राज्य कर्मियों वेतन, बिजली बिल कम, एसएससी जूनियर इंजीनियर भर्ती, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कार्रवाई, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह, यूपी जापान निवेश
मानव संपदा पोर्टल: 47,816 राज्य कर्मियों का जनवरी-फरवरी वेतन रोका, 10 मार्च तक मौका
UP News today 27 feb 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति विवरण न देने पर सख्ती बरती; पोर्टल पर जानकारी अपलोड न करने वालों को दो माह का वेतन एक साथ।
मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति जानकारी न दर्ज करने से 47,816 कर्मियों का वेतन रुका।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 47,816 राज्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। मानव संपदा पोर्टल पर 31 जनवरी तक चल-अचल संपत्तियों की ऑनलाइन जानकारी न देने वाले इन कर्मियों को जनवरी और फरवरी दोनों माह का वेतन नहीं मिलेगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने गुरुवार को शासनादेश जारी कर 10 मार्च तक अंतिम मौका दिया है। इसके बाद ही वेतन जारी होगा।
विस्तार: क्यों और कैसे हुई कार्रवाई?
सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मानव संपदा पोर्टल अनिवार्य किया है। 31 जनवरी तक ब्योरा न अपलोड करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विभागाध्यक्षों को कहा गया कि ऐसे कर्मियों की पदोन्नति पर विचार न हो, एसीपी (सुनिश्चित कैरियर प्रगति) लाभ न दिया जाए। विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए सतर्कता अनुमति भी रोकी जाएगी। यदि जनवरी 2026 का वेतन पहले ही दे दिया गया, तो आहरण-वितरण अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। एनआईसी से मिली रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा सामने आया। 10 मार्च तक पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने वाले कर्मियों को दोनों माह का वेतन एकमुश्त मिलेगा।
मुख्य सचिव के शासनादेश की मुख्य बातें
मुख्य सचिव एस पी गोयल ने कहा, “पोर्टल पर संपत्ति ब्योरा न देने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वेतन तभी जारी हो जब जानकारी अपलोड हो।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर जोर दिया। पिछले वर्षों में भी संपत्ति घोषणा में लापरवाही पर सजा दी गई। उत्तर प्रदेश में लाखों कर्मचारी इस पोर्टल से जुड़े हैं, जो भ्रष्टाचार रोकने का माध्यम है। 2 फरवरी को भी इसी तरह का शासनादेश जारी हुआ था।
निष्कर्ष: आगे क्या?
कर्मियों को तत्काल पोर्टल पर लॉगिन कर ब्योरा अपलोड करना चाहिए। 10 मार्च के बाद वेतन में और देरी हो सकती है। सरकार पारदर्शिता बढ़ाने के इस कदम से प्रशासनिक सुधार की उम्मीद कर रही है। प्रभावित कर्मचारी विभाग से संपर्क करें।
बिजली बिल में 2.42% की भारी राहत: मार्च से 3.72 करोड़ उपभोक्ताओं को 141 करोड़ का लाभ
UP News today 27 feb 2026
उत्तर प्रदेश में ईंधन अधिभार शुल्क घटा; दिसंबर की कमी से अगले बिल में सरप्राइज छूट, जानें डिटेल्स।
मार्च 2026 से उत्तर प्रदेश के 3.72 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को 2.42% ईंधन अधिभार कमी से राहत।
उत्तर प्रदेश के 3.72 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर! मार्च महीने में बिजली बिल में 2.42 प्रतिशत की कमी आएगी। ईंधन अधिभार शुल्क (फ्यूल सरचार्ज) घटने से उपभोक्ताओं को कुल 141 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह राहत दिसंबर महीने के आंकड़ों पर आधारित है, जो अगले बिल में दिखेगी।
विस्तार: क्यों और कैसे मिलेगी राहत?
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2025-26 के लिए औसत बिलिंग दर (एबीआर) 6.36 रुपये प्रति यूनिट तय की है। हालांकि, टैरिफ आदेश सितंबर में देरी से जारी हुआ, इसलिए अप्रैल से नवंबर तक पुरानी दर 6.14 रुपये प्रति यूनिट पर अधिभार वसूला गया। दिसंबर में 2.42% की कमी स्वीकृत हुई, जो मार्च बिल में लागू होगी। फरवरी में 10% अधिभार पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आपत्ति दर्ज की, जिसकी जांच चल रही है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल में सीधी छूट मिलेगी।
अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का बयान
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा, “फरवरी में 10% ईंधन अधिभार के खिलाफ हमारी आपत्ति पर आयोग जांच कर रहा है। उपभोक्ताओं को यह राहत मिलना स्वागतयोग्य है।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उत्तर प्रदेश में बिजली दरें सालाना समीक्षा के अधीन हैं। पिछले वर्षों में भी फ्यूल सरचार्ज में उतार-चढ़ाव देखा गया। 2024-25 में पुरानी ABR पर बिलिंग से असुविधा हुई, लेकिन नई दरें लागू होने से स्थिरता आई। यह कदम उपभोक्ता हितों की रक्षा करता है।
निष्कर्ष: आगे क्या?
मार्च बिल में 2.42% कमी से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी। उपभोक्ता ऑनलाइन पोर्टल चेक करें और बिल समय पर जमा करें। यदि फरवरी अधिभार पर विवाद रहा, तो आयोग फैसला लेगा। बिजली विभाग पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
SSC JE भर्ती 2025: 1731 जूनियर इंजीनियर पदों पर बंपर वैकेंसी, SC/ST/OBC कोटा डिटेल्स
UP News today 27 feb 2026
कर्मचारी चयन आयोग ने सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल JE के लिए अस्थायी रिक्तियां घोषित; आवेदन प्रक्रिया पूरी, रिजल्ट का इंतजार।
SSC JE 2025 में 1731 पद: 780 अनारक्षित, 270 SC सहित केंद्र सरकार में नौकरी का सुनहरा मौका।
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने जूनियर इंजीनियर (JE) परीक्षा-2025 के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 1731 पदों पर भर्ती की अस्थायी रिक्तियां घोषित की हैं। यह घोषणा 26 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है। सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, अब रिजल्ट का इंतजार है।
विस्तार: पदों का ब्रेकअप और प्रक्रिया
रिक्तियों में आरक्षण का पूरा ध्यान रखा गया: अनुसूचित जाति (SC) के 270 पद, अनुसूचित जनजाति (ST) के 122 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 432 पद, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 127 पद और अनारक्षित (UR) के 780 पद शामिल हैं। कुल 1731 पद केंद्र सरकार के संगठनों में भरे जाएंगे। एसएससी JE परीक्षा के जरिए चयन होगा, जो पहले ही आयोजित हो चुकी है। योग्य अभ्यर्थी इंजीनियरिंग डिप्लोमा/डिग्री धारक हैं।
एसएससी की आधिकारिक घोषणा
एसएससी द्वारा जारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट कहा गया, “ये अस्थायी रिक्तियां JE (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल) के लिए हैं। केंद्र सरकार विभागों में भर्ती सुनिश्चित।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
SSC JE भर्ती हर साल लाखों इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए प्रमुख अवसर होता है। प्रयागराज मुख्यालय से संचालित यह परीक्षा CPWD, MES, BRO जैसे विभागों के लिए पद भर्ती करती है। पिछले वर्षों में भी 1000+ वैकेंसी आईं, जिनकी मेरिट लिस्ट जारी हुई। आरक्षण नीति के तहत विविधता सुनिश्चित।
निष्कर्ष: आगे क्या?
अभ्यर्थी SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर रिजल्ट और मेरिट लिस्ट चेक करें। 1731 पदों पर चयन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स अगली भर्ती पर फोकस करें। यह केंद्र सरकार नौकरी का शानदार मौका है!
संजय सिंह का ऐलान: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर कार्रवाई तो सड़क से संसद तक AAP का हल्लाबोल
UP News today 27 feb 2026
आम आदमी पार्टी प्रदेश प्रभारी ने बजट को ‘बाजीगरी’ बताया; अप्रैल में आगरा-मथुरा पदयात्रा का चौथा चरण।
संजय सिंह ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर कार्रवाई की धमकी पर AAP का सड़क-संसद आंदोलन ऐलान किया।
लखनऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ किसी कार्रवाई पर सख्त चेतावनी दी। गुरुवार को पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि यदि स्वामी पर दमनात्मक कदम उठाया गया, तो AAP सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
विस्तार: बजट पर हमला और पदयात्रा प्लान
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के 2026-27 बजट को “आंकड़ों की सुनियोजित बाजीगरी” करार दिया। उन्होंने घोषणा की कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर चार से नौ अप्रैल तक कोई कार्रवाई हुई तो आगरा से मथुरा तक ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो पदयात्रा’ का चौथा चरण निकाला जाएगा। साथ ही, जिला पंचायत (जिपं) अध्यक्ष और प्रमुख चुनाव सीधे जनता से कराने की मांग की। सिंह ने कहा कि सरकार रोजगार और न्याय से भाग रही है।
संजय सिंह के प्रमुख बयान
प्रेसवार्ता में संजय सिंह बोले, “स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कार्रवाई हुई तो AAP सड़क से संसद तक लड़ेगी। बजट में बाजीगरी बंद करो, जनता को रोजगार दो!”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
AAP उत्तर प्रदेश में लगातार सरकार के खिलाफ आंदोलन चला रही है। ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा का यह चौथा चरण होगा, जो आगरा-मथुरा में फोकस करेगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ज्योतिष्पीठाधीश्वर हैं, जिनके मुद्दों पर पार्टी समर्थन दे रही। जिपं चुनावों में प्रत्यक्ष मतदान की मांग लंबे समय से है।
निष्कर्ष: आगे क्या?
AAP अप्रैल में पदयात्रा से दबाव बढ़ाएगी। यदि कार्रवाई हुई, तो statewide आंदोलन संभव। राजनीतिक हलचल तेज, जनता का इंतजार। BJP सरकार पर नजरें।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर का धमाका: 10 करोड़+ नकदी बरामद, खनन घोटाले की जांच
UP News today 27 feb 2026
लखनऊ गोमतीनगर से प्रयागराज तक 30+ ठिकानों पर छापेमारी; CAG रिपोर्ट आधारित कार्रवाई जारी।
आयकर छापे में 10 करोड़ से अधिक नकदी जब्त; बसपा विधायक के 30 ठिकानों पर जांच।
उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के 30 से अधिक ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी में 10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। बुधवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई गुरुवार को भी चली। लखनऊ के गोमतीनगर विपुल खंड स्थित दोनों आवासों पर तलाशी पूरी हुई, जबकि प्रयागराज, सोनभद्र, बलिया, मीरजापुर, वाराणसी, कौशांबी में टीमें दस्तावेज खंगाल रही हैं।
विस्तार: क्यों और कैसे हुई छापेमारी?
कार्रवाई CAG रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें खनन कारोबार से सरकार को 60 करोड़+ का नुकसान बताया गया। आयकर टीमों ने मेसर्स सीएस इन्फ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड, जुड़ी कंपनियों और वजीर हसन रोड पर ठेकेदार के ठिकानों की जांच की। गुरुवार दोपहर गोमतीनगर आवास पर जांच समाप्त हुई। नकदी गिनती और दस्तावेज जब्ती जारी। विधायक के करीबियों पर फोकस।
आयकर विभाग की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
आयकर अधिकारियों ने कहा, “CAG रिपोर्ट के आधार पर खनन में अनियमितता की जांच। नकदी और दस्तावेज बरामद, पूछताछ जारी।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उमाशंकर सिंह बसपा के प्रमुख चेहरा हैं। पहले भी खनन और ठेकेदारी में विवाद। उत्तर प्रदेश में आयकर छापों से राजनीतिक हलचल तेज। CAG ने 60 करोड़ के घोटाले का खुलासा किया था। इसी साल अन्य नेताओं पर भी छापे पड़े।
निष्कर्ष: आगे क्या?
जांच जारी, आगे पूछताछ और रिपोर्ट। बसपा में हड़कंप, राजनीतिक बयानबाजी संभव। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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यूपी में जापानी कंपनियों का बूम: 2.5 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव, अगस्त में 200 CEO आएंगे
UP News today 27 feb 2026
मुख्यमंत्री की जापान यात्रा से MoU पर हस्ताक्षर; मैगलेव ट्रेन सफर, ग्रीन हाइड्रोजन क्लस्टर प्लान।
जापान से 2.5 लाख करोड़ निवेश का प्रस्ताव; 200 CEO अगस्त में यूपी दौरे पर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर-जापान यात्रा से उत्तर प्रदेश को करोड़ों का लाभ। जापानी कंपनियों के 200 CEO अगस्त में यूपी आएंगे। यात्रा में 1.5 लाख करोड़ के MoU साइन हुए, जिनमें सिंगापुर की कंपनियों के 20 हजार करोड़ और जापानी फर्मों के 1 लाख करोड़ शामिल। कुल 2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी मिले। यामानाशी के गवर्नर फुमितोरी नागास्की ने उत्साहित होकर दौरा घोषित किया।
विस्तार: यात्रा की मुख्य उपलब्धियां
गुरुवार को जापान के अंतिम दिन CM ने 300 किमी/घंटा रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन का सफर किया। उन्नत परिवहन सहयोग पर चर्चा। एरुमालाई कॉर्पोरेशन की फैक्ट्री का निरीक्षण, जहां रोबोटिक्स और एमआरएपी सेक्टर में तकनीकी मदद का वादा। IIT कानपुर को ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का प्लान, जापान में प्रशिक्षण मिलेगा। जापान सिटी और ऑटो क्लस्टर स्थापित होगा। ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट पर फोकस, जो कचरे से बिजली बनाएगा।
यामानाशी गवर्नर का बयान
गवर्नर फुमितोरी नागास्की ने कहा, “200 जापानी CEO के साथ अगस्त में यूपी जाएंगे। निवेश और तकनीकी साझेदारी बढ़ाएंगे।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
CM की यह यात्रा अगस्त से शुरू हुई, जिससे पहले भी निवेश बूम आया। यूपी ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा। जापान के यामानाशी प्रांत से विशेष संबंध।
निष्कर्ष: आगे क्या?
अगस्त में CEO दौरा निवेश को रफ्तार देगा। MoU लागू होंगे, रोजगार बढ़ेंगे। यूपी इकोनॉमी को बूस्ट।
S T A Y U P D A T E D W I T H SBKI News “Sabki khabar Sabse tez”


