Meerut Ganga case
दादी के अंतिम संस्कार के बाद गंगा स्नान के दौरान हुआ हादसा, एनडीआरएफ ने 25 फीट गहराई से तीन शव निकाले। सबसे छोटे भाई की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी।
एनडीआरएफ की टीम ने मेरठ के मखदूमपुर घाट के पास 500 मीटर दायरे में तीन शव बरामद किए। प्रियांशु की सर्च ऑपरेशन जारी।
मेरठ से दुखद खबर
मेरठ के मखदूमपुर घाट के पास गंगा नदी में डूबे चार भाइयों में से तीन के शव बरामद कर लिए गए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 25 फीट गहराई से शवों को बाहर निकाला। हालांकि चारों में सबसे छोटे 14 वर्षीय प्रियांशु का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है और उसकी तलाश जारी है।
यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब चारों भाई अपनी दादी के अंतिम संस्कार के लिए मेरठ आए थे और संस्कार के बाद गंगा में स्नान करने घाट पर गए थे। अचानक तेज धारा में फंसने से चारों भाई पानी में डूब गए।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक चारों भाई अपने परिवार के साथ दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने मेरठ के मखदूमपुर घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की रस्म पूरी होने के बाद वे गंगा में नहाने चले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाट के पास पानी की धारा काफी तेज थी। जैसे ही चारों भाई पानी में उतरे, अचानक गहराई और तेज बहाव की वजह से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे एक-एक कर धारा में फंसते चले गए।
कुछ लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तेज बहाव के कारण कोई उन्हें पकड़ नहीं पाया। देखते ही देखते चारों भाई गंगा की धारा में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई और तुरंत एनडीआरएफ को बुलाया गया।
एनडीआरएफ ने चलाया बड़ा सर्च ऑपरेशन
एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर गंगा नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। आठ सदस्यीय टीम ने डाइविंग उपकरणों के साथ पानी में उतरकर तलाश शुरू की।
टीम ने वैक्यूम पंप और विशेष डाइविंग तकनीक की मदद से करीब 25 फीट गहराई तक खोजबीन की। लगातार कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद तीन शवों को बरामद कर लिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक तीनों शव मखदूमपुर घाट से करीब 500 मीटर के दायरे में मिले। दो शव घाट के काफी करीब थे, जबकि एक शव थोड़ी दूरी पर बहकर पहुंच गया था।
हालांकि सबसे छोटे भाई प्रियांशु का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। उसकी तलाश के लिए ड्रोन और सोनार तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन ने दी जानकारी
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. वीके संखला ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और हर संभव कोशिश की जा रही है कि लापता किशोर को जल्द खोज लिया जाए।
उन्होंने कहा कि नदी की गहराई और तेज धारा के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण है, लेकिन टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है।
एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि नदी के उस हिस्से में काफी कीचड़ और कचरा जमा है, जिससे डाइविंग करना और भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद टीम लगातार तलाश कर रही है।
मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि
हादसे की खबर मिलते ही इलाके के जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने घटना स्थल का दौरा किया और एनडीआरएफ के अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रियांशु की तलाश में कोई कमी न छोड़ी जाए।
वहीं समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे रोके जा सकें।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि चारों भाई मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और परिवार के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने मेरठ आए थे।
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि दादी का अंतिम संस्कार करने के बाद सभी लोग घाट पर मौजूद थे। उसी दौरान चारों भाई गंगा में नहाने के लिए उतर गए, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह खुशी का पल मातम में बदल गया।
सबसे छोटे भाई प्रियांशु के पिता का कहना है कि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि उनका बेटा मिल जाएगा। उन्होंने प्रशासन से बेटे को जल्द ढूंढने की अपील की है।
गंगा में डूबने की घटनाएं बढ़ीं
गंगा नदी में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई घाटों पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है और धारा का बहाव भी तेज होता है।
मखदूमपुर घाट पर चेतावनी बोर्ड भी लगे हुए हैं जिनमें गहरे पानी में न जाने की सलाह दी गई है, लेकिन अक्सर लोग इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर देते हैं।
पिछले साल भी इसी इलाके में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई थी।
आगे क्या होगा?
एनडीआरएफ की टीम अभी भी प्रियांशु की तलाश में जुटी हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक लापता किशोर का पता नहीं चलता, तब तक अभियान जारी रहेगा।
वहीं सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी बात कही जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर लोगों को सावधान करता है कि नदी या गहरे पानी में उतरते समय सुरक्षा का ध्यान रखना कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकती है।


