Delhi News Today:नोएडा एयरपोर्ट उड़ान के लिए तैयार
28 मार्च को PM मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन। फरीदाबाद कनेक्टिविटी के लिए 31 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम बजट-जमीन विवाद से रुका।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे तैयार, उद्घाटन की तैयारी।
Delhi News Today:नोएडा एयरपोर्ट उड़ान के लिए तैयार
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नोएडा एयरपोर्ट उड़ान भरने को पूरी तरह तैयार हो चुका है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका भव्य उद्घाटन करेंगे। यह भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा, जिसकी क्षमता पहले चरण में 12 मिलियन पैसेंजर्स सालाना होगी। हालांकि फरीदाबाद के औद्योगिक नगरीवासियों के लिए बुरी खबर यह है कि फरीदाबाद ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अभी भी अधूरा पड़ा है। भूमि विवाद, बजट की कमी और निर्माण में देरी से कनेक्टिविटी का सपना अधर में लटक गया है। यह विडंबना ही है कि एयरपोर्ट चमक रहा है, लेकिन सड़कें मलबे में दबी हैं।
नोएडा एयरपोर्ट की भव्यता: विश्व स्तरीय सुविधाएं
जेवर एयरपोर्ट यानी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (ZIA) 1280 हेक्टेयर में फैला एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। पहले फेज में 1.3 किलोमीटर रनवे, 75 एकड़ टर्मिनल बिल्डिंग और 34 एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड तैयार हैं। 20 अप्रैल से घरेलू उड़ानें शुरू होंगी, जो दिल्ली इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का बोझ कम करेंगी। एयरलाइंस इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस 60+ शहरों को जोड़ेंगी। दूसरा फेज 2032 तक 70 मिलियन पैसेंजर्स की क्षमता लाएगा। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार इससे UP को सालाना 15 लाख नौकरियां मिलेंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने PM को निमंत्रण देकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का संकट: फरीदाबाद का इंतजार
दूसरी ओर फरीदाबाद नोएडा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना मुश्किलों में फंसी है। 31.4 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्सप्रेसवे फरीदाबाद को जेवर एयरपोर्ट से मात्र 15-20 मिनट में जोड़ेगा। लागत ₹2414 करोड़। लेकिन सोतई, फफूंदा, पन्हैड़ा खुर्द, गढ़खेड़ा, नरहावली गांवों में जमीन अधिग्रहण रुका है। यमुना नदी पर पुल निर्माण धीमा। NHAI को बजट आवंटन में देरी। 2025 के अंत तक पूरा होने का लक्ष्य अब 2027 पर खिसक गया। फरीदाबाद चैंबर के अनुसार इससे 2 घंटे की यात्रा बचेगी, माल ढुलाई सस्ती होगी। लेकिन फिलहाल बल्लभगढ़-Badkhal से मोहना ब्रिज तक वैकल्पिक रास्ते जाम।
निर्माण चुनौतियां: जमीन, बजट और देरी का चक्र
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अधूरा होने के कई कारण हैं। सबसे बड़ा सोतई गांव में किसान आंदोलन। 200 एकड़ जमीन पर कोर्ट केस। NHAI अध्यक्ष संतोष यादव ने फरीदाबाद दौरा कर तेजी के निर्देश दिए, लेकिन किसान मुआवजे से नाराज। फफूंदा-पन्हैड़ा में मिट्टी भरी भी नहीं गई। यमुना पुल के पिलर ही खड़े नहीं। हरियाणा सरकार ने मोहना ब्रिज को चौड़ा करने का वादा किया, लेकिन फंडिंग रुकी। केंद्र ने ₹1000 करोड़ दिए, बाकी का इंतजार। मौसम व श्रमिक कमी ने भी प्रोजेक्ट को प्रभावित किया। FNG एक्सप्रेसवे की तरह यह भी 34 साल पीछे धकेल दिया गया।
आर्थिक प्रभाव: फरीदाबाद का खोया अवसर
फरीदाबाद हरियाणा का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है। ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स हब। नोएडा एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से निर्यात 30% बढ़ेगा। CII रिपोर्ट: एयर कार्गो से ₹5000 करोड़ का व्यापार। रियल एस्टेट बूम, होटल-लॉजिस्टिक्स में निवेश। लेकिन एक्सप्रेसवे देरी से निवेशक रुके। फरीदाबाद से जेवर 80 किमी, मौजूदा रास्ते से 2.5 घंटे लगते। दिल्ली एयरपोर्ट भी 1.5 घंटे। ग्रीनफील्ड तैयार होता तो फरीदाबाद NCR का नया गेटवे बनता। अब गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर दबाव बढ़ा।
संबंधित प्रोजेक्ट्स: NCR का इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क
नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNIA) का हिस्सा। यहाँ ड्रोन पोर्ट, मेडिसिटी, फिल्म सिटी बनेगी। यमुना एक्सप्रेसवे पहले ही कनेक्टेड। केजीपी एक्सप्रेसवे से हरियाणा लिंक। फरीदाबाद को जोड़ने वाला DMEB-Noida लिंक भी प्रस्तावित। PM गतिशक्ति योजना से 5 एक्सप्रेसवे कन्वर्ज हो रहे। लेकिन फरीदाबाद वाला सबसे पिछड़ा। हरियाणा CM नायब हसन ने केंद्र से फंडिंग तेज करने को कहा।
विशेषज्ञों व अधिकारियों के बयान
सीएम योगी आदित्यनाथ: “नोएडा एयरपोर्ट NCR को गति देगा। सभी प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे।”
NHAI MD: “फरीदाबाद एक्सप्रेसवे में कोर्ट फैसला जल्द। बजट मार्च में रिलीज।”
फरीदाबाद चैंबर अध्यक्ष: “देरी से करोड़ों का नुकसान। तत्काल काम शुरू हो।”
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: देरी का पुराना सिलसिला
फरीदाबाद नोएडा एक्सप्रेसवे 1992 में प्रस्तावित। FNG एक्सप्रेसवे 34 साल से अधूरा (70% ही बना)। ग्रीनफील्ड 2021 में शुरू, 2024 टारगेट मिस। जेवर एयरपोर्ट 2018 में स्वीकृत, पहले फेज 5 साल में तैयार। UP सरकार ने गति पकड़ी, लेकिन हरियाणा-UP बॉर्डर पर समन्वय की कमी। 2023 किसान आंदोलन ने काम रोका। COVID ने 1 साल पीछे धकेला।
निवेशकों का नजरिया: अवसर व चुनौतियां
रियल एस्टेट विशेषज्ञ: जेवर में मकान ₹5000/स्कफ्त से ₹12000 पहुंचे। फरीदाबाद में भी बूम संभव। लॉजिस्टिक्स कंपनियां जैसे Flipkart, Amazon एयरपोर्ट के पास वेयरहाउस बना रहीं। लेकिन कनेक्टिविटी न होने से हिचक। स्टार्टअप्स को सस्ती जमीन मिलेगी। पर्यटन बढ़ेगा- आगरा, मथुरा 1 घंटे में।
तकनीकी विशेषताएं: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
नोएडा एयरपोर्ट में डिजिटल टावर, AI चेक-इन, फेस रिकग्निशन। रनवे पर A-380 लैंडिंग संभव। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में 5 इंटरचेंज, 2 टोल प्लाजा। 120 किमी/घंटा स्पीड। सोलर लाइटिंग, स्मार्ट सेंसर। मोहना ब्रिज चौड़ीकरण से 4-लेन बनेगा।
फरीदाबाद के लिए महत्व: आर्थिक क्रांति
फरीदाबाद में 5000+ फैक्ट्रियां। एयरपोर्ट से जर्मनी, जापान निर्यात आसान। बल्लभगढ़ रेलवे जंक्शन से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी। युवाओं को एविएशन जॉब्स। रियल एस्टेट में 25% उछाल। लेकिन देरी से गुड़गांव, मानेसर को फायदा।
निष्कर्ष व आगे की राह
नोएडा एयरपोर्ट उद्घाटन NCR के लिए मील का पत्थर। फरीदाबाद को जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जून 2026 तक पूरा हो। तब फरीदाबाद-जेवर 15 मिनट। PM मोदी का विजन- “विकसित भारत” साकार होगा।For in depth click here क्या देरी दूर होगी?
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