Delhi News Today: पुल प्रह्लादपुर हत्याकांड: पति ने 5 किलो LPG सिलेंडर से पीट-पीटकर पत्नी पूनम की बेरहमी से हत्या की

दक्षिणी दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर डीडीए फ्लैट्स में घरेलू विवाद के दौरान सुरेश ने पत्नी पर सिलेंडर से ताबड़तोड़ वार किए। एम्स ट्रॉमा सेंटर में मौत, आरोपी पति गिरफ्तार।

Delhi News Today: पुल प्रह्लादपुर हत्याकांड: पति ने 5 किलो LPG सिलेंडर से पीट-पीटकर पत्नी पूनम की बेरहमी से हत्या की

पुल प्रह्लादपुर के डीडीए फ्लैट्स में खून से सना मंजर, जहां पति ने LPG सिलेंडर से पत्नी की हत्या कर दी।

Delhi News Today: पुल प्रह्लादपुर हत्याकांड: पति ने 5 किलो LPG सिलेंडर से पीट-पीटकर पत्नी पूनम की बेरहमी से हत्या की

दिल्ली के दक्षिणी इलाके पुल प्रह्लादपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां डीडीए फ्लैट्स में रहने वाले सुरेश ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी पूनम पर 5 किलो के छोटे LPG सिलेंडर से क्रूरता पूर्वक हमला कर दिया। सिर और रीढ़ पर ताबड़तोड़ वारों से पूनम गंभीर रूप से घायल हो गई। पड़ोसियों ने चीख-पुकार सुनकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल पूनम को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

आरोपी पति सुरेश को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। यह घटना दिल्ली में घरेलू हिंसा की भयानक सच्चाई को उजागर करती है।

हत्या कैसे हुई? कारण और घटनाक्रम

घटना रविवार रात पुल प्रह्लादपुर थाना क्षेत्र के डीडीए फ्लैट्स में हुई। सुरेश और पूनम कई वर्षों से वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे थे। पड़ोसियों के अनुसार, दंपति के बीच अक्सर छोटे-मोटे झगड़े होते थे, लेकिन इस बार विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। सूत्रों का कहना है कि सुरेश अपनी पत्नी पूनम पर अवैध संबंधों का शक करता था। रविवार रात करीब 10 बजे दोनों के बीच जोरदार बहस हुई। बात बिगड़ते ही सुरेश ने रसोई से 5 किलो का LPG सिलेंडर उठाया और पूनम पर मरम्मत से प्रहार शुरू कर दिए।

पहले वार सिर पर हुए, जिससे पूनम जमीन पर गिर पड़ी। फिर सुरेश ने रीढ़ और सिर पर बार-बार सिलेंडर से प्रहार किए। घर में दंपति की डेढ़ साल की मासूम बेटी भी मौजूद थी, जो मां की चीखें सुनकर डर गई। खून से लथपथ पूनम तड़पती रही, लेकिन सुरेश का गुस्सा नहीं ठंडा हुआ। पड़ोसियों ने शोर सुनकर दरवाजा तोड़ा और पुलिस को कॉल की। क्राइम टीम ने मौके से खून के धब्बे, सिलेंडर और अन्य साक्ष्य बरामद किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गहरे घाव और रीढ़ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। सुरेश ने पूछताछ में शक का हवाला दिया, लेकिन क्रूरता की कोई माफी नहीं।

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ने बताया, “घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की हत्या की है। आरोपी सुरेश को हिरासत में लेकर हत्या (IPC 302) और क्रूरता (304B) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। डेढ़ साल की बच्ची को उसके नाना के सुपुर्द कर दिया। जांच जारी है।” एक पड़ोसी ने कहा, “सुरेश अक्सर शराब पीकर पूनम को मारता था। रात को चीखें सुनकर दौड़े, लेकिन देर हो चुकी थी।”

डीसीपी ने आगे कहा, “पूनम के भाई ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा। महिला हेल्पलाइन ने परिवार को सहायता देने का आश्वासन दिया।” पूनम के परिजनों ने फूट-फूटकर रोते हुए कहा, “बहू बहुत सीधी-सादी थी। सुरेश का शक ही उसे मार गया। न्याय चाहिए।”

पृष्ठभूमि: दिल्ली में घरेलू हिंसा का काला साया

पुल प्रह्लादपुर दिल्ली का घनी आबादी वाला इलाका है, जहां डीडीए फ्लैट्स में मजदूर वर्ग के परिवार रहते हैं। NCRB के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 2025 में घरेलू हिंसा के 15,000 से अधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें 500 से ज्यादा हत्याएं। सुरेश मजदूरी करता था, जबकि पूनम घर संभालती। शादी को 5-6 साल हुए थे। पड़ोसियों ने बताया कि सुरेश का नशा और शक दोनों बड़ी समस्या थे। डेढ़ साल की बेटी अब अनाथ है।

दिल्ली में ऐसे मामले आम हैं। पुल प्रह्लादपुर पहले भी अपराधों का केंद्र रहा—होली पर सूरज हत्याकांड याद है। महिला आयोग ने 10,000 पेंडिंग केसों पर सवाल उठाए। योगी सरकार की तुलना में दिल्ली में घरेलू हिंसा रोकथाम कमजोर। ‘मिशन शक्ति’ जैसी योजनाएं हैं, लेकिन ग्रासरूट स्तर पर जागरूकता की कमी। आर्थिक तनाव, शराब और पुरुषवादी सोच हत्याओं को जन्म दे रही। पूनम जैसी महिलाएं चुप रहती हैं, ताकि परिवार न बिखरे।

यह घटना ‘वन स्टॉप सेंटर’ की जरूरत बताती है। पुल प्रह्लादपुर में पुलिस चौकी है, फिर भी रिस्पॉन्स लेट। परिजनों ने प्रदर्शन की धमकी दी। समाज को घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी होगी।

निष्कर्ष: आगे क्या होगा?

यह पुल प्रह्लादपुर हत्याकांड घरेलू हिंसा के खिलाफ जंग का प्रतीक बनेगा। सुरेश को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। बच्ची के भविष्य के लिए सरकारी सहायता जरूरी। दिल्ली पुलिस को सख्ती बढ़ानी होगी—शराबबंदी, काउंसलिंग सेंटर। क्या यह घटना सबक बनेगी? परिजन न्याय के लिए लड़ेंगे। समाज को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।For in depth click here




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