Uttarakhand News 11Sep2025

उत्तराखंड छात्रवृत्ति घोटाला: 17 नामी संस्थानों पर शिकंजा, एसआईटी ने मांगी रिपोर्ट

Uttarakhand News 11Sep2025
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उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने प्रदेश के पांच जिलों में कार्यरत 17 संदिग्ध संस्थानों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। एसआईटी ने पुलिस को तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

यह घोटाला केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना के तहत हुआ, जिसमें इन संस्थानों ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। जांच में सामने आया है कि कई संस्थानों ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर छात्रवृत्ति राशि का गबन किया। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर इन संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसआईटी द्वारा की जा रही जांच में आरोपित संस्थानों की पहचान कर उनके दस्तावेज और लेन-देन की जांच की जा रही है। यह कदम उत्तराखंड सरकार की भ्रष्टाचार पर शून्य सहिष्णुता नीति का प्रमाण है।

इस घोटाले से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को जल्द न्याय दिलाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। साथ ही इस प्रकार के घोटालों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में एसआईटी ने न केवल छात्रवृत्ति राशि के दुरुपयोग को उजागर किया है, बल्कि योजना की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए भी सुझाव दिए हैं।

उत्तराखंड में सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को लगाई फटकार, कार्बेट घोटाले में राहुल के बचाव पर नाराजगी

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Uttarakhand News 11Sep2025

उत्तराखंड वन विभाग में कार्बेट टाइगर रिजर्व से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। इस घोटाले में पूर्व निदेशक राहुल सिंह की भूमिका के प्रति सरकार की बचाव की कोशिश को अदालत ने गंभीरतापूर्वक नहीं लिया और स्पष्ट रुख अपनाने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार 17 सितंबर तक अपना रुख स्पष्ट करे, अन्यथा मुख्य सचिव को कोर्ट में पेश होना होगा और ऐसी स्थिति में सख्त जवाबदेही तय की जाएगी। अदालत ने कहा कि स्वचालित ढंग से अनियमितताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, बल्कि जांच की निष्पक्षता और कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी।

कार्बेट टाइगर रिजर्व घोटाले की जांच वर्तमान में सीबीआई कर रही है। जांच में कई उच्चाधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जो इस घोटाले में शामिल थे। ये मामले वन विभाग की जवाबदेही, वित्तीय भ्रष्टाचार और पद misuse से जुड़े हैं।

पूर्व निदेशक राहुल पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है क्योंकि उनके द्वारा कुछ वित्तीय पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन किया गया होने के आरोप हैं। मामले का गंभीरता से निपटारा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने भी जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है, लेकिन अदालत ने व्यवस्था सुधार और जवाबदेही के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। यह मामला वन संरक्षण और भ्रष्टाचार नियंत्रण दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले दिन इस घोटाले पर न्यायालय की ओर से और सख्त निर्देशों की उम्मीद है, जिससे उत्तराखंड के वन विभाग में साफ-सुथरी व्यवस्था स्थापित हो सके।

उत्तराखंड: कार्बेट टाइगर रिजर्व में मादा हाथी की बाघ के हमले के बाद मौत, वन विभाग में हड़कंप

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Uttarakhand News 11Sep2025

उत्तराखंड के रामनगर स्थित कार्बेट टाइगर रिजर्व में एक वयस्क मादा हाथी बाघ के हमले के कारण गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसकी देर रात मौत हो गई। वनकर्मियों ने गश्त के दौरान घायल हाथी को पाया था, जिसके शरीर पर बाघ के हमले के स्पष्ट निशान थे।

जानकारी के मुताबिक, मादा हाथी बाघ से घायल होकर पहाड़ी से नीचे गिर गई थी। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर उसकी तुरंत उपचार शुरू किया, लेकिन हाथी की चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका। दो पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम किया और शव का उचित तरीके से निस्तारण किया गया।

इस घटना से वन विभाग में भय का माहौल बन गया है क्योंकि यह मादा हाथी अधिक अनुभवी और क्षेत्र की समझ रखने वाली थी। अधिकारियों का कहना है कि बाघ और हाथी के बीच संघर्ष प्रकृति की ओर से असामान्य घटना है, और इस पर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा पशु चिकित्सकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जंगली जानवरों के बीच तनाव की स्थितियों पर गहन अध्ययन शुरू कर दिया है।

हाथी की मृत्यु से वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियां सामने आई हैं, जिससे कार्बेट रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवासों के संरक्षण पर और ध्यान देने की जरूरत महसूस हो रही है।

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना वन्यजीवन प्रेमियों और संरक्षण कार्यकर्ताओं के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है, और वन विभाग ने इस पर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 12 दिन बाद खुला, 16 टन से अधिक वाहनों पर रोक जारी

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Uttarakhand News 11Sep2025

चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आठ सितंबर को 12 दिन के बन्दी के बाद फिर से खुल गया है। इससे यात्रियों और माल की आवाजाही को महत्वपूर्ण राहत मिली है। हालांकि, 16 टन से अधिक वजन वाले भारी वाहनों के लिए प्रतिबंध अब भी जारी है।

भूस्खलन और मलबे की वजह से बंद पड़े इस राजमार्ग पर पहले छोटे और मध्यम आकार के वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी गई थी। बाद में सुरक्षा जांच के बाद रोडवेज और बड़े वाहन भी परिचालित होने लगे। भारी वाहनों को फिलहाल इंतजार करना होगा, क्योंकि भूस्खलन वाले इलाके में सुरक्षा की पुष्टि नहीं हो पाई है।

राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन में मॉनिटरिंग और सुरक्षा के लिहाज से विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने ट्रैफिक प्लान तैयार कर सीमित समय में वाहनों को आवागमन की सुविधा दी है। शाम छह बजे के बाद पहाड़ी मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा।

इस राजमार्ग के खुलने से चंपावत के साथ-साथ पिथौरागढ़ जिले के लोगों को सब्जी, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुव्यवस्थित हुई है। इससे क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को भी बहुत लाभ होगा।

पिछले साल भी इसी इलाके में भूस्खलन के कारण राजमार्ग 22 दिन तक बंद था, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मार्ग की मरम्मत एवं सुरक्षा को लेकर सतत प्रयास जारी रहेंगे।

यातायात निरीक्षक हयात सिंह ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करें और आपातकालीन स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करें। इस मार्ग के पुनः खोलने से लोगों की यातायात की समस्याओं में कमी आई है और पर्यटन भी गति पकड़ेगा।

उधम सिंह नगर खबर: काशीपुर में ईएनटी डॉक्टर मनोज कुशवाह पर पत्नी गीता ने लगाया घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का आरोप, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

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काशीपुर। उधम सिंह नगर के काशीपुर में गीता कुशवाह ने अपने पति और स्थानीय ईएनटी डॉक्टर मनोज कुशवाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। गीता ने अपने बयान में पति पर मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण के साथ-साथ अवैध संबंध रखने, बच्चों को भड़काने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

गीता ने बताया कि शादी के बाद से ही मनोज द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। अपने पति के नसीहत का विरोध करने पर उनकी पत्नी को लगातार अपमानित और यातनाएं दी जाती हैं। मनोज ने गीता के सभी बैंक दस्तावेज, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड और फोन अपने कब्जे में ले रखे हैं।

पीड़िता ने यह भी कहा कि पति ने बच्चों को भी उनके खिलाफ भड़का दिया है और कई बार घर से निकालने और जीवन संस्थापन को खतरे में डालने की धमकी दी है। वह उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या तक करने का भय व्यक्त कर चुकी हैं।

पुलिस ने गीता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला घरेलू हिंसा और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित की सुरक्षा और न्याय के लिए त्वरित कदम उठाएंगे।

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