Gas booking : गैस सिलेंडर डिलीवरी में बड़ा बदलाव OTP 100% अनिवार्य, एजेंसियों पर बुकिंग बंद

Gas booking

मेरठ। लंबी कतारों और कालाबाजारी पर लगाम के लिए नई व्यवस्था। अब केवल ऑनलाइन बुकिंग और 100% OTP सत्यापन से घर पर डिलीवरी। एजेंसियां अब सिर्फ KYC और नंबर अपडेट के लिए।

Delhi News Today 17 Mar 2026

मेरठ गैस एजेंसी के बाहर खाली सड़क, डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर जाते हुए। कैप्शन: नई OTP व्यवस्था से गैस एजेंसियों पर कतारें खत्म, घर बैठे सुविधा।

मेरठ: शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत होगी। कंपनियों ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी OTP को 100 प्रतिशत अनिवार्य कर दिया है।

इस नई व्यवस्था के तहत अब गैस एजेंसियों पर जाकर सिलेंडर बुक कराने या सीधे सिलेंडर लेने की सुविधा बंद कर दी गई है। केवल ऑनलाइन बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को ही घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाएगी।

प्रशासन और गैस कंपनियों का मानना है कि इससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी और सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुंच पाएगा।


एजेंसियों पर अब नहीं होगी सिलेंडर बुकिंग

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मेरठ की कई गैस एजेंसियों ने अपने कार्यालयों के बाहर सूचना बोर्ड लगा दिए हैं। इनमें साफ लिखा गया है कि अब सिलेंडर की बुकिंग केवल ऑनलाइन माध्यम से ही की जाएगी और सिलेंडर की डिलीवरी सीधे उपभोक्ता के घर पर होगी।

शहर के घंटाघर क्षेत्र स्थित मेरठ गैस सर्विस और गढ़ रोड की मोहन गैस एजेंसी सहित कई एजेंसियों ने उपभोक्ताओं को इस बारे में जानकारी देना शुरू कर दिया है।

अब एजेंसी पर केवल वही लोग आएंगे जिन्हें कनेक्शन से जुड़े काम कराने हैं, जैसे मोबाइल नंबर अपडेट कराना, KYC कराना या अन्य दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करना।


OTP बताए बिना नहीं मिलेगा सिलेंडर

नई प्रणाली के अनुसार जब कोई उपभोक्ता गैस सिलेंडर बुक करेगा, तो डिलीवरी के समय उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा।

डिलीवरी बॉय जब सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो उपभोक्ता को वही OTP बताना होगा। सही कोड दर्ज होने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी।

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिलेंडर उसी व्यक्ति को मिले जिसने बुकिंग कराई है। इससे गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।

जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि गैस सिलेंडर की घर पर डिलीवरी ही नियम है। यदि कोई एजेंसी से सीधे सिलेंडर लेने की कोशिश करता है तो यह नियमों के खिलाफ माना जाएगा।


पहले 60% मामलों में ही लागू था OTP

गैस एजेंसियों के अनुसार पहले OTP प्रणाली पूरी तरह अनिवार्य नहीं थी। कई मामलों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिना OTP के भी सिलेंडर की डिलीवरी कर दी जाती थी।

बताया जाता है कि पहले लगभग 60 प्रतिशत डिलीवरी में ही OTP का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब कंपनियों ने इसे पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है और हर सिलेंडर की डिलीवरी OTP के जरिए ही होगी।

मेरठ एलपीजी डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन ने बताया कि अब यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई है। उनका कहना है कि इससे एजेंसियों पर लगने वाले आरोप भी कम होंगे और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।


लंबी कतारें और विवाद भी थे वजह

पिछले कुछ समय से मेरठ की कई गैस एजेंसियों पर सिलेंडर को लेकर लंबी कतारें देखने को मिल रही थीं। कई बार सर्वर डाउन होने की स्थिति में एजेंसियां रजिस्टर के माध्यम से बुकिंग करती थीं, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती थी।

कुछ मामलों में कालाबाजारी और गलत तरीके से सिलेंडर वितरण के आरोप भी सामने आए थे। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कंपनियों ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का फैसला लिया।


उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा

नई व्यवस्था के बाद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक करने के लिए ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करना होगा। इसके लिए मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप, IVR कॉल या गैस कंपनी की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बुकिंग के बाद सिलेंडर सीधे घर पर पहुंचाया जाएगा और OTP बताने के बाद ही डिलीवरी पूरी होगी।

इससे एक फायदा यह भी होगा कि अब किसी और व्यक्ति के नाम पर सिलेंडर की डिलीवरी करना आसान नहीं रहेगा।


कुछ उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी

हालांकि इस नई व्यवस्था से कई लोगों को सुविधा मिलेगी, लेकिन कुछ उपभोक्ताओं के लिए यह चुनौती भी बन सकती है।

विशेषकर ऐसे बुजुर्ग उपभोक्ता जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या जो ऑनलाइन प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं, उन्हें शुरुआत में दिक्कत हो सकती है।

ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क समस्या भी एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं ने आशंका जताई है कि सर्वर या नेटवर्क की समस्या होने पर गैस बुक करना मुश्किल हो सकता है।

गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने गैस कनेक्शन से मोबाइल नंबर लिंक जरूर कराएं और समय-समय पर KYC अपडेट करते रहें।


प्रशासन रखेगा निगरानी

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि नई व्यवस्था का पालन सभी गैस एजेंसियों को करना होगा। यदि किसी एजेंसी पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन का कहना है कि इस प्रणाली से वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा।


डिजिटल व्यवस्था की ओर बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव गैस वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

यदि यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो उपभोक्ताओं को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और गैस सिलेंडर सीधे सही उपभोक्ता तक पहुंचेगा।

प्रशासन और गैस कंपनियों का लक्ष्य है कि आने वाले समय में गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।

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