हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्यों की महिलाओं को उत्तराखंड में नहीं मिलेगा आरक्षण
Uttarakhand News 27Nov2025/sbkinews.in
नैनीताल उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि दूसरे राज्यों से विवाह करके उत्तराखंड में बसने वाली अनुसूचित जाति की महिलाओं को सरकारी नौकरी में आरक्षण नहीं मिलेगा। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने अंशु सागर और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने कहा कि आरक्षण एक क्षेत्र-विशेष का अधिकार है और प्रवास के जरिए यह अधिकार स्थानांतरित नहीं होता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जाति का दर्जा जन्म से तय होता है, विवाह या बदलाव से नहीं। इसलिए दूसरे राज्य से उत्तराखंड में आकर बसने वाली महिलाओं को यहां की सरकारी नौकरियों में आरक्षण नहीं मिल सकता।
इस फैसले से उत्तराखंड में आरक्षण की पात्रता के नियमों को लेकर स्पष्टता आई है। यह फैसला उन महिलाओं के लिए अहम है जो अन्य राज्यों से उत्तराखंड में आकर बस गई हैं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा कर रही थीं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यह फैसला उत्तराखंड की सामाजिक व्यवस्था और आरक्षण की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस फैसले से आरक्षण के दायरे और शर्तों को लेकर कई विवादों का समाधान हो सकता है।
बद्रीनाथ धाम में अनोखी परंपरा, कपाट बंद होने के समय उपस्थित भक्त को अगले साल भी आना होता है धाम
Uttarakhand News 27Nov2025/sbkinews.in
बद्रीनाथ धाम में एक विशेष परंपरा है जिसके अनुसार जो भक्त कपाट बंद होने के समय धाम में उपस्थित होता है, उसे अगले वर्ष भी बद्रीनाथ आना होता है। यह परंपरा बहुत गहरे आस्था और महत्व की है और भक्त इसे भगवान बद्री विशाल का बुलावा मानते हैं।
कपाट बंद होने का समय बद्रीनाथ धाम में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय उपस्थित भक्तों को विशेष आशीर्वाद मिलता है और उनकी आस्था और विश्वास को और बढ़ावा मिलता है। भक्त इस दौरान धाम में विशेष रूप से रहने का प्रयास करते हैं और यह अनुभव उनके जीवन में अद्वितीय बन जाता है।
इस परंपरा का महत्व यह है कि जिस भक्त ने इस समय धाम में रहकर भगवान के दर्शन किए, उसे अगले वर्ष फिर वापस आने का आह्वान मिलता है। यह नियम भक्तों के बीच बहुत प्रसिद्ध है और वे इसे भगवान की इच्छा मानते हैं।
बद्रीनाथ धाम की यह परंपरा भक्तों की आस्था और धार्मिक विश्वास को बढ़ाती है। इस दौरान धाम में विशेष वातावरण बनता है और भक्त अपने जीवन की यादगार घटनाओं के साथ वापस लौटते हैं।
अल्मोड़ा में अनोखा आंदोलन, गाय-बैल लेकर तहसील घेराव की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट
Uttarakhand News 27Nov2025/sbkinews.in
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे में चौकोट संघर्ष समिति का शिक्षा, स्वास्थ्य और गोसंरक्षण जैसे मुद्दों पर आंदोलन जारी है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि वे तहसील घेराव करेंगे और निराश्रित गोवंश को गोशाला नहीं भेजे जाने तक अनशन जारी रखेंगे।
प्रशासन ने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए गोवंश को गोशाला भेजना शुरू कर दिया है। गोशालाओं में व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। तहसील घेराव की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सभी निराश्रित गोवंश को गोसदन नहीं भेजा जाता, तब तक वे अपना अनशन और आंदोलन जारी रखेंगे। वे गोवंश की देखभाल के लिए विशेष ध्यान देने की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
इस आंदोलन ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में व्यापक चर्चा की है। लोगों का मानना है कि गोसंरक्षण और गोवंश की देखभाल एक महत्वपूर्ण विषय है और इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक नहीं, खराब 20,000 मीटरों के स्थान पर लगेंगे नए
Uttarakhand News 27Nov2025/sbkinews.in
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने पर कोई रोक नहीं है। खराब या गलत रीडिंग देने वाले लगभग 20,000 मीटरों को प्राथमिकता से बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
यूपीसीएल ने कहा कि यह प्रक्रिया गुणवत्ता और सुविधा बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। नए स्मार्ट मीटर से बिजली की उपभोग रीडिंग अधिक सटीक होगी और ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी। इससे बिजली चोरी और गलत रीडिंग की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।
स्मार्ट मीटर लगाने की यह प्रक्रिया उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में जारी है। यूपीसीएल ने बताया कि जिन मीटरों की रीडिंग खराब आ रही है या जिनकी तकनीकी खराबी है, उन्हें तुरंत बदल दिया जाएगा। इसके अलावा, नए घरों और नए कनेक्शनों के लिए भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
यूपीसीएल ने ग्राहकों से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और किसी भी तकनीकी समस्या की रिपोर्ट तुरंत करें। इससे बिजली वितरण और उपभोग में सुधार होगा और ग्राहकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
उत्तराखंड में गांवों तक पहुंचेगा AI प्रशिक्षण, 2030 तक 70% ग्रामीण डिजिटल साक्षर होंगे
Uttarakhand News 27Nov2025/sbkinews.in
उत्तराखंड में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने गांवों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य 2030 तक 70% ग्रामीणों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है। इसके तहत प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में एआई से जुड़ा पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। एआई प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तकनीकी सशक्तिकरण मिलेगा और वे आधुनिक डिजिटल युग की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगे।
सरकार ने पर्यटन, शहरी विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने का भी फैसला किया है। इस योजना में हिंदी, गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में कंटेंट भी तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर समझ और प्रशिक्षण मिल सकेगा।
प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल कॉलेज को ‘मेंटर संस्थान’ बनाया जाएगा, जो क्षेत्रीय छात्रों को डिजिटल और प्रायोगिक शिक्षा प्रदान करेगा। इस पहल से दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों के छात्र भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह योजना उत्तराखंड को भविष्य के लिए तैयार करने और ग्रामीण विकास को नया आयाम देने में सहायक होगी। डिजिटल साक्षरता से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और प्रदेश का आर्थिक विकास होगा।


