First Aggregation Center : जिले में खुलेगा प्रदेश का पहला एग्रीगेशन सेंटर विदुर ब्रांड की महिलाओं को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

First Aggregation Center

बिजनौर में प्रेरणा एग्रीगेशन सेंटर से स्वयं सहायता समूहों की 2.42 लाख महिलाओं के उत्पाद देशभर पहुंचेंगे। योगी सरकार की इस क्रांतिकारी पहल से लखपति दीदी क्लब को नई उड़ान मिलेगी, आय दोगुनी होगी।

First Aggregation Center

 बिजनौर में बन रहा प्रदेश का पहला एग्रीगेशन सेंटर, जहां विदुर ब्रांड के अचार, जैम से लेकर साबुन तक के उत्पाद पैकेजिंग और मार्केटिंग के साथ देशभर बिकेंगे।

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के Bijnor जिले से महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। यहां जल्द ही प्रदेश का पहला एग्रीगेशन सेंटर स्थापित होने जा रहा है, जो स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा।

इस पहल के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा जिले में शुरू हुआ विदुर ब्रांड है, जिसकी सफलता ने सरकार का ध्यान खींचा। इसी मॉडल को अब बड़े स्तर पर लागू करने के लिए “प्रेरणा एग्रीगेशन सेंटर” बनाया जा रहा है।

इस सेंटर के जरिए महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की क्वालिटी चेक, आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था एक ही जगह से होगी। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जहां 10,000 से ज्यादा उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।


क्यों जरूरी है यह एग्रीगेशन सेंटर?

बिजनौर में पिछले कुछ वर्षों में स्वयं सहायता समूहों ने एक नई आर्थिक क्रांति की शुरुआत की है। जिले में करीब 2.42 लाख महिलाएं SHG से जुड़ी हुई हैं और इनमें से 54,000 से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी क्लब” का हिस्सा बन चुकी हैं।

ये महिलाएं घरों से ही कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जैसे –

  • अचार और मुरब्बा
  • आंवला कैंडी
  • स्ट्रॉबेरी जैम
  • टमाटर सॉस
  • घरेलू मसाले
  • हर्बल साबुन
  • सुगंधित मोमबत्तियां
  • पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद

कुछ समूह तो इलेक्ट्रिक स्कूटी के छोटे-छोटे पार्ट्स तक तैयार कर रहे हैं।

हालांकि, इन उत्पादों की गुणवत्ता अच्छी होने के बावजूद कई बार पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की कमी के कारण वे बड़े बाजार तक नहीं पहुंच पाते। यही कमी अब यह नया एग्रीगेशन सेंटर दूर करेगा।


कैसे काम करेगा प्रेरणा एग्रीगेशन सेंटर?

बिजनौर में बनने वाला प्रेरणा एग्रीगेशन सेंटर पूरे प्रदेश के लिए एक केंद्रीय हब की तरह काम करेगा। यहां उत्तर प्रदेश के करीब 56 जिलों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद एकत्र किए जाएंगे।

सेंटर में काम की प्रक्रिया कुछ इस तरह होगी:

  1. उत्पादों की सफाई और सॉर्टिंग
  2. क्वालिटी टेस्टिंग
  3. आधुनिक मशीनों से पैकेजिंग
  4. ब्रांडिंग और लेबलिंग
  5. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग

डिजिटल मार्केटिंग टीम इन उत्पादों को Amazon, Flipkart और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करेगी।

इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स पार्टनरशिप के जरिए उत्पादों को देश के किसी भी हिस्से में 48 घंटे के अंदर डिलीवर करने की व्यवस्था होगी।


महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण भी

एग्रीगेशन सेंटर में केवल उत्पादों की पैकेजिंग या बिक्री ही नहीं होगी, बल्कि यहां एक ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जा रहा है।

इसमें महिलाओं को कई जरूरी चीजें सिखाई जाएंगी, जैसे:

  • कृषि और फूड प्रोसेसिंग की नई तकनीक
  • Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) सर्टिफिकेशन
  • डिजिटल पेमेंट सिस्टम
  • ऑनलाइन मार्केटिंग
  • एक्सपोर्ट प्रक्रिया

इसके अलावा SHG समूहों को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।


विदुर ब्रांड ने बदली कई महिलाओं की जिंदगी

बिजनौर के कई गांवों में विदुर ब्रांड के जरिए महिलाओं की आय में बड़ा बदलाव आया है।

उदाहरण के तौर पर, एक गांव की महिलाएं पहले सिर्फ स्थानीय बाजार में अचार बेचती थीं। लेकिन जब उन्होंने विदुर ब्रांड के तहत काम शुरू किया तो उनका कारोबार करीब पांच गुना तक बढ़ गया।

अब वही मॉडल पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, एग्रीगेशन सेंटर का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अगले महीने इसका उद्घाटन होने की संभावना है।


अधिकारियों के क्या कहते हैं?

जिले के मुख्य विकास अधिकारी Ranvijay Singh ने बताया कि इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह सेंटर लाखों महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाएगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी पहले ही बिजनौर मॉडल की सराहना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि राज्य में लखपति दीदी अभियान के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है और इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला सरिता देवी बताती हैं कि विदुर ब्रांड से उन्हें ऑनलाइन ऑर्डर मिलने लगे हैं। उनका कहना है कि एग्रीगेशन सेंटर शुरू होने के बाद उनका कारोबार और बढ़ेगा।


प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई दिशा

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। इनमें National Rural Livelihood Mission (NRLM) भी शामिल है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

राज्य में पिछले साल करीब 1.5 लाख नए SHG समूह बनाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं।

बिजनौर में ही 54,000 लखपति दिदियों ने मिलकर लगभग 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एग्रीगेशन सेंटर बनने के बाद यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।


आगे क्या होगा?

सरकार की योजना है कि एग्रीगेशन सेंटर के साथ एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाए, जहां हजारों उत्पाद उपलब्ध होंगे।

भविष्य में इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भेजने की तैयारी है। खासकर मध्य-पूर्व और यूरोप के बाजारों में भारतीय फूड प्रोडक्ट्स की मांग को देखते हुए निर्यात की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।


निष्कर्ष

बिजनौर में बनने वाला प्रदेश का पहला एग्रीगेशन सेंटर केवल एक व्यापारिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

यदि यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह के सेंटर बनाए जा सकते हैं।

इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। बिजनौर अब धीरे-धीरे महिला उद्यमिता के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरता नजर आ रहा है।

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