meerut crime news : बीएसएफ जवान की हत्या, पत्नी ने बहन के मंगेतर के साथ रची थी 6 लाख की साज़िश

meerut crime news

मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के धनपुर गांव में बीएसएफ जवान की हत्या का राज खुला। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने ही प्रेमी और उसके साथियों के जरिए पति की हत्या की साजिश रची थी।

Maharashtra Cop Seeks Sexual Favours From Woman Detainee’s Daughter, Suspended: Cops

 आखिर क्या हुआ था?

मेरठ जिले के धनपुर गांव में रहने वाले बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में इसे जमीन के विवाद या पुरानी रंजिश से जुड़ा मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच ने एक ऐसी सच्चाई उजागर की जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, इस हत्या की साजिश किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि नैन सिंह की अपनी पत्नी कोमल ने ही रची थी। जांच में सामने आया कि कोमल का अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के साथ प्रेम संबंध था और इसी रिश्ते के चलते उसने अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि इस साजिश के लिए करीब 6 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई थी।


कैसे रची गई हत्या की साजिश?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नैन सिंह और उनकी पत्नी कोमल के बीच पिछले कुछ समय से लगातार तनाव चल रहा था। इसकी वजह कोमल और गुलशन के बीच बढ़ती नजदीकियां थीं। गुलशन नैन सिंह का रिश्तेदार भी था और अक्सर घर आता-जाता रहता था।

बताया जा रहा है कि जब नैन सिंह को इस रिश्ते की भनक लगी तो घर में विवाद बढ़ने लगे। इसी के बाद कोमल और गुलशन ने मिलकर नैन सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।

करीब छह महीने पहले इस साजिश की शुरुआत हुई। गुलशन ने अपने कुछ साथियों से संपर्क किया और तय हुआ कि हत्या के लिए 6 लाख रुपये दिए जाएंगे। कोमल ने अपने गहने गिरवी रखकर करीब 5 लाख रुपये जुटाए और बाकी रकम बाद में देने का वादा किया गया।

गुलशन ने अपने दोस्तों राहुल, मोंटू और गुड्डू को इस काम में शामिल किया। इन लोगों ने पैसों के लालच में वारदात को अंजाम देने की हामी भर दी।


वारदात वाली रात क्या हुआ?

पुलिस के मुताबिक 27 और 28 मार्च की दरम्यानी रात करीब 1:40 बजे गुलशन अपने तीन साथियों राहुल, मोंटू और गुड्डू के साथ धनपुर गांव में नैन सिंह के घर पहुंचा। उस समय घर के सभी लोग सो रहे थे।

चारों आरोपी घर की पिछली दीवार फांदकर अंदर घुस गए। इसके बाद गुड्डू चुपचाप बेडरूम तक पहुंचा जहां नैन सिंह गहरी नींद में सो रहे थे।

हालांकि बताया जा रहा है कि गुड्डू गोली चलाने से डर गया और कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा। तभी राहुल अंदर आया और उसने सीधे नैन सिंह की कनपटी पर तमंचा रखकर गोली चला दी।

गोली उनके सिर से निकलकर दीवार से टकराई और शरीर के निचले हिस्से में जा लगी। घटना के बाद आरोपी यह देखकर कि नैन सिंह हिल नहीं रहे हैं, तुरंत मौके से फरार हो गए।


अगली सुबह सामने आया खौफनाक सच

सुबह जब परिवार के लोगों ने नैन सिंह को जगाने की कोशिश की तो वे बेडरूम में खून से लथपथ पड़े मिले। यह दृश्य देखकर घर में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

नैन सिंह के पिता गरीब दास ने शुरुआत में पड़ोसियों पर जमीनी विवाद के चलते हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। लेकिन पुलिस को जांच के दौरान कई ऐसे सुराग मिले जो इस कहानी से मेल नहीं खा रहे थे।

यहीं से पुलिस को शक हुआ कि मामला कहीं ज्यादा गहरा है।


पुलिस जांच में कैसे खुला राज?

पुलिस ने मामले की जांच वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से शुरू की। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मोबाइल टावर से कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाले गए।

इन रिकॉर्ड्स में कुछ संदिग्ध नंबरों की गतिविधियां सामने आईं जो वारदात की रात इलाके में सक्रिय थे। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की नजर कोमल और गुलशन पर गई।

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पड़ोसियों के बयान भी अहम साबित हुए। कुछ लोगों ने रात में हलचल और आवाजें सुनने की बात कही थी, हालांकि उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कोमल, गुलशन और तीनों शूटर राहुल, मोंटू और गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने पूरी साजिश कबूल कर ली।

पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहोश हो गई आरोपी पत्नी

जब पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा किया तो आरोपी पत्नी कोमल भी वहां मौजूद थी। जैसे-जैसे पुलिस अधिकारी घटना की पूरी कहानी बता रहे थे, कोमल अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इस बात पर चर्चा करने लगे कि इतनी बड़ी साजिश रचने वाली महिला आखिर इस तरह कैसे टूट गई।


कौन थे नैन सिंह?

नैन सिंह जाटव 35 साल के थे और साल 2011 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वह पश्चिम बंगाल के मालदा में स्थित 78वीं बटालियन में तैनात थे।

बताया जा रहा है कि वह छुट्टी पर अपने गांव धनपुर आए हुए थे। दरअसल, परिवार में एक शादी थी और इसी वजह से वह कुछ दिनों के लिए घर लौटे थे।

6 मार्च को उनके चाचा के बेटे सूरज की शादी हुई थी और उसी सिलसिले में वह गांव में रुके हुए थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि छुट्टी पर घर आया एक जवान इस तरह साजिश का शिकार हो जाएगा।


इलाके में गुस्सा और सदमा

इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में गुस्सा और हैरानी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक पत्नी अपने ही पति की हत्या की ऐसी साजिश रच सकती है।

परिवार के लोगों का कहना है कि नैन सिंह एक जिम्मेदार और शांत स्वभाव के इंसान थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।

for more in depth click here 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *