शकरपुर में बेकाबू किआ सेल्टोस का कहर: फुटपाथ पर 5 लोगों को कुचला, ड्राइवर हिरासत में
Delhi News Today 21 Feb 2026
दिल्ली के शकरपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जब 67 वर्षीय चालक दिनेश कुमार शर्मा द्वारा संचालित Kia सेल्टोस कार अचानक बेकाबू होकर मदर डेयरी रोड पर बाबा पैलेस के पास फुटपाथ पर चढ़ गई। इस हादसे में फुटपाथ पर खड़े 5 लोगों को गंभीर चोटें आईं। सभी घायलों को तुरंत कुंदन लाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे कार तेज गति से आ रही थी जो अचानक नियंत्रण खोकर फुटपाथ की ओर मुड़ गई। फुटपाथ पर सड़क पार करने वाले राहगीरों को कुचलते हुए कार 20-25 मीटर तक फुटपाथ पर चली। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर Kia सेल्टोस को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चालक दिनेश कुमार शर्मा उम्र 67 वर्ष शकरपुर क्षेत्र के ही निवासी हैं। ड्राइविंग लाइसेंस और मेडिकल जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया है। पुलिस को संदेह है कि उम्रदराज चालक को अचानक चक्कर आया हो या स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण हादसा हुआ हो।
शकरपुर थाने के SHO ने बताया कि सभी घायल युवक स्थानीय निवासी हैं जो रात के समय सड़क पार कर रहे थे। चालक के बयान दर्ज किए गए हैं और CCTV फुटेज खंगाली जा रही है। IPC की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 (चोट पहुंचाने के लिए खतरा) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
नरेला में निर्माणाधीन फैक्ट्री हादसा: बेसमेंट में दीवार-मिट्टी धंसने से 2 श्रमिकों की दर्दनाक मौत, ठेकेदार पर लापरवाही के सवाल
Delhi News Today 21 Feb 2026
दिल्ली के नरेला औद्योगिक क्षेत्र में भोरगढ़ फेज-II स्थित एक निर्माणाधीन फैक्ट्री के बेसमेंट में शुक्रवार दोपहर भयानक हादसा हो गया। काली माता मंदिर के पास फैक्ट्री नंबर L-246/247 में काम कर रहे दो श्रमिकों अजय (25) और राम मिलन (45) की ढीली मिट्टी व अस्थायी दीवार धंसने से दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बवाना के बी-ब्लॉक, सेक्टर-4 के निवासी थे।
प्रत्यक्षदर्शी रामपाल अहिरवार ने बताया कि दोपहर करीब 12:15 बजे नाले के पास बेसमेंट खुदाई के दौरान अचानक ढीली मिट्टी खिसक गई। साथ ही अस्थायी टेम्पररी स्ट्रक्चर भी गिर गया, जिसके नीचे दोनों मजदूर दब गए। साथी श्रमिकों ने मलबा हटाकर घायलों को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र (SRHC) अस्पताल नरेला पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में साफ पता चला कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ। ढीली मिट्टी को सहारा देने वाले सेफ्टी स्ट्रक्चर का अभाव और बिना शटरिंग के बेसमेंट कार्य चला रहा था ठेकेदार। पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन व ठेकेदार के खिलाफ IPC धारा 304A (लापरवाही से मौत), 336 (खतरा पैदा करना) के तहत मामला दर्ज किया है।
DCP उत्तरी-बाहरी दिल्ली ने बताया कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। ठेकेदार की पहचान और सुरक्षा उल्लंघन के पूरे ब्यौरे एकत्र किए जा रहे हैं। निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर साइट सुरक्षा मानकों की रिपोर्ट मांगी गई है।
ई-वेस्ट पॉलिसी में खनिज संरक्षण की पोल खुली: टॉक्सिक्स लिंक रिपोर्ट में गंभीर कमियां उजागर
Delhi News Today 21 Feb 2026
टॉक्सिक्स लिंक की नई रिपोर्ट ‘लॉन्ग रोड टू सर्कुलैरिटी’ ने भारत के ई-कचरा प्रबंधन ढांचे की पोल खोल दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वर्तमान EPR (Extended Producer Responsibility) मॉडल नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम जैसे दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों को रिकवर करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टरबाइनों और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, देश में ई-वेस्ट से दुर्लभ खनिजों का रिकवरी रेट लगभग शून्य है। 2024 में भारत से 22 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न हुआ, जिसमें अरबों रुपये के कीमती मेटल्स थे, लेकिन औपचारिक रिसाइक्लिंग सिस्टम इन्हें बर्बाद कर रहा है। प्रमुख कमियां:
डेटा पारदर्शिता का अभाव: EPR पोर्टल पर संग्रह-रीसाइक्लिंग डेटा अस्पष्ट है। प्रोड्यूसर्स द्वारा रिपोर्टेड आंकड़े वास्तविकता से मेल नहीं खाते।
संग्रह केंद्रों की कमी: देशभर में अधिकृत संग्रह केंद्र न के बराबर। 80% ई-वेस्ट अनौपचारिक कबाड़ियों के पास पहुंचता है, जहां खनिज नष्ट हो जाते हैं।
रीसाइक्लिंग तकनीक की कमी: नियोडिमियम-डिस्प्रोसियम जैसे REEs (Rare Earth Elements) निकालने वाली हाई-टेक सुविधाएं अनुपस्थित। अनौपचारिक रिसाइक्लर्स विषैले तरीके अपनाते हैं।
निगरानी तंत्र कमजोर: प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में तकनीकी विशेषज्ञता का अभाव। रिसाइक्लर्स बिना जांच के परमिट प्राप्त कर रहे हैं।
गाजियाबाद में 6 घंटे में दो भयानक सड़क हादसे: दो अज्ञात युवकों की दर्दनाक मौत
Delhi News Today 21 Feb 2026
गाजियाबाद में शुक्रवार रात को सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए मात्र छह घंटे के अंतराल में दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में दो अज्ञात राहगीरों की दर्दनाक मौत हो गई। पहला हादसा रात 9:30 बजे एएलटी रोड पर मोडीनगर के पास हुआ, जबकि दूसरा हादसा रात 3:30 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वेव सिटी गेट के पास घटित हुआ।
पहले हादसे में करीब 50 वर्षीय व्यक्ति सड़क किनारे पैदल जा रहा था, जब तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने तत्काल साहिबाबाद ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके पर ब्लू टी-शर्ट और काला पैंट पहने व्यक्ति का शव मिला।
दूसरे हादसे में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वेव सिटी गेट के पास करीब 40 वर्षीय युवक सड़क पार करने का प्रयास कर रहा था। अचानक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे कुचल दिया। हादसे की सूचना मिलते ही हाइवे पुलिस और वेव सिटी थाना पुलिस पहुंची। शव को कब्रिस्तान मॉर्चरी भेज दिया गया। मृतक सफेद शर्ट और जींस पहने था।
मुरादनगर चौकी प्रभारी ने बताया कि दोनों ही शवों की पहचान नहीं हो सकी है। CCTV फुटेज खंगाली जा रही हैं और अज्ञात वाहनों की तलाश जारी है। मोबाइल फोन या अन्य पहचान पत्र नहीं मिले हैं। परिजनों की तलाश में आसपास के थानों से संपर्क किया जा रहा है।
दिल्ली अब 40 मिनट दूर! नमो भारत ने 159 KM/H रफ्तार से सराय काले खां से बेगमपुल 39 मिनट में तय किया
Delhi News Today 21 Feb 2026
दिल्ली-मेरठ यात्रियों के लिए अब घंटों का सफर मिनटों में बदलने वाली नमो भारत तेजगति रेल का अंतिम ट्रायल रन सफल रहा। शुक्रवार को NCRTC ने सराय काले खां से बेगमपुल तक 159 किमी/घंटा की रफ्तार से मात्र 39 मिनट में 82 किमी की दूरी तय की। उसी दिन मेरठ मेट्रो ने बेगमपुल से मेरठ साउथ तक 120 किमी/घंटा की अधिकतम गति से सिर्फ 9-10 मिनट में सफर पूरा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ में नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। ट्रायल रन के दौरान नमो भारत सुबह 11:59 बजे सराय काले खां से रवाना होकर दोपहर 12:38 बजे बेगमपुल पहुंची। वहीं मेरठ मेट्रो दोपहर 1:16 बजे बेगमपुल से प्रस्थान कर 1:26 बजे मेरठ साउथ पहुंच गई।
यह परियोजना दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के 82 किमी नमो भारत + 23 किमी मेरठ मेट्रो कुल 105 किमी नेटवर्क बनाएगी। प्रमुख विशेषताएं:
आधुनिक सुविधाएं: एयर कंडीशन्ड कोच, रेगुलर वाई-फाई, CCTV निगरानी, महिलाओं के लिए विशेष आरक्षित कोच
साझा स्टेशन: मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, बेगमपुल, मोदीपुरम पर नमो भारत-मेट्रो इंटरचेंज
क्षमता: नमो भारत 1600+ यात्री/ट्रेन, मेरठ मेट्रो 700+ यात्री/ट्रेन
13 स्टेशन होंगे जिनमें भूमिगत बेगमपुल सबसे आधुनिक। परियोजना से प्रतिदिन 80,000 यात्रियों को लाभ होगा। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज (120 किमी/घंटा) मेट्रो बनेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम: पीएम मोदी मेरठ साउथ से नमो भारत को हरी झंडी दिखाएंगे। पहली कमर्शियल ट्रेन 22 फरवरी शाम 5 बजे चलेगी। NCRTC ने कहा, “दिल्ली अब सचमुच मिनटों दूर है।”


