मुरादाबाद में सनसनी: बुर्के में आए बदमाश दो मिनट में उखाड़ ले गए पीएनबी का एटीएम, हाई सिक्योरिटी जोन में हुई 7 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी
UP News Today 26Nov2025/sbkinews.in
मुरादाबाद में सोमवार देर रात पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा से हाई सिक्योरिटी जोन में एटीएम चोरी की सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। बुर्का पहनकर आए चार अज्ञात बदमाशों ने महज दो मिनट में एटीएम मशीन उखाड़ ली और सात लाख रुपये कैश निकालकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि वारदात स्थल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आवास से मात्र एक किलोमीटर और पुलिस पिकेट से करीब 200 मीटर दूर है।
घटना महाराणा प्रताप चौक स्थित पीएनबी शाखा की है। मंगलवार सुबह बैंक कर्मियों ने देखा कि मुख्य दरवाजे के पास मौजूद एटीएम गायब है। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि नकाबपोश बदमाशों ने पहले कैमरे पर काला स्प्रे डाला, फिर गैस कटर से मशीन उखाड़ ली। वारदात के बाद बदमाश ब्रेजा कार में भाग निकले, जिस पर हरियाणा नंबर (एचआर 70 एफ 1966) की फर्जी प्लेट लगी थी। जांच में पता चला कि यह नंबर एक क्रेटा कार का है, जिसका मालिक सिरसा निवासी चंद्रभान है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसओजी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में एटीएम का अलार्म सिस्टम खराब मिला, जिससे अपराधियों को सुविधा मिली। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पुलिस अमरोहा के रजबपुर तक पहुंची, जहां से कैमरा फेंका हुआ मिला। फिलहाल नूंह (हरियाणा) के संदिग्ध बदमाशों की तलाश की जा रही है।
मुस्कान ने बेटे की जगह बेटी का नामकरण किया राधा के नाम से, पति सौरभ के भाई ने बेटी का डीएनए टेस्ट कराने की कड़ी मांग की, कहानी सामने आई भयावह हत्या की
UP News Today 26Nov2025
मेरठ के इंद्रानगर इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या के आरोपित पति की पत्नी मुस्कान ने मेडिकल कालेज अस्पताल में बेटी का जन्म दिया और उसका नाम राधा रखा। मुस्कान ने यह नाम पहले से तय कर रखा था कि बेटा होगा तो कृष्ण और बेटी होगी तो राधा ही नाम रखा जाएगा। दोनों स्वस्थ हैं और बुधवार को उन्हें मेडिकल कालेज से जिला कारागार शिफ्ट किया जाएगा।
पतिनिधि सौरभ के भाई राहुल ने इस बेटी को लेकर शंका जताई है और डीएनए टेस्ट कराने की कड़ी मांग की है। उनका कहना है कि अगर बेटी सौरभ की है तो इस पूरे खेल का खुलासा होगा, वरना यह मुस्कान का रणनीतिक प्रयास हो सकता है। डाक्टरों ने मुस्कान के प्रसव की तिथि 28 नवंबर बताई थी, लेकिन बेटी का जन्म सौरभ के जन्मदिन 24 नवंबर पर होना भी संदेहास्पद बताया जा रहा है।
मुस्कान पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभकी की हत्या कर शव को टुकड़ों में बांटा और नीले ड्रमों में भरकर सीमेंट से बंद कर दिया। इसके बाद वे दोनों हिमाचल प्रदेश भाग गए। 17 मार्च को जब वे लौटे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जेल में नियमित जांच में मुस्कान गर्भवती पाई गई थी। पुलिस और जेल प्रशासन ने कोर्ट व डीजी जेल को बेटी के जन्म की सूचना दे दी है। सौरभ के भाई ने मेडिकल कालेज में नवजात और मुस्कान दोनों के डीएनए टेस्ट कराने की अपील की है ताकि बेटी की अभिव्यक्ति पर न्याय मिल सके।
मोबाइल एप से दिखेगा अपना खेत और घर: उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने सेटेलाइट मैप आधारित एप तैयार किया, गाटा संख्या, खतौनी और खसरा डालते ही दिखेगी जमीन की सटीक तस्वीर, भूमि विवाद खत्म करने की बड़ी पहल
UP News Today 26Nov2025
राज्य ब्यूरो, लखनऊ:उत्तर प्रदेश के नागरिकों को जल्द ही अपने मोबाइल फोन पर ही अपना खेत और घर देखने की आधुनिक सुविधा मिलने जा रही है। राजस्व परिषद ने इसके लिए विशेष मोबाइल एप्लीकेशन तैयार कर लिया है, जिसका तकनीकी परीक्षण इस समय अंतिम चरण में चल रहा है। योजना है कि अगले माह तक इस एप को औपचारिक रूप से लांच कर दिया जाए, जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय मांगा गया है।
राजस्व परिषद लंबे समय से नागरिकों को राजस्व से जुड़ी अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है, ताकि लोगों की दफ्तरों की भागदौड़ कम हो। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जैसे कार्यों के लिए लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को डैशबोर्ड की सुविधा दी जा रही है, जिससे ऑनलाइन आवेदन के आधार पर तय समय सीमा में निस्तारण हो सके और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट रहे।
नए मोबाइल एप की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि सेटेलाइट की मदद से तैयार किए गए घरों और खेतों के नक्शे सीधे आम नागरिकों की पहुंच में होंगे। गाटा संख्या, खतौनी या खसरा संख्या डालते ही लोग अपने खेत, घर, गांव और मोहल्ले की सटीक तस्वीर देख सकेंगे। राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों और एक लाख से अधिक राजस्व ग्रामों के नक्शों को चरणबद्ध तरीके से एप से जोड़ा जा रहा है। एप पर हर घर और खेत का रकबा भी प्रदर्शित होगा, जिससे सीमांकन और बाउंड्री से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है।
राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार के अनुसार, एप विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है और इसके शुरू होने के बाद भूमि विवाद निपटान में बड़ी मदद मिलेगी। यह सुविधा किसानों, ग्रामीण नागरिकों और शहरी भू-स्वामियों सभी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
बुलंदशहर के अड़ौली गांव में शार्ट सर्किट से लगी आग में पांच वर्षीय बच्ची की मौत, बिजली सप्लाई की खराबी और सुरक्षा की अनदेखी उजागर
UP News Today 26Nov2025
बुलंदशहर के अड़ौली गांव
में मंगलवार सुबह शार्ट सर्किट की चिंगारी बिस्तर पर गिर गई, जिससे आग लग गई। आग की लपटों में सो रही पांच वर्षीय बुखार से पीड़ित बालिका शिवानी झुलस गई और गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के लिए उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिवार में मातम छा गया है, जबकि बालिका के पिता उस समय पानीपत में थे।
घटना के वक्त बिजली सप्लाई में लगातार ट्रिपिंग हो रही थी और बिजली बोर्ड बिस्तर के पास लगा हुआ था। अनुमान है कि इसी बोर्ड से शार्ट सर्किट के कारण चिंगारी बिस्तर पर गिरी और आग लग गई। स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया और बालिका को बचाया, लेकिन वह बच नहीं पाई। पारिवारिक सदस्यों ने बिना किसी शिकायत के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह हादसा बिजली शार्ट सर्किट की वजह से हुई आग में घरों की सुरक्षा और बिजली के पुराने वायरिंग सिस्टम की कमजोरी को भी उजागर करता है। सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिए जाने से ऐसे दुखद हादसे होते हैं। प्रशासन को बिजली व्यवस्था की नियमित जांच कर ऐसी घटनाओं को रोकना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में 2003 के पुराने रिकॉर्ड से सत्यापन, नोटिस से पहले आयोग पुनः जांच करेगा
UP News Today 26Nov2025
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान को बड़ी गंभीरता से चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिलेंगे या उनके माता-पिता/दादा-दादी के नाम सूची में नहीं पाए जाएंगे, उनका विवरण एक अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। चुनाव आयोग इन पात्र मतदाताओं को नोटिस देने से पहले साल 2003 की सूची में उनके या उनके परिवार के नामों की एक बार फिर जांच करेगा, ताकि कम से कम नोटिस जारी करने की सुनिश्चितता हो सके।
एसआइआर को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में वे मतदाता होंगे जिनके नाम पहले से 2003 की सूची में मौजूद हैं। इन मतदाताओं को कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना होगा। दूसरी श्रेणी में ऐसे लोग शामिल हैं जिनके नाम नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार के सदस्य सूचीबद्ध हैं, जिनका सत्यापन परिवार के पुराने रिकॉर्ड से होगा। तीसरी श्रेणी में वे मतदाता होंगे जिनका नाम और परिवार का नाम सूची में नहीं मिलेगा। इन्हें चुनाव आयोग द्वारा नोटिस दिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाताओं को सतर्क रहने और कोई भी फर्जी ओटीपी देने वाले से सावधान रहने की हिदायत दी है क्योंकि एसआइआर अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) किसी तरह का ओटीपी नहीं मांगेंगे।
इस अभियान में उत्तर प्रदेश में अब तक चार करोड़ से अधिक मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हो चुके हैं। अंतिम तिथि चार दिसंबर 2025 है, जिसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सात फरवरी 2026 को किया जाएगा।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का बड़ा आंदोलन, 26 नवंबर को सांसदों के आवास पर धरना-घेराव, 17 दिसंबर को पूर्ण बंद का ऐलान
UP News Today 26Nov2025
पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। 26 नवंबर, बुधवार को पश्चिम के 22 जिलों में जिला मुख्यालय और तहसील बार के अधिवक्ता अपने-अपने जनपदों के सांसदों के आवास पर धरना देंगे और उनका घेराव करेंगे। इस दिन अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। इस फैसले को मेरठ बार और जिला बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। 17 दिसंबर को पश्चिमी उत्तर भारत में पूर्ण बंद का भी आह्वान किया जाएगा।
अधिवक्ता संघर्ष समिति के चेयरमैन और मेरठ बार अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि यह आंदोलन वर्षों से चली आ रही मांग का परिणाम है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जो भी न्यायिक कार्य करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह मांग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों, वकीलों और व्यापारियों के हित में है। सांसदों को इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से यह धरना एवं घेराव किया जा रहा है।
मोड़ पर बुलाई गई बैठक में मेरठ बार के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने हाई कोर्ट बेंच की स्थापना को क्षेत्र की न्यायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक बताया। साथ ही इस आंदोलन को तेज करते हुए सांसदों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से इस मांग का समर्थन करने का आह्वान किया गया है।Dainik jagran
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