मुख्य पाइपलाइन के नींव जमीन धंस गई, जिससे सड़क पर विशाल गड्ढा बन गया। यह घटना पाइपलाइन में लंबे समय से हो रहे रिसाव के कारण हुई है। इससे इलाके में हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग परेशान हैं।
विस्तृत जानकारी: क्यों-कैसे धंसी सड़क?
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका सेक्टर 17 में जल बोर्ड की पुरानी मुख्य पाइपलाइन में लगातार रिसाव हो रहा था, जिससे मिट्टी कमजोर हो गई। रिसाव के कारण पानी जमा होने से सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। गड्ढा इतना गहरा है कि वाहन आसानी से फंस सकते हैं। नगर निगम और जल बोर्ड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर इलाके को बैरिकेडिंग से घेर लिया। ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
आधिकारिक बयान
दिल्ली जल बोर्ड अधिकारी ने कहा, “पाइपलाइन में रिसाव की समस्या पुरानी है, तत्काल मरम्मत शुरू कर दी गई।” स्थानीय पार्षद ने चेतावनी दी, “ऐसे गड्ढों से बड़ा हादसा हो सकता है, जल्द सुधार जरूरी।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
द्वारका क्षेत्र में सड़क धंसाव की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। दिल्ली में पुरानी इंफ्रास्ट्रक्चर और मॉनसून के बाद रिसाव आम समस्या है। पिछले साल भी इसी इलाके में इसी तरह का हादसा हुआ था। जल बोर्ड की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
निष्कर्ष: आगे क्या?
जल बोर्ड मरम्मत कार्य तेज कर रहा है, सड़क को जल्द बहाल करने का दावा। नगर निगम ने वैकल्पिक मार्ग सुझाए। हादसे रोकने हेतु सतर्कता बरतें।


