झज्जर दिल्ली गेट में शॉर्ट सर्किट से भयंकर आग,दिल्ली में एलपीजी कालाबाजारी पर सख्ती,दिल्ली में गर्मी का कहर: 67 दिन में आग से 15 मौतें, 93 झुले,रोहिणी सेक्टर-20 पार्क।
दिल्ली में एलपीजी कालाबाजारी पर सख्ती: गैस एजेंसियों व रेस्टोरेंट्स पर कड़ी निगरानी, अभियान शुरू
रसोई गैस संकट के बीच खाद्य आपूर्ति विभाग ने कालाबाजारी रोकने हेतु व्यापक अभियान शुरू। सहायक आयुक्त संजीव कुमार के निर्देश पर छापेमारी।
दिल्ली में गैस एजेंसियों पर खाद्य आपूर्ति विभाग की नजर, एलपीजी कालाबाजारी पर लगाम लगाने अभियान तेज।
Delhi News Today 13 Mar 2026
दिल्ली के रसोई गैस संकट के बीच खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध व्यावसायिक उपयोग पर अंकुश लगाने हेतु सख्त अभियान शुरू कर दिया है। सहायक आयुक्त संजीव कुमार के निर्देश पर गैस एजेंसियों, गोदामों, रिफिलिंग केंद्रों और रेस्टोरेंट्स पर नियमित निगरानी व छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न गैस किल्लत के बीच कालाबाजारी रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
अभियान का दायरा: व्यापक निगरानी
विभाग ने सभी जोनल अधिकारियों को गैस वितरण केंद्रों पर सतत नजर रखने के निर्देश दिए हैं। घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग, अवैध रिफिलिंग, जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी कार्रवाई होगी। दिल्ली पुलिस ने भी गैस एजेंसियों के बाहर पीसीआर वैन व मोटरसाइकिल गश्ती दल तैनात किए हैं। छोटे सिलेंडरों की ऊंची कीमत पर रिफिलिंग करने वाले दुकानदारों की लिस्ट तैयार की जा रही है। सादे कपड़ों में तैनात कर्मियों से खुफिया जानकारी जुटाई जा रही।
संकट का कारण: पश्चिमी एशिया युद्ध
अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव से खाड़ी क्षेत्र में एलपीजी आपूर्ति बाधित। दिल्ली-एनसीआर में कमर्शियल सिलेंडर खत्म। रेस्टोरेंट चेन (स्विगी, जोमैटो) प्रभावित। राष्ट्रीय रेस्तरां एसोसिएशन के अनुसार कई किचन बंद। सड़क किनारे ढाबों पर खाने के दाम 30-50% बढ़े। घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता मिल रही, बुकिंग अंतराल 25 दिन किया गया।
कालाबाजारी के खतरे
अवैध रिफिलिंग से विस्फोट का भय। छोटे सिलेंडरों को डबल दामों पर भरा जा रहा। पुलिस ने चेतावनी दी कि कालाबाजारियों पर ESSENTIAL COMMODITIES एक्ट के तहत सख्ती। रेस्टोरेंट मालिकों ने घरेलू सिलेंडर उपयोग का आरोप लगाया। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने पीएनजी आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया।
पृष्ठभूमि: पहले भी चली कार्रवाई
पिछले महीने अवैध रिफिलिंग गोदामों पर छापे। तिहाड़ जेल रंगदारी रैकेट के बाद गैस कालाबाजारी पर फोकस। उपभोक्ताओं को हेल्पलाइन 1962 पर शिकायत का निर्देश।
दिल्ली सरकार ने एलपीजी कालाबाजारी पर लगाम लगाने संकल्प लिया। गैस संकट में आम उपभोक्ता को राहत जरूरी। क्या रेस्तरां व एजेंसियों पर कार्रवाई से मिलेगी राहत?
दिल्ली में गर्मी का कहर: 67 दिन में आग से 15 मौतें, 93 झुले; फायर ब्रिगेड को रोजाना 44 इमरजेंसी कॉल
1 जनवरी से 9 मार्च तक 2,988 आग संबंधी कॉल। पिछले साल से घटनाओं व हानि में दोगुनी वृद्धि। बिजली उपकरणों से सावधानी की अपील।
दिल्ली में बढ़ते आग हादसे – गर्मी में शॉर्ट सर्किट व बिजली उपकरणों से खतरा। फायर ब्रिगेड पर दबाव।
Delhi News Today 13 Mar 2026
दिल्ली में गर्मी बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाओं में भारी उछाल आया है। 1 जनवरी से 9 मार्च (67 दिन) तक दिल्ली फायर सर्विस को 2,988 इमरजेंसी कॉल मिलीं। इनमें 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई, जबकि 93 लोग झुलस गए। औसतन प्रतिदिन 44 कॉल आ रही हैं। पिछले साल की तुलना में घटनाओं व हानि में दोगुनी वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है।
आग के मुख्य कारण: गर्मी का असर
गर्मी बढ़ने से शॉर्ट सर्किट, पंखे, कूलर, AC के उपकरणों में खराबी आम हो गई। झुग्गी-झोपड़ियों में खुली वायरिंग, जर्जर बिजली सिस्टम मुख्य खतरा। फायर अधिकारी ने बताया कि 60% हादसे बिजली संबंधी हैं। उत्तम नगर मछली मंडी, नजफगढ़ प्लास्टिक गोदाम, रोहिणी पार्क जैसे इलाकों में हाल ही बड़े हादसे हुए। रसोई गैस सिलेंडर किल्लत के बीच चूल्हों का उपयोग बढ़ा।
आंकड़ों का विश्लेषण: चिंताजनक वृद्धि
कुल कॉल्स: 2,988 (रोज 44 कॉल)
मौतें: 15 (पिछले साल से 50% अधिक)
झुलसे: 93
प्रमुख इलाके: उत्तम नगर, नजफगढ़, रोहिणी, रिठाला
शीर्ष कारण: शॉर्ट सर्किट (60%), गैस चूल्हा (20%)
पिछले महीने रिठाला झुग्गी आग में बच्ची की मौत। उत्तम नगर मछली मंडी में 300 झुग्गियां राख।
फायर ब्रिगेड पर दबाव: संसाधन सीमित
दिल्ली फायर सर्विस के पास 146 फायर स्टेशन व 270 दमकल गाड़ियां। लेकिन संकरी गलियों, ट्रैफिक जाम से पहुंचने में देरी। रिठाला हादसे में 16 गाड़ियों को 2 घंटे लगे। विभाग ने जागरूकता अभियान तेज किया। स्कूलों, कॉलोनियों में फायर ड्रिल का आयोजन। अग्निशमन यंत्र खरीदने पर 20% सब्सिडी का प्रस्ताव।
सुरक्षा के उपाय: विभाग की अपील
बिजली उपकरणों की मासिक जांच कराएं
कूलर के तारों में मोटे तार उपयोग करें
झुग्गियों में खुली वायरिंग हटाएं
गैस चूल्हों पर सतर्क रहें
प्रत्येक घर में अग्निशामक यंत्र रखें
दिल्ली में आग हादसों का ग्राफ चिंताजनक। गर्मी बढ़ने से खतरा और गहराएगा। बिजली-सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी। क्या प्रशासन संसाधन बढ़ाएगा?
रोहिणी सेक्टर-20 पार्क में 3 फीट गंदा पानी भरा, छठ घाट जलमग्न; बच्चों का खेल व सैर बंद
कॉलोनी का गंदा पानी व वर्षा से पार्क का 25% हिस्सा डूबा। हजारों निवासी प्रभावित, MCD-DDA पर लापरवाही के आरोप।
रोहिणी सेक्टर-20 डिस्ट्रिक्ट पार्क में छठ घाट व पार्क का 25% हिस्सा जलमग्न, गंदा पानी भरा हुआ।
Delhi News Today 13 Mar 2026
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-20 स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में कॉलोनी का गंदा पानी और वर्षा का पानी जमा हो गया है। छठ घाट में 3 फीट से अधिक गंदा पानी भर गया है, जिससे पार्क का लगभग 25% हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। पार्क में टहलने और खेलने आने वाले हजारों निवासियों का नुकसान हो रहा है। बच्चों के खेल का मैदान बंद हो गया है। RWA ने MCD व DDA पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जलभराव का कारण: पुरानी समस्या
रोहिणी सेक्टर-20 का यह पार्क पिछले ढाई महीनों से जलमग्न है। छठ पूजा के बाद घाट का पानी नहीं निकाला गया। पास की पुनर्वास कॉलोनियों का गंदा पानी पार्क में बह रहा है। ड्रेनेज सिस्टम जाम होने से पानी का कोई निकास नहीं। पार्क में कचरा तैरता नजर आ रहा है। निवासियों ने बताया कि मानसून के बाद भी सफाई नहीं हुई। पार्क में चलने के लिए जगह ही नहीं बची।
निवासियों की परेशानी: खतरा बढ़ा
RWA अध्यक्ष ने कहा, “पिछले साल इसी पार्क में बच्चे के डूबने से मौत हो गई थी। फिर भी कोई सुधार नहीं। बच्चे व बुजुर्ग खतरे में हैं।” महिलाओं ने बताया कि सुबह की वॉक रुक गई। पार्क आने वाले 5 हजार से अधिक निवासी प्रभावित। मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, डेंगू का खतरा। पार्क में खेलने वाले स्कूली बच्चे सड़क पर खेल रहे।
प्रशासन पर सवाल: बार-बार शिकायत
RWA ने MCD व DDA को दर्जनों शिकायतें भेजीं। लेकिन न तो पानी निकासी हुई, न सफाई। पार्क का रखरखाव DDA के पास, सफाई MCD का। दोनों एजेंसियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही। स्थानीय पार्षद ने आश्वासन दिया कि 7 दिनों में पानी निकाल दिया जाएगा। लेकिन निवासी भरोसा नहीं कर रहे।
पृष्ठभूमि: दिल्ली में जलभराव की समस्या
दिल्ली के रोहिणी, किराड़ी, बादली जैसे इलाकों में पार्कों में जलभराव आम है। मानसून व छठ के बाद घाटों का पानी साफ न करने से हादसे होते हैं। अमन विहार पार्क में भी बच्चे की मौत हुई थी। DDA ने रोहिणी सेक्टर-20 में पेयजल योजना तो शुरू की, लेकिन ड्रेनेज पर ध्यान नहीं।
रोहिणी पार्क जलभराव ने MCD-DDA की लापरवाही उजागर कर दी। बच्चों व बुजुर्गों का स्वास्थ्य खतरे में। प्रशासन तत्काल सफाई करे, वरना आक्रोश बढ़ेगा। क्या मिलेगी राहत?
एनडीएमसी का 'समर एक्शन प्लान 2026': गर्मी में पानी संकट से निपटने 50 नए वाटर एटीएम, टैंकर बढ़ाए
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने गर्मियों के लिए व्यापक जल आपूर्ति योजना शुरू की। 37 मौजूदा वाटर एटीएम सुचारु, 50 नए लगेंगे।
एनडीएमसी का समर एक्शन प्लान 2026 – गर्मी में निर्बाध पानी आपूर्ति के लिए वाटर एटीएम व टैंकरों पर जोर।
Delhi News Today 13 Mar 2026
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने आगामी गर्मियों के दौरान पेयजल संकट से निपटने के लिए ‘समर एक्शन प्लान 2026’ लागू कर दिया है। इस योजना के तहत 37 मौजूदा वाटर एटीएम को पूरी तरह सुचारु किया गया है। इसके अलावा झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों व स्कूलों के बाहर 50 नए वाटर एटीएम मुफ्त पानी के लिए लगाए जाएंगे। गर्मी में बढ़ी मांग को देखते हुए पानी के टैंकरों की संख्या में भी वृद्धि की जाएगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं
एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। 12 नए माउंटेड वाटर टैंकर खरीदे जाएंगे। आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास 10 लाख लीटर क्षमता का आधुनिक जल नियंत्रण कक्ष बनाया जा रहा है। 24 भूमिगत जलाशयों व बूस्टिंग स्टेशनों से जल वितरण सुचारु रहेगा। 95 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स भी बनेंगी।
तकनीकी सहायता: 24×7 निगरानी
नागरिकों की सुविधा के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप सेवा व NDMC 311 मोबाइल ऐप शुरू। पानी की गुणवत्ता पर नजर रखने हेतु नियमित जांच। 10 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (2750 केएलडी क्षमता) से बागवानी व सिंचाई हेतु रिसाइकिल पानी मिलेगा।
पृष्ठभूमि: गर्मी में जल संकट
पिछले वर्ष दिल्ली में गर्मी के दौरान पानी की भारी किल्लत हुई थी। वाटर टैंकरों के लिए लंबी कतारें लगी थीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समर एक्शन प्लान की समीक्षा कर 28 इमरजेंसी सेंटर बनाने के निर्देश दिए। NDMC क्षेत्र में औसत जल आपूर्ति 235 लीटर प्रतिदिन है, जो गर्मी में 50% बढ़ जाती है।
अन्य पहल
नवयुग स्कूलों के बाहर वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव। 17 भुगतान आधारित व 20 मुफ्त एटीएम पहले से संचालित। GPS ट्रैकिंग वाले टैंकरों से पारदर्शिता। बोरेवेल व ट्यूबवेल रखरखाव पर विशेष ध्यान।
एनडीएमसी का समर एक्शन प्लान दिल्लीवासियों के लिए बड़ी राहत। गर्मी से पहले व्यापक तैयारी से जल संकट की आशंका कम। क्या समय पर सभी वाटर एटीएम लग जाएंगे?
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झज्जर दिल्ली गेट में शॉर्ट सर्किट से भयंकर आग: पड़ोसियों ने शटर तोड़कर मां-बेटी की जान बचाई
झज्जर के दिल्ली गेट स्थित मकान में भीषण आग, मां-बेटी धुएं से बेहोश। पड़ोसियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा।
झज्जर दिल्ली गेट में शॉर्ट सर्किट से जलता मकान, पड़ोसियों ने शटर तोड़कर मां-बेटी को बचाया।
Delhi News Today 13 Mar 2026
झज्जर के दिल्ली गेट स्थित एक मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण बुधवार रात को भीषण आग लग गई। आग की लपटों व घने धुएं के बीच मां-बेटी घर के अंदर फंस गईं। पड़ोसियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोहे के शटर को तोड़कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही मां-बेटी को बचा लिया गया। इस साहसिक कार्य से इलाके में मानवीय संवेदना की मिसाल कायम हुई।
हादसे का पूरा विवरण: कैसे बची जान?
दिल्ली गेट के एक पुराने मकान में रात के समय बिजली के शॉर्ट सर्किट से स्पार्किंग शुरू हो गई। देखते ही देखते आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। मां-बेटी उस समय सो रही थीं। धुएं से बेहोश हो चुकी थीं। बाहर खड़ी पड़ोसियों ने शीशे तोड़कर पुकारा, लेकिन कोई जवाब न मिला। बिना समय गंवाए 4-5 युवाओं ने लोहे की रॉड व हथौड़े से मुख्य शटर तोड़ा। धुएं के बीच मां को गोद में उठाकर, बेटी को कंधे पर लादकर बाहर निकाला।
पड़ोसियों का साहस: नायक बने आम लोग
पड़ोसी रवि शर्मा ने बताया, “धुआं इतना घना था कि अंदर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। फिर भी हमने शटर तोड़ा। मां को होश में लाने के लिए पानी डाला।” एक अन्य पड़ोसी ने कहा, “बच्ची को बाहर लाते ही CPR शुरू कर दिया। दमकल आने में 20 मिनट लग गए थे।” मां-बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनकी हालत स्थिर है।
पृष्ठभूमि: शॉर्ट सर्किट से बढ़ते हादसे
हरियाणा में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। झज्जर, रोहतक, पानीपत में हाल ही इसी तरह के हादसे हुए। जर्जर बिजली तार, पुराने स्विचबोर्ड मुख्य कारण। ग्रामीण इलाकों में अग्निशमन यंत्रों की कमी। बिजली विभाग ने सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई।
पड़ोसियों का साहस झज्जर में नायकत्व की मिसाल। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को सहायता देने का आश्वासन दिया। बिजली विभाग शॉर्ट सर्किट रोकने के उपाय करेगा। क्या सुधरेगी विद्युत सुरक्षा?
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