Fatehpur school bus accident
खखरेड़-दामपुर मार्ग पर स्कूल बस की 50 किमी/घंटा रफ्तार ने साइकिल सवार छात्र को 200 मीटर घसीटा, दोस्त शॉक से मृत; गुस्साए ग्रामीणों ने 4 घंटे जाम लगाया।
Accident
फतेहपुर, उत्तर प्रदेश:
फतेहपुर जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। खखरेड़–दामपुर मार्ग पर बैरी-चकीया गांव के पास एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने साइकिल से स्कूल जा रहे एक छात्र को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्र बस के नीचे फंस गया और लगभग 200 मीटर तक सड़क पर घिसटता चला गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की खबर जैसे ही स्कूल पहुंची, मृतक का करीबी दोस्त यह सुनकर सदमे में आ गया और अचानक गिर पड़ा। कुछ ही देर में उसकी भी मौत हो गई। इस दुखद घटना से पूरे गांव और स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे में एक बाइक सवार युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और चालक की गिरफ्तारी तक शव उठाने से इनकार कर दिया। लगभग चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। आखिरकार पुलिस ने चालक को गिरफ्तार किया, तब जाकर जाम खुल सका।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा 8 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। छात्र साइकिल से स्कूल जा रहा था तभी पीछे से आ रही स्कूल बस ने उसे टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस की रफ्तार काफी तेज थी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र साइकिल सहित बस के नीचे फंस गया और बस उसे घसीटते हुए करीब 200 मीटर तक ले गई। जब तक बस रुकी, तब तक छात्र गंभीर रूप से घायल हो चुका था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना देखकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और बस के नीचे से छात्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दोस्त की सदमे से मौत
हादसे की खबर जब स्कूल पहुंची तो वहां पढ़ने वाला छात्र हमजा मंसूरी यह सुनकर बुरी तरह घबरा गया। बताया जा रहा है कि मृतक छात्र और हमजा बहुत करीबी दोस्त थे।
समाचार मिलते ही हमजा अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। स्कूल के शिक्षक और अन्य लोग उसे संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन कुछ ही देर में उसकी भी मौत हो गई।
दो बच्चों की अचानक हुई मौत से पूरे इलाके में मातम छा गया।
बाइक सवार युवक भी घायल
इस हादसे में एक और युवक घायल हुआ। 21 वर्षीय शालू यादव, जो बाइक से उसी रास्ते से गुजर रहा था, ने बताया जाता है कि बस चालक को रुकने का इशारा किया था।
लेकिन बस चालक ने नियंत्रण खो दिया और उसकी बाइक को भी टक्कर मार दी। घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों का गुस्सा और सड़क जाम
हादसे की खबर फैलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और यातायात पूरी तरह रोक दिया।
लोगों का कहना था कि जब तक बस चालक को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा।
खखरेरू थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई।
चालक की गिरफ्तारी के बाद खुला जाम
करीब चार घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद पुलिस ने बस चालक चमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। चालक की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध खत्म किया और रास्ता खोल दिया।
इसके बाद पुलिस ने दोनों छात्रों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
पुलिस के अनुसार हादसे में शामिल बस साधु शरण सिंह इंटर कॉलेज की बताई जा रही है।
पुलिस का बयान
फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बस चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा,
“बस चालक चमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को भी अपने वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।”
पुलिस अब बस की फिटनेस, दस्तावेज और चालक के ड्राइविंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
परिजनों और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मृतक छात्रों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख और गुस्सा जताया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया:
“बस बहुत तेज रफ्तार में थी। छात्र करीब 200 मीटर तक घिसटता रहा। ऐसा दृश्य हमने पहले कभी नहीं देखा।”
मृतक के एक परिजन ने कहा,
“एक बच्चा हादसे में चला गया और दूसरा सदमे में। आखिर कब रुकेगी यह लापरवाही?”
ग्रामीणों ने स्कूल बसों की गति पर नियंत्रण और कड़ी निगरानी की मांग की है।
फतेहपुर में सड़क हादसों की बढ़ती चिंता
फतेहपुर जिला लंबे समय से सड़क हादसों के लिए संवेदनशील माना जाता है। खराब सड़कें, तेज रफ्तार वाहन और नियमों का पालन न होना अक्सर दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं।
विशेष रूप से स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। कई जगहों पर स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता।
भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की भी होती है।
फतेहपुर में इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2021 में भी एक छात्र को वाहन ने टक्कर मार दी थी और वह कई मीटर तक घिसटता चला गया था।
आगे क्या होगा?
पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। चालक से पूछताछ की जा रही है और बस की तकनीकी जांच भी की जाएगी।
जिला प्रशासन स्कूल वाहनों की जांच अभियान भी चला सकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी वाहन सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं।
इधर मृतक छात्रों के परिवारों ने सरकार से मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या बच्चों की सुरक्षा के लिए सड़क और स्कूल परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत नहीं है।
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