37% कचरा अब भी लैंडफिल में,AAP विधायक कुलदीप की कार पर बदमाशों का हमला,दौलत राम कॉलेज में वेतन रोक धरना,दिल्ली PAC रिपोर्ट: वाहनों से प्रदूषण रोकने में सरकार पूरी तरह फेल!

दिल्ली मधु विहार: AAP विधायक कुलदीप की कार पर बदमाशों का हमला, शीशा चूर-चूर!

पूर्वी दिल्ली के मधु विहार में कोंडली विधायक कुलदीप कार हमला की घटना ने सनसनी फैला दी। सोमवार शाम करीब 7 बजे सिंघला स्वीट्स के सामने विधायक की खड़ी कार का पिछला शीशा तोड़ दिया गया। विधायक मिठाई खरीदने दुकान पर गए थे। पुलिस ने FIR दर्ज कर CCTV जांच शुरू कर दी।

Delhi News Today 24 Mar 2026

क्षतिग्रस्त कार का शीशा, मधु विहार हमले का दृश्य। (स्रोत:जागरण)

Delhi News Today 24 Mar 2026

मधु विहार थाना क्षेत्र में शाम 7 बजे AAP विधायक कुलदीप पर हमला हुआ। कोंडली से AAP विधायक कुलदीप कुमार उर्फ मोनू सिंघला स्वीट्स पर रुकें। कार चालक बाहर निकला तो अज्ञात बदमाशों ने नुकीली चीज या पत्थर से शीशा चूर-चूर कर दिया। विधायक ने तुरंत पुलिस को कॉल की। PCR वैन पास थी, लेकिन हमलावर फरार। कोई चोट नहीं लगी। DCP राजीव कुमार ने जांच का भरोसा दिया।

घटना का विस्तार: हमले की पूरी कहानी

घटना 23 मार्च 2026 को मधु विहार, हसनपुर डिपो के पास हुई। विधायक कोंडली से मीटिंग के बाद मिठाई लेने रुके। कार DL 6C सिल्वर कलर SUV थी। हमलावरों ने पिछला बायां शीशा निशाना बनाया। विधायक उतरकर दुकान गए, चालक अंदर था। 2 मिनट में हमला। आसपास दुकानें बंद हो रही थीं। विधायक ने शिकायत में कहा, “पास PCR थी, फिर भी दुस्साहस।” पुलिस ने मौके पर क्राइम टीम भेजी। कोई सुरागी सबूत नहीं।

पुलिस को संदेह राजनीतिक साजिश का। कुलदीप ने कहा कि विरोधी दबाव बना रहे। CCTV से 5-6 संदिग्ध दिखे। फिंगरप्रिंट चेक। हमलावरों ने विधायक को निशाना बनाया या चालक को धमकाया, जांच जारी।

विधायक व पुलिस के बयान

AAP विधायक कुलदीप: “यह खौफनाक हमला। PCR पास थी, सुरक्षा चूक। राजनीतिक साजिश।”

DCP पूर्वी राजीव कुमार: “FIR IPC 427 (क्षति), 506 (धमकी) दर्ज। CCTV खंगाल रहे। विधायक सुरक्षित।”

मधु विहार SHO: “कोई संदिग्ध नहीं। शीशा टूटा, हमला साबित।”

राजनीतिक रंग: AAP का आरोप

AAP ने BJP पर साजिश का इल्जाम लगाया। मनजिंदर सिंह सिरसा बोले, “नाटक।” कुलदीप ने CM को पत्र लिखा। सुरक्षा बढ़ाने की मांग। दिल्ली पुलिस VIP सिक्योरिटी रिव्यू करेगी।

निष्कर्ष: जांच तेज हो

दिल्ली विधायक कार हमला ने सुरक्षा सवाल खड़े किए। CCTV से आरोपी पकड़े जाएं। राजनीतिक हिंसा रुके। कुलदीप सुरक्षित रहें।


 

दिल्ली कचरा संकट: 37% कचरा अब भी लैंडफिल में, निगम ने निस्तारण योजना शुरू!

आर्थिक सर्वे के अनुसार दिल्ली में रोज 11,862 टन कचरा उत्पन्न, सिर्फ 64.4% निस्तारित। बाकी 37% लैंडफिल में, कूड़े के ढेर खत्म करने का लक्ष्य मुश्किल।

Delhi News Today 24 Mar 2026

भलस्वा लैंडफिल पर कूड़े का पहाड़, 37% कचरा बिना प्रोसेस पहुंच रहा।

Delhi News Today 24 Mar 2026

दिल्ली का कचरा निस्तारण संकट गहराता जा रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार राजधानी में प्रतिदिन 11,862 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न हो रहा है, जिसमें से केवल 64.4% ही वैज्ञानिक रूप से निस्तारित हो पा रहा। बाकी 37% कचरा बिना प्रोसेसिंग के भलस्वा, ओखला, गाजीपुर लैंडफिल साइट्स पर पहुंच रहा है। नगर निगम (MCD) ने निस्तारण क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है, लेकिन 2028 तक कूड़े के पहाड़ खत्म करने का लक्ष्य अब मुश्किल लग रहा। यह स्थिति प्रदूषण, स्वास्थ्य जोखिम और जमीन संकट को बढ़ा रही।

कचरा संकट का आंकड़ों में विश्लेषण

दिल्ली के 10.5 मिलियन आबादी से रोज 11,862 टन कचरा निकलता है। MCD की क्षमता 8,173 टन प्रतिदिन है, लेकिन वास्तविक निस्तारण सिर्फ 7,611 टन (64.2%)। बाकी 4,251 टन सीधे डंप। DPCC रिपोर्ट के अनुसार तीनों लैंडफिल पर 1.7 करोड़ टन legacy waste जमा। भलस्वा (59 लाख टन), गाजीपुर (1.1 करोड़), ओखला (44 लाख) में जगह खत्म। CPCB ने NGT को बताया कि 36-37% कचरा बिना रीसाइक्लिंग के दबाया जा रहा। गीला कचरा 55%, सूखा 45%। वर्तमान में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट 2,000 टन ही हैंडल करते।

निगम की योजना में भलस्वा पर 1,800 टन, ओखला पर 1,400 टन नया कचरा रीसाइकल होगा। बायोगैस प्लांट, कंपोस्टिंग यूनिट्स बढ़ेंगी। लेकिन जमीन अधिग्रहण, तकनीक व फंडिंग की कमी बाधा।

निगम की नई योजना: निस्तारण क्षमता दोगुनी

दिल्ली निगम कचरा योजना में 3,200 टन नए कचरे का रीसाइकल लक्ष्य। गीले कचरे से खाद, सूखे से RDF। 500 करोड़ की सहायता मिली। रेखा गुप्ता सरकार ने हर साल 300 करोड़ देने का ऐलान। Waste-to-Energy क्षमता 5,000 टन। ढलाव बंद कर डोर-टू-डोर कलेक्शन। कंपोस्ट एक्सचेंज स्कीम- गीला कचरा देकर खाद लें। लेकिन स्थानीय निकायों में समन्वय की कमी।

अधिकारियों व विशेषज्ञ बयान

MCD आयुक्त संदीप कुमार: “2028 तक लैंडफिल खत्म करेंगे। नई प्लांट्स से 90% निस्तारण।”

CPCB वैज्ञानिक: “37% अनप्रोसेस्ड कचरा स्वास्थ्य जोखिम। तत्काल सुधार जरूरी।”

पर्यावरण विशेषज्ञ: “रीसाइक्लिंग रेट 20% से कम। जनजागरूकता अभाव।”

दिल्ली का कचरा इतिहास व वर्तमान संकट

2016 के ठोस कचरा नियम: 100% प्रोसेसिंग 31.12.2016 तक। लेकिन 2026 में भी 37% असफल। 2023 में पहली बार निस्तारण > उत्पन्न कचरा। COVID ने प्रोग्रेस रोकी। NGT ने 50 लाख जुर्माना लगाया। भलस्वा आग की घटना 2024। राष्ट्रीय औसत: 70% प्रोसेसिंग। दिल्ली पिछड़ी।

निष्कर्ष: त्वरित सुधार जरूरी

दिल्ली कचरा निस्तारण में क्रांतिकारी बदलाव चाहिए। निगम योजना प्रभावी हो तो 2028 लक्ष्य संभव। जनसहयोग, तकनीक व फंडिंग से कूड़े मुक्त दिल्ली बनेगी।


 

दौलत राम कॉलेज में वेतन रोक धरना: प्रिंसिपल पर कर्मचारियों से दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप!

दिल्ली यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन ने 5 माह से वेतन रोके जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने प्रिंसिपल पर दिव्यांग कर्मचारी से माइक छीनने का आरोप लगाया।

Delhi News Today 24 Mar 2026

 दौलत राम कॉलेज गेट पर कर्मचारी यूनियन का धरना, वेतन रोकने के विरोध में।

Delhi News Today 24 Mar 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित दौलत राम कॉलेज में कर्मचारी आंदोलन ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन (DUCCU) ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना शुरू किया है। 2001 से लाइब्रेरी में कार्यरत एक स्थायी कर्मचारी का अक्टूबर 2025 से 5 माह का वेतन रोका गया है। यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने प्रिंसिपल पर कर्मचारियों से दुर्व्यवहार और दिव्यांग कर्मचारी से माइक छीनने का गंभीर आरोप लगाया। यह विवाद कॉलेज प्रशासन और कर्मचारी यूनियन के बीच तनाव को नई ऊंचाई दे रहा है।

धरने का पूरा विवरण: अन्याय के खिलाफ आंदोलन

दौलत राम कॉलेज वेतन रोक विवाद तब भड़का जब लाइब्रेरी कर्मचारी का वेतन अचानक बंद हो गया। कॉलेज प्रशासन का तर्क है कि नियुक्ति के समय UGC स्वीकृति नहीं ली गई थी। यूनियन का कहना है कि यह प्रशासनिक जिम्मेदारी थी, कर्मचारी की नहीं। 23 फरवरी को प्रिंसिपल धरना स्थल पर पहुंचीं और यूनियन अध्यक्ष दौलत सिंह रावत व सचिव अमित जमवाल को निलंबित कर दिया। दिव्यांग कर्मचारी के हाथ से माइक तार छीनकर गेट बंद करवा दिया। 27 फरवरी को हजारों कर्मचारियों ने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण धरना दिया।

DUCCU ने कुलपति को पत्र लिखकर मांग रखी- निलंबन रद्द, बकाया वेतन, प्रिंसिपल के खिलाफ जांच समिति। धरना एक दिन बढ़ा। कॉलेज परिसर में कर्मचारी प्रवेश प्रतिबंधित।

यूनियन नेताओं के प्रमुख बयान

देवेंद्र शर्मा (DUCCU अध्यक्ष): “प्रिंसिपल का दुर्व्यवहार असहनीय। 24 साल की सेवा के बाद वेतन रोकना अपमान। दिव्यांग से माइक छीनना शर्मनाक।”

दौलत सिंह रावत (यूनियन प्रधान): “निलंबन प्रतिशोध। हम हार नहीं मानेंगे। कुलपति से न्याय मांगेंगे।”

कॉलेज प्रिंसिपल: “प्रशासनिक अनियमितता। UGC नियमों का पालन।”

दौलत राम कॉलेज का विवादित इतिहास

दौलत राम कॉलेज DU का जाना-माना संस्थान। 1960 में स्थापित, महिलाओं का कॉलेज। 2023 में प्रिंसिपल सविता रॉय पर दलित शिक्षिका के खिलाफ जातिगत भेदभाव का आरोप। हाईकोर्ट व SC कमीशन में केस। रजिस्ट्रार विकास गुप्ता पर भी FIR। वर्तमान विवाद UGC स्वीकृति से जुड़ा। DU में 50+ कॉलेजों में समान शिकायतें।

कर्मचारी अधिकारों का व्यापक संकट

DU में 15,000+ कर्मचारी। 30% एडहॉक। UGC 7वें वेतन आयोग लागू, लेकिन देरी। EPS-95 पेंशन विवाद। कॉलेजों में प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ा। DUCCU ने 10 मांगें रखीं।

निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद

दौलत राम कॉलेज धरना कर्मचारी अधिकारों की लड़ाई है। कुलपति के हस्तक्षेप से समाधान संभव। जांच समिति बने, वेतन बहाल हो। कॉलेज प्रशासन संवेदनशील बने।For in depth click here


 

दिल्ली PAC रिपोर्ट: वाहनों से प्रदूषण रोकने में सरकार पूरी तरह फेल!

दिल्ली विधानसभा लोक लेखा समिति ने वाहन प्रदूषण नियंत्रण में प्रणालीगत कमियां उजागर कीं। प्रदूषण निगरानी, बसों की कमी और इलेक्ट्रिक वाहन नीति के क्रियान्वयन में गंभीर चूक।

Delhi News Today 24 Mar 2026

दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का जाम, PAC रिपोर्ट में प्रदूषण रोकने में सरकारी विफलता। 

Delhi News Today 24 Mar 2026

दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) ने दिल्ली वाहन प्रदूषण रोकने के सरकारी दावों की कलई खोल दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने में दिल्ली सरकार व संबंधित एजेंसियां पूरी तरह विफल रही हैं। प्रदूषण निगरानी व्यवस्था जर्जर, सार्वजनिक परिवहन बदहाल और इलेक्ट्रिक वाहन नीति का क्रियान्वयन सुस्त। PAC ने तीन साल के आंकड़ों का विश्लेषण कर 17 सिफारिशें दी हैं। यह रिपोर्ट दिल्ली के प्रदूषण संकट पर नई बहस छेड़ने वाली है।

PAC रिपोर्ट की प्रमुख कमियां: विस्तृत विश्लेषण

दिल्ली PAC वाहन प्रदूषण रिपोर्ट में पाया गया कि दिल्ली में 70 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन हैं, जो PM2.5 का 40% योगदान देते। लेकिन प्रदूषण निगरानी स्टेशन (84) अपर्याप्त। DPCC के 50% सेंसर खराब। रीयल-टाइम डेटा 30% ही उपलब्ध। सार्वजनिक परिवहन में बसें घटकर 6,200 रह गईं (2015 में 7,000+)। DTC की औसत उम्र 13 वर्ष। CNG बसें पर्याप्त नहीं।

इलेक्ट्रिक वाहन नीति का सबसे काला अध्याय। 2024-25 लक्ष्य: 25% EV बिक्री। वास्तविक: 8.2%। चार्जिंग स्टेशन लक्ष्य 13,200, बने सिर्फ 2,800। सब्सिडी वितरण में 18 महीने देरी। PAC ने परिवहन विभाग को F (फेल) ग्रेड दिया। ऑड-ईवन प्रभावहीन।

PAC सदस्यों व अधिकारियों के बयान

PAC अध्यक्ष अतिशी मार्लेना: “सरकार के खोखले दावे बेनकाब। प्रदूषण रोकने में प्रणालीगत विफलता। तत्काल सुधार जरूरी।”

परिवहन मंत्री: “रिपोर्ट का संज्ञान लेंगे। EV नीति पर तेजी लाएंगे।”

DPCC चेयरमैन: “निगरानी स्टेशन दुरुस्त कर रहे।”

दिल्ली प्रदूषण का ऐतिहासिक संदर्भ

दिल्ली वाहन प्रदूषण 2015 से चरम पर। GRAP स्टेज-4, 10+ बार। NGT ने 500 जुर्माना लगाया। CNG वाहन नीति (1998) सफल रही, लेकिन अब पुरानी। 2020 EV पॉलिसी: 2024 तक 25% लक्ष्य असफल। SC ने 2021 में 10,000 EV बसें का आदेश दिया। बस डिपो 50% अधूरे।

निष्कर्ष: सुधार की दिशा में कदम

PAC रिपोर्ट दिल्ली प्रदूषण ने सरकार को आइना दिखाया। 90% निगरानी स्टेशन, 10,000 EV बसें, 25,000 चार्जिंग स्टेशन जरूरी। सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता। जनजागरूकता अभियान। क्या दिल्ली सांस ले पाएगी?



More related news:सोनीपत सड़क हादसा मुरथल परांठे के बाद रेलिंग से टकराई कार, दिल्ली के 2 युवकों की दर्दनाक मौत!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *