एंजेल चकमा हत्याकांड: 'नहीं हुई नस्लीय टिप्पणी, हम खुद नॉर्थ ईस्ट से हैं', आरोपी की मां का बयान
Uttarakhand News 31Dec2025/sbkinews.in
एंजेल चकमा हत्याकांड में जेल भेजे गए आरोपी सूरज खवास की मां ने नस्लीय टिप्पणी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा खुद पूर्वोत्तर से है और ऐसी कोई टिप्पणी नहीं हुई। पुलिस जांच में भी नस्लीय भेदभाव के साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे मामला विवादास्पद बने हुए है।
घटना में शौर्य राजपूत ने कड़े से वार किया, जबकि यज्ञराज अवस्थी ने चाकू से हमला बोला। इससे एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गया और 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। आरोपी की मां ने दावा किया कि मारपीट आपसी विवाद से हुई, न कि नस्लीय आधार पर। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग दिल्ली में सुरक्षित रहते हैं, लेकिन कुछ लोग राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में CCTV फुटेज और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। एंजेल के परिवार ने नस्लीय हमले का आरोप लगाया है, लेकिन आरोपी पक्ष इसे झूठा बता रहा है। पूर्वोत्तर समुदाय ने न्याय की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट के लोगों पर हमले बढ़ रहे हैं। इस मामले ने सामाजिक सद्भाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में सुनवाई जारी है।
उत्तराखंड ऊर्जा क्षेत्र 2025: स्मार्ट मीटर, AI और तकनीकी आपदा प्रबंधन से भविष्य के लिए तैयार
Uttarakhand News 31Dec2025/sbkinews.in
उत्तराखंड का ऊर्जा क्षेत्र 2025 में सुदृढ़ीकरण और भविष्योन्मुखी तैयारी का महत्वपूर्ण वर्ष रहा। जलविद्युत, सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज जैसे उत्पादन स्रोतों में उल्लेखनीय प्रगति हुई, जबकि पारेषण एवं वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया। नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार पर विशेष जोर दिया गया, जिससे राज्य ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हुआ।
स्मार्ट मीटरों की स्थापना ने बिजली वितरण को पारदर्शी और कुशल बनाया। उपभोक्ताओं को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और बिलिंग सुविधा मिली, जिससे चोरी और नुकसान में कमी आई। AI-आधारित निगरानी प्रणालियों ने ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित की और लोड मैनेजमेंट को स्वचालित किया। आपदा प्रबंधन में तकनीकी हस्तक्षेप से बाढ़-भूस्खलन जैसे संकटों में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हुई।
राज्य सरकार ने उपभोक्ता हित संरक्षण के लिए शिकायत निवारण तंत्र मजबूत किया। भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद वित्तीय बाधाओं पर काबू पाते हुए निवेश आकर्षित किए गए। सौर प्रोजेक्ट्स और हाइड्रो पावर विस्तार से ग्रीन एनर्जी लक्ष्य हासिल हुए।
2025 ने उत्तराखंड को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की ठोस नींव रखी, हालांकि चुनौतियां बरकरार हैं।
चारधाम यात्रा 2025: रिकॉर्ड 48.32 लाख श्रद्धालु, सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार
Uttarakhand News 31Dec2025/sbkinews.in
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा ने 2025 में रिकॉर्ड तोड़ दिया। बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं के सुधार से 48.32 लाख तीर्थयात्रियों ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन किए। मानसून की बाधाओं के बावजूद यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ।
केदारनाथ में प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। हेलीपैड, रोड विस्तार और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया। बद्रीनाथ महायोजना के तहत आधारभूत सुविधाएं मजबूत हुईं, जिससे पहुंच आसान बनी।
हेमकुंड साहिब ने भी रिकॉर्ड संख्या देखी, जबकि शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन मिला।
सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और आपदा प्रबंधन को मजबूत किया। रोड कनेक्टिविटी बेहतर होने से यात्रा समय कम हुआ। स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला, लेकिन पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर फोकस रहा।
नंदा देवी पार्क बफर जोन में तीन दिन से धधक रही आग, वनकर्मी पहुंच ही नहीं पा रहे
Uttarakhand News 31Dec2025/sbkinews.in
उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में गोविंदघाट के पास तीन दिनों से जंगल की आग धू-धू कर जल रही है। खड़ी पहाड़ियों और रास्तों की कमी के कारण वनकर्मी आग बुझाने तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आग तेजी से फैल रही है, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों को गंभीर खतरा हो गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दुर्गम इलाके में पैदल पहुंचना असंभव है। आग ने बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है और हवा के साथ फैल रही है। विभाग ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की तत्काल मदद मांगी है ताकि हवाई मार्ग से पानी गिराया जा सके। ठंड के बावजूद आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।
राहत की बात यह है कि हापला और रैंसू के जंगलों में लगी आग पर स्थानीय स्तर पर काबू पा लिया गया है। वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से वहां स्थिति नियंत्रित कर ली। लेकिन नंदा देवी बफर जोन की आग चिंता का विषय बनी हुई है, जहां दुर्लभ प्रजातियों के जानवरों का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मानवीय लापरवाही या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। वन विभाग ने आसपास के गांवों को अलर्ट कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से जंगल की आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन ने आग बुझाने के लिए संसाधन जुटाने का आश्वासन दिया है।


