नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक के पेट से ऑपरेशन में निकलीं 29 चम्मच, 19 टूथब्रश और 2 पेन
Uttar pradesh News 26Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 34 वर्षीय सचिन के पेट से ऑपरेशन के दौरान 29 स्टील की चम्मच, 19 टूथब्रश की डंडी और दो नुकीले पेन निकाले गए हैं। सचिन नशे का आदी था और नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था। केंद्र में नशा न मिलने से गुस्से में आकर उसने ये सभी चीजें निगल लीं, जिससे पेट में तेज दर्द और परेशानी हो गई।
चिकित्सकों ने 17 सितंबर को करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन कर इन सभी वस्तुओं को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। ऑपरेशन डॉ. श्याम कुमार और डॉ. संजय राय की टीम ने किया। डॉक्टरों ने बताया कि सचिन ने चम्मच और टूथब्रश के नुकीले हिस्से तोड़कर निगला था, जिससे पेट में परेशानी हुई लेकिन आंतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
सचिन इस ऑपरेशन के बाद अब स्वस्थ है और 23 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। डॉक्टरों ने इस मामले को मानसिक रोग से प्रभावित एक दुर्लभ केस बताया है, जहां मरीज अनजाने में या मानसिक तनाव के चलते सामान्य वस्तुएं निगल लेता है।
परिजन सचिन को नशे की लत से मुक्त कराने के लिए अब नए उपचार की योजना बना रहे हैं। इस घटना से डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन में भी हेरानी हुई कि एक ही समय में इतनी बड़ी संख्या में धातु और प्लास्टिक के वस्तुएं मरीज के पेट में मौजूद थीं, जिन्हें समय रहते निकाल लेना उसकी जान बचाने वाला कदम साबित हुआ।/
पीएनबी नहर बालागंज शाखा में 12 करोड़ रुपये का घोटाला, शाखा प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार
Uttar pradesh News 26Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, बलरामपुर। पंजाब नेशनल बैंक की नहर बालागंज शाखा में 86 फर्जी लोन खाते बनाकर कुल 12 करोड़ 3 लाख 37 हजार रुपये से अधिक का गबन करने का मामला सामने आया है। इस घोटाले में मुद्रा लोन के 40 फर्जी खातों से 3 करोड़ 93 लाख 50 हजार रुपये और अन्य 46 ओवरड्राफ्ट खातों से 8 करोड़ 9 लाख 87 हजार रुपये का अवैध लाभ लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और पीएसपी कंस्ट्रक्शंस गोंडा के समरजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा छह अन्य आरोपितों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों ने बिना सक्षम अधिकारियों की अनुमति और फर्जी दस्तावेज बनाकर ये काउंट बनाए थे।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, जांच में यह खुलासा हुआ कि 31 ओवरड्राफ्ट खातों के बजाय कुल 46 ओवरड्राफ्ट और 40 मुद्रा लोन खाते फर्जी पाये गए हैं। इस धोखाधड़ी में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत का भी संदेह है।
सबसे बड़ी बात यह है कि बैंक की इस शाखा में मुद्रा लोन से कारोबारियों और नव उद्यमियों को वित्तीय सहायता देने की मंशा को गंभीर क्षति पहुंचाई है। सभी आरोपी कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने आरोपितों से गबन की गई राशि की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए हैं। बैंक घोटाले की जांच जारी है।
लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट दिखाकर 1.18 करोड़ की ठगी, सेवानिवृत्त अधिकारी हुए शिकार
Uttar pradesh News 26Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, लखनऊ। साइबर अपराधियों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर कृषि विभाग से सेवानिवृत्त हीरक भट्टाचार्य को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखने का झूठा भय दिखाया। इस दौरान उनके 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए गए और रकम को अलग-अलग 35 से अधिक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
पूरा मामला 3 सितंबर की सुबह शुरू हुआ जब भट्टाचार्य को एक अज्ञात नंबर से वाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी विजय खन्ना बताया और कहा कि उनके नाम से दिल्ली के केनरा बैंक में एक फर्जी खाता खुला है। बाद में ईडी के नाम से राहुल गुप्ता ने भी उन्हें इस खाता में शामिल धनशोधन के आरोप में फंसाने की धमकी दी।
इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की कार्रवाई के तहत 30 संदिग्ध खातों को फ्रीज कराया गया है, जिससे करीब 16 लाख रुपये की बचत हो सकी।
हीरक भट्टाचार्य ने बताया कि वे इंदिरानगर सेक्टर 13 में परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने इस धोखाधड़ी के कारण मानसिक और आर्थिक तनाव झेला है। पुलिस और साइबर सुरक्षा विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अपनी संपत्ति की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
केंद्र की स्वीकृति से यूपी में एमबीबीएस और एमडी-एमएस की 700 नई सीटें बढ़ेंगी
Uttar pradesh News 26Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, लखनऊ। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के सुदृढ़ीकरण के तीसरे चरण को मंजूरी देते हुए एमबीबीएस और एमडी-एमएस की कुल 700 सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसमें लगभग 500 एमबीबीएस और 200 एमडी-एमएस की अतिरिक्त सीटें शामिल हैं।
केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक सीट पर 1.5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वर्तमान में प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में 5390 एमबीबीएस और 1906 एमडी-एमएस सीटें संचालित हो रही हैं। मंजूरी मिलने के बाद यह संख्या क्रमशः 5900 और 2100 के करीब पहुंच जाएगी।
एक चिकित्सा संस्थान के निदेशक के अनुसार इन सीटों के विस्तार के लिए चिकित्सा कालेजों में बेड की संख्या और संकाय सदस्यों की संख्या राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। वर्तमान में 450 बेड और 115 संकाय सदस्य होने पर 100 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिलती है।
यदि सीटें बढ़ानी हैं तो पहले आवश्यक प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति करनी होगी। इसके अतिरिक्त कक्षाओं, छात्रावास और लाइब्रेरी की क्षमता में भी वृद्धि जरूरी है।
यह कदम चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और अधिक युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निजी मेडिकल कालेजों पर निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार प्रदेश के दूरदराज इलाकों तक होगा।
डेंगू बच्चों के मस्तिष्क पर प्रहार कर मानसिक दिव्यांगता का कारण, गोरखपुर के अध्ययन में हुआ खुलासा
Uttar pradesh News 26Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) ने डेंगू वायरस से संक्रमित हुए बच्चों में मस्तिष्क संबंधी गंभीर समस्याएं पाई हैं, जो उनकी मानसिक दिव्यांगता का कारण बन रही हैं। अध्ययन में 18 वर्ष से कम उम्र के 56 बच्चों को शामिल किया गया था, जिनमें से 22 में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं देखी गईं, जबकि एक की मौत भी हो चुकी है।
शोध में पाया गया कि डेंगू से इंसेफ्लाइटिस (मस्तिष्कशोथ) के शिकार बच्चों को प्रारंभिक उपचार में लापरवाही के कारण वायरल लोड बढ़ने से वायरस मस्तिष्क तक पहुंच गया। इससे उनके बुखार के साथ झटके आने लगे, और बाद में उनकी सोचने-समझने, बोलने-सुनने जैसी क्षमताएं प्रभावित हुईं। चार बच्चों का एक हाथ या पैर काम नहीं कर रहा है जबकि छह बच्चे रोजमर्रा के कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हैं।
इस अध्ययन के मुताबिक, प्रभावित बच्चों की याददाश्त कमजोर हो गई है तथा उनमें व्यवहार में भी परिवर्तन आया है। गोरखपुर, बस्ती मंडल और आसपास के बिहार व नेपाल के जिलों में जापानी इंसेफ्लाइटिस वायरस (जेई) का भी प्रकोप रहा है जिसके प्रभाव पहले से ही देखे जा चुके हैं।
डॉक्टर नेहा श्रीवास्तव जो इस अध्ययन की प्रमुख हैं, ने बताया कि डेंगू के कारण मस्तिष्क में जानलेवा सूजन (एन्सेफलाइटिस) हो जाती है, जिससे बच्चों के जीवन पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है। इसके लिए समय पर पहचान, गहन देखभाल और पुनर्वास जरूरी है। इस रिसर्च को यूके के जर्नल ‘ओपेन फोरम इन्फेक्शियस डिजीजेस’ में प्रकाशित किया गया है।
करनाल हाईवे पर पराली से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलटी, पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत
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sbkinews.in संवाददाता, मेरठ। मेरठ के सरूरपुर में करनाल हाईवे पर बुधवार देर रात पराली से भरी ट्रैक्टर ट्राली डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में ट्राली और ट्रैक्टर के बीच फंसे शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के 48 वर्षीय सतीश और उसके 21 वर्षीय पुत्र गौरव की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया कि सतीश और गौरव पराली लेकर हरियाणा से सरधना की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह गोटका गांव के पास पहुंचे, ट्रैक्टर ट्राली डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्राली टूटकर ट्रैक्टर के ऊपर चढ़ गई। गौरव ट्रैक्टर और ट्राली के बीच फंसे हुए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, सतीश ट्रैक्टर की सीट से उछल कर सड़क के दूसरी तरफ गिर गए, जहां उन्हें दूसरी वाहन ने कुचा दिया।
पुलिस ने दुर्घटना स्थल से शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हादसे के कारण चालक को नींद की झपकी आने का अंदेशा है।
हादसे के कारण हाईवे पर पराली बिखरने से यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने जेसीबी से पराली हटाई और यातायात बहाल किया।
इस घटना ने हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की सुरक्षा और तड़के पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
मुजफ्फरनगर पुलिस से बचते प्रेमी ने प्रेमिका को गोली मारी, फिर खुद को गोली मारकर की खुदकुशी
Uttar pradesh News 26Sep2025/sbkinews.in
sbkinews.in संवाददाता, बुलंदशहर। मुजफ्फरनगर के नाबालिग प्रेमी-प्रेमिका परिभोजन के बाद डिबाई गांव में किराए के मकान में रह रहे थे। बुधवार तड़के करीब तीन बजे पुलिस और परिजन जब प्रेमी युगल को पकड़ने बुलंदशहर के डिबाई पहुंचे, तो दोनों ने छत पर छुपने का प्रयास किया। उस वक्त घिरते देख प्रेमी ने पहले प्रेमिका के सिर में गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
प्रेमी प्रिंस कुमार (25) हरिद्वार के फन्करहेड़ी गांव के निवासी थे, जबकि प्रेमिका किशोरी (16) मुजफ्फरनगर के तेजलाहेड़ा की रहने वाली थी। दोनों 20 सितंबर को अपने घर से घर से फरार हो गए थे। पुलिस ने किशोरी के अपहरण का केस भी दर्ज कर रखा था।
पुलिस ने मौके से तमंचा, दो खोखे, और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए और जांच जारी है।
यह घटना इलाके में सनसनी फैला गई है और परिवारों के बीच तनाव भी बढ़ गया है। पुलिस ने परिजनों और युवाओं को समझौता करने और कानून का सम्मान करने का आह्वान किया है।
प्रेमी-प्रेमिका का आरोप है कि वे साथ जीना चाहते थे, लेकिन परिवारीक दबाव और समाज के चलते उन्हें ये कदम उठाना पड़ा। इस दर्दनाक घटना ने शिक्षा, चेतना और संवेदनशीलता की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।
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