School van on fire : मुजफ्फरनगर पुरकाजी में 7 बच्चे-चालक झुले, ग्रामीणों ने बचाई जान

School van on fire

हुसैनपुर-झबरपुर मार्ग पर 2009 दिल्ली पंजीकृत 17 साल पुरानी अवैध वैन में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आशीष इंग्लिश एकेडमी के प्रबंधक गिरफ्तार, चालक फरार।

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School van on fire : मुजफ्फरनगर पुरकाजी में 7 बच्चे-चालक झुले, ग्रामीणों ने बचाई जान

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी थाना क्षेत्र के समसो गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। बच्चों को स्कूल ले जा रही एक पुरानी मारुति वैन में अचानक आग लग गई, जिससे उसमें सवार सात छात्र-छात्राएं और चालक झुलस गए।

यह वैन आशीष इंग्लिश एकेडमी की बताई जा रही है। घटना के समय वैन में कुल 15 बच्चे सवार थे। ग्रामीणों की तत्परता और साहस से बाकी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घायल चालक अस्पताल से फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।


कैसे लगी वैन में आग?

जानकारी के अनुसार यह हादसा सुबह करीब 7:15 बजे हुसैनपुर‑झबरपुर मार्ग पर समसो गांव के पास हुआ। वैन चालक अमित कुमार बच्चों को गांव-गांव से लेकर स्कूल जा रहा था।

बताया जा रहा है कि चालक ने हुसैनपुर गांव से 9 बच्चों को और समसो गांव से 6 बच्चों को वैन में बैठाया था। स्कूल से करीब 300 मीटर पहले अचानक वैन से धुआं निकलने लगा।

वैन में बैठे बच्चों ने जब धुआं देखा तो घबराकर चिल्लाने लगे। चालक ने तुरंत वाहन रोक दिया, लेकिन कुछ ही पलों में आग भड़क गई। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

आग लगते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। उन्होंने बिना समय गंवाए वैन के शीशे तोड़ दिए और बच्चों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।

इस दौरान अवंतिका, अवियांश, अयान, सूर्यांश, सार्थक, लक्ष्मी और सारिका सहित सात बच्चे और चालक झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। बाकी बच्चों को ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।


पुरानी और अवैध वैन का खुलासा

घटना के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों ने वैन की जांच की। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह वैन वर्ष 2009 में दिल्ली में पंजीकृत थी और काफी पुरानी हो चुकी थी।

जांच में यह भी सामने आया कि वैन बिना वैध अनुमति के स्कूल वाहन के रूप में चलाई जा रही थी।

एआरटीओ सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि वाहन की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी थी और इसके बावजूद इसे बच्चों को ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। अब यह जांच की जा रही है कि स्कूल प्रबंधन ने इतनी पुरानी और असुरक्षित गाड़ी को कैसे चलने दिया।


पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुरकाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

सीओ रविशंकर ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण 15 बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। इस मामले में स्कूल प्रबंधक बालाशन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार बालाशन मूल रूप से केरल का रहने वाला है और फिलहाल झबरेड़ा क्षेत्र में रहता है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

वहीं वैन चालक अमित कुमार, जो कोलकाता का निवासी बताया जा रहा है, अस्पताल से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।


अभिभावकों में गुस्सा

घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

एक अभिभावक ने कहा,
“हमने अपने बच्चों की सुरक्षा स्कूल के भरोसे छोड़ी थी, लेकिन उन्हें इतनी पुरानी और खराब गाड़ी में भेजा जा रहा था।”

दूसरे अभिभावक ने कहा कि यदि स्कूल सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करता तो ऐसे संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

स्कूल प्रबंधन ने इस घटना पर दुख जताया है और घायलों की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।


स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर पुराने और बिना फिटनेस वाले वाहन बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल किए जाते हैं।

आशीष इंग्लिश एकेडमी में कक्षा 1 से 5 तक करीब 120 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से कई बच्चे आसपास के गांवों से निजी वैन के जरिए स्कूल आते-जाते हैं।

परिवहन विभाग समय-समय पर ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाता है, लेकिन इसके बावजूद कई जगह नियमों का पालन नहीं हो पाता।


घायल बच्चों की हालत स्थिर

घटना में घायल बच्चों को गोकलपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों को जलने की चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि सभी बच्चों का उचित इलाज कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


आगे क्या?

यह हादसा साफ दिखाता है कि स्कूल वाहनों की नियमित जांच और सख्त नियमों का पालन कितना जरूरी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्ती दिखानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे की जान खतरे में न पड़े।

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