CBI इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल पर 2 करोड़ रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप,दिल्ली उत्तम नगर मछली मंडी में भयंकर आग,गैस सिलेंडर किल्लत से रेस्टोरेंट स्टॉक्स 7% लुढ़के, ब्रेंट क्रूड 100$ पार,नजफगढ़ राणाजी एनक्लेव में प्लास्टिक कूलर गोदाम धू-धू जल गया।

दिल्ली: CBI इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल पर 2 करोड़ रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप, विभागीय जांच शुरू

दक्षिणी दिल्ली मैदानगढ़ी में सीबीआई अधिकारी ने पीड़ित को शिकायत का डर दिखाकर 50 हजार लिए, मासिक 75 हजार मांगे। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज।

Delhi News Today 12 Mar 2026

दिल्ली मैदानगढ़ी CBI रंगदारी कांड – इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल पर 2 करोड़ वसूली का आरोप।

Delhi News Today 12 Mar 2026

दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में कथित CBI इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित व्यक्ति को CBI में दर्ज शिकायत का डर दिखाकर पहले 50 हजार रुपये वसूल लिए गए। इसके बाद मासिक 75 हजार रुपये की मांग की गई। सीबीआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर दी है। जांच की जिम्मेदारी डिप्टी एसपी अनमोल सचान को सौंपी गई है।

रंगदारी का तरीका: CBI का दुरुपयोग

आरोपी इंस्पेक्टर ने पीड़ित को CBI शिकायत का हवाला देकर दबाव बनाया। पहले 50 हजार रुपये नकद ले लिए गए। इसके बाद मासिक 75 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। कुल 2 करोड़ रुपये की रंगदारी का लक्ष्य था। पीड़ित ने सीबीआई को शिकायत की, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू हुई। मैदानगढ़ी थाना क्षेत्र में यह मामला सामने आया है।

सीबीआई की त्वरित कार्रवाई

सीबीआई ने अपने ही अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC एक्ट) के तहत सख्ती दिखाई। डिप्टी एसपी अनमोल सचान के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित। आरोपी के घर की तलाशी, फोन रिकॉर्ड्स, बैंक खाते और संपत्ति की पड़ताल शुरू। विभागीय जांच के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज। सीबीआई ने स्पष्ट किया कि अपने कर्मियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी।

पृष्ठभूमि: CBI में भ्रष्टाचार के मामले

पिछले दिनों CBI ने अपने इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टरों पर भी रिश्वत के कई केस दर्ज। तिहाड़ जेल रंगदारी रैकेट, DDA अधिकारी रिश्वत मामले में भी CBI सक्रिय। मैदानगढ़ी इलाके में प्रॉपर्टी डीलरों को निशाना बनाने की जानकारी मिली।


 

दिल्ली उत्तम नगर मछली मंडी में भयंकर आग: 300 से ज्यादा झुग्गियां राख, फायर ब्रिगेड ने बुझाई

मटियाला क्षेत्र में बुधवार रात भीषण आग, दुकानें-झुग्गियां धू-धू जल गईं। कोई हताहत नहीं, लेकिन हजारों बेघर।

Delhi News Today 12 Mar 2026

उत्तम नगर मछली मंडी के पास भीषण आग, 300 झुग्गियां जलकर राख। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मशक्कत रत।

Delhi News Today 12 Mar 2026

दिल्ली के उत्तम नगर स्थित मछली मंडी के पास बुधवार रात को भीषण आग लग गई। मटियाला थाना क्षेत्र में फैली इस आग ने 300 से ज्यादा झुग्गियां और कई दुकानें अपनी चपेट में ले लीं। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

हादसे का पूरा विवरण: कैसे फैली आग?

उत्तम नगर मछली मंडी के पास मटियाला इलाके में बुधवार रात अचानक आग लग गई। झुग्गी-झोपड़ियों से शुरू हुई आग तेजी से फैल गई। मछली मंडी की दुकानों तक पहुंची आग ने प्लास्टिक, लकड़ी व अन्य ज्वलनशील पदार्थों को भोजन बना लिया। काले धुएं का गुबार आसमान छू गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने तुरंत कई दमकल गाड़ियां तैनात कीं। संकरी गलियों में पहुंचने में दिक्कत हुई, लेकिन दमकल कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर आग बुझाई।

निवासियों की परेशानी: बेघर हजारों लोग

झुग्गी वासियों का सब कुछ जल गया। राशन, कपड़े, नगदी, जरूरी सामान सब राख। मछली बेचने वाले दुकानदारों को भी लाखों का नुकसान। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय सो रहे लोग धुएं से जागे। महिलाएं-बच्चे सड़क पर आ गए। MCD व पुलिस ने अस्थायी पुनर्वास की व्यवस्था शुरू की। बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट या मछली तेल का स्टोव कारण हो सकता है।

पृष्ठभूमि: दिल्ली में झुग्गी आग का खतरा

दिल्ली-एनसीआर में झुग्गी आग लगना आम बात। उत्तम नगर, नजफगढ़, विवेक विहार जैसे इलाकों में बिजली शॉर्ट सर्किट व खाना पकाने के चूल्हे मुख्य कारण। पिछले महीने नजफगढ़ प्लास्टिक गोदाम में भी इसी तरह का हादसा हुआ था। झुग्गी वासियों के पास अग्निशमन यंत्र नहीं। नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।

उत्तम नगर आग हादसे ने झुग्गी बस्तियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। प्रशासन को पुनर्वास व सुरक्षा उपाय तत्काल करने होंगे। जांच पूरी होने पर आग के कारणों का पता चलेगा। क्या मिलेगी बेघरों को राहत?


 

गैस सिलेंडर किल्लत से रेस्टोरेंट स्टॉक्स 7% लुढ़के, ब्रेंट क्रूड 100$ पार; स्विगी सबसे ज्यादा प्रभावित

पश्चिम एशिया संकट के कारण गैस आपूर्ति बाधित, 12 मार्च को इटरनल, स्विगी, जुबिलेंट फूडवर्क्स शेयरों में भारी गिरावट।

Delhi News Today 12 Mar 2026

गैस किल्लत से रेस्टोरेंट सेक्टर शेयरों में 7% तक की भारी गिरावट, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार।

Delhi News Today 12 Mar 2026

12 मार्च 2026 को गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करने से रेस्टोरेंट से जुड़े स्टॉक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। इटरनल, स्विगी, जुबिलेंट फूडवर्क्स जैसे प्रमुख शेयरों में 7% तक की कमी आई। पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष ने गैस आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है।

गिरावट के कारण: दोहरी मार

पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। साथ ही ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गईं। इससे खाना पकाने का खर्च दोगुना हो गया। एलपीजी सिलेंडरों के दामों में हाल ही 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई। रेस्टोरेंट कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ा।

सबसे ज्यादा नुकसान: कौन से स्टॉक्स?

  • स्विगी: 6.8% गिरावट – सबसे ज्यादा प्रभावित

  • जुबिलेंट फूडवर्क्स (डोमिनोज): 6.5% लुढ़का

  • इटरनल: 7% की तेज गिरावट

  • रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (KFC): 5.2% नीचे

निफ्टी और सेंसेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट। कुल बाजार पूंजीकरण में 8.5 लाख करोड़ रुपये की कमी।

पृष्ठभूमि: गैस संकट का व्यापक असर

पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल की कीमतें 115 डॉलर तक पहुंची थीं। भारत जैसे तेल आयातक देश सबसे ज्यादा प्रभावित। गैस सिलेंडर किल्लत ने रेस्टोरेंट व्यवसाय को ठप कर दिया। कई चेन चूल्हों पर खाना बना रही हैं। स्विगी जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर 30% कम हुए।

निवेशकों के लिए खतरे की घंटी

ICICI सिक्योरिटीज ने चेतावनी दी कि क्रूड 100 डॉलर पर बने रहने से निफ्टी 10% (22,660) तक गिर सकता है। तेल मार्केटिंग कंपनियों (BPCL, HPCL, IOC) के शेयरों पर भी दबाव। CPI पर 70 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है।


 

नजफगढ़ राणाजी एनक्लेव में प्लास्टिक कूलर गोदाम धू-धू जल गया, 8 दमकल ने 1 घंटे में काबू पाया

दिल्ली नजफगढ़ के डेयरी क्षेत्र में बुधवार शाम भीषण आग, दमकल विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा। कोई हताहत नहीं।

Delhi News Today 12 Mar 2026

दिल्ली के नजफगढ़ स्थित राणाजी एनक्लेव में बुधवार शाम को एक प्लास्टिक कूलर फैक्ट्री व गोदाम में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस हादसे में किसी के घायल या हताहत होने की कोई खबर नहीं है। आग लगने के सटीक कारणों की जांच जारी है।

हादसे का पूरा विवरण: कैसे लगी आग?

राणाजी एनक्लेव के डेयरी क्षेत्र में स्थित इस प्लास्टिक कूलर फैक्ट्री में बुधवार शाम अचानक आग लग गई। आसपास के लोग धुएं और चिंगारियां देखकर हड़बड़ा गए। प्लास्टिक सामग्री जलने से तेज काला धुआं निकल रहा था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। दमकल विभाग ने 8 फायर टेंडर तैनात कर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। संकरी गलियों के बावजूद दमकल कर्मियों ने बेहतर समन्वय से एक घंटे में आग पर काबू पा लिया।

दमकल विभाग की तत्परता: जान बचाने वाली कार्रवाई

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री के कर्मचारी पहले ही बाहर निकल चुके थे, इसलिए जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। आसपास के मकानों को खाली कराने की भी तैयारी की गई थी। नजफगढ़ थाना पुलिस ने इलाके का घेराबंद कर भीड़ नियंत्रित की। दमकल कर्मियों ने प्लास्टिक जलने के विषैले धुएं के बीच कड़ी मेहनत की। आग बुझाने के बाद कूलिंग प्रक्रिया भी पूरी की गई।

पृष्ठभूमि: दिल्ली में बढ़ते फैक्ट्री हादसे

दिल्ली-एनसीआर में फैक्ट्री व गोदामों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। शॉर्ट सर्किट, गैस लीकेज व सुरक्षा मानकों की अनदेखी मुख्य कारण। पिछले महीने सफदरजंग NDMC गोदाम व अन्य जगहों पर भी इसी तरह के हादसे हुए। नजफगढ़ इलाका प्लास्टिक व कूलर फैक्ट्रियों का हॉटस्पॉट है।

दमकल विभाग की तत्परता ने बड़ा हादसा टाल दिया। आग के कारणों की जांच पूरी होने पर नुकसान का आकलन होगा। फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का केस बन सकता है। क्या सुधरेगी सुरक्षा?


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दिल्ली यमुनापार में गैस सिलेंडर संकट: पश्चिम एशिया युद्ध से आपूर्ति ठप, 10 दिन से इंतजार

पूर्वी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर खत्म, घरेलू गैस के लिए लंबी कतारें। बुकिंग 30% बढ़ी लेकिन डिलीवरी रुकी, कालाबाजारी की आशंका।

Delhi News Today 12 Mar 2026

यमुनापार गैस एजेंसी पर लंबी कतारें, पश्चिम एशिया संघर्ष से गैस आपूर्ति प्रभावित।

Delhi News Today 12 Mar 2026

दिल्ली के पूर्वी इलाके यमुनापार में पश्चिम एशिया के सैन्य संघर्ष के कारण गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अधिकतर गैस एजेंसियों पर कमर्शियल सिलेंडर स्टॉक खत्म हो चुके हैं, जबकि घरेलू सिलेंडरों के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। बुकिंग में 30% की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन डिलीवरी में ttsर हो रही है। कई उपभोक्ताओं को 10 दिनों से सिलेंडर नहीं मिला है।

संकट का कारण: पश्चिम एशिया युद्ध का असर

पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष ने गैस आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। खाड़ी देशों से आने वाली एलपीजी खेपें रुकी हुई हैं, जिसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर पर पड़ा है। गैस कंपनियों ने वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति रोक दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिले। लेकिन स्टॉक की कमी से दोनों ही श्रेणियों के ग्राहक परेशान हैं। यमुनापार के कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, शकरपुर जैसे इलाकों में हालात सबसे गंभीर हैं।

उपभोक्ताओं की परेशानी: 10 दिन से इंतजार

मुकर्जी नगर RWA अध्यक्ष बीएन झा ने कहा, “छात्रों पर सबसे बुरा असर पड़ रहा है। PG-किराये के मकानों में खाना बनाना मुश्किल हो गया। बाहर खाने का खर्च दोगुना हो गया।” मॉडल टाउन RWA संजय गुप्ता बोले, “लोग सुबह से एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। बुकिंग कन्फर्म होने के बाद भी डिलीवरी नहीं।” कई जगह चूल्हों पर खाना बन रहा है।

पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय संकट

दिल्ली के साथ लखनऊ, कोलकाता में भी यही हाल। सरकार ने जमाखोरी रोकने के 6 कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव राजीव वर्मा की बैठक में स्पष्ट किया गया कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग। URJA अध्यक्ष अतुल गोयल ने शिकायत दर्ज की। कई रेस्टोरेंट बंद हो गए, बेकरी चूल्हों पर रोटी सेंक रही।

दिल्ली गैस संकट से आम आदमी पर बोझ बढ़ा। सरकार को तत्काल आपूर्ति बढ़ानी होगी। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी जरूरी। क्या मिलेगी राहत?

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