दिल्ली: तेज रफ्तार कार बाइक को उड़ा ले गई, पेड़ पर लटकी—देखीं डरावनी तस्वीरें
Delhi News Today 23 Feb 2026
दिल्ली के अलीपुर थाना क्षेत्र के बख्तावरपुर गांव में शनिवार देर रात रफ्तार का खौफनाक खेल देखने को मिला। पल्ला गांव की ओर जा रही हुंडई ऑरा टैक्सी ने अकबरपुर माजरा के देव शर्मा की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार हवा में उछलकर गढ़ी टांडा कब्रिस्तान के पास पीपल के पेड़ की टहनियों से लटक गई।
सीसीटीवी में कैद भयानक मंजर: फुटेज में दिखा कि सामने से आ रही बाइक पर कार ने रॉन्ग साइड से ठोकर मारी। देव शर्मा सड़क पर दूर जा गिरे, जबकि क्षतिग्रस्त कार पेड़ पर अटक गई। स्थानीय लोगों ने घायल को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
चालक फरार, पुलिस का हाई अलर्ट: हादसे के बाद टैक्सी चालक मौके से भाग निकला। अलीपुर पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को क्रेन से उतारकर जब्त कर लिया। CCTV फुटेज व नंबर प्लेट के आधार पर आरोपी की तलाश तेज। IPC 279 (लापरवाह ड्राइविंग), 337 (घायल करने) व 304A (मृत्यु का कारण) के तहत केस दर्ज।
गांव में दहशत: बख्तावरपुर में सुबह वायरल वीडियो ने सनसनी फैला दी। ग्रामीणों ने रफ्तार पर अंकुश लगाने की मांग की। दिल्ली पुलिस ने अलीपुर क्षेत्र में वाहन चेकिंग बढ़ा दी। देव शर्मा (25) मजदूर हैं, परिवार ने न्याय की गुहार लगाई।
नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला: सेक्टर-123 में बनेगा अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर
Delhi News Today 23 Feb 2026
नोएडा प्राधिकरण ने खेलो इंडिया की तर्ज पर सेक्टर-123 में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल परिसर खुद बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 26.65 एकड़ में फैलने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ड्राइंग डिजाइन व बजट (लगभग 70 करोड़) को तकनीकी मंजूरी के लिए IIT दिल्ली भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
परिसर की विशेषताएं: दो फेज में निर्माण होगा—पहला फेज में फुटबॉल ग्राउंड, सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, जेवलिन थ्रो ग्राउंड। दूसरा फेज में कबड्डी स्टेडियम, कुश्ती अखाड़ा, बैडमिंटन कोर्ट, टेनिस कोर्ट, योग केंद्र व मल्टीपर्पज हॉल। कॉमनवेल्थ गेम्स स्तर की सुविधाएं होंगी।
लाभार्थी क्षेत्र: सेक्टर-21ए स्टेडियम पर दबाव कम होगा। सेक्टर-122, 119, 121, पर्थला, सर्फाबाद, ग्रेनो वेस्ट के उभरते खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक मंच। ग्रामीण युवाओं के करियर को मिलेगा बढ़ावा।
पीछे की कहानी: पहले कचरा प्लांट प्रस्तावित था, किसानों के विरोध के बाद खेल परिसर को हरी झंडी। CEO लोकेश एम ने प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी। ओरायन आर्किटेक्ट्स ने डिजाइन तैयार किया।
प्रभाव: नोएडा बनेगा स्पोर्ट्स हब। FNG एक्सप्रेसवे पर स्थित परिसर आसानी से पहुंच योग्य। प्राधिकरण ने ग्रीनरी, पार्किंग, बाउंड्री वॉल पर भी फोकस किया।
क्षेत्रीय खिलाड़ी उत्साहित—अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की उम्मीद। निर्माण शीघ्र शुरू होगा।
दिल्ली मेट्रो: 9 स्टेशनों के नाम बदले, यात्रियों के लिए नई लिस्ट जारी
Delhi News Today 23 Feb 2026
दिल्ली सरकार ने मेट्रो यात्रियों की सुविधा और स्थानीय पहचान के लिए 9 मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने का ऐतिहासिक फैसला लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली राज्य नाम प्राधिकरण (SNA) ने DMRC की प्रस्तावित 21 नामों की समीक्षा की। 12 नाम यथावत, 7 में संशोधन और 2 स्टेशनों का पूरा नाम परिवर्तन किया गया।
नए नामों की पूरी सूची:
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पीतमपुरा → मधुबन चौक
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नॉर्थ पीतमपुरा → हैदरपुर विलेज
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उत्तरी पीतमपुरा → उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार
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जगतपुर → जगतपुर-वजीराबाद
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नानक प्याऊ → नानक प्याऊ-डेरावल नगर
बदले नहीं गए नाम: मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झरोड़ा मजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि, मौजपुर-बाबरपुर।
फैसले का कारण: सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “मेट्रो स्टेशन क्षेत्रीय पहचान के प्रतीक हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नागरिकों की राय के आधार पर बदलाव किए।” पीतमपुरा क्षेत्रवासियों की लंबी मांग पूरी हुई।
यात्रियों के लिए सलाह: DMRC ऐप व वेबसाइट अपडेट करें। गूगल मैप्स में भी नए नाम दिखेंगे। फरवरी अंत तक सभी बोर्ड बदल जाएंगे। MoU साइनिंग 25 फरवरी को।
भविष्य में और बदलाव: जनभावनाओं के अनुरूप अन्य प्रस्तावों पर भी विचार होगा। दिल्ली मेट्रो अब 60-70 लाख यात्रियों के लिए और सुगम होगी।
IIT दिल्ली ने रचा इतिहास: 5 सालों में दीं तीन दशकों जितनी PhD डिग्रियां
Delhi News Today 23 Feb 2026
आईआईटी दिल्ली ने शोध के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर ली है। पिछले पांच वर्षों में संस्थान ने जितनी पीएचडी उपाधियां प्रदान की हैं, उतनी पहले तीन दशकों में भी नहीं दी गई थीं। यह उपलब्धि भारत में रिसर्च क्रांति का प्रतीक बन गई है।
सफलता के प्रमुख कारण: प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप जैसी योजनाओं ने युवाओं को शोध की ओर आकर्षित किया। संस्थान ने पीएचडी छात्रों के लिए फंडिंग बढ़ाई और आधुनिक लैब्स स्थापित कीं। प्रत्येक प्रोफेसर के पास अब कई शोधार्थी जुड़े हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और ताइवान के नेशनल यांग मिंग चiao तुंग यूनिवर्सिटी के साथ संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम शुरू किए गए। इससे शोध का स्तर वैश्विक मापदंडों पर पहुंच गया।
महिलाओं की भागीदारी: शोध में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। फंडेड रिसर्च प्रोजेक्ट्स के साथ पीएचडी ट्रेनिंग को जोड़ा गया, जिससे छात्रों को बेहतर अवसर मिले।
प्रभाव: आईआईटी दिल्ली अब विश्व स्तरीय रिसर्च हब बन गया है। नई पीढ़ी के वैज्ञानिक तैयार हो रहे हैं। विकसित भारत 2047 का सपना इसी रिसर्च से साकार होगा।
निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने कहा, “हम डॉक्टरल इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।” छात्र उत्साहित, अभिभावक गर्वित। यह उपलब्धि पूरे शैक्षणिक जगत के लिए प्रेरणा स्रोत है। For in-depth report read here
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