मेरठ में 654 बैनामों में पांच करोड़ के फर्जी स्टांप बरामद, वर्ष 2015 से 2023 तक की जांच में सामने आए बड़े घोटाले के सबूत, शासन से मिली स्टांप वाद दायर करने की अनुमति
UP News today 04Nov2025/sbkinews.in
मेरठ जिले में 2015 से 2023 तक हुए बैनामों की जांच में 654 बैनामों में पांच करोड़ रुपये के फर्जी स्टांप पाए गए हैं। यह जांच विधानसभा की प्राक्कलन समिति के आदेश पर संपन्न हुई है, जिसने उपनिबंधकों से संबंधित अवधि में दर्ज बैनामों के सत्यापन पूर्ण होने का प्रमाणपत्र मांगा है।
इस पांच साल की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले 210 बैनामों में फर्जी स्टांप मिलने का खुलासा हुआ। इसके बाद क्रमशः 305, 120 और हाल ही में 19 बैनामों में भी फर्जी स्टांप पाए गए। सभी मामलों में स्टांप वाद दायर करने की अनुमति शासन से ली गई थी।
2023 में मेरठ में स्टांप घोटाले का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें 2020 से 2023 के बीच के बैनामों में 999 फर्जी स्टांप पेपर मिले थे, जिनकी अनुमानित राशि करीब साढ़े सात करोड़ रुपये थी। इसके पहले भी विधानसभा ने 2015 से 2020 तक के बैनामों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था।
अब इस सत्यापन की अंतिम रिपोर्ट प्राक्कलन समिति को भेजी जाएगी और दोषियों पर स्टांप वाद दायर कर राशि वसूली की जाएगी। सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार ने बताया कि भौतिक स्टांप पेपर का सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है और शेष प्रमाणपत्र उपनिबंधकों से लिए जा रहे हैं।
यह मामला संपत्ति दलाली में चल रही बड़े पैमाने पर हो रही घोटालों को सामने लाता है, जिससे आम जनता और सरकार दोनों प्रभावित हैं।
मुजफ्फरनगर के खुब्बापुर स्कूल थप्पड़ मामले में नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, बीएसए देंगे छात्र की शैक्षिक प्रगति और फीस जमा कराने का शपथपत्र, शिक्षा विभाग ने उठाए छात्र हित के कदम
UP News today 04Nov2025
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर: मंसूरपुर के खुब्बापुर गांव में स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में 2023 में एक छात्र को दूसरे छात्र द्वारा थप्पड़ लगवाने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने छात्र को थप्पड़ लगवाए जाने का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ। इस याचिका को महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया था, जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को इस मामले में अनेक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी, जिसमें बीएसए संदीप कुमार छात्र की शैक्षिक प्रगति और फीस जमा करने संबंधी शपथपत्र प्रस्तुत करेंगे।
छात्र की फीस सितंबर माह तक एक एनजीओ द्वारा जमा कराई गई है। इसके अलावा यूनिफॉर्म, बैग और यातायात खर्च भी बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से छात्र के स्वजनों को दिया जा रहा है। बीएसए ने कहा है कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह की फीस भी जल्द ही जमा कराई जाएगी। फिलहाल छात्र शारदेन स्कूल में पढ़ रहा है।
इस शपथपत्र के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्र की शिक्षा में कोई बाधा न आए और उसकी प्रगति को बाधित न किया जाए। मामले में शिक्षा विभाग तथा जिम्मेदार अधिकारियों को छात्र हित में हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
नोएडा के चंद्रभान में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दो भाइयों की मीथेन गैस से मौत, बचाने गए साढू भी घायल, सुरक्षा की अनदेखी से हुआ भ
UP News today 04Nov2025
नोएडा के चंद्रभान सेक्टर 63 के चोटपुर कालोनी में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें दो भाइयों की मौत हो गई। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे टैंक के गटर की सफाई के दौरान छोटे भाई राजू और उसके बड़े भाई को मीथेन गैस के प्रभाव से बेहोशी आई और वे टैंक में गिर गए।
पहले एक भाई टैंक में गिरा। उसे बाहर निकालने के प्रयास में सीढ़ी का एक पाया टूट गया, जिससे दूसरा भाई भी टैंक में गिर गया। दोनों के पास कोई सुरक्षा उपकरण नहीं था। बाहर से आवाज सुनकर घर के सामने रहने वाला साढू हेमंत भी बचाने के लिए आया, लेकिन गैस की तीव्रता के कारण वह भी घायल हो गया।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर अग्निशमन दल को बुलाया गया, जिन्होंने दोनों भाइयों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह हादसा सावधानीहीनता और उचित सुरक्षा उपायों की कमी का सबूत है।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा के कड़े नियमों और उपायों की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार के हादसों को रोका जा सके। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेप्टिक टैंकों की सफाई में उचित सुरक्षा मानकों का पालन हो।
बुलंदशहर देवीनगर में ईंट भट्ठे के गड्ढे में डूबने से दो चचेरी बहनों की मौत, पोस्टमार्टम में डूबने की पुष्टि, प्रशासन ने परिवारों को दिया आर्थिक सहायिका का भरोसा
UP News today 04Nov2025
संवाद सूत्र, बुलंदशहर: देवीनगर गांव में शनिवार शाम खेलते समय दो चचेरी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। पांच वर्षीय डिंपल और सात वर्षीय ज्योति खेत में ईंट बनाने के लिए खोदे गए 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर डूब गईं। दोनों बच्चियां देवीनगला नंबर दो के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थीं।
घटना के समय दोनों बच्चे खेलते-खेलते गड्ढे के पास पहुंच गईं, जहां पैर फिसलने के कारण वे पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गईं। गड्ढा ईंट भट्ठा संचालक द्वारा मिट्टी खनन और पानी संग्रह के लिए बनाया गया था। बालिकाओं के पिता धर्मपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी थी।
रविवार सुबह पुलिस और गोताखोरों ने गड्ढा साफ कर दोनों बच्चों के शव बरामद किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से हुई मौत की पुष्टि की गई है। एसपी देहात डा. तेजवीर सिंह ने बताया कि भट्ठा मालिकों ने खेत से मिट्टी उठाकर गड्ढे बनाए हैं, लेकिन जल निकासी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
एसडीएम मनीश कुमार ने दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और खनन नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को चाहिए कि गड्ढों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाकर अमल करे, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।
बुढ़ाना में दूल्हे की प्रेमिका के थाने पहुंचने से शादी रुकवाई, विवाह में दूल्हे पर धोखे का आरोप, बरेली पुलिस ने मामला दर्ज किया, दुल्हन पक्ष ने किया शादी से इंकार
UP News today 04Nov2025
संवाद सूत्र, जागरण, बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर): एक विवादित प्रेम प्रसंग के कारण शादी की तैयारी में अड़चन आ गई। शाहपुर बैंक्वेट हाल में रविवार को बरात आयी नहीं, क्योंकि दूल्हे की प्रेमिका सुबह ही भौराकलां थाने पहुंच गई और दूल्हे को अपना प्रेमी बताते हुए हंगामा कर दिया। इस आरोप के बाद दुल्हन पक्ष ने शादी से इंकार कर दिया।
दूल्हा, जो बरेली के सिविल लाइंस थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात है, अपनी प्रेमिका से धोखा कर बुढ़ाना के गांव शाहपुर की युवती से शादी करने की कोशिश कर रहा है। प्रेमिका, जो बदायूं जनपद की रहने वाली है, ने दावा किया कि तीन वर्षों से वे लिव इन रिलेशनशिप में थे और शादी का झांसा देने के बाद सिपाही अन्य लड़की से शादी कर रहा है।
इस मामले में प्रेमिका ने दूल्हे के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बरेली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, दूल्हा और दुल्हन पक्ष के गांव और समाज के जिम्मेदारों ने बीच-बचाव कर समझौता करवाया और दूल्हा पक्ष ने खर्च भी दे दिया है।
थाना प्रभारी मावेंद्र भाटी ने बताया कि प्रेमिका की शादी की जिद के कारण विवाह सम्पन्न नहीं हो पाया। यह मामला सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है, जहां परिवारों और समुदायों के बीच तनाव देखा जा रहा है।
यह घटना विवाह-ब्याह और पारिवारिक रिश्तों में भरोसे की कमी को दर्शाती है और निजी जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करती है।
बुलंदशहर में दारोगा पर गंभीर आरोप, आत्महत्या मामले को हत्या बनाकर दो लोगों के नामजद कराने के लिए मांगे पांच लाख रुपये, एक लाख रुपये एडवांस में लिए; ऑडियो वायरल, पुलिस ने जांच सीओ को सौंपी
UP News today 04Nov2025
बुलंदशहर जिले के अनूपशहर कोतवाली में तैनात एक दारोगा पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने एक आत्महत्या के मामले को हत्या का दिखाकर दो लोगों को नामजद करने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि दारोगा ने पहले ही एक लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए। मामला 14 सितंबर 2025 का है, जब सिरोरा बांगर के निवासी आरिफ के 32 वर्षीय भाई नसीम का शव पेड़ पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया था, लेकिन मृतक के स्वजनों पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा था।
16 अक्टूबर को दारोगा ने पीड़ित के परिजनों को बुलाकर यह मामला हत्या का बना दिया और फर्जी मामला दर्ज कराने के लिए पैसे मांगने लगा। आरोपित दारोगा ने न केवल रकम मांगी, बल्कि अब पैसे वापस मांगने पर फर्जी मुकदमा चलाने और जेल भेजने की धमकी भी दे रहा है।
दारोगा की बातचीत का एक ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस भ्रष्टाचार की बात स्पष्ट रूप से कर रहा है। ऑडियो में दारोगा ने कोतवाली प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों के नाम लेकर पांच लाख रुपये की मांग की है।
एसपी क्राइम नरेश कुमार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीओ को सौंपी है। सीओ ने तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया है। इस मामले से पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार की छवि धूमिल हुई है और जनमानस में पुलिस व्यवस्था को लेकर असंतोष फैल गया है।
इस घटना ने न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।


