गणतंत्र दिवस 2026: आत्मनिर्भर उत्तराखंड की झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र
Uttarakhand News 23Jan2026/sbkinews.in
गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की झांकी ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ थीम के साथ कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित होगी। रक्षा मंत्रालय ने इसकी घोषणा की। यह झांकी राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और आत्मनिर्भरता के प्रयासों को जीवंत रूप से प्रस्तुत करेगी।
झांकी में गढ़वाली-कुमाऊंनी परंपराओं को प्रमुखता मिलेगी। ढोल, रणसिंघा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्र मुख्य आकर्षण होंगे। तांबे के बर्तन बनाने वाले कारीगरों की कुशल कला, हस्तशिल्प और जैविक खेती के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश दिया जाएगा। पहाड़ी जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को भी दर्शाया जाएगा।
यह झांकी 26 से 31 जनवरी तक लाल किला परिसर में आयोजित ‘भारत पर्व’ का हिस्सा होगी। उत्तराखंड सरकार ने कलाकारों की टीम तैयार की है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की पहचान के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया। झांकी उत्तराखंड को राष्ट्रीय पटल पर लाएगी।
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी उत्तराखंड की झांकी पुरस्कार जीतने की प्रबल संभावना। सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक विकास से जोड़ने वाली यह प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगी।
देहरादून सेलाकुई में दर्दनाक हादसा: अनियंत्रित बोलेरो की चपेट में आकर डेढ़ साल की बच्ची की मौत
Uttarakhand News 23Jan2026/sbkinews.in
देहरादून जिले के विकासनगर के सेलाकुई क्षेत्र में गुरुवार देर रात तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने डेढ़ वर्ष की बच्ची की जान ले ली। वाहन अनियंत्रित होकर पहले दीवार और फिर पेड़ से जा भिड़ा, जिसकी चपेट में आकर मासूम तासी गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार बोलेरो चालक वेदांत ने बयान में कहा कि अचानक सड़क पर जानवर आ जाने से उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी गई।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बोलेरो को कब्जे में ले लिया और चालक वेदांत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, पूरे इलाके में शोक की लहर है। पुलिस वाहन की स्पीड, ब्रेक मार्क और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
देहरादून एलिवेटेड रोड परियोजना: 7 जगह अतिक्रमण बने बाधा, 6200 करोड़ का प्रोजेक्ट लटका
Uttarakhand News 23Jan2026/sbkinews.in
देहरादून में प्रस्तावित 6200 करोड़ रुपये की रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना अतिक्रमण की भेंट चढ़ रही है। 68 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर बसी पुरानी बस्तियों ने भू-अधिग्रहण अधिसूचना के बावजूद सात प्रमुख स्थानों पर निर्माण रोका हुआ है। यह परियोजना शहर के यातायात को क्रांतिकारी रूप से बदलने वाली है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही।
परियोजना के मार्ग पर सहस्त्रधारा रोड, रेसकोर्स, हरबंसपुरा और कांडली जैसे इलाकों में अतिक्रमण प्रमुख समस्या बने हैं। इन बस्तियों को हटाने के लिए विस्थापित निवासियों को वैकल्पिक आवास और पुनर्वास की व्यवस्था जरूरी है। प्रशासन ने सामाजिक समाघात आकलन (SIA) कराया, जिसमें 5000 से अधिक परिवार प्रभावित बताए गए। भूमि अधिग्रहण में देरी से प्रोजेक्ट समयसीमा पार हो रही।
6200 करोड़ की यह महत्वाकांक्षी योजना देहरादून को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने वाली है। 15 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड रिस्पना नदी के किनारे बनेगी, जो ISBT से मालदेवता तक वाहनों को तेज रफ्तार देगी। राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष सहायता मांगी है। अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान की योजना बनी, लेकिन स्थानीय विरोध बढ़ा।
नागरिकों ने कहा कि बिना पुनर्वास के बस्तियां न हटें। अधिकारियों का मानना है कि वैकल्पिक प्लॉट और मुआवजा देने से समस्या हल हो जाएगी। देहरादून मास्टर प्लान 2031 के तहत यह परियोजना अनिवार्य है। समयबद्ध भू-अधिग्रहण जरूरी।
उत्तराखंड में बर्फबारी: लोनिवि ने आवाजाही सुचारू रखने का प्लान जारी
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उत्तराखंड में संभावित बर्फबारी के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) पूरी तरह अलर्ट हो गया है। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि बर्फबारी के दौरान मुख्य सड़कें बंद न हों और आवाजाही बाधित न हो। चारधाम यात्रा मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और आपातकालीन रास्तों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों और लोनिवि अधिकारियों को तैयारियां तेज करने के आदेश दिए। बर्फ हटाने के लिए जेसीबी, पावर स्क्रेपर और स्नो कटर मशीनें सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनात की गई हैं। फिसलन रोकने हेतु नमक, रेत और कैल्शियम क्लोराइड का पर्याप्त स्टॉक तैयार रखा गया है। कुल 500 से अधिक मशीनें और 2000 कर्मचारी टीमें ड्यूटी पर रहेंगी।
पहाड़ी जिलों में विशेष ध्यान। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री हाईवे पर 24×7 निगरानी। वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर यात्रियों को सूचित किया जाएगा। हेल्पलाइन नंबर सक्रिय। चारधाम यात्रा सीजन से पहले सड़कों को सुरक्षित रखना प्राथमिकता।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की चेतावनी दी है। लोनिवि ने पिछले वर्षों के अनुभव से सीख लेते हुए बेहतर तैयारी की। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। विभाग ने स्टॉक की समीक्षा कर अतिरिक्त संसाधन जुटाने के निर्देश भी दिए।
यह योजना पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन को सुगम रखने में कारगर साबित होगी। बर्फबारी पर्यटन और दैनिक जीवन को प्रभावित न करे, इसके लिए व्यापक इंतजाम।
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