चढ़त से पहले दूल्हे ने मांगी कार, दुल्हन ने शादी से किया इनकार; बुलंदशहर में दहेज विवाद के कारण बारात बंधक, पुलिस ने हस्तक्षेप कर छह लाख रुपये लौटाए
Uttar Pradesh News 24Nov2025/sbkinews.in
संवाद सूत्र, जागरण। बुलंदशहर के थाना औरंगाबाद क्षेत्र के ग्राम बादशाहपुर पसौली निवासी दूल्हा अपनी बारात लेकर राज फार्म हाउस पहुंचा था, जहाँ दुल्हन पक्ष के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। शादी की रस्में शुरू होने से पहले दूल्हे ने अतिरिक्त दहेज में एक कार की मांग की, जिसे दुल्हन पक्ष ने स्वीकार नहीं किया। इस मांग के कारण दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया और दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया।
विवाद के चलते बरात वहीं बंधक बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को सुलझाया और समारोह में अब तक खर्च किए गए छह लाख रुपये दुल्हन पक्ष को लौटाए। इसके बाद बरात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि इस संबंध में तहरीर दी गई है और जांच जारी है।
यह घटना दहेज मांग और विवाह में तनाव की समस्या को दर्शाती है, जो आज भी कई जगह सामाजिक बुराई का रूप ले चुकी है। दुल्हन पक्ष ने अतिरिक्त मांग का विरोध करते हुए शादी से साफ इनकार किया, जिससे परिवारों में दरार पड़ गई।
यह केस सामाजिक जागरूकता और दहेज प्रथा के खिलाफ ठोस कदम की जरूरत पर जोर देता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि शादी जैसे पावन अवसर को दहेज जैसे घातक कुप्रथाओं से मुक्त करना आवश्यक है ताकि परिवार सामाजिक सद्भाव बनाए रख सकें।
इस मामले में पुलिस की सक्रियता और शीघ्र हस्तक्षेप ने बड़े विवाद को टालने में मदद की, लेकिन दहेज मुक्ति के लिए और व्यापक स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।
बुलंदशहर में बंदरों के हमले से छात्रा गिरा, अस्पताल में मौत; स्व. चित्रा मित्तल की दर्दनाक आखिरी कहानी
Uttar Pradesh News 24Nov2025
संवाद सूत्र, जागरण, अनूपशहर (बुलंदशहर) – घर की छत पर कपड़ा सुखा रही 15 वर्षीय छात्रा चित्रा, जो कि श्री कांति सरस्वती विद्या मंदिर की नौवीं कक्षा की छात्रा थी, बंदरों के झुंड के हमले से डरकर लगभग 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई। गंभीर रूप से घायल चित्रा को परिवार के लोग चिकित्सालय ले गए, जहां से उन्हें उच्च चिकित्सा के लिए रेफर किया गया, लेकिन बुलंदशहर पहुंचते समय चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चित्रा के पिता, गिरीश मित्तल, पांच साल पहले सड़क दुर्घटना में निधन हो चुके थे। परिवार मूलतः गांव पारली का है और पिछले 20 वर्षों से अनूपशहर में रहकर जहांगीराबाद बस अड्डे के पास किराने की दुकान चलाता है। परिवार में चित्रा तीन बहनों और एक भाई के बीच दूसरे नंबर की बेटी थी। इस हादसे से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी बताते हैं कि बंदरों की संख्या गांव और कस्बे में लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंदरों के हमले से बचाव के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर है और जल्द प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
यह घटना बंदरों के बढ़ते आतंक की चिंता को और बढ़ा रही है, जिसमें न केवल जान-माल का नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में भी बाधा आ रही है। प्रशासन ने लोगों से इस तरह के खतरों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की सलाह दी है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में NEP-2020 के तहत यूजी और पीजी विषम सेमेस्टर परीक्षाएं 26 नवंबर से शुरू, नए परीक्षा केंद्रों में परिवर्तन
Uttar Pradesh News 24Nov2025
मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) की NEP-2020 के अंतर्गत यूजी और पीजी परंपरागत पाठ्यक्रमों की विषम सेमेस्टर परीक्षाएं 26 नवंबर, 2025 से आयोजित होंगी। विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों की संशोधित सूची जारी की है, जिसमें एक केंद्र और दो नोडल केंद्रों में बदलाव किया गया है।
धन सिंह गुर्जर कॉलेज लोनी गाजियाबाद के स्थान पर अब एलआर कॉलेज साहिबाबाद गाजियाबाद को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। साथ ही नोएडा के चेतराम शर्मा कॉलेज ऑफ एजुकेशन और रामा देवी कन्या महाविद्यालय की जगह अब एमएमएच पीजी कॉलेज गाजियाबाद को नोडल केंद्र घोषित किया गया है। बागपत के श्रीकृष्णा महाविद्यालय की जगह भी अब एनएएस पीजी कॉलेज मेरठ को नोडल केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है।
परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और सभी परीक्षार्थियों से नियमित सूचना प्राप्त होती रहेगी। बीडीएस की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 25 नवंबर से 3 दिसंबर तक एमएमएच कालेज गाजियाबाद में होंगी।
इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज की बीएससी नर्सिंग प्रथम से लेकर पंचम सेमेस्टर और एमएससी नर्सिंग की परीक्षाएं जनवरी 2026 में आयोजित होंगी। विश्वविद्यालय ने 25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के कारण अवकाश घोषित किया है।
यह परीक्षाएं विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो अपने करियर के अगले चरण के लिए तैयारी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा और अनुशासनात्मक उपाय सुनिश्चित किए हैं।
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वर्ष 2002-04 के बीच अन्य राज्यों में रहे मतदाताओं के लिए जरूरी सूचना, एसआइआर के बाद की मतदाता सूची का विवरण और प्रविष्टि अनिवार्य; सपा ने तीन माह विस्तार की मांग
Uttar Pradesh News 24Nov2025
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊः यदि कोई मतदाता वर्ष 2002-2004 की अवधि में किसी अन्य राज्य में रहा हो तो उसे उस अवधि के दौरान हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद की मतदाता सूची का विवरण ऑनलाइन गणना प्रपत्र में भरना होगा। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों की एसआइआर के पश्चात की मतदाता सूचियां अपने पोर्टल पर उपलब्ध कराई हैं, जिस पर वेब माध्यम से विवरण देखा और भरा जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि सभी मतदाताओं के लिए आवश्यक है कि वे इस गणना प्रपत्र को सही तरीके से भरकर चार दिसंबर तक अपने संबंधित बूथ संख्या अधिकारी (बीएलओ) को जमा करें। मतदाता वेब पोर्टल (https://voters.eci.gov.in) पर जाकर वर्ष 2003 की अंतिम एसआइआर सूची में अपने या अपने माता-पिता के नाम को जांच सकते हैं। अब तक तीन करोड़ से अधिक प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
मतदाताओं को अपने मतदाता पहचान पत्र संख्या दर्ज कर अपने बीएलओ का नाम और संपर्क संख्या प्राप्त करने की सुविधा भी है। इसके अलावा 1950 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है, जहां जिलों के एसटीडी कोड के जरिए प्रशिक्षित कर्मचारी शिकायतों का समाधान करते हैं। नगरीय क्षेत्रों में अधिक हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश मुदित किए गए हैं।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस एसआइआर प्रक्रिया की अवधि तीन माह बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग ने बिना तैयारियों के इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया, जिससे कई योग्य मतदाता छूट सकते हैं। उन्होंने चुनावों के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने और प्रदेश में सटीक मतदाता सूची बनाए रखने पर जोर दिया है।
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बदायूं के चमेली देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हिंदू छात्राओं की पानी की बोतल में पेशाब मिलाने की शर्मनाक घटना, गिरफ्तारी और जांच जारी
Uttar Pradesh News 24Nov2025
बदायूं के कस्बा उसहैत के चमेली देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छह नाबालिग मुस्लिम छात्रों द्वारा कक्षा नौ की हिंदू छात्राओं की पानी की बोतल में पेशाब मिलाने का कृत्य सामने आया है। छात्राओं ने इस आपत्तिजनक घटना का विरोध करते हुए स्कूल प्रबंधन को भी शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोपित छात्रों ने स्कूल की बाथरूम की दीवारों पर भी अभद्र भाषा में अश्लील संदेश लिखे।
इस घटना से छात्राओं और उनके अभिभावकों में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय हिंदूवादी संगठनों जैसे करणी सेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद को सूचना दी। इन संगठनों ने भी आरोपित छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात मुस्लिम समुदाय के नाबालिग छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। साथ ही आरोपितों के अभिभावकों में से चार को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें जिलों के स्कूल प्रधानाचार्यों को शामिल किया गया है।
इस समिति के द्वारा पूरी घटनाक्रम की गहन जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिस पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। डीआईओएस लालजी यादव ने कहा है कि जांच के पश्चात दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
यह प्रकरण उत्तर प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने में बढ़ती असहिष्णुता और स्कूल में बच्चों के बीच बढ़ रही भेदभाव की चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। विशेषज्ञ इसके खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर टीईटी अनिवार्यता और पुरानी पेंशन बहाली के खिलाफ देशभर के लाखों शिक्षक आज एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे, यूपी से भारी संख्या में शिक्षक पहुंचेंगे
Uttar Pradesh News 24Nov2025
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ — दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को देशभर से 10 लाख से अधिक शिक्षक टीईटी अनिवार्यता और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में लगे टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन में उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की भागीदारी सबसे ज्यादा होगी। रविवार की रात से ही विभिन्न जिलों से शिक्षक ट्रेन, बस और निजी वाहनों के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली के आसपास के जिलों के शिक्षक रविवार रात को ही जंतर-मंतर पहुंच गए, जबकि अन्य स्थानों से शिक्षक सोमवार तड़के यहां पहुंचेंगे।
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि संसद के शीतकालीन सत्र में ऐसा अध्यादेश लाया जाए, जिसमें आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए। शिक्षकों का यह भी कहना है कि नियमों में किए गए इस अचानक बदलाव से उनके भविष्य और नौकरी की स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए वे सरकार से अपनी मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील कर रहे हैं।
अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा और नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) इस धरने का नेतृत्व करेंगे। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, जिसमें शिक्षक अपने हक और सम्मान की रक्षा के लिए आवाज उठाएंगे।
दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने इस विशाल आंदोलन के लिए सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की व्यापक तैयारियां की हैं। प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था, सुरक्षा उपायों और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।Dainik jagran
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