गैस सिलिंडर किल्लत,दरियापुर किसान का गोबर गैस प्लांट बना गैस संकट का रामबाण,इच्छामृत्यु से पहले हरीश राणा का अंगदान संकल्प,जामिया नगर में एलपीजी कालाबाजारी का भंडाफोड़।
जामिया नगर में एलपीजी कालाबाजारी का भंडाफोड़: 62 सिलिंडर जब्त, शाहनवाज गिरफ्तार
दक्षिणी दिल्ली के जामिया नगर में पुलिस ने अवैध एलपीजी सिलिंडर बिक्री के आरोप में शाहनवाज को पकड़ा। उसके पास 48 भरे और 14 इस्तेमाल किए सिलिंडर सहित कुल 62 सिलिंडर बरामद, गैस संकट में बड़ी कार्रवाई।
जामिया नगर से बरामद 62 एलपीजी सिलिंडर, शाहनवाज गिरफ्तार।
Delhi News Today 17 Mar 2026
नई दिल्ली। रसोई गैस संकट के बीच दक्षिणी दिल्ली के जामिया नगर में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए अवैध एलपीजी कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया। शाहनवाज नामक आरोपी के पास से 48 भरे हुए और 14 इस्तेमाल किए हुए सिलिंडर सहित कुल 62 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए गए। आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू, काला बाजार रोकने अभियान तेज।
कार्रवाई की पूरी डिटेल: कैसे पकड़ा गया शाहनवाज?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जामिया नगर में अवैध रूप से एलपीजी सिलिंडर भंडारित कर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे। छापे में शाहनवाज के ठिकाने से 48 भरे 14.2 किग्रा सिलिंडर और 14 खाली/उपयोग किए सिलिंडर बरामद। ये सिलिंडर घरेलू व कमर्शियल दोनों तरह के, बिना लाइसेंस रिफिलिंग के संदेह। आरोपी दिल्ली-NCR में कालाबाजारी का नेटवर्क चला रहा था। सिलिंडर जरूरी वस्तु अधिनियम के उल्लंघन में जब्त, मामला दर्ज। पूछताछ में अन्य सदस्यों के नाम उगलने की कोशिश।
पुलिस अधिकारियों के प्रमुख बयान
दक्षिणी दिल्ली पुलिस प्रवक्ता: “जामिया नगर में 62 सिलिंडर जब्त, शाहनवाज गिरफ्तार। गैस संकट का फायदा उठा कालाबाजारी, सख्त कार्रवाई जारी।”
थाना प्रभारी: “आरोपी के नेटवर्क की तलाश, और छापे होंगे। उपभोक्ता शिकायत करें।”
शाहनवाज (आरोपी): “सिलिंडर दोस्तों से लिए थे, बिक्री नहीं की।” (पूछताछ में दावा)
पृष्ठभूमि और संदर्भ
दिल्ली-NCR में LPG किल्लत चरम पर, नजफगढ़ से जामिया तक घंटों लाइनों के बाद कालाबाजारी फली-फूली। हाल ही मुंडका में 610 सिलिंडर, शकरपुर-गांधी नगर में दर्जनों जब्ती। जामिया नगर घनी आबादी वाला इलाका, अवैध भंडारण आसान। पुलिस ने 6 FIR दर्ज कीं, 600+ सिलिंडर पकड़े। केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम सख्ती से लागू किया। गैस कंपनियां स्टॉक पर्याप्त बता रही, लेकिन सप्लाई चेन गड़बड़ी। जामिया में पहले भी क्राइम केस, अब गैस माफिया निशाने पर।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
शाहनवाज से पूछताछ में नेटवर्क उजागर होने की उम्मीद, अन्य गिरफ्तारियां संभावित। दिल्ली पुलिस सभी एजेंसियों पर नजर, हेल्पलाइन 112 सक्रिय। उपभोक्ता ऐप से बुकिंग करें, कालाबाजारी की सूचना दें। यह कार्रवाई संकट में राहत देगी। गैस वितरण सुचारू करने तेल कंपनियां एक्शन लें।
सरिता विहार ट्रक हादसा: बाइक टक्कर मार भागा, ओखला में पलटकर चालक लोकेन्द्र की मौत
दक्षिणी दिल्ली के सरिता विहार में बाइक सवारों को टक्कर मार भाग रहे ट्रक ने ओखला में डिवाइडर से टकराकर पलटने से चालक लोकेन्द्र (32) की मौत। बाइक के दो युवक घायल, पुलिस हिट-एंड-रन की जांच कर रही।
सरिता विहार से भागा ट्रक ओखला में पलटा, चालक की दर्दनाक मौत।
Delhi News Today 17 Mar 2026
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सरिता विहार में रविवार तड़के बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार भाग रहे ट्रक ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र के अंडरपास में डिवाइडर से जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक पलटने से चालक लोकेन्द्र (32, कासगंज UP निवासी) की मौके पर मौत हो गई। बाइक सवार युवक घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा। पुलिस ने हिट-एंड-रन का मामला दर्ज कर ट्रक मालिक व बाइक की तलाश शुरू की।
हादसे की पूरी डिटेल: कैसे हुई यह दुर्घटना?
सरिता विहार की ओर से तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवारों को टक्कर मारी और भागा। चालक लोकेन्द्र नियंत्रण खो बैठे, ओखला अंडरपास पहुंचते ही डिवाइडर से टकराकर ट्रक पलट गया। दुर्घटना रविवार तड़के हुई, प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद गुलाम खान ने देखा। ट्रक के नीचे दबकर लोकेन्द्र की मौके पर मौत। बाइक सवारों को मामूली चोटें, अस्पताल में भर्ती। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, ट्रक जब्त। CCTV फुटेज से भागे ट्रक का नंबर ट्रेस करने की कोशिश।
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस: “हिट-एंड-रन का केस दर्ज, ट्रक ने सरिता विहार में बाइक मारी फिर ओखला में पलटा। लोकेन्द्र की मौत, घायलों का इलाज जारी।”
प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद गुलाम: “तेज ट्रक डिवाइडर से टकराया, पलट गया। चालक फंस गया।”
परिवार स्रोत: “लोकेन्द्र परिवार का इकलौता कमाने वाला, शोकाकुल।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
दिल्ली-NCR में सड़क हादसे रोजाना, ओखला अंडरपास ब्लैक स्पॉट। सरिता विहार-मथुरा रोड पर तेज रफ्तार ट्रक आम, हिट-एंड-रन के दर्जनों केस। पिछले दिनों सरिता विहार में कार-ट्रक टक्कर से मौतें। ट्रैफिक पुलिस स्पीड कैमरे बढ़ा रही, लेकिन रात के हादसे बढ़े। लोकेन्द्र जैसे ट्रक चालक गरीब परिवारों से, मुआवजा प्रक्रिया शुरू। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्ती, लेकिन प्रवर्तन कमजोर।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
पुलिस CCTV से ट्रक मालिक व बाइक सवारों की पहचान करेगी, FIR दर्ज। ट्रैफिक पुलिस ओखला-सारिता विहार में पेट्रोलिंग बढ़ाएगी। लोकेन्द्र के परिवार को मुआवजा मिलेगा। हिट-एंड-रन रोकने कैमरे व चेकिंग जरूरी। यह हादसा रफ्तार नियंत्रण की याद दिलाता है।
इच्छामृत्यु से पहले हरीश राणा का अंगदान संकल्प: एम्स टीम जांच रही कौन से अंग दान योग्य?
गाजियाबाद के 13 साल अचेत हरीश राणा के परिवार ने इच्छामृत्यु से पूर्व अंगदान का नेक संकल्प लिया। एम्स दिल्ली की मेडिकल टीम अंगों की जांच कर प्रत्यारोपण योग्यता तौल रही, कई जिंदगियां बच सकेंगी।
हरीश राणा के अंगदान संकल्प से नई जिंदगियां रोशन होंगी। (फोटो: जागरण)
Delhi News Today 17 Mar 2026
गाजियाबाद। सुप्रीम कोर्ट से परोक्ष इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा अब एम्स दिल्ली में भर्ती हैं। उनके परिवार ने दुख के इस पल को मानवता का संदेश बनाते हुए अंगदान का संकल्प लिया है। एम्स की विशेष मेडिकल टीम हरीश के अंगों की जांच कर रही है ताकि प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त अंग चिन्हित हो सकें। यह फैसला भारत में इच्छामृत्यु-अंगदान केस का पहला उदाहरण बन सकता है।
जांच प्रक्रिया की पूरी डिटेल: कैसे तय होगी अंगदान योग्यता?
हरीश को पैलिएटिव केयर में भर्ती कर फूड पाइप हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले एम्स टीम किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय जैसे प्रमुख अंगों की कार्यक्षमता जांचेगी। ब्रेन डेड या वेजिटेटिव स्टेट में भी स्वस्थ अंग प्रत्यारोपण योग्य हो सकते। जांच में CT स्कैन, ब्लड टेस्ट, इकोकार्डियोग्राम शामिल। यदि अंग स्वस्थ पाए गए तो NOTTO को सूचित कर रिसीवर मिलान होगा। प्रक्रिया 24-48 घंटे में पूरी, उसके बाद इच्छामृत्यु आगे बढ़ेगी। परिवार ने सभी कार्यशील अंग दान की इच्छा जताई।
परिवार व चिकित्सकों के प्रमुख बयान
अशोक राणा (पिता): “हरीश की विदाई दूसरों के जीवन की शुरुआत बने। जो अंग काम कर रहे, वे जरूरतमंदों को मिलें।”
एम्स मेडिकल टीम स्रोत: “अंगों की स्थिति आकलन जारी, किडनी-लिवर प्राथमिक। प्रत्यारोपण से 8 जिंदगियां बच सकती।”
माता निर्मला: “13 साल का संघर्ष व्यर्थ न जाए, अंगदान से शांति मिलेगी।”
ये उद्धरण संकल्प की महानता दर्शाते।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
हरीश राणा 13 साल पहले चंडीगढ़ दुर्घटना में स्थायी वेजिटेटिव स्टेट में चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया मंजूर किया, फूड पाइप हटाने की अनुमति दी। भारत में अंगदान दर कम (0.01%), प्रति वर्ष 5 लाख जरूरतमंद। एक दानदाता 8 अंग (दिल, फेफड़े×2, किडनी×2, लिवर, अग्न्याशय) व ऊतक (आंखें, त्वचा, हड्डी) बचा सकता। ब्रेन डेड के बाद 6-12 घंटे में प्रत्यारोपण जरूरी। हरीश केस ने इच्छामृत्यु-अंगदान बहस छेड़ी, NOTTO ने सराहा।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
एम्स जांच रिपोर्ट जल्द, स्वस्थ अंग मिले तो तत्काल प्रत्यारोपण। परिवार को काउंसलिंग, रिसीवर गोपनीय। यह संकल्प अंगदान अभियान को गति देगा। हरीश मरकर अमर होंगे, हजारों प्रेरित। अंगदान पंजीकरण कराएं । इच्छामृत्यु कानून में नया अध्याय।
दरियापुर किसान का गोबर गैस प्लांट बना गैस संकट का रामबाण: रोज 2 किलो गैस, लाखों की बचत
बाहरी दिल्ली के दरियापुर गांव के किसान सत्यवान सहरावत ने 65 हज़ार में लगाया गोबर गैस प्लांट 8 साल पहले चला रहा। प्रतिदिन 2 किलो गैस से रसोई व पशु भोजन, LPG किल्लत में प्रेरणा स्रोत।
सत्यवान सहरावत का गोबर गैस प्लांट – गैस संकट में आत्मनिर्भरता की मिसाल।
Delhi News Today 17 Mar 2026
नई दिल्ली। रसोई गैस सिलिंडर की भारी किल्लत के बीच बाहरी दिल्ली के दरियापुर गांव के किसान सत्यवान सहरावत ने गोबर गैस प्लांट से नई मिसाल कायम की है। आठ साल पहले मात्र 65 हज़ार रुपये में स्थापित यह प्लांट प्रतिदिन 2 किलो शुद्ध गैस पैदा करता है, जिसका उपयोग घर की रसोई और पशुओं के भोजन पकाने में हो रहा। LPG संकट में यह प्लांट लाखों किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।
प्लांट की पूरी डिटेल: कैसे बनती 2 किलो गैस?
सत्यवान ने 4-5 पशुओं के गोबर से प्लांट शुरू किया। गोबर को पानी के मिश्रण से डाइजेस्टर टैंक में डाला जाता, जहां बैक्टीरिया एनेरोबिक प्रक्रिया से मीथेन गैस बनाते। रोज 2 किलो गैस पाइप से रसोई पहुंचती, 2-3 घंटे लगातार जलती। प्लांट से बायो-सल्फर और जैविक खाद भी मिलती, जो खेतों में डाली जाती। 65 हज़ार की लागत (टैंक, पाइप, बर्नर) 2 साल में वसूल, अब शून्य खर्च। रखरखाव आसान – मासिक सफाई, वार्षिक चेकअप। गैस दबाव रेगुलेटर से नियंत्रित, कोई दुर्घटना नहीं।
सत्यवान के प्रमुख बयान
सत्यवान सहरावत (किसान): “LPG कतारों से त्रस्त था, गोबर गैस ने मुक्ति दी। रोज 2 किलो गैस से परिवार आत्मनिर्भर, खाद से फसल लहलहाई। अन्य किसानों को लगवाएं, सरकार सब्सिडी दे।”
ग्रामीण: “सत्यवान भाई की प्रेरणा से 10 परिवार प्लांट लगाने को तैयार। गैस संकट खत्म।”
ये बयान प्लांट की सफलता प्रमाणित करते।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
दिल्ली-NCR में गैस किल्लत चरम पर, नजफगढ़ जैसे इलाकों में घंटों लाइनें। गोबर गैस प्लांट प्राचीन तकनीक, लेकिन आधुनिक मॉडल सस्ते। केंद्र की गोवर्धन योजना 50-75% सब्सिडी देती (1-10 क्यूबिक मीटर प्लांट पर 20-40 हज़ार)। बिहार, राजस्थान, UP में सैकड़ों किसान सफल – दौसा का गिर्राज मीणा, गया का रामसेवक। दिल्ली नंगली डेयरी में 200 टन गोबर प्रोसेसिंग प्लांट शुरू। लाभ: गैस बचत (₹2000/माह), खाद (₹500/क्विंटल), पर्यावरण संरक्षण। नंगली जैसा बड़े प्लांट ग्रामीण ऊर्जा क्रांति ला सकते।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
सत्यवान का मॉडल NCR किसानों को गोबर गैस की ओर प्रेरित करेगा। सरकार सब्सिडी बढ़ाए, प्रशिक्षण कैंप लगाए। 5-10 पशु वाले परिवार आसानी से लगा सकें। गैस संकट में यह वैकल्पिक ऊर्जा रामबाण। दरियापुर जैसे गांव आत्मनिर्भर बने, LPG आयात कम। किसान संपर्क करें – स्थानीय कृषि विभाग। यह कहानी ग्रामीण भारत की नवीन क्रांति है।
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नजफगढ़ गैस सिलिंडर किल्लत: घंटों लाइनों में परेशान ग्रामीण, पुलिस कालाबाजारी पर सतर्क
पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस सिलिंडर की भारी कमी से उपभोक्ता 4-5 घंटे कतारों में खड़े। कई बिना सिलिंडर लौट रहे, पुलिस कालाबाजारी रोकने अलर्ट पर।
नजफगढ़ में गैस किल्लत से घंटों लाइनें, उपभोक्ता त्रस्त। (फोटो: जागरण)
Delhi News Today 17 Mar 2026
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस सिलिंडर की गंभीर किल्लत हो गई है। उपभोक्ताओं को एजेंसियों पर 4-5 घंटे लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, फिर भी कई बिना सिलिंडर लौट रहे। इस संकट से दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही, खासकर महिलाओं व बुजुर्गों को हो रही परेशानी। पुलिस ने कालाबाजारी की शिकायतों पर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
संकट की पूरी डिटेल: क्यों-कैसे हो रही किल्लत?
नजफगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास एजेंसियों पर सुबह तड़के से लाइनें लग रही। स्टॉक खत्म होने से दोपहर तक वितरण रुक जाता। उपभोक्ता बताते हैं कि बुकिंग के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहे, कालाबाजारी की आशंका। दिल्ली सरकार व तेल कंपनियों ने स्टॉक पर्याप्त बताया, लेकिन सप्लाई चेन में खलल। पुलिस टीमें एजेंसियों पर नजर रख रही, अनाधिकृत बिक्री रोकने छापे की योजना। प्रभावित इलाकों में होम डिलीवरी भी रुकी।
उपभोक्ताओं व अधिकारियों के बयान
स्थानीय निवासी (महिला उपभोक्ता): “हर सुबह 5 बजे लाइन में लगते हैं, 4 घंटे बाद भी सिलिंडर नहीं मिला। कुकिंग प्रभावित।”
नजफगढ़ थाना प्रभारी: “कालाबाजारी शिकायतों पर सतर्क, एजेंसियों की जांच जारी। अवैध बिक्री पकड़े तो सख्त कार्रवाई।”
तेल कंपनी प्रतिनिधि: “स्टॉक सामान्य, लेकिन मांग बढ़ी। जल्द सामान्य होगा।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
दिल्ली में मार्च में गैस संकट बढ़ा, नजफगढ़ जैसे बाहरी इलाकों में सप्लाई चेन कमजोर। पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश (नूरपुर, बरेली) में समान किल्लत, कालाबाजारी के दर्जनों केस। कोविड बाद ईंधन मांग बढ़ी, लेकिन आयात-वितरण प्रभावित। नजफगढ़ ग्रामीण क्षेत्र दिल्ली के सबसे बड़े, 5 लाख+ आबादी। केंद्र ने सब्सिडी सिलिंडर सीमित किए, जिससे ब्लैक मार्केट फला। पुलिस ने हेल्पलाइन जारी की।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
तेल कंपनियां अतिरिक्त स्टॉक भेज रही, 2-3 दिनों में सामान्य होने का अनुमान। पुलिस कालाबाजारी पर साप्ताहिक छापे बढ़ाएगी। उपभोक्ता Ujjwala ऐप से बुकिंग करें, शिकायत 1906 पर। नजफगढ़ प्रशासन कैंप लगाकर वितरण तेज करेगा। यह संकट ग्रामीण दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाता है।


