Uttarakhand News 10Jan2026

आनंद विहार रेल ट्रैक पर हल्द्वानी के दो दोस्तों के शव बरामद, संदिग्ध परिस्थितियां

UP News Hindi 11fab2026

Uttarakhand News 10Jan2026/sbkinews.in

हल्द्वानी के दो युवा दोस्त रवि गुप्ता और गोलू शर्मा दिल्ली कोर्ट पेशी के लिए गए थे, लेकिन आनंद विहार रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। 5 जनवरी को रवि का शव सबसे पहले बरामद हुआ, जिसके शरीर पर मारपीट के निशान दिखे। अगले दिन गोलू का शव भी उसी क्षेत्र में पाया गया।

रवि उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी थे और पत्नी से पारिवारिक विवाद के मामले में दिल्ली कचहरी आना पड़ा था। दोनों दोस्त साथ यात्रा कर रहे थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया ट्रेन की चपेट में आने का अनुमान लगाया, लेकिन रवि के शरीर पर चोटों ने हत्या के संदेह को जन्म दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। GRP और स्थानीय पुलिस संयुक्त जांच कर रही।

परिवारजनों ने दिल्ली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। रवि का अंतिम संस्कार हल्द्वानी में हो चुका, जबकि गोलू के स्वजन शव लेने दिल्ली पहुंचे। CCTV फुटेज खंगाली जा रही। दोनों के मोबाइल और सामान बरामद नहीं हुए। हल्द्वानी पुलिस ने भी मामले की निगरानी शुरू की।

यह घटना दिल्ली-उत्तराखंड प्रवासियों में दहशत पैदा कर रही। रेल ट्रैक पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग उठी। पुलिस ने आत्महत्या, हत्या या दुर्घटना सभी पहलुओं से जांच के निर्देश दिए। परिवार ने न्याय की गुहार लगाई।

चकराता में -3°C पारा, पाला झुलसा सेब बागान, फसलें-पाइप प्रभावित

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उत्तराखंड के देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र में कड़ाके की सूखी ठंड ने हालात गंभीर कर दिए। रात का तापमान माइनस तीन डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। वर्षा या बर्फबारी न होने से घना पाला गिरा, जिससे फलदार पेड़ झुलस गए।

सेब के बागानों को भारी नुकसान हुआ। किसानों का कहना है कि कलियों पर पाला पड़ने से फसल नष्ट हो गई। चकराता की पहाड़ी जलवायु में सेब मुख्य आय स्रोत है, लेकिन इस बार सूखी सर्दी ने आर्थिकी चरमरा दी। पाइन और ओक के जंगल भी प्रभावित। पाइपलाइनों में पानी जमने से पीने के पानी की किल्लत हो गई।

स्थानीय निवासी घरों में कैद हैं। कुपोषण और श्वास रोग बढ़े। सड़कें फिसलन भरी, यातायात बाधित। मौसम विभाग ने शनिवार तक शीतलहर जारी रहने का अलर्ट दिया। किसानों ने कृषि विभाग से मुआवजे की मांग की।

यह स्थिति चकराता की पारंपरिक जीवनशैली को चुनौती दे रही। बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था खतरे में। सरकार ने हीटर वितरण और फसल बीमा का आश्वासन दिया। विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया। राहत कार्य तेज।

प्रभाव

  • फसल: सेब बाग झुलसे।

  • पानी: पाइप जमे।

  • स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम बढ़े।

देहरादून: रेस्टोरेंट से चल रहा था रैपिडो कार्यालय, RTO ने लाइसेंस निलंबन की सिफारिश

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देहरादून में आरटीओ संदीप सैनी ने रैपिडो बाइक टैक्सी सेवा के अवैध संचालन का पर्दाफाश किया। एक रेस्टोरेंट को अस्थायी कार्यालय बनाकर चलाए जा रहे रैपिडो के खिलाफ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) को एग्रीगेटर लाइसेंस निलंबन की सिफारिश भेजी गई। निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

रैपिडो बिना अनुमति के रेस्टोरेंट से संचालन कर रहा था। निजी दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा था, जबकि राज्य नियमों के अनुसार केवल पंजीकृत वाहनों की अनुमति है। ऐप सॉफ्टवेयर पुराना था और GPS ट्रैकिंग सही नहीं। सबसे बड़ी अनियमितता राजस्व भुगतान में चूक थी, जिससे सरकार को लाखों का नुकसान हो रहा। RTO ने 20 से अधिक बाइक्स सीज कीं।

यह कार्रवाई उत्तराखंड में बाइक टैक्सी सेवाओं पर सख्ती का संकेत है। उबर, ओला सहित अन्य एग्रीगेटरों के खिलाफ भी निरीक्षण बढ़ेंगे। RTO ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस रद्द होंगे। ड्राइवरों को पंजीकरण, बीमा और मीटर अनिवार्य बताया।

स्थानीय व्यापारियों ने शिकायत की थी कि रैपिडो से ट्रैफिक जाम बढ़ा। यात्रियों ने ऐप पर अधिक किराया लगाने का आरोप लगाया। STA जल्द फैसला लेगा। यह कदम यातायात व्यवस्था सुधारने और राजस्व संरक्षण में मददगार साबित होगा।

ऋषिकेश में 25 ई-बसें शुरू, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पर्यटन को मिलेगी मजबूती

Uttarakhand News 10Jan2026

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उत्तराखंड के ऋषिकेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 25 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। देहरादून में आयोजित बिडर्स कॉन्क्लेव में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा हुई। उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (UUDA) इसे लागू करेगी, जबकि केएफडब्ल्यू जर्मन बैंक वित्तीय सहायता देगा।

ये प्रदूषण रहित ई-बसें ऋषिकेश की संकरी सड़कों पर सुगम-सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगी। चारधाम यात्रा, कांवड़ मेले और पर्यटकों की भारी आवाजाही के दौरान ट्रैफिक जाम कम होगा। बसें हर की पैड़ी, त्रिवेणी घाट, लक्ष्मण झूला और मुख्य बाजार को जोड़ेंगी। GPS ट्रै킹, रियल-टाइम अपडेट और दिव्यांग-अनुकूल डिजाइन वाली ये बसें पर्यावरण अनुकूल होंगी।

परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ऋषिकेश को ‘योग नगरी’ के रूप में विकसित करने के लिए ग्रीन मोबिलिटी जरूरी। पहले चरण में 25 बसें चलेंगी, बाद में विस्तार संभव। जर्मन बैंक की फंडिंग से लागत प्रभावी बनेगी। स्थानीय संचालकों को रोजगार मिलेगा।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि ई-बसें चारधाम यात्रियों को सुरक्षित पहुंच देंगी। प्रदूषण नियंत्रण, ईंधन बचत और डिजिटल टिकटिंग से यात्री सुविधा बढ़ेगी। यह उत्तराखंड की स्मार्ट सिटी पहल का हिस्सा है। देहरादून-ऋषिकेश कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

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