विधायकों-सांसदों के प्रस्तावों पर 22 हजार करोड़ से बनेगी 1847 सड़कें और पुल
Uttar pradesh News 14Sep2025/sbkinews.in
लखनऊ। प्रदेश की सड़कों और पुलों को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलवार बैठकों में विधायकों और सांसदों से उनके क्षेत्रों की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे थे। अब लोक निर्माण विभाग ने इन प्रस्तावों के आधार पर कुल 22 हजार करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दी है।
विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के अनुसार इस कार्ययोजना में 1847 सड़क और पुलों के निर्माण कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें से 161 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। विभाग की कुल बजट राशि चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 32 हजार करोड़ है, जिसमें 22 हजार करोड़ की योजना केवल जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों से संबंधित है।
सूत्रों के अनुसार प्रत्येक विधायक और सांसद के क्षेत्र में शुरुआती चरण में करीब 45 से 55 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू कराई जाएंगी। आगे की परियोजनाओं का वित्तपोषण अनुपूरक बजट और अगले वित्तीय वर्ष के बजट से किया जाएगा।
गौरतलब है कि सरकार पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करना चाहती है। इसीलिए कार्ययोजना में ग्रामीण इलाकों की सड़कों को प्राथमिकता दी गई है। वहीं विपक्षी जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्हें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठकों में नहीं बुलाया गया। बावजूद इसके उन्होंने जिलाधिकारियों के माध्यम से अपने क्षेत्रों के प्रस्ताव भेजे।
विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकताएं तय कर विभाग ने कार्ययोजना में केवल उन्हीं कार्यों को शामिल किया है। अब शासन से अंतिम स्वीकृति मिलते ही प्रदेश भर में सड़कों और पुलों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
समय से दफ्तर पहुंचे अफसर, शिकायतों का करें निस्तारण : मुख्य सचिव दीपक कुमार
Uttar pradesh News 14Sep2025/sbkinews.in
लखनऊ। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे समय से अपने दफ्तर में उपस्थित रहें और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क किया जाए और उनकी संतुष्टि के बाद ही निस्तारण की रिपोर्ट अपलोड की जाए।
शनिवार को सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि “स्पेशल क्लोज” सुविधा का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी इसका गलत इस्तेमाल करते पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जहां संभव हो, समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर कराया जाए ताकि शिकायतकर्ताओं को उच्च कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे विभागों और अधिकारियों की समीक्षा भी की जाएगी जिनके खिलाफ सर्वाधिक शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान शुरू होगा। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री और राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। अभियान के अंतर्गत सभी जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर महिलाओं और बच्चों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
बैठक में दीपक कुमार ने आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्धारित 1.93 करोड़ परिवारों के लक्ष्य में अब तक 1.67 करोड़ परिवारों को आच्छादित किया जा चुका है। शेष पात्र परिवारों की सूची जिलों को उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही स्टेट हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मनुस्मृति को लेकर स्वामी रामभद्राचार्य के बयान पर मायावती का तीखा हमला
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लखनऊ। मनुस्मृति को लेकर स्वामी रामभद्राचार्य के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कड़ा रुख अपनाते हुए साधु-संतों को अनावश्यक विवादित बयानबाजी से बचने की सलाह दी है।
मामला मेरठ में शुक्रवार को सामने आया, जब कथा के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि “कुछ लोगों ने मनुस्मृति जलाई है, लेकिन इसे कितनी भी बार जलाया जाए, यह खत्म नहीं होगी। यह कई लोगों को कंठस्थ है, वे चाहें तो इसे दोबारा लिख देंगे।” उनके इस बयान पर अब मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।
बसपा सुप्रीमो ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि “कुछ साधु-संत आए दिन सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे विवादित बयान देते हैं। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अनुयायी मनुस्मृति का विरोध क्यों करते हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को बाबा साहेब के भारतीय संविधान निर्माण में योगदान के बारे में सही जानकारी नहीं है।
मायावती ने आगे लिखा कि “अगर जानकारी नहीं है तो गलत बयान देने की बजाय ऐसे लोगों को चुप रहना चाहिए। अपनी जातिवादी मानसिकता और द्वेष भाव को त्यागकर उन्हें यह मानना चाहिए कि बाबा साहेब एक महान विद्वान और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे।”
राजनीतिक हलकों में मायावती का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है। बसपा समर्थक इसे दलित समाज की भावनाओं से जुड़े मुद्दे पर पार्टी की सख्त प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि विरोधी दलों का कहना है कि चुनावी दौर में ऐसे बयानों को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
भाकियू स्वराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष आशीष पांडेय गिरफ्तार
Uttar pradesh News 14Sep2025/sbkinews.in
कासगंज। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडेय और उनके भाई व प्रदेश अध्यक्ष आशीष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर मारपीट, बलवा, जानलेवा हमले के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने शनिवार सुबह दोनों को कासगंज न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि कुलदीप पांडेय को प्रयागराज और आशीष पांडेय को एटा से पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया। दोनों को कोतवाली सदर क्षेत्र में 2022 में दर्ज मामले में वांछित घोषित किया गया था। उन पर 7 क्रिमिनल एक्ट, बलवा और जानलेवा हमले के प्रयास जैसे आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार कुलदीप और आशीष थाना ढोलना के हिस्ट्रीशीटर हैं और लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। दोनों ने मिलकर “भारतीय किसान यूनियन स्वराज” नामक संगठन का गठन किया था। संगठन की आड़ में वे खुद को जननेता बताते और किसानों को गुमराह करने का काम करते थे। कुलदीप खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष और आशीष को प्रदेश अध्यक्ष बताता था।
जानकारी के मुताबिक दोनों पर पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। 2023 में कासगंज न्यायालय दोनों को गैंग्स्टर एक्ट के दो मामलों में सात-सात साल के कारावास की सजा सुना चुका है। इसके बावजूद दोनों फरार चल रहे थे और पुलिस को उनकी लंबे समय से तलाश थी।
पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और संगठन के नाम पर होने वाली गड़बड़ियों को भी रोका जा सकेगा। फिलहाल दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
रामपुर में विवाहिता को चौराहे से खींचकर छेड़खानी, भाई पर फायरिंग; नौ पर मुकदमा दर्ज
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रामपुर। जिले में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्य चौराहे से सामान लेने गई एक विवाहिता को दो युवक जबरन खींचकर पास के मैरिज हाल में ले गए। वहां बुलाए गए उनके दोस्तों ने विवाहिता के साथ छेड़खानी की। इस दौरान महिला को बचाने पहुंचे उसके भाई और दोस्त पर आरोपितों ने फायरिंग भी कर दी। घटना पर लोगों ने तमाशबीन बने रहना चुना, जिससे पीड़िता और अधिक आहत हुई।
जानकारी के अनुसार विवाहिता इन दिनों मायके आई हुई थी। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह किराना स्टोर से सामान लेने के लिए मुख्य चौराहे पर गई। तभी कस्बे निवासी मुजीब अपने साथी तौफीक के साथ वहां पहुंचा और महिला का हाथ पकड़कर मैरिज हाल में घसीट ले गया। यहां पहुंचकर दोनों ने फोन कर अपने अन्य दोस्तों को भी बुला लिया और विवाहिता के साथ जबरन छेड़छाड़ करने लगे।
विवाहिता की चीख-पुकार सुनकर उसका भाई और उसका एक साथी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विरोध किया तो आरोपितों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से दोनों किसी तरह बच निकले और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना को लेकर पीड़िता के बयान पर मुजीब, तौफीक समेत सात नामजद और दो अज्ञात आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। वहीं स्थानीय लोग इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला मान रहे हैं। कई महिलाएं रात में बाजार जाने से भी अब हिचक रही हैं।
जन्मदिन पार्टी के बहाने ले जाकर कक्षा आठ की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, दो आरोपी गिरफ्तार
Uttar pradesh News 14Sep2025/sbkinews.in
हरदोई। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कक्षा आठ की नाबालिग छात्रा को जन्मदिन की पार्टी और उपहार देने के बहाने साथ ले गए दो युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध और मामले को उजागर करने पर उन्होंने छात्रा को बदनाम करने और उसके माता-पिता की हत्या की धमकी भी दी। पीड़िता ने भय के चलते कई दिनों तक कुछ नहीं बताया, लेकिन परिजनों के पूछने पर 30 अगस्त को हुई पूरी घटना का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार, छात्रा के ही मोहल्ले में रहने वाले रुस्तम यादव और प्रयांशु किराए पर कमरा लेकर रहते थे। दोनों की छात्रा से जान-पहचान हो गई थी। रुस्तम उसे उपहार देकर पहले से नजदीक आ चुका था। 30 अगस्त को छात्रा का जन्मदिन था। विद्यालय से लौटते समय दोनों आरोपियों ने रास्ते में उसे पार्टी और उपहार में मोबाइल देने का लालच दिया और अपने साथ ले गए। शुरुआत में छात्रा की सहेली भी साथ गई, लेकिन बाद में लौट गई।
दोनों आरोपी छात्रा को अपने कमरे में ले गए, जहां पहले छेड़छाड़ की और फिर उसके भागने का प्रयास करने पर उसे पकड़कर सामूहिक दुष्कर्म किया। भयभीत छात्रा घर आकर चुप रही और डरी-सहमी रहने लगी। काफी पूछताछ पर उसने परिवार को पूरी घटना बताई।
छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कर ली। सीओ सिटी अंकित कुमार ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों रुस्तम और प्रयांशु को गिरफ्तार कर लिया है। घटना से इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल है।


