जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर दर्दनाक हादसा: पंजाब रोडवेज बस ने बुजुर्ग महिला को कुचला, मौके पर मौत; चालक फरार
Punjab News 17Nov2025/sbkinews.in
मोहाली। जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें पंजाब रोडवेज की बस ने एक बुजुर्ग महिला को कुचल दिया। घटना के बाद महिला की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था और लापरवाही बरत रहा था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद चालक बस छोड़कर फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और लोगों ने बस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और जांच के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस चालक ने बिना ध्यान दिए तेज रफ्तार से बस चलाई, जिससे बुजुर्ग महिला बस के नीचे आ गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत बचाव के प्रयास किए, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। इस घटना ने फिर से सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की लापरवाही के मुद्दे को उजागर किया है।
पुलिस ने बताया कि चालक की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर बस चालकों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी में आंदोलन को मिला लोकतांत्रिक संगठनों का समर्थन, सीनेट चुनाव की मांग पर बढ़ी जोर-शोर
Punjab News 17Nov2025/sbkinews.in
पंजाब यूनिवर्सिटी में आंदोलन को मिला लोकतांत्रिक संगठनों का समर्थन, सीनेट चुनाव की मांग पर बढ़ी जोर-शोरचंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव की तारीखों की घोषणा की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। पीयू बचाओ मोर्चा का यह आंदोलन15 दिनों से जारी है और इसे अब डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, वर्ग चेतना मंच और सबका सैनिक क्रांतिकारी यूनियन जैसे लोकतांत्रिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
इन संगठनों के वक्ताओं ने कहा कि यूनिवर्सिटी की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए और चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से होने चाहिए।आंदोलनकारियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह सीनेट चुनाव को टाल रहा है, जिससे छात्रों और शिक्षकों का प्रतिनिधित्व सीमित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा न करना लोकतंत्र के खिलाफ है और यह निर्णय यूनिवर्सिटी की छवि को भी धूमिल कर रहा है।वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाए और शिक्षा के निजीकरण को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि निजीकरण से शिक्षा की गुणवत्ता खतरे में पड़ सकती है और आम छात्रों को शिक्षा के अवसर से वंचित किया जा सकता है।
आंदोलनकारियों ने मांग की कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों व शिक्षकों की बात सुने और तुरंत सीनेट चुनाव की तारीखों की घोषणा करे।इस आंदोलन में छात्र, शिक्षक और विभिन्न सामाजिक संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों में यूनिवर्सिटी परिसर में नारेबाजी, पोस्टर लगाने और धरना जैसी गतिविधियां जारी हैं। आंदोलनकारियों का आह्वान है कि यूनिवर्सिटी के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को बचाने के लिए अधिक से अधिक लोग इस आंदोलन में शामिल हों।
पटियाला: जमीन विवाद में भतीजे ने चाचा को कस्सी से काटा, फिर पेट्रोल डाल आग लगाई, मौत
Punjab News 17Nov2025/sbkinews.in
पटियाला। पटियाला के लोचमा गांव में जमीन के विवाद में एक भतीजे ने अपने चाचा की दर्दनाक हत्या कर दी। 45 वर्षीय बहादर सिंह को उसके भतीजे गुरजंट सिंह ने जमीन में हिस्सा न देने के कारण गुस्से में आकर कस्सी से काट दिया और फिर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस घटना में बहादर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी भतीजा फरार हो गया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन का विवाद काफी समय से चल रहा था। बहादर सिंह अपने भतीजे को जमीन में हिस्सा देने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद यह दर्दनाक घटना हुई। आरोपी ने अपने चाचा को बेरहमी से कस्सी से काटा और फिर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे बहादर सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छानबीन जारी है। इस घटना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है। लोगों ने जमीन विवाद को लेकर बढ़ती हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
53 साल पहले हरियाणा ने पीयू से क्यों हटाई थी हिस्सेदारी? जानिए तब क्या हुई थी तकरार
Punjab News 17Nov2025/sbkinews.in
पंचकूला। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में हरियाणा की हिस्सेदारी का इतिहास आज फिर से चर्चा में है। 53 वर्ष पहले हरियाणा ने पीयू से अपनी हिस्सेदारी हटा ली थी। इसका मुख्य कारण दोनों राज्यों के तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के बीच उठी तकरार थी। उस समय हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री आपस में टकरा गए थे, जिसके बाद हरियाणा ने पीयू से अपनी हिस्सेदारी देने से मना कर दिया था।
तब हरियाणा के मुख्यमंत्री ने यह तर्क दिया था कि पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के छात्रों को उचित अवसर नहीं मिल रहे हैं और उनकी जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बात पर दोनों राज्यों के नेताओं के बीच तीखी बहस हुई और अंततः हरियाणा ने पीयू से अपनी हिस्सेदारी वापस ले ली। इसके बाद हरियाणा ने अपने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में स्वतंत्र नीतियां बनानी शुरू कीं और अपने विश्वविद्यालयों की स्थापना की।
इस तकरार ने दोनों राज्यों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव बनाए रखा। आज भी इस विवाद की यादें जिंदा हैं और पीयू में हरियाणा की हिस्सेदारी की उम्मीद फिर से जगी है। अब दोनों राज्यों के बीच शिक्षा सहयोग को लेकर नए बातचीत शुरू हुई हैं और छात्रों के हित में इस विवाद का समाधान खोजने की कोशिश की जा रही है।
राजपुरा हाईवे पर भीषण हादसा: धान से लदा ट्रक कार पर पलटा, दंपति घायल, राहगीरों ने दिखाई तत्परता
Punjab News 17Nov2025/sbkinews.in
राजपुरा हाईवे पर भीषण हादसा: धान से लदा ट्रक कार पर पलटा, दंपति घायल, राहगीरों ने दिखाई तत्परताराजपुरा। दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ। धान से लदा एक ट्रक अचानक कार पर पलट गया, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इस घटना में कार में सवार एक दंपति गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे पति-पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बताया कि ट्रक धान लेकर जा रहा था और अचानक ब्रेक फेल होने के कारण वह नियंत्रण खो बैठा।
इसके बाद ट्रक राजपुरा हाईवे पर एक कार पर पलट गया, जिससे कार चकनाचूर हो गई। दंपति हरियाणा से लुधियाना जा रहे थे।पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। ट्रक चालक की पहचान की जा रही है। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ देर यातायात बाधित रहा, जिसे जांच के बाद सुचारू कर दिया गया।
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहगीरों की तत्परता की सराहना की है।इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर भारी वाहनों की लापरवाही और फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। आम जनता ने प्रशासन से यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।


