शाहजहांपुर में भाजपा नेता के भाई कोविद तिवारी की लूट के बाद नदी में डुबोकर हत्या, तीन पुलिसकर्मी निलंबित, पांच आरोपितों पर प्राथमिकी दर्ज
UP News today 31Oct2025/sbkinews.in
शाहजहांपुर में भाजपा नेता के भाई कोविद तिवारी की लूट के बाद नदी में डुबोकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त तीन सिपाही मौजूद थे, लेकिन उन्होंने हमलावरों को रोकने का प्रयास नहीं किया। इस घटना के बावजूद पुलिस ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करने में चूक की, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। कोविद तिवारी ट्रांसपोर्ट मैनेजर थे और भाजपा के बूथ अध्यक्ष शोभित तिवारी के भाई थे।
बुधवार दोपहर को कोविद तिवारी खन्नौत नदी के किनारे किसी से बातचीत कर रहे थे, तभी पांच आरोपितों—नासिर, रशीद उर्फ जुनैद, इमरान, शब्लू और एक अज्ञात व्यक्ति—ने उनसे 60 हजार रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया। विरोध करने पर आरोपितों ने कोविद तिवारी को नदी में डुबो दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। आसपास के लोग घटना का विरोध कर प्रदर्शन करने लगे और अंत में स्वजन ने अंतिम संस्कार का भी विरोध किया।
इस दबाव में पुलिस ने दोपहर को हत्या और लूट के आरोप में पांच आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। घटना के वक्त मौजूद तीनों सिपाहियों-पंकज, राजेश और अमन कुमार को तुरंत निलंबित कर दिया गया। पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि नदी किनारे जुआ खेल रहे युवकों को देखकर सिपाही पहुंचे, तभी कोविद तिवारी सहित कुछ युवक नदी में कूद गए, जिसमें कोविद तैर नहीं पाए।
फिर भी लोगों का आरोप है कि पुलिस ने सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने परिवार को फोन कर आश्वासन दिया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: केवल जब एफआइआर जांच में दुरुपयोग हो तभी रद्द कर सकती है, दूसरी एफआइआर सिर्फ़ तथ्य और अवधि पृथक होने पर ही मान्य
UP News today 31Oct2025
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि सामान्यतः अदालत दर्ज एफआइआर को रद्द नहीं कर सकती जब तक कि उससे किसी संज्ञेय अपराध का राजफाश न हो रहा हो या अपराध की जांच जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग न लगे। कोर्ट ने कहा कि एक ही घटना से संबंधित दूसरी एफआइआर तब ही दर्ज की जा सकती है जब तथ्य और घटना की अवधि अलग हो, अन्यथा एक ही घटना पर दूसरी एफआइआर को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह टिप्पणी गाजियाबाद निवासी पारूल बुधराजा और तीन अन्य की याचिका पर खारिज कर दी गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिका झांसा देकर निवेश करवाने और गुमराह करने जैसे अलग-अलग अपराधों पर आधारित है, तो दूसरी प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
इसके अलावा, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राजस्व संहिता की धारा 67ए की उदार व्याख्या करने पर बल दिया है, जो न्यायालय के दायरे को विस्तारित करती है। लखनऊ हाई कोर्ट ने कोविड-19 महामारी के अनुभव के कारण प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता और प्रशिक्षित स्टॉफ की रिपोर्ट भी मांगी है ताकि भविष्य की आपातकालीन स्थिति में बेहतर तंत्र स्थापित किया जा सके।
संक्षेप में हाई कोर्ट ने कहा कि एफआइआर रद्द करना केवल तभी संभव है, जब उसके दुरुपयोग या जांच पर प्रभाव होने के स्पष्ट प्रमाण हों, और न कि साधारण विवादों में।
बेसिक शिक्षा परिषद की 29334 शिक्षक भर्ती: याचिकाकर्ताओं को 22 दिसंबर तक नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने की समय
UP News today 31Oct2025
29334 शिक्षक भर्ती के याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षा परिषद की अधिसूचना के अनुसार नियुक्ति पत्र 22 दिसंबर तक जारी किए जाएंगे। इस भर्ती प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नियुक्ति की कार्यवाही की गई है। परिषद सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने इसकी समयसारिणी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है, जिसमें अनंतिम याचिकाकर्ताओं की सूची और दिशा निर्देश शामिल हैं। अभ्यर्थियों के अभिलेखों का परीक्षण जनपद स्तर पर दिसंबर की शुरुआत से मध्य तक किया जाएगा।
यदि किसी अभ्यर्थी का नाम अनंतिम सूची में नहीं है तो उसे भी 12 नवंबर तक आवश्यक दस्तावेज और कोर्ट याचिका की जानकारी प्रदान करने का अवसर दिया गया है। अंतिम सूची 17 नवंबर तक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी, जिसके बाद अंतिम चयन में बेहतर पारदर्शिता और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा। 25 नवंबर को राज्य स्तरीय मेरिट公布 की जाएगी, जिसके मुताबिक आठ दिसंबर तक अभ्यर्थियों का जनपद आवंटन किया जाएगा।
अभ्यर्थियों को निर्धारित विद्यालयों में 30 दिसंबर को कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा और उनकी अभिलेख जांच 31 जनवरी तक निर्गत संस्था के माध्यम से पूरी की जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और किसी भी प्रकार की ऑफलाइन सूचना या आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह भर्ती प्रक्रिया न्यायालयीन आदेशों के पालन में पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ चलाई जा रही है ताकि सभी योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले।
प्रतापगढ़ में मत्स्य विकास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विकास कुमार दीपांकर को ₹15,000 रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने किया गिरफ्तार
UP News today 31Oct2025
प्रतापगढ़ जिले में मत्स्य विकास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विकास कुमार दीपांकर को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। यह कार्रवाई तब हुई जब दीपांकर को किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ₹15,000 की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया। मामला प्रदीप कुमार सिंह की मां रीता देवी के नाम से मत्स्य पालन के लिए जारी पढ़ट्टा से जुड़ा था, जिसकी अवधि 25 अक्टूबर 2022 से 2032 तक है।
प्रदीप ने 17 अक्टूबर को सभी आवश्यक दस्तावेज कृषि क्रेडिट कार्ड के लिए जमा किए थे, लेकिन तीन दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। तब प्रदीप ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद दीपांकर ने बताया कि कार्ड एक लाख रुपये का निकल सकता है, लेकिन इसके लिए डीपीआर बैंक को भेजने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत के रूप में देने होंगे।
इस सूचना पर सतर्कता अधिकारी सक्रिय हुए और विजिलेंस टीम ने कार्यालय में दीपांकर को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। यह मामले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का प्रतीक है और प्रशासन द्वारा निकायों में पारदर्शिता लाने का प्रयास माना जा रहा है।
इस गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए Vigilance कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
सिद्धार्थनगर में पत्नी ने पति को चारपाई से बांधकर पेट्रोल डालकर आग लगाई, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
UP News today 31Oct2025
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज के कूड़ी गांव में एक दर्दनाक घटना हुई, जहां पति-पत्नी के बीच तीसरे व्यक्ति के कारण हुई नोंक-झोंक ने हिंसक रूप ले लिया। राम संवारे (60) जो ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं, को उनकी पत्नी पूनम (50) ने सोते समय चारपाई से बांधकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरे पति तड़पते रहे, जबकि पत्नी बाहर आकर शांति से बीड़ी पीती रही।
राम संवारे की पत्नी पूनम उनकी चौथी पत्नी है, जहां पहली दो पत्नियां छोड़कर जा चुकी हैं और तीसरी की मृत्यु हो चुकी है। विवाद की शुरुआत पति की पत्नी के तीसरे शख्स के घर आने से हुई थी, जिसे लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। यह घरेलू हिंसा का एक खौफनाक मामला है, जिसने पूरे गांव में सनसनी मचा दी है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल पति को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना से समाज में परिवारिक विवादों और घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता स्पष्ट हुई है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मुरादाबाद में 122 फर्जी फर्मों का पर्दाफाश, 20 करोड़ GST चोरी के साथ अधिकारी निलंबित, आयकर जांच तेज
UP News today 31Oct2025
मुरादाबाद में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने 122 फर्जी फर्मों का खुलासा किया है, जिनमें से 50 फर्मों का रिकार्ड जांच में पाया गया। इन फर्जी फर्मों का टर्नओवर 115 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें लगभग 20 करोड़ रुपये की GST चोरी की गई है। जांच में पता चला है कि लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी प्रवीण श्रीवास्तव के फर्जी किरायानामा और बिजली बिल के जरिए अंकित कुमार ने ‘एके इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म बनाई। इस संबंध में मोबाइल नंबरों की जांच में एक ही व्यक्ति के नाम से दो अलग-अलग नंबरों पर 122 फर्जी फर्म पाई गईं।
राज्य कर विभाग ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के फर्जी दावों के माध्यम से हुई राजस्व हानि पर विशेष ध्यान दिया है। मामले में कर जांच अधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी को निलंबित किया गया है, जिन पर फर्मों के पंजीकरण निरस्तीकरण में देरी का आरोप है। इन फर्ज़ी फर्मों द्वारा झूठे इनवॉइस जारी करके अन्य कंपनियों को कर चोरी में सहायता दी जाती है।
राज्य सरकार इस घोटाले को रोकने के लिए कठोर कदम उठा रही है तथा जांच जारी है। जांच में हुए खुलासे से साइबर सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता स्पष्ट होती है। राज्य सरकार ने डिजिटल और साइबर सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए कदम बढ़ाए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार के धोखाधड़ी के प्रकरणों को रोका जा सके।
बिजनौर में जन्मदिन पार्टी के खाने से 150 से ज्यादा लोग बीमार, फूड प्वाइजनिंग की जांच शुरू
UP News today 31Oct2025
बिजनौर के मुहल्ता रामपुर में आदर्शनगर निवासी राजीव कुमार के परिवार द्वारा आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में लगभग 150 लोग खाना खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। पार्टी में शामिल लोग उल्टी, पेट दर्द, बुखार, दस्त और ठंड लगने की शिकायत लेकर अस्पताल में भर्ती हुए। पीड़ितों में दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, गाजियाबाद जैसे शहरों से आए रिश्तेदार भी शामिल थे।
खाना स्थानीय केटरर उदयराज और उनके पुत्र मीटीराज ने बनाया था। राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने केटरर से संपर्क किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। पीड़ित परिवार ने पुलिस और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। अस्पतालों में कई लोग उपचाराधीन हैं और हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह घटना भोजन सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और खाद्य सुरक्षा विभाग से भी जांच कराने को कहा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाना खराब हुआ किस वजह से। स्थानीय प्रशासन को चेतावनी भी दी गई है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी करें।
इस मामले ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और लोगों में खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता को लेकर भय व्याप्त है। प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसे मामले न हों।


