शराब नष्ट धमाका झिंझाना: दो मुख्य आरक्षी समेत 4 झुलेसे, चौकीदार सफदरजंग रेफर – शामली थाना हादसा Latest News
UP News Hindi 15Jan2026
झिंझाना (शामली), उत्तर प्रदेश: शराब नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान थाना परिसर में जोरदार धमाका हो गया, जिसमें दो मुख्य आरक्षी समेत चार लोग झुलस गए। गंभीर रूप से घायल चौकीदार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। एसडीएम और सीओ की देखरेख में हो रही इस कार्रवाई में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। यह घटना शामली जिले में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर रही है।
घटना की पूरी कहानी: माचिस से आग लगाते ही धमाका
शनिवार सुबह 11 बजे झिंझाना थाना परिसर में 2025 के 59 मुकदमों से जब्त 350 पेटियों (कुल 7,155 लीटर) शराब नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई। एसडीएम ऊन संदीप त्रिपाठी, सीओ कैराना हेमंत कुमार और आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद थे। जेसीबी चालक सुनील कुमार (गांव लक्ष्मणपुर) ने थाने के पीछे गड्ढा खोदा और शराब की पेटियां डालीं। इसी दौरान चौकीदार नवाब (गांव तिसंग) ने जेब से माचिस निकाली, कपड़े में आग लगाकर गड्ढे में फेंका। अचानक शराब ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाका हो गया।
शराब की बोतलें फटने लगीं, लपटें चारों ओर फैल गईं। अफरा-तफरी में मुख्य आरक्षी जोनी और ललित, जेसीबी चालक सुनील व चौकीदार नवाब झुलस गए। थाने के अन्य पुलिसकर्मी दौड़े और किसी तरह आग पर काबू पाया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। चौकीदार नवाब की हालत गंभीर देखते हुए दिल्ली सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। बाकी तीनों की हालत स्थिर है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया, “जांच टीम गठित की गई है। सुरक्षा लापरवाही की पड़ताल होगी। सभी घायल खतरे से बाहर हैं।”
सुरक्षा चूक या लापरवाही? विशेषज्ञों की राय
आबकारी मामलों में शराब नष्ट करने की मानक प्रक्रिया में आग लगाना सामान्य है, लेकिन माचिस का इस्तेमाल खतरनाक साबित हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि गड्ढे में डालने से पहले शराब को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना चाहिए। शामली में पहले भी ऐसी घटनाएं हुईं, जहां धमाकों से नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने थाने में सुरक्षा उपकरणों की कमी पर सवाल उठाए। एसडीएम ने कहा, “भविष्य में प्रोटोकॉल सख्त करेंगे।” आबकारी विभाग ने भी जांच में सहयोग का भरोसा दिया।
प्रभावितों का परिवार चिंतित
चौकीदार नवाब का परिवार दिल्ली रवाना हो गया। जेसीबी चालक सुनील के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मदद मांगी। मुख्य आरक्षी जोनी व ललित के साथी उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे। थाने में माहौल गंभीर है। एसपी ने घायलों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। यह हादसा पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। सवाल उठ रहा है कि क्या थानों में आपातकालीन ट्रेनिंग पर्याप्त है?
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UP News Hindi 15Jan2026/sbkinews.in
कानपुर। आईआईटी कानपुर केमिस्ट्री विभाग की 29 वर्षीय जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने शनिवार सुबह 10 बजे परिसर स्थित टाइप-एल रूम नंबर 102 में फंदे पर लटकी पाई गई। कमरे से डायरी व कागज के फटे टुकड़े मिले, जो वैलेंटाइन डे पर मंगेतर से विवाद व भाई की हालिया सुसाइड से जुड़े प्रतीत होते हैं। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले जादूगोड़ा यूसीआईएल सेक्टर-सी की निवासी अंजू 3 साल से आईआईटी में कार्यरत थीं। शादी तय होने के बावजूद तनाव-अवसाद ने लिया जान। 2024 से अब तक आईआईटी में 10वीं आत्महत्या।
विवाद व परिवारिक त्रासदी: डायरी में लिखे संकेत
अंजू कुमारी ने कुछ माह पहले अपने भाई की आत्महत्या देखी थी, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन 14 फरवरी वैलेंटाइन डे पर मंगेतर से झगड़े की आशंका। फोन कॉल रिकॉर्ड व डायरी में लिखे शब्दों से यही संकेत मिले। कमरे में कोई संघर्ष के निशान नहीं। सुबह 10 बजे सहकर्मियों ने शव मिलवाया। आईआईटी प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। एसपी सिटी ने बताया, “पोस्टमार्टम व फोरेंसिक जांच पूरी। सुसाइड नोट जैसी डायरी बरामद। मंगेतर से पूछताछ जारी।”
आईआईटी कानपुर में बढ़ रही सुसाइड चेन: विशेषज्ञ चिंता
2024 से आईआईटी कानपुर में आत्महत्याओं का सिलसिला जारी। जूनियर स्टाफ से प्रोफेसर तक प्रभावित। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-प्रेशर जॉब, अकेलापन व मेंटल हेल्थ सपोर्ट की कमी जिम्मेदार। अंजू जैसे तकनीशियन लैब वर्क के दबाव में। छात्र संगठनों ने काउंसलिंग सेंटर बढ़ाने की मांग की। निदेशक ने शोक व्यक्त कर जांच समिति गठित की। पूर्व छात्र: “कैंपस में साइलेंट स्ट्रेस बढ़ा। योग-मेडिटेशन सेशन जरूरी।”
झारखंड परिवार शोकाकुल: शव को रवाना
परिवार जादूगोड़ा से कानपुर पहुंचा। मां-पिता बिलख रहे। अंजू इकलौती बेटी थीं। भाई की सुसाइड ने तोड़ा, अब यह कदम। शनिवार शाम शव सौंपा गया। गांव में शोक। स्थानीय नेता बोले, “मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन राज्यव्यापी चले।” आईआईटी ने परिवार को सहायता राशि देने का ऐलान किया। यह घटना शैक्षणिक संस्थानों में सुसाइड रोकथाम पर बहस छेड़ रही।Dainik jagran
आईआईटी कानपुर जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने दी जान: वैलेंटाइन डे विवाद के बाद फंदे पर शव, 2 साल में 10वीं आत्महत्या, झारखंड महिला तनाव में सुसाइड
UP News Hindi 15Jan2026/sbkinews.in
कानपुर। आईआईटी कानपुर केमिस्ट्री विभाग की 29 वर्षीय जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने शनिवार सुबह 10 बजे परिसर स्थित टाइप-एल रूम नंबर 102 में फंदे पर लटकी पाई गई। कमरे से डायरी व कागज के फटे टुकड़े मिले, जो वैलेंटाइन डे पर मंगेतर से विवाद व भाई की हालिया सुसाइड से जुड़े प्रतीत होते हैं। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले जादूगोड़ा यूसीआईएल सेक्टर-सी की निवासी अंजू 3 साल से आईआईटी में कार्यरत थीं। शादी तय होने के बावजूद तनाव-अवसाद ने लिया जान। 2024 से अब तक आईआईटी में 10वीं आत्महत्या।
विवाद व परिवारिक त्रासदी: डायरी में लिखे संकेत
अंजू कुमारी ने कुछ माह पहले अपने भाई की आत्महत्या देखी थी, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन 14 फरवरी वैलेंटाइन डे पर मंगेतर से झगड़े की आशंका। फोन कॉल रिकॉर्ड व डायरी में लिखे शब्दों से यही संकेत मिले। कमरे में कोई संघर्ष के निशान नहीं। सुबह 10 बजे सहकर्मियों ने शव मिलवाया। आईआईटी प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। एसपी सिटी ने बताया, “पोस्टमार्टम व फोरेंसिक जांच पूरी। सुसाइड नोट जैसी डायरी बरामद। मंगेतर से पूछताछ जारी।”
आईआईटी कानपुर में बढ़ रही सुसाइड चेन: विशेषज्ञ चिंता
2024 से आईआईटी कानपुर में आत्महत्याओं का सिलसिला जारी। जूनियर स्टाफ से प्रोफेसर तक प्रभावित। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-प्रेशर जॉब, अकेलापन व मेंटल हेल्थ सपोर्ट की कमी जिम्मेदार। अंजू जैसे तकनीशियन लैब वर्क के दबाव में। छात्र संगठनों ने काउंसलिंग सेंटर बढ़ाने की मांग की। निदेशक ने शोक व्यक्त कर जांच समिति गठित की। पूर्व छात्र: “कैंपस में साइलेंट स्ट्रेस बढ़ा। योग-मेडिटेशन सेशन जरूरी।”
झारखंड परिवार शोकाकुल: शव को रवाना
परिवार जादूगोड़ा से कानपुर पहुंचा। मां-पिता बिलख रहे। अंजू इकलौती बेटी थीं। भाई की सुसाइड ने तोड़ा, अब यह कदम। शनिवार शाम शव सौंपा गया। गांव में शोक। स्थानीय नेता बोले, “मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन राज्यव्यापी चले।” आईआईटी ने परिवार को सहायता राशि देने का ऐलान किया। यह घटना शैक्षणिक संस्थानों में सुसाइड रोकथाम पर बहस छेड़ रही।
बागपत चाची भतीजा प्रेम विवाह: पति के सामने थाने पर वरमाला, 5 साल पुराना प्रेम प्रसंग परवान चढ़ा – दो बच्चों की मां ने तोड़ा रिश्ता, वैलेंटाइन डे शादी ने हिलाया समाज
दाहा/दोघट (बागपत), उत्तर प्रदेश: बागपत के दोघट थाना क्षेत्र में चाची-भतीजा प्रेम प्रसंग ने नया मोड़ लिया। 8 साल की शादीशुदा दो बच्चों की मां ने पति की मौजूदगी में जेठ के बेटे के गले में वरमाला डालकर शादी कर ली। थाने के बाहर गणमान्य लोगों व पिता के सामने यह ड्रामा शुक्रवार शाम हुआ। पति ने ‘नील ड्रम’ जैसी वारदात के डर से सहमति दी। समाज व मायके ने नाता तोड़ा। यह वैलेंटाइन डे पर रिश्तों को झकझोरने वाली घटना बन गई।
5 साल का गुप्त प्रेम: पंचायतें नाकाम, थाने पर शादी
दोघट थाना क्षेत्र कस्बा निवासी महिला (28 वर्षीय पूजा-परिवर्तित नाम) का जेठ के 22 वर्षीय बेटे संजीव से 5 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 8年前 पति पंकज से शादी, 5 व 3 वर्षीय दो बेटे। प्रेम की भनक लगने पर परिवार-पंचायतों ने समझाया, लेकिन दोनों अड़े रहे। पति तंग आकर थाने ले गया। शुक्रवार शाम पंकज, संजीव, उसके पिता राजपाल व 8-10 गणमान्य (कृष्णपाल, सत्यपाल, नीटू, देवेंद्र) पहुंचे। पुलिस को बताया: दोनों बालिग, अपनी मर्जी से कस्बा छोड़कर मजदूरी करेंगे। थाने के बाहर पति के सामने चाची ने भतीजे को वरमाला पहनाई। लिखित सहमति दी गई।
पति का फैसला: अनहोनी से बचाव के लिए शादी कराई
पंकज ने कहा, “प्रेम प्रसंग से तंग। कहीं हत्या-खुदकुशी न हो जाए। इसलिए खुद गवाह बना। बच्चे मेरे पास रहेंगे।” संजीव के पिता राजपाल भी सहमत। मायके वालों ने इनकार: “बेटी से नाता टूटा।” थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह: “कोई लिखित शिकायत नहीं। मौखिक जानकारी मिली। मामला आपसी सहमति का।” दोनों कस्बा छोड़कर चले गए। बच्चे पिता के पास। समाज में चर्चा: क्या प्रेम रिश्तों से ऊपर?
सामाजिक बहस: वैलेंटाइन डे पर टूटे रिश्ते, क्या है सीमा?
बागपत में यह पहला ऐसा केस नहीं। वैलेंटाइन डे पर प्रेम विवाह बढ़े। विशेषज्ञ: “परिवारिक सहमति से विवाह वैध, लेकिन रक्त संबंध जटिल। बच्चे सबसे प्रभावित।” ग्रामीण: “पंचायत सख्ती बरते।” महिला आयोग ने संज्ञान लिया। पंकज परिवार शांत। संजीव-पूजा ने वादा: बाहर रहकर जीवन संवारेंगे। घटना ने प्रेम बनाम रिश्तों की बहस छेड़ी। पुलिस निगरानी रखेगी।
बिजनौर खतौली हाईवे हादसा: 3 साल के फाईज की पेट्रोल पंप पर थार कार ने कर दी कुचली, CCTV वायरल – मुंबई कारोबारी के इकलौते बेटे की मौत, मेरठ से लौटते परिवार पर विपदा
UP News Hindi 15Jan2026
खतौली (बिजनौर), उत्तर प्रदेश: दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर भंगेला चेकपोस्ट के पास पेट्रोल पंप पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे 3 वर्षीय फाईज की दर्दनाक मौत हो गई। मुंबई कारोबारी कादिर के इकलौते बेटे को थार कार ने कुचल दिया। सीएनजी भरवाते समय मां चमन से हाथ छुड़ाकर दौड़ा तो पहिए तले दब गया। परिवार ने बिना पुलिस सूचना निजी अस्पताल ले गया, जहां मौत हो गई। CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। किरतपुर थाना शीशग्रान निवासी परिवार मेरठ से लौट रहा था। हाईवे पर वाहन जाम में लापरवाही घातक साबित हुई।
हादसे का पूरा विवरण: मासूम भाई का खेल बन गया काल
मुंबई व्यापारी कादिर अपने परिवार संग ट्रेन से मेरठ घूमने आए थे। पत्नी चमन बडाला मूल की। दो बेटियां जोया (8) व हया (8) के इकलौते भाई फाईज सबसे छोटा। शुक्रवार दोपहर भंगेला चेकपोस्ट पेट्रोल पंप पर कार में सीएनजी भरवाई। भीड़भाड़ में फाईज मां का हाथ छुड़ाकर दौड़ पड़ा। तभी तेज रफ्तार थार कार ने उसे कुचल दिया। चीखें गूंजीं, प्रत्यक्षदर्शी दौड़े। परिवार ने घबराहट में बिना FIR नजदीक निजी अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। CCTV में साफ दिखा: बच्चा दौड़ता है, कार पहिया कुचलता है। वीडियो वायरल होने से पुलिस सक्रिय।
परिवार का कोहराम: इकलौता वारिस खोया, शवयात्रा में भारी भीड़
शव किरतपुर शीशग्रान गांव पहुंचा तो मातम छा गया। कादिर-चमन बिलख पड़े। बहनें फूट-फूटकर रोईं। गांव में शोक सभा, सैकड़ों पहुंचे। अभी तहरीर नहीं दी, लेकिन ग्रामीणों ने दबाव डाला। चमन: “एक पल की लापरवाही, बेटा चला गया।” कादिर मुंबई लौटेंगे, लेकिन आंखें नम। पुलिस ने संज्ञान लेते हुए चालक की तलाश तेज कर दी। हाईवे पर वाहन लाइनें लगीं, पंप पर भीड़ में सुरक्षा गैप। विशेषज्ञ: “बच्चों को वाहन से दूर रखें, CCTV मॉनिटरिंग जरूरी।”
पुलिस जांच व सुरक्षा अपील: चालक फरार, हाईवे पर जागरूकता अभियान
खतौली कोतवाली पुलिस ने CCTV जब्त कर चालक ट्रेसिंग शुरू की। थाना प्रभारी: “लापरवाही से मौत, IPC 304A के तहत केस। चालक पकड़ा जाएगा।” परिवार ने कहा, “पैसे की जरूरत नहीं, न्याय चाहिए।” बिजनौर SSP ने हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाई। स्थानीय: “पेट्रोल पंप पर बैरिकेडिंग व चाइल्ड सेफ्टी जोन बनें।” यह हादसा माता-पिता के लिए चेतावनी: पब्लिक जगहों पर बच्चों पर नजर। मुंबई कारोबारी परिवार झारखंड मूल का, अब टूट चुका। सोशल मीडिया पर #JusticeForFaiz ट्रेंड कर रहा।
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